Category: NEW DELHI

  • पीयूष गोयल एवं मंत्री नन्दी ने विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के साथ किया संवाद

    पीयूष गोयल एवं मंत्री नन्दी ने विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के साथ किया संवाद

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति एवं यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी की अध्यक्षता में वाणिज्य भवन दिल्ली में आयोजित की गई बैठक

     लखनऊ । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति एवं उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी की अध्यक्षता में मंगलवार को वाणिज्य भवन दिल्ली में उद्यमी एवं व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद में सभी राज्यों के प्रमुख उद्यमियों एवं व्यापारियों का मंत्री नन्दी ने हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

    इस कार्यक्रम में देश के हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से अलग-अलग उद्योग व व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभाकर उद्योग एवं व्यापार जगत को और अधिक ऊंचाई प्रदान करने के लक्ष्य पर विस्तृत चर्चा हुई।

    देश के प्रमुख उद्यमियों एवं व्यापारियों की उपस्थिति में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के सशक्त नेतृत्व में भारत नित नवीन औद्योगिक ऊंचाइयां छू रहा है। भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि परस्पर संवाद और विश्वास की इसी बुनियाद पर आधारित है।  मंत्री नन्दी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निरन्तर अभिनव पहल और नवाचार को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया है। इसके सकारात्मक परिणाम और प्रभाव भारत की उल्लेखनीय औद्योगिक उपलब्धियों के रूप में हम सबके सामने हैं।

    आज भारत के औद्योगिक परिवेश में आमूल-चूल परिवर्तन आया है। पिछले 11 वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर न केवल वैश्विक निवेश आकर्षित हुआ है बल्कि घरेलू उद्यमियों, निवेशकों में भी अटूट भरोसे और विश्वास का भाव जागृत हुआ है।  राज्य सरकारों से संवाद और समन्वय की पहल ने देश की अर्थव्यवस्था में राज्यों के योगदान को नया विस्तार प्रदान किया है। इसी प्रोत्साहन का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश भी देश की औद्योगिक आकांक्षाओं के अनुरूप अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहा है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में एक नई पहचान मिली है। इस अवसर पर उद्यमी मनोहर अग्रवाल हल्दीराम ग्रुप, लक्ष्मी अग्रवाल, नन्द किशोर अग्रवाल क्रिस्टल ग्रुप, सुरेश जैन तीर्थांकर यूनिवर्सिटी, बसंत अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, सुभाष गोयल लिबर्टी ग्रुप, अनिल मित्तल बासमती ग्रुप, रमेश अग्रवाल पैकर्स एवं मूवर्स समूह, राम गोपाल अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल बिकानेर ग्रुप, महेश गुप्ता केंट आरओ, सीएल जैन, राजेश गुप्ता मल्टी कलर स्टील, विनीत लोहिया लोहिया ग्रुप, संजीव अग्रवाल प्रयागराज के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित उद्यमी मौजूद रहे।

  • राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 रेलवे ऑफिसर्स क्लब,पी.के. रोड, रेलवे कॉलोनी,नई दिल्ली मे आयोजित

    राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 रेलवे ऑफिसर्स क्लब,पी.के. रोड, रेलवे कॉलोनी,नई दिल्ली मे आयोजित

    नई दिल्ली आज सेवानिवृत कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के कल्याणार्थ उत्तर रेलवे द्वारा निरंतर चलाई जा रही योजनाओं के क्रम में आज राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 के तहत एक विशेष मेगा कैंप का आयोजन रेलवे ऑफिसर्स क्लब, पी.के. रोड, रेलवे कॉलोनी,नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस मेगा कैंप का उद्देश्य पेंशनभोगियों को डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में सुगमता, सहायता एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करना था।

    इस अवसर पर रचना शाह, सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग भारत सरकार, अरुणा नायर, महानिदेशक (मानव संसाधन) एवं सचिव रेलवे बोर्ड, अशोक कुमार वर्मा, महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे, सुजीत कुमार मिश्रा, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी (PCPO) उत्तर रेलवे, पुष्पेश रमण त्रिपाठी, मण्डल रेल प्रबंधक, दिल्ली मण्डल, ध्रुव सेन गुप्ता, संयुक्त सचिव, डीओपीपीडब्ल्यू एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्रधान कार्यालय तथा दिल्ली मंडल के इस अवसर पर उपस्थित रहे।  

