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  • वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये

    वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली, । वेदांता लिमिटेड ने आज 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 रुपये करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने अब तक का रिकॉर्ड एबिट्डा 15,171 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एबिट्डा मार्जिन 629 बेसिस पॉइंट्स के विस्तार के साथ 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। वेदांता ने अब तक का सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व 45,899 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

    वेदांता का नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 27 फीसदी पर रहा, इसमें सालाना 296 बीपीएस  की बढ़ोतरी हुई। वेदांता के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद, क्रिसिल और इक्रा दोनों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को एए स्तर पर बरकरार रखा है।

    आयरन ओर के कारोबार ने 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया, जिसमें 3 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं पिग आयरन का उत्पादन 6 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद 229 किलोटन पर पहुंचा। कॉपर कैथोड़ का उत्पादन सालाना बढ़कर 45 किलोटन पर पहुंच गया, यह पिछले सात सालों में अधिकतम त्रैमासिक उत्पादन रहा। फेरो क्रोम का उत्पादन 32 फीसदी सालाना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद 24 किलोटन पर पहुंचा। पावर व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

    वेदांता ने तिमाही के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी को इसके प्रस्तावित डीमर्जर क लिए माननीय एनसीएलटी से अनुमोदन मिल गया है, जो दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।। वेदांता ने इनकैब इंडस्ट्रीज़ के अधिग्रहण के साथ कॉपर और एलुमिनियम में अपने डाउनस्ट्रीम फुटप्रिन्ट को मजबूत बना लिया है।

    कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 प्रतिशत का कुल शेयरधारक प्रतिफल दर्ज किया, जो निफ्टी से 5x और निफ्टी मेटल सूचकांक से 2.7x बेहतर रहा, क्योंकि शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके अलावा, वेदांता ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए,  जिसके साथ कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 पर पहुंच गई है। कुल शेयरहोल्डर रिटर्न पिछले पांच सालों में 428 फीसदी रहा, जिससे कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 फीसदी हो गई है।

  • एनटीपीसी फरीदाबाद ने सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए आई चेक-अप कैंप लगाया

    एनटीपीसी फरीदाबाद ने सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए आई चेक-अप कैंप लगाया

    फरीदाबाद। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के तहत, NTPC फरीदाबाद ने आस-पास के सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए एक आई चेक-अप कैंप लगाया, जिसका मकसद आस-पास के इलाकों में स्कूल जाने वाले बच्चों की आंखों की जांच करना और उनकी नज़र को बेहतर बनाना था।

    कैंप के दौरान, अलग-अलग सरकारी स्कूलों के लगभग 3,000 स्टूडेंट्स की आंखों की पूरी जांच की गई। जांच के बाद, लगभग 1,000 स्टूडेंट्स जिन्हें नज़र की दिक्कत पाई गई, उन्हें मुफ्त में ब्लू-कट लेंस (चश्मे) दिए गए। चश्मे बांटने का काम CSR पहल के तहत  आशुतोष सतपथी, BUH, NTPC फरीदाबाद और बदरपुर, सुश्री के. श्रीलता, AGM (HR),  आलोक कुमार (CMO) और नवजीवन हॉस्पिटल के डॉक्टरों, और NTPC फरीदाबाद के HR और CSR विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। यह पूरी एक्टिविटी CSR टीम की देखरेख और गाइडेंस में नवजीवन हॉस्पिटल के साथ मिलकर की गई। इस पहल के लाभार्थियों में गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तिगांव; गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल, सिही; और आस-पास के दूसरे सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स शामिल थे।

  • महाप्रबंधक उत्तर रेलवे ने भारी बर्फबारी के बीच श्रीनगर-कटरा खंड का किया निरीक्षण

    महाप्रबंधक उत्तर रेलवे ने भारी बर्फबारी के बीच श्रीनगर-कटरा खंड का किया निरीक्षण

    शून्य से नीचे तापमान में अथक परिश्रम करने वाले हमारे  कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोपरि-अशोक कुमार वर्मा, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे

    नई दिल्ली। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने आज श्रीनगर से कटरा रेल खंड का गहन निरीक्षण किया। यह निरीक्षण ऐसे महत्वपूर्ण समय में किया गया है जब कश्मीर घाटी भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे (सब-जीरो) तापमान के कारण मौसम की कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है।