    इसके अलावा, बड़ी संख्या में सेवानिवृत कर्मचारी एवं पारिवारिक पेंशनभोगी इस मेगा कैंप में शामिल हुए और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा का लाभ उठाया।

  • उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई

    उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई

    उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 52 अधिकारियों/कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए

    नई दिल्ली / उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक मोहित चन्द्रा, अपर महाप्रबंधक की अध्यक्षता में दिनांक 17.11.2025 को कॉन्फ्रेंस हॉल, बड़ौदा हाउस,नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में अपर महाप्रबंधक के अलावा उत्तर रेलवे के सभी प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों, मंडलों के अपर मंडल रेल प्रबंधकों तथा मुख्य कारखाना प्रबंधकों ने सहभागिता की।

    सर्वप्रथम अपर महाप्रबंधक ने बैठक से पूर्व आधार वर्ष 2024 के दौरान राजभाषा में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 52 अधिकारियों/कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने उत्तर रेलवे पर हो रहे हिंदी कार्य की प्रगति को निरंतर बनाए रखने पर बल दिया तथा भारत सरकार की राजभाषा नीति का अनुपालन करने के निर्देश दिए।

    मुख्य राजभाषा अधिकारी डिम्पी गर्ग ने उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत किया। सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि अपने निरीक्षणों के दौरान हिंदी की प्रगति का जायजा लें। उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अनुपालन तथा हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर एवं मूल पत्राचार पर ध्यान देने पर बल दिया। श्रीमती ममता तिवारी, उप महाप्रबंधक/राजभाषा ने बैठक का संचालन किया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई।

  • ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली के दो छात्र यूपीएससी 2025 के साक्षात्कार हेतु चयनित

    ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली के दो छात्र यूपीएससी 2025 के साक्षात्कार हेतु चयनित

    *सामान्य पृष्ठभूमि से हैं दोनों छात्र**अब तक कुल 164 अभ्यर्थी हुए हैं विभिन्न पदों पर चयनित*

    रायपुर, /संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा मुख्य  परीक्षा 2025 के घोषित परिणामों में राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत द्वारका, नई दिल्ली में संचालित ट्रायबल यूथ हॉस्टल के दो छात्र साक्षात्कार हेतु चयनित हुए हैं। दोनों ही छात्र सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। इन्होंने ट्रायबल यूथ हॉस्टल में रहकर वहां के अनुशासन एवं वहां प्रदाय की जा रही सुविधाओं का उपयोग करते हुए कड़ी मेहनत एवं लगन द्वारा यह सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

    *सामान्य पृष्ठभूमि से हैं दोनों ही छात्र*

    सफल छात्रों में मुंगेली जिले के हरविंदर सिंह सामान्य कृषक पृष्ठभूमि से हैं। पिता का मुख्य व्यवसाय कृषि है। विषम परिस्थितियों के बावजूद हरविंदर ने कड़ी मेहनत और लगन से एनआईटी, रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण की। उसके बाद आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली में प्रवेश प्राप्त कर वर्तमान में अध्ययन कर रहे हैं। 

    इसी प्रकार बरमकेला, रायगढ़ जिले के प्रकाश पटेल भी सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। इनके पिता रायगढ़ में शासकीय विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ हैं। प्रकाश पटेल आईआईटी, रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

    विदित हो कि राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु दिल्ली स्थित इम्पैनल्ड कोचिंग संस्थाओं में प्रवेश दिलाकर प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। छात्रों को कोचिंग हेतु 2 लाख (अंग्रेज़ी माध्यम) एवं 1.5 लाख (हिंदी माध्यम) की सहायता की जाती है। दिल्ली में रहने हेतु हॉस्टल सुविधा एवं प्रति माह 12000 रुपये की राशि स्टाइपेंड के रूप में दिया जाता है।

    *ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली वर्तमान में कुल 200 सीट स्वीकृत हैं* 

     उक्त योजना वर्ष 2013-14 से संचालित है। पूर्व में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु कुल 50 सीट एवं ड्रॉपर/रिपीटर बैच अंतर्गत 15 अन्य सीट स्वीकृत थीं। वर्ष 2024-25 में युवाओं को परीक्षा की तैयारी हेतु अधिकाधिक अवसर प्रदान करने की दृष्टि से अतिरिक्त 135 सीटों की वृद्धि करने से वर्तमान में कुल 200 सीट स्वीकृत हैं। वर्ष 2025-26 में कुल 165 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब तक इस योजना के माध्यम से 04 आई.आर.एस. (UPSC) 05 सहायक कमाण्डेंट (UPSC) 13 डिप्टी कलेक्टर, 12 उप पुलिस अधीक्षक, 19 नायब तहसीलदार एवं 111 अन्य पदों (एसीएफ, सीईओ, लेखाधिकारी, फारेस्ट रेंजर, एसएएसओ) पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इस प्रकार अब तक कुल 164 अभ्यर्थी विभिन्न पदों पर चयनित होकर कार्यरत हैं।

  • एनटीपीसी ने चार प्रतिष्ठित एसएचआरएम एचआर उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 जीते

    एनटीपीसी ने चार प्रतिष्ठित एसएचआरएम एचआर उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 जीते

    नई दिल्ली, भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उपयोगिता कंपनी, एनटीपीसी लिमिटेड को सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएचआरएम) इंडिया द्वारा आयोजित एसएचआरएम एचआर उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 में चार पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 13 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में उन संगठनों को सम्मानित किया गया जो अपनी सफलता के केंद्र में लोगों को रखते हैं और मानव संसाधन प्रबंधन में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देते हैं।
    एनटीपीसी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (पीएसई) श्रेणी में गौरवान्वित विजेता के रूप में उभरा, जिसमें  सी कुमार, कार्यकारी निदेशक (एचआर) और रचना सिंह भाल, कार्यकारी निदेशक (रणनीतिक एचआर एवं प्रतिभा प्रबंधन) ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कंपनी की ओर से पुरस्कार प्राप्त किए। कंपनी को उभरते नेताओं को विकसित करने, मानव संसाधन प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने, सीखने और विकास को बढ़ावा देने और समुदाय पर सार्थक प्रभाव डालने में अपनी उत्कृष्ट पहलों के लिए सम्मानित किया गया।
    एसएचआरएम एचआर उत्कृष्टता पुरस्कार, एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा दिए जाते हैं, जो भविष्य-केंद्रित, जन-प्रथम प्रथाओं के लिए मानक स्थापित करने वाले संगठनों को सम्मानित करते हैं। यह सम्मान एनटीपीसी के “पीएलएफ से पहले जन” के मार्गदर्शक दर्शन को दर्शाता है, जो कंपनी की मानव संसाधन नीतियों और उसके संचालन संबंधी पहलों का आधार है।
    एनटीपीसी लिमिटेड भारत की बिजली आवश्यकताओं में एक-चौथाई योगदान दे रही है और इसकी स्थापित क्षमता 84,849 मेगावाट है, साथ ही 30.90 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। कंपनी 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।

    तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ, एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली प्रदान करने के लिए समर्पित है। कंपनी एक हरित भविष्य के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बिजली उत्पादन के साथ-साथ, एनटीपीसी ने ई-मोबिलिटी, बैटरी भंडारण, पंप हाइड्रो स्टोरेज, अपशिष्ट से ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन समाधान सहित विभिन्न नए व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रवेश किया है।

  • स्पेशल कैम्पेन 5.0 में कोल-लिग्नाइट कंपनियों में लगातार तीसरे वर्ष नंबर 1 रहा एसईसीएल

    स्पेशल कैम्पेन 5.0 में कोल-लिग्नाइट कंपनियों में लगातार तीसरे वर्ष नंबर 1 रहा एसईसीएल

    सफाई, स्क्रैप निस्तारण एवं सोशल मीडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी किशन रेड्डी द्वारा किया गया सम्मानित

    विलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) को कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्पेशल कैम्पेन 5.0 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी, कोयला सचिव  विक्रम देव दत्त तथा अतिरिक्त सचिव (कोयला) एवं अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) सनोज़ कुमार झा द्वारा प्रदान किया गया। इसके साथ ही स्वच्छता पखवाड़ा 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी एसईसीएल को मंत्रीजी द्वारा द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

    एसईसीएल की ओर से यह सम्मान सीएमडी श्री हरीश दुहन, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, भानु सिंह (जीएम, सिविल),  मनीष श्रीवास्तव (उप महाप्रबंधक मानव संसाधन), डॉ. सनीश चंद्र (पीआरओ), दीपांशु मांधाता, प्रबंधक (सिविल) एवं  पीयूष प्रताप मल्ल, उप-प्रबंधक (सीडी) द्वारा ग्रहण किया गया। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) तथा कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में 2 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित स्पेशल कैम्पेन  5.0 में एसईसीएल ने स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्क्रैप निस्तारण, डिजिटलीकरण और मीडिया प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियाँ दर्ज कीं। एसईसीएल ने अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य 203 के मुकाबले 229 स्थलों की सफाई की तथा 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में स्वच्छता कार्य पूर्ण किए।