    *प्रमुख स्टेशनों और बुनियादी ढांचे का निरीक्षण* 

    अपने दौरे के दौरान, महाप्रबंधक ने श्रीनगर, पंपोर, अनंतनाग और काजीगुंड सहित कई प्रमुख स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भीषण सर्दी के बावजूद यात्रियों को असुविधा न हो। श्री वर्मा ने विभिन्न सुरंगों और पुलों पर चल रहे रखरखाव और निर्माण कार्यों की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उच्चतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पॉइंट्स, स्विच और टर्नआउट्स सहित महत्वपूर्ण ट्रैक तत्वों का निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कड़ाके की ठंड के दौरान भी वे सुचारू रूप से कार्य करते रहें।

    *कर्मचारियों और सुरक्षा पर फोकस* 

    निरीक्षण का एक मुख्य आकर्षण महाप्रबंधक का  कर्मचारियों (ग्राउंड स्टाफ) और ट्रैक मेंटेनर्स के साथ संवाद था। जमा देने वाली ठंड में काम करने के प्रति उनके समर्पण को स्वीकार करते हुए, श्री वर्मा ने सर्दियों के दौरान पटरियों के रखरखाव में उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में उनसे सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने साथ आए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों को सभी आवश्यक शीतकालीन उपकरण और सुरक्षा गियर तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैक के रखरखाव को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए कार्यबल पूरी तरह से सुसज्जित होना चाहिए। निरीक्षण का समापन करते हुए, महाप्रबंधक ने क्षेत्र में चल रही अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त समय सीमा का पालन करने की सलाह दी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेल नेटवर्क मजबूत बना रहे और मौसम के कारण विकास कार्यों में बाधा न आए।

  • राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी कलाकारों का सम्मान

    राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी कलाकारों का सम्मान

    *राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सराही जनजातीय कला, कलाकार हुए भावविभोर*

    नई दिल्ली / गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा। राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे।

    उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

  • एनटीपीसी फरीदाबाद में गरिमा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

    एनटीपीसी फरीदाबाद में गरिमा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

    फरीदाबाद। एनटीपीसी फरीदाबाद में गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति की भावना के साथ किया गया। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि  आशुतोष साथपथी, परियोजना प्रमुख (फरीदाबाद एवं बदरपुर) के स्वागत से हुई, जिनका अभिनंदन सुश्री के. श्रीलता, प्रमुख (मानव संसाधन), एनटीपीसी फरीदाबाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गान एवं राष्ट्र गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति ने समूचे वातावरण को देशप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया।

    अपने संबोधन में परियोजना प्रमुख, फरीदाबाद ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए एनटीपीसी एवं एनटीपीसी फरीदाबाद की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन की प्रगति में कर्मचारियों, सहयोगियों एवं सभी हितधारकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके समर्पण को संगठन की शक्ति बताया इसके पश्चात परियोजना प्रमुख एवं विभागाध्यक्षों द्वारा आकाश में गुब्बारे छोड़े गए, जो आशा, एकता और विकास का प्रतीक रहे। सीआईएसएफ एवं निजी सुरक्षा कर्मियों की परेड ने अनुशासन और सजगता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाल भवन के बच्चों तथा नवपथ स्किल डेवलपमेंट सेंटर की प्रशिक्षु बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर मेधावी कर्मचारियों एवं सहयोगियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों, विशेष रूप से बाल भवन के बच्चों एवं नवपथ की बेटियों की सराहना की गई, जिनकी प्रस्तुतियों ने समारोह को अविस्मरणीय बना दिया। अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कर्मचारियों एवं सहयोगियों को मुख्य अतिथि श्री आशुतोष साथपथी द्वारा सम्मानित किया गया, यह आयोजन राष्ट्रनिर्माण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा। 

  • विकसित भारत का ग्रोथ इंजन है उत्तर प्रदेश – केशव प्रसाद मौर्य

    विकसित भारत का ग्रोथ इंजन है उत्तर प्रदेश – केशव प्रसाद मौर्य

    विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश ’’की थीम पर दिल्ली हाट में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का हुआ भव्य आयोजन*

    उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में हुए सम्मिलित, उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कुंभ पर आधारित कॉफी टेबल बुक का किया गया विमोचन

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य की स्थापना की ऐतिहासिक स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं विकासात्मक उपलब्धियों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का भव्य आयोजन शनिवार को किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, कला, परंपराओं एवं सामाजिक योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस का यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं तथा वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का दिल और आत्मा है। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 से प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है और 24 जनवरी प्रदेश के लिए ऐतिहासिक महत्व का दिन है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से 2026 तक उत्तर प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह संभावनाओं से भरपूर प्रदेश है। यह वही उत्तर प्रदेश है जो रामकृष्ण, गौतम बुद्ध और महावीर की ज्ञान-भूमि रहा है, जहाँ बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी, भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या तथा तीर्थराज प्रयाग स्थित है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में प्रत्येक वर्ष माघ मेला तथा कुंभ जैसे विश्वविख्यात आयोजनों में करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीते लगभग 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश में रोजगार के अनेक अवसर सृजित हुए हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले, जिनमें सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश की है। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था भ्रष्टाचार-मुक्त होती है, तो विकास तीव्र गति से आगे बढ़ता है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज उत्तर प्रदेश किसी बीमारू राज्य की श्रेणी में नहीं, बल्कि तेज़ी से विकास पथ पर अग्रसर राज्य है। कार्यक्रम में श्रीलंका, मॉरीशस, कनाडा, रूस, सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के माननीय राजदूतगण तथा अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान डॉ० वेदपति मिश्रा, महानिदेशक पर्यटन द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का सम्मान किया गया तथा कुंभ पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश के विशिष्ट व्यक्तियों को पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति पर आधारित राधा-कृष्ण थीम वाले सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियाँ रहीं, जिनमें लोकनृत्य, संगीत एवं कला की मनमोहक झलक देखने को मिली।

  • वेदांता ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कर्मचारियों को दिया भारत का सबसे बड़ा ₹2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट

    वेदांता ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कर्मचारियों को दिया भारत का सबसे बड़ा ₹2,500 करोड़ का इक्विटी ग्रांट

    हालिया वेस्टिंग साइकिल में शेयर की कीमत में लगभग 80% की बढ़ोतरी

    2025 में पहली बार 1,200 कर्मचारियों को एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम का लाभ मिला

    नई दिल्ली । भारत की अग्रणी कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों के लिए एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ईएसओपी) के जरिए पिछले पाँच वर्षों में लगभग ₹2,500 करोड़ का आर्थिक लाभ पैदा किया है। यह भारत में कर्मचारियों के लिए संपत्ति निर्माण की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। हाल ही में ईएसओपी 2025 के तहत ₹500 करोड़ से अधिक के स्टॉक विकल्प दिए गए, जिससे 1,200 नए कर्मचारियों को फायदा मिला। इनमें फ्रेशर्स भी शामिल हैं।

    वेदांता का ईएसओपी मॉडल देश के सबसे समावेशी मॉडलों में से एक है। यह कंपनी के लगभग 40% कर्मचारियों को कवर करता है, जिसमें प्लांट, फंक्शन और सभी करियर स्तर शामिल हैं। 20 वर्षों से अधिक समय से ईएसओपी को अपनाने के कारण कर्मचारी स्वामित्व वेदांता की कार्य संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। यह योजना खासतौर पर फ्रेशर्स और शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों के लिए भी है। वे तीन साल के वेस्टिंग पीरियड में अपने वार्षिक वेतन के लगभग 30% तक ईएसओपी पाने के पात्र होते हैं। इस तरह वेदांता उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो फ्रेशर्स को भी रिकॉर्ड समय में ईएसओपी देती हैं।

    वेदांता की ईएसओपी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारी छूट के बाद शेयर सिर्फ ₹1 की फेस वैल्यू पर दिए जाते हैं। इससे कम निवेश में भी कर्मचारी कंपनी के साझेदार बनते हैं और लंबे समय में संपत्ति बना पाते हैं।