    स्क्रैप निस्तारण से ₹24 करोड़ की राजस्व प्राप्ति

    रिकॉर्ड दक्षता का परिचय देते हुए एसईसीएल ने 6,400 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निस्तारण किया, जिससे लगभग ₹24 करोड़ की आमदनी हुई—जो अभियान लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक है। एसईसीएल ने अभियान के दौरान 2,100 से अधिक भौतिक फ़ाइलें तथा 23,000 ई-फ़ाइलों की समीक्षा करते हुए 20,000 ई-फ़ाइलों का क्लोज़र किया  जोकि 350% से अधिक रहा। वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में गेवरा में सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एस-एल-आर-एम) सेंटर स्थापित किया गया। यह केंद्र बायोडिग्रेडेबल कचरे को जैव-उर्वरक में बदल रहा है, जिसका उपयोग एसईसीएल के वृक्षारोपण और हरित पहलों में किया जा रहा है। पारदर्शिता और कुशल प्रशासन को आगे बढ़ाने हेतु एसईसीएल ने इस दौरान कई नए डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए, जिनमें शामिल हैं— इंटरनल सेलेक्शन सिस्टम, एल एंड आर प्रबंधन पोर्टल, एचपीवी वैक्सीनेशन पोर्टल आदि।

    नवाचार और सृजनशीलता का अनूठा उदाहरण

    अभियान के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा एसईसीएल का रचनात्मक प्रयास ‘कबाड़ से कलाकृति’। गैवरा स्थित CEWS में कर्मचारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित औद्योगिक स्क्रैप से S-400 मिसाइल लॉन्चर का जीवन-आकार मॉडल और रोबोटिक सोल्जर तैयार किया।  खनन क्षेत्रों में 43 बायो-टॉयलेट स्थापित किए गए, जिससे स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल शौचालय सुविधाएँ सुनिश्चित हुईं। वहीं कोरबा में कोल इंडिया का पहला पूर्णतः महिला-प्रचालित स्टोर यूनिट प्रारंभ किया गया — महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम रहा। स्पेशल कैम्पेन 5.0 के दौरान एसईसीएल ने जनसंपर्क और मीडिया संचार में उल्लेखनीय सक्रियता प्रदर्शित की। अभियान अवधि में कुल 1,148 ट्वीट, 15 पीआईबी रिलीज़ तथा 400 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया कवरेज दर्ज हुए। विशेष रूप से, लगातार दूसरे वर्ष एसईसीएल ने 1,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट जारी करते हुए जनसंपर्क क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति और प्रभावी संवाद क्षमता को सुदृढ़ किया।

  • निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना, भारत के निर्यात इकोसिस्टम के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव – एस. सी. रल्हन

    निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना, भारत के निर्यात इकोसिस्टम के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव – एस. सी. रल्हन

    फियो ने निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) और निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी का स्वागत किया

    नई दिल्ली : फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) को मंज़ूरी दिए जाने का स्वागत करता है। यह केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से एमएसएमई, पहली बार निर्यात करने वाले और श्रम-प्रधान सेक्टरों के लिए भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत करना है। वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक 25,060 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाला यह मिशन, कई निर्यात संवर्धन योजनाओं को एक व्यापक, परिणाम-आधारित और डिजिटल रूप से संचालित ढाँचे में समेकित करके एक बड़े संरचनात्मक सुधार का प्रतीक है।

    इस घटनाक्रम पर बोलते हुए फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा, “निर्यात संवर्धन मिशन भारत के व्यापार क्षेत्र के लिए एक व्यावहारिक और दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है। वित्तीय और गैर-वित्तीय युक्तियों को एक एकीकृत ढाँचे के अंतर्गत लाकर, यह मिशन वैश्विक व्यापार गतिशीलता के लिए आवश्यक निरंतरता, लचीलापन और जवाबदेही प्रदान करता है। यह विशेष रूप से एमएसएमई को सशक्त बनाएगा, जिन्हें अक्सर किफायती वित्त और अनुपालन सहायता प्राप्त करने में कठिनाई होती है।”

    मिशन की समावेशिता पर प्रकाश डालते हुए, श्री रल्हन ने कहा, “ईपीएम उन संरचनात्मक चुनौतियों – वित्त तक सीमित पहुँच और उच्च अनुपालन लागत से लेकर कमज़ोर ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स बाधाओं तक- का समयोचित समाधान है, जिन्होंने लंबे समय से भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को कुंद किया है। इन मुद्दों से सीधे निपटकर, यह पहल निर्यात की गति को बनाए रखने, रोज़गार की रक्षा करने और भारत के निर्यात आधार को नए भौगोलिक क्षेत्रों और उभरते सेक्टरों में विविधता प्रदान करने में मदद करेगी।”

    ईपीएम के तहत, कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और समुद्री उत्पादों जैसे हालिया वैश्विक टैरिफ वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे निरंतर निर्यात ऑर्डर और रोज़गार सुरक्षा सुनिश्चित होगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) एक कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, जो पारदर्शिता, गति और सुगम पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन करेगा।

    श्री रल्हन ने कहा, “मौजूदा व्यापार प्रणालियों के साथ मिशन का डिजिटल एकीकरण निर्यातकों के अनुभव को बदल देगा – कागजी कार्रवाई को कम करेगा, समन्वय में सुधार करेगा और समय पर वितरण सुनिश्चित करेगा। यह विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप एक स्मार्ट, तकनीक-सक्षम निर्यात इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

    फियो अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि निर्यात संवर्धन मिशन न केवल निर्यात में एमएसएमई की भागीदारी को बढ़ावा देगा, बल्कि विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और संबद्ध सेवाओं में रोज़गार सृजन को भी उत्प्रेरित करेगा, जिससे वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति मज़बूत होगी। फियो अध्यक्ष ने कहा कि निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना न केवल को-लैटेरल ऋण प्रदान करेगी, बल्कि अतिरिक्त वित्तीय तरलता भी प्रदान करेगी, जो समय की मांग है।

    श्री रल्हन ने कहा “फियो मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग, डीजीएफटी इकोसिस्टम और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है। यह भारतीय निर्यात के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण है और हमें इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ ग्रहण करना चाहिए।”

  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में हुए शामिल

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में हुए शामिल

    नई दिल्ली में आयोजित कॉनक्लेव में ‘क्षमता विकास’ सत्र की अध्यक्षता की, कहा शहरी व्यवस्थाओं में सुधार व नवाचार के लिए नगरीय निकायों में समग्र क्षमता विकास जरूरी

    केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के दो दिवसीय कॉनक्लेव में बेहतर नागरिक सुविधाओं और टिकाऊ विकास पर हुआ मंथन

    देशभर से 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी, इनमें राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री, नीति निर्माता, शहरी योजनाकार, विशेषज्ञ, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी और अधिकारी शामिल

    रायपुर. / उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल अर्बन कॉनक्लेव में शामिल हुए। नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) में आयोजित इस राष्ट्रीय कॉनक्लेव में देशभर के 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने बेहतर नागरिक सुविधाओं व शहरों के टिकाऊ विकास (Sustainable Development) की नीतियों पर दो दिनों तक मंथन किया।

    केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुए राष्ट्रीय शहरी महासम्मेलन (National Urban Conclave) में समग्र शहरी प्रबंधन से जुड़े सात विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कॉनक्लेव में क्षमता विकास विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नगरीय निकायों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं एवं कार्यो का उल्लेख करते हुए निकायों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता तथा उनके नियमित क्षमता विकास के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने नगरीय निकायों में विभिन्न सेवाओं एवं कार्यों में संलग्न प्रथम पंक्ति से अंतिम पंक्ति तक के अधिकारियों-कर्मचारियों के समग्र क्षमता विकास की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। 

    श्री साव ने बेस्ट प्रेक्टिसेस एवं विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों के अवलोकन तथा कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन तथा क्लास-रूम सेशन्स, ऑनलाइन आदि माध्यमों से नियमित क्षमता विकास पर जोर दिया। श्री साव ने शहरी व्यवस्थाओं में सुधार एवं नवाचार पर आधारित क्षमता विकास सत्र में शहरी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने अधोसंरचना विकास के साथ क्षमता विकास के महत्व और आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी। 