    बीते वर्षों में शेयर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। खासकर अब जब वेदांता के शेयर ऑल-टाइम हाई पर हैं, ईएसओपी ने हजारों कर्मचारियों को अपने बड़े सपने पूरे करने में मदद की है—जैसे घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, पहली कार लेना, परिवार की ज़रूरतें पूरी करना और भविष्य के लिए बचत करना।

    इस अवसर पर नीरज कुमार, मैनेजर, स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स, हिंदुस्तान ज़िंक ने कहा कि जब मेरे परिवार को पटना में घर के रजिस्ट्रेशन के लिए तुरंत पैसों की ज़रूरत थी, तब एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम मेरे बहुत काम आया। तीन साल पहले मिले इन विकल्पों की ताकत मुझे तब समझ आई, जब शेयर रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचे। सही समय पर इस्तेमाल करके मैं अपने परिवार का सपना पूरा कर सका। मेरे पिता को भी इस बात पर गर्व हुआ कि मेरी कंपनी मेरे साथ खड़ी है। बहुत की कम कंपनियां ऐसी होती हैं जो अपने कर्मचारियों को सम्पत्ति बनाने के ऐसे समावेशी अवसर प्रदान करती हैं। ईएसओपी 2022 की हालिया वेस्टिंग साइकिल में शेयर कीमतों में लगभग 80% की बढ़ोतरी हुई, जिससे कर्मचारियों के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की संपत्ति बनी। यह कंपनी के प्रदर्शन और कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ के बीच मजबूत संबंध को दिखाता है।

    यह वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के उस विज़न को दर्शाती है, जिसमें कर्मचारियों को सशक्त बनाना, बेहतर करियर ग्रोथ देना और खासकर युवा पेशेवरों व महिलाओं को समान आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना शामिल है। हजारों कर्मचारियों के लिए ईएसओपी एक मज़बूत आर्थिक सहारा बन गया है, जो आपातकालीन ज़रूरतों और लंबी अवधि की योजनाओं, दोनों में मदद करता है। बालको में क्वालिटी मैनेजमेंट के एसोसिएट जीएम एस. एम. रहमान कासिम ने कहा कि एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम ने मुझे अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक आत्मविश्वास दिया। मेरा एक बेटा रूस में एमबीबीएस कर रहा है और दूसरा गुवाहाटी में पढ़ रहा है। इस योजना की वजह से मैं बिना किसी तनाव के उनकी ज़रूरतें पूरी कर पा रहा हूँ।

    वेदांता की ईएसओपी योजना प्रदर्शन से जुड़ी हुई है और ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, एआई आधारित नवाचार, संचालन उत्कृष्टता और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान को पहचानती है। स्टरलाइट कॉपर में फाइनेंस के एसोसिएट मैनेजर नीलेश भोर ने बताया कि जब मेरे पिता की कार का एक्सीडेंट हुआ और इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो गया, तब एम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम हमारे लिए लाइफलाइन साबित हुआ। कार की मरम्मत का बड़ा खर्च इसी से पूरा हो सका। वेदांता भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मुआवज़े की परंपरा को बदल रही है। कंपनी इंजीनियरों, युवा पेशेवरों, प्लांट टीमों और मिडिल मैनेजमेंट को इक्विटी ओनरशिप दे रही है, जिन्हें आमतौर पर अन्य उद्योगों में ऐसे लाभ नहीं मिलते। इसके ज़रिए वेदांता ने यह भरोसा मजबूत किया है कि कंपनी के मूल्य निर्माण में योगदान देने वाले कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ मिलना चाहिए।

  • फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन की फियो के यूनियन बजट 2026 की सिफारिशें

    फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन की फियो के यूनियन बजट 2026 की सिफारिशें

    कॉस्ट और कॉम्पिटिटिवनेस के मुद्दों पर ध्यान दें

      नई दिल्ली। बजट में इनवर्टेड कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर की समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, जहाँ कच्चे माल, कंपोनेंट्स या इंटरमीडिएट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी तैयार माल की तुलना में ज़्यादा होती है। फियो निर्यात पर ध्यान देने वाली इंडस्ट्रीज़ द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य इनपुट पर इम्पोर्ट ड्यूटी को रैशनलाइज़ करने और कम करने की सिफारिश करता है ताकि इनपुट कॉस्ट तैयार प्रोडक्ट ड्यूटी के साथ अलाइन हो जाए।