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कॉनक्लेव में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वच्छता संबंधी कार्यों पर आधारित काफी टेबल बुक भेंटकर  स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने भारत सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नगरीय प्रबंधन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक रिमिजियुस एक्का, दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, दुर्ग नगर निगम के आयुक्त सुमीत अग्रवाल और जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा भी कॉनक्लेव में शामिल हुए।

    *कॉनक्लेव में इन विषयों पर हुआ मंथन, नए कार्यक्रमों की भी लॉन्चिंग*

    कॉनक्लेव के अलग-अलग सत्रों में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों, नीति निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विशेषज्ञों, निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिकारियों ने दो दिनों तक सर्कुलर इकोनॉमी, क्षेत्रीय योजना, क्षमता निर्माण, शहरी शासन, हाउसिंग इको-सिस्टम, शहरी आजीविका एवं गरीबी उन्मूलन तथा निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (Construction & Demolition Waste) प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। 

    कॉनक्लेव में डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम (DRAP) का शुभारंभ किया गया। इसके तहत केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा उच्च प्रभाव वाले स्थलों पर केंद्रित डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम के लिए 8.8 करोड़ मीट्रिक टन लिगेसी अपशिष्ट के निपटान का लक्ष्य तय किया गया है। कॉनक्लेव में स्वच्छ भारत मिशन ज्ञान प्रबंधन इकाई (KMU) के गठन की घोषणा की गई। यह इकाई शहरी स्वच्छता के लिए ज्ञान, सृजन और संस्थागत शिक्षा का राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। हुडको (HUDCO) द्वारा विकसित अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UWIN) का भी शुभारंभ किया गया। यह मंच शहरी परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करेगा। जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने ‘जल ही जननी’ गीत को भी इस दौरान लॉन्च किया गया।

  • फियो मॉस्को में आयोजित होने वाले माइटेक्स इंटरनेशनल टूल्स एक्सपो 2025 में भारतीय भागीदारी का नेतृत्व करेगा

    फियो मॉस्को में आयोजित होने वाले माइटेक्स इंटरनेशनल टूल्स एक्सपो 2025 में भारतीय भागीदारी का नेतृत्व करेगा

    नई दिल्ली : भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा स्थापित फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) रूस के मॉस्को स्थित क्रोकस एक्सपो में 11 से 14 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाले माइटेक्स इंटरनेशनल टूल्स एक्सपो 2025 में भाग लेने के लिए तैयार है।फियो इंडिया पैवेलियन के अंतर्गत, 20 से अधिक भारतीय कंपनियों द्वारा हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग वस्तुएं, औद्योगिक हार्डवेयर, मशीनरी पार्ट्स, फास्टनर और संबंधित औद्योगिक समाधानों सहित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित करने की उम्मीद है। यह पैवेलियन हॉल 5 में स्थित होगा, जो भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता और वैश्विक औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं के लिए एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में इसकी बढ़ती भूमिका को उजागर करेगा।

    माइटेक्स 2025 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फियो के अध्यक्ष श्री एस सी रल्हन करेंगे, उनके साथ फियो के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ अजय सहाय और फियो के उप निदेशक रोहित तेजपाल भी होंगे।

    भारत की भागीदारी के बारे में बोलते हुए, रल्हन ने कहा, “रूस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार रहा है, और इंजीनियरिंग एवं उपकरण क्षेत्र सहयोग की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है। रूस को हमारा इंजीनियरिंग निर्यात तेज़ी से बढ़ रहा है और इस वर्ष इसके 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। माइटेक्स में हमारी भागीदारी का उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों को गहरा करना और रूसी बाज़ार में भारतीय विनिर्माण उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ावा मिलेगा।”

    इस यात्रा के दौरान, मास्को स्थित भारतीय दूतावास, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, फियो और आईसीसी के सहयोग से, व्यापार साझेदारी, संयुक्त उद्यमों और बाज़ार संबंधों को सुगम बनाने के लिए भारतीय निर्यातकों और रूसी उद्योग प्रतिनिधियों के बीच बी2बी बैठकें आयोजित करेगा।

  • उत्तर प्रदेश सरकार में नगर विकास के क्षेत्र में हो रही है क्रांतिकारी प्रगति – मंत्री ए.के. शर्मा

    उत्तर प्रदेश सरकार में नगर विकास के क्षेत्र में हो रही है क्रांतिकारी प्रगति – मंत्री ए.के. शर्मा

    *दिल्ली में आयोजित नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज दूसरे दिन भी किया प्रतिभाग*