      औचित्य: एक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर भारतीय निर्यातकों की कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस को काफी कम कर देता है और जमा हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट के ज़रिए कम वर्किंग कैपिटल को लॉक कर देता है। कई सेक्टर्स को इस गड़बड़ी का सामना करना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए, सिंथेटिक यार्न और फाइबर पर तैयार फैब्रिक और गारमेंट्स की तुलना में ज़्यादा कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे टेक्सटाइल और अपैरल वैल्यू चेन पर बुरा असर पड़ता है। इसी तरह, पीसीबी, कनेक्टर और सब-असेंबली जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर इम्पोर्टेड तैयार इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की तुलना में ज़्यादा ड्यूटी लगती है, जिससे घरेलू वैल्यू एडिशन को बढ़ावा नहीं मिलता। केमिकल और प्लास्टिक सेक्टर में, बेसिक रॉ केमिकल और पॉलीमर पर अक्सर डाउनस्ट्रीम फिनिश्ड प्रोडक्ट के मुकाबले ज़्यादा ड्यूटी लगती है, जिससे इंडियन मैन्युफैक्चरर को नुकसान होता है। लेदर और फुटवियर सेक्टर को भी इम्पोर्टेड फिनिश्ड फुटवियर के मुकाबले कंपोनेंट और एक्सेसरीज़ जैसे इनपुट पर ज़्यादा ड्यूटी का सामना करना पड़ता है। रॉ मटीरियल पर ड्यूटी कम करके या रीस्ट्रक्चर करके इन गड़बड़ियों को ठीक करने से प्रोडक्शन कॉस्ट कम होगी, वर्किंग कैपिटल का दबाव कम होगा, डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और इंडिया की एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस मज़बूत होगी।

      1. शिपिंग सपोर्ट

      प्रस्ताव: बजट में इंडियन ग्लोबल-स्केल शिपिंग लाइनों के डेवलपमेंट के लिए टारगेटेड पॉलिसी और फिस्कल सपोर्ट देना चाहिए, जिसमें लॉन्ग-टर्म फाइनेंस तक एक्सेस, वायबिलिटी गैप फंडिंग और सपोर्टिव रेगुलेटरी उपाय शामिल हैं।

      औचित्य: फॉरेन शिपिंग लाइनों पर इंडिया की भारी डिपेंडेंस एक्सपोर्टर्स को ज़्यादा फ्रेट कॉस्ट, सप्लाई में रुकावट और ग्लोबल शिपिंग रेट में उतार-चढ़ाव का सामना कराती है। मज़बूत इंडियन शिपिंग कैरियर की कमी इंडिया की ट्रेड रेजिलिएंस और बारगेनिंग पावर को कमज़ोर करती है। इंडियन शिपिंग लाइनों को डेवलप करने से फ्रेट कॉस्ट काफी कम हो सकती है, रिलायबिलिटी बेहतर हो सकती है और लॉजिस्टिक्स पर स्ट्रेटेजिक कंट्रोल पक्का हो सकता है। अनुमान है कि भारत एक मज़बूत घरेलू शिपिंग इकोसिस्टम के ज़रिए माल ढुलाई में सालाना USD 40-50 बिलियन बचा सकता है। इससे सीधे तौर पर एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी और भारत के लंबे समय के ट्रेड और लॉजिस्टिक्स सिक्योरिटी को सपोर्ट मिलेगा।

      1. फिस्कल और टैक्स इंसेंटिव – अनुसंधान एवं विकास सपोर्ट

      प्रस्ताव: फियो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 35(2एबी ) के तहत इन-हाउस अनुसंधान एवं विकास खर्च के लिए 200-250% वेटेड टैक्स डिडक्शन को फिर से शुरू करने और कंपनियों से आगे बढ़कर एलएलपी, पार्टनरशिप फर्म और प्रोप्राइटरशिप, खासकर एमएसएमई को भी शामिल करने की सिफारिश करता है।