    *दुनिया और देश के सैकड़ों एक्सपर्ट, भारत सरकार और राज्यों के अनेक अधिकारियों और बैंकरों की उपस्थिति में उन्होंने बताया कि कई मायने में यूपी बन रहा शहरी  विकास का मॉडल*

    *मनुष्य-मशीन और तकनीक तथा जनभागीदारी के साथ यूपी के वर्तमान नगरीय प्रबंधन और नवाचारों की हुई सर्वत्र प्रशंसा*

    *अपशिष्ट प्रबंधन, तकनीक के उपयोग, पीपीपी और नए वित्तीय प्रबंधन पर मंत्री श्री शर्मा के कई महत्वपूर्ण विचार स्वीकार किए गए*

    लखनऊ। केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में नई दिल्ली में शुरू हुआ नेशनल अर्बन कॉनक्लेव आज दूसरे दिन चालू रहा जिसमें भारत सरकार के राज्य मंत्री टोकन साहू जी एवं मंत्रालय के सचिव  उपस्थित रहे। मंत्री श्री शर्मा ने कॉनक्लेव में बोलते हुए उत्तर प्रदेश में नगर विकास के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को सभी के साथ साझा किया। कॉनक्लेव में उपस्थित सभी ने यूपी के कार्यों और नवाचारों की प्रशंसा की।इस दौरान मंत्री ए के शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत का चेहरा होंगे हमारे नगर। इस विज़न में नगरों का बहुत महत्वूर्ण योगदान रहेगा।

    उन्होंने बताया कि शहरी प्रबंधन एक गंभीर विषय है। लेकिन अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इस दिशा में अच्छे प्रयास शुरू हुए हैं। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से हो रहे ऐतिहासिक कार्यों का उन्होंने उदाहरण दिया जिसकी लोगों ने तारीफ की । श्री शर्मा ने बताया कि लखनऊ का शिवरी कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट बन रहा है एक वैश्विक सफल गाथा जहाँ 60 वर्षों से इकट्ठा हुआ 20 लाख टन कूड़े में से तीन चौथाई से ज़्यादा को प्रोसेस कर उपयोगी वस्तुएँ बनाई गई है। साथ ही 21 एकड़ ज़मीन ख़ाली की गई है और वहाँ सुंदर पार्क, ऑफिस बिल्डिंग तथा मीटिंग हॉल बनाया गया है। बाक़ी का कूड़ा भी कुछ महीनों में साफ़ हो जाएगा।

     इसी प्रकार आज़ादी के बाद से लखनऊ के घैला में इकट्ठा हुआ 7 लाख टन कूड़े के पहाड़ को ख़त्म कर अटल प्रेरणा पार्क बनाया गया है।इनसे निकले हुए मटेरियल से लखनऊ में यूपी दर्शन पार्क बना है। जो एक वैश्विक उदाहरण बना है।यहाँ से निकला आरडीएफ सीमेंट फैक्टरियों को और कंपोस्ट खाद किसानों को दी जा रही है। इतना ही नहीं लखनऊ से रोज़ का निकलने वाला 2100 टन कूड़ा अब रोज़ प्रोसेस करते हुए जीरो डेली वेस्ट वाला शहर बना है। अब यहाँ कूड़े के पहाड़ नहीं बनेंगे। 

    उन्होंने बताया कि इसी प्रकार का कार्य प्रयाग और आगरा सहित कई नगरों में हुआ है। इन ख़ाली हो रही जगहों पर सुंदर मियावाकी वन और विविध पार्क बनाये गए हैं। प्रयाग में कूड़े के पहाड़ से निकले मेटल से शिवालय पार्क नामक सुंदर पार्क बनाया गया है।श्री शर्मा ने यह भी बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से कई अच्छे काम हो रहे हैं और हो सकते हैं और हो रहे हैं। इसी प्रकार उन्होंने बताया कि कैसे अन्य विभागों और एजेंसियों द्वारा हो रहे कार्यों या उपस्थित की जा रही चुनौतियों का सक्षम प्रबंधन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इस अवसर पर नए एवं विकसित भारत के चेहरे बनने वाले नगरीय निकायों को नगरीय क्षेत्रों में जन उपयोगी सुविधाओं के विकास एवं उस परिक्षेत्र के सभी विषयों के प्रबंधन हेतु निकायों को सर्वोच्च संस्था बनाने के उनके विधिक सुझाव को सभी ने स्वीकार किया।