      औचित्य: पहले, 200% वेटेड डिडक्शन ने अनुसंधान एवं विकास और इनोवेशन में प्राइवेट सेक्टर के इन्वेस्टमेंट को काफी बढ़ावा दिया है। इसके धीरे-धीरे कम होने से भारत का इनोवेशन इकोसिस्टम ऐसे समय में कमज़ोर हुआ है जब ग्लोबल कॉम्पिटिशन तेज़ हो रहा है। अभी, 38 ओईसीडी देशों में से 35 अनुसंधान एवं विकास के लिए टैक्स इंसेंटिव देते हैं, जिससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को नुकसान होता है। 200% डिडक्शन देने से प्रोडक्टिविटी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस से जुड़े इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। नॉन-कॉर्पोरेट एंटिटीज़ को एलिजिबिलिटी देना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि एमएसएमई भारत के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम की रीढ़ हैं और अक्सर बिना फिस्कल सपोर्ट के अनुसंधान एवं विकास में इन्वेस्ट करने की फाइनेंशियल कैपेसिटी की कमी होती है।

      1. ओवरसीज़ मार्केटिंग के लिए टैक्स सपोर्ट

      प्रस्ताव: बजट में ओवरसीज़ मार्केटिंग, ब्रांडिंग, ट्रेड फेयर, बायर मीट और प्रमोशनल एक्टिविटीज़ पर होने वाले खर्च के लिए 200% टैक्स डिडक्शन देना चाहिए, जिससे खासकर एमएसएमई एक्सपोर्टर्स को फायदा हो।

      औचित्य: कॉम्पिटिशन करने वाले एक्सपोर्ट करने वाले देशों की तुलना में ग्लोबल मार्केट में भारत के सामान और सर्विस अभी भी ठीक से नहीं दिखाए जाते हैं। ज़्यादा मार्केटिंग और ब्रांडिंग कॉस्ट एक्सपोर्टर्स को—खासकर एमएसएमई को—नए मार्केट में तेज़ी से आगे बढ़ने से रोकती है। बढ़ी हुई टैक्स डिडक्शन एक्सपोर्टर्स को इंटरनेशनल मार्केटिंग में इन्वेस्ट करने के लिए बढ़ावा देगी और साथ ही असरदार फिस्कल बोझ भी कम करेगी। इस कदम से ब्रांड की विज़िबिलिटी बढ़ेगी, मार्केट में डाइवर्सिफिकेशन होगा, एक्सपोर्ट बढ़ेगा और लंबे समय तक ट्रेड सस्टेनेबिलिटी बेहतर होगी।

      1. नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 15% रियायती कॉर्पोरेट टैक्स का विस्तार

      प्रस्ताव: फियो प्रस्ताव करता है कि नई घरेलू मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए सेक्शन 115 बीएबी के तहत 15% रियायती कॉर्पोरेट टैक्स दर को 31 मार्च, 2024 की पिछली कट-ऑफ तारीख से कम से कम पांच साल और बढ़ाया जाए।

      औचित्य: ऐसे समय में जब भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग निवेश और सप्लाई-चेन रीलोकेशन के लिए ज़ोरदार मुकाबला कर रहा है, इस रियायती टैक्स व्यवस्था के खत्म होने से मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भारत का आकर्षण कम हो जाता है। इस योजना को बढ़ाने से पॉलिसी में निश्चितता आएगी, निवेश पर टैक्स के बाद रिटर्न बेहतर होगा, और सरकार के मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट-आधारित विकास के उद्देश्यों को मज़बूती मिलेगी। यह उपाय एक सुसंगत और प्रतिस्पर्धी वित्तीय ढांचा बनाकर, नए पूंजी निवेश, रोज़गार सृजन और भारत में उच्च मूल्य-वर्धित मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करके पीएलआई योजनाओं का भी पूरक होगा।

    1. रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट पर डिजिटल भुगतान से मिलेगी 3 प्रतिशत की छूट

      रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट पर डिजिटल भुगतान से मिलेगी 3 प्रतिशत की छूट

      नई दिल्ली।  भारतीय रेलवे यात्रियों को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुविधा,पारदर्शिता एवं प्रोत्साहन देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।यह सुविधा प्रयोगिक आधार पर दिनांक 14 जुलाई 2026 तक लागू की जा रही है।
      अब तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करते समय केवल R- wallet के माध्यम से भुगतान करने पर ही 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की सुविधा उपलब्ध थी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा डिजिटल भुगतान को और अधिक लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से रेलवे ने यह लाभ अब सभी स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों पर लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के अंतर्गत रेलवन ऐप के जरिए अनारक्षित टिकट लेते समय यदि यात्री यूपीआई,डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग अथवा अन्य स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग करता है, तो उन्हें टिकट मूल्य पर 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग में प्रत्यक्ष आर्थिक बचत होगी ।

      रेलवे की यह पहल कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करेगी। विशेष रूप से दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों, अनारक्षित श्रेणी में सफर करने वाले आम नागरिकों तथा उपनगरीय क्षेत्रों के यात्रियों को इस सुविधा से सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों के लिए यह ऐप पहले से ही काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारो से राहत दिलाने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है। अब सभी डिजिटल भुगतान मोड पर 3 प्रतिशत लाभ की सुविधा मिलने से रेलवन ऐप की उपयोगिता और लोकप्रियता में और वृद्धि होने की  संभावना है।यह पहल न केवल यात्रियों के समय और धन की बचत करेगी बल्कि रेलवे की सेवाओं को अधिक आधुनिक सुगम एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में भी सहायक होगी।
      सी आर आई एस(CRIS) द्वारा विकसित इस एप को प्ले स्टोर अथवा ऐप स्टोर से डाउनलोड कर रेल कनेक्ट या यूटीएस मोबाइल ऐप के मौजूदा उपयोगकर्ता अपनी पहचान के प्रमाण के साथ सीधा लॉगिन कर सकते हैं। इस ऐप पर अनारक्षित टिकट, आरक्षित टिकट प्लेटफार्म टिकट,ट्रेन एवं स्टेशन से संबंधित जानकारी,शिकायत निवारण सहित विभिन्न यात्री सुविधाएं एक मंच पर उपलब्ध हैं।

    2. मौनी अमावस्या 2026 : उत्तर रेलवे ने प्रयाग और अयोध्या स्टेशन से चलाई 17 मेला स्पेशल रेलगाड़िया 

      मौनी अमावस्या 2026 : उत्तर रेलवे ने प्रयाग और अयोध्या स्टेशन से चलाई 17 मेला स्पेशल रेलगाड़िया 

      45,000 यात्रियों ने स्पेशल रेलगाड़ियों से यात्रा की

      नई दिल्ली/ मौनी अमावस्या के अवसर पर, उत्तर रेलवे द्वारा प्रयाग और अयोध्या स्टेशन पर तीर्थयात्रियों की अतिरिक्त भीड़-भाड़ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए है। उत्तर रेलवे द्वारा तीर्थयात्रियों के सुगम आवागमन हेतु नियमित रेलगाड़ियों के अलावा कुल 17 मेला स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई गई हैं।

      प्रयाग क्षेत्र

      • मेला स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई गईं: 13
      • स्पेशल रेलगाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्री: लगभग 39,000
      • प्रयाग जंक्शन से नियमित रेलगाड़ियां : 32
      • नियमित रेलगाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्री: लगभग 48,000
      • कुल यात्रियों की संख्या: लगभग 87,000

      अयोध्या क्षेत्र

      • मेला स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई गईं: 4
      • स्पेशल रेलगाड़ियों से जाने वाले यात्री: लगभग 6,000
      • अयोध्या धाम से से नियमित रेलगाड़ियां: 36
      • नियमित रेलगाड़ियों से यात्रा करने वाले यात्री: लगभग 18,000
      • कुल यात्रियों की संख्या: लगभग 24,000

      अयोध्या में भीड़ जारी रहने की उम्मीद है इसलिए यात्रियों के सुगम आवागमन को सुचारु रूप से रखने के लिए काफ़ी इंतज़ाम किए गए हैं। यह भी उम्मीद है कि तीर्थयात्री पारंपरिक तीर्थ यात्रा ट्रायंगल को पूरा करने के लिए वाराणसी की ओर बढ़ सकते हैं। उत्तर रेलवे इन सबके लिए पूरी तरह से तैयार है और आवश्यकतानुसार प्रयाग, अयोध्या और वाराणसी से और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी ताकि सभी तीर्थयात्रियों की यात्रा सुरक्षित, आसान हो सके। उत्तर रेलवे अपने यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।