नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इटली के ट्यूरिन में आयोजित विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेल 2025 में भारतीय एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की है। भारतीय दल ने 33 पदक जीतकर वैश्विक मंच पर देश को गौरवान्वित किया। श्री मोदी ने आज संसद भवन में एथलीटों से मुलाकात की और उनकी लगन और उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा; “मुझे हमारे एथलीटों पर बहुत गर्व है जिन्होंने इटली के ट्यूरिन में आयोजित विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों में देश को गौरव दिलाया है! हमारे प्रतिभाशाली खिलाडि़यों ने 33 पदक जीते हैं। संसद में खिलाडि़यों के दल से मुलाकात की और उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जर्मन गायिका सुश्री कैसमै की प्रशंसा की है।
श्री मोदी ने कहा कि कैसमै जैसे कलाकारों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने समर्पित प्रयासों के माध्यम से कई अन्य लोगों के साथ मिलकर भारतीय विरासत की समृद्धि, गहराई और विविधता को प्रदर्शित करने में मदद की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा; “भारतीय संस्कृति के बारे में विश्व की जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है, और कैसमै जैसे कलाकारों ने इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। समर्पित प्रयासों के माध्यम से, उन्होंने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर भारतीय विरासत की समृद्धि, गहराई और विविधता को प्रदर्शित करने में मदद की है।
रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू उपस्थित थे।
फरीदाबाद। एनएचपीसी ने संगठनात्मक विकास पहल के एक भाग के रूप में ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसका उद्देश्य कार्मिकों को नवीनतम व्यावसायिक शब्दावली, समसामयिक मामलों और वैश्विक स्तर पर हो रही अन्य प्रगति के प्रति सचेत रहने के लिए प्रोत्साहित करना और साथ ही कार्मिकों की नवोन्वेषी क्षमता और रचनात्मकता को जागृत करना है। ‘ज्ञानांकन’ – बिजनेस क्विज़ के पहले संस्करण को एनएचपीसी के सभी विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं और यूनिटों के कार्मिकों से अत्यधिक उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। क्विज़ के प्रारंभिक चरण में देश भर में एनएचपीसी के विभिन्न कार्य स्थलों से भागीदारी हुई ।
सेमी-फ़ाइनल और ग्रैंड फ़िनाले राउंड का आयोजन निगम मुख्यालय, फ़रीदाबाद के जल तरंग सभागार में 18 मार्च 2025 को किया गया। इस ग्रैंड फिनाले के मुख्य अतिथि उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), एनएचपीसी थे। ग्रैंड फिनाले में बिजनेस और कारपोरेट वर्ल्ड और सामान्य ज्ञान के विषयों पर छह टीमों के बीच विलक्षण प्रश्नोत्तरी के रोमांचक दौर शामिल थे, जिससे सभी दर्शक बहुत रोमांचित हुए। एनएचपीसी सेवा-II पावर स्टेशन (जम्मू एवं कश्मीर) से अब्दुल हादी, प्रबंधक (विद्युत) और दीपक, उप प्रबंधक (यांत्रिकी) की टीम ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ की विजेता रही। एनएचपीसी धौलीगंगा पावर स्टेशन (उत्तराखंड) से सिद्धि विनायक, महाप्रबंधक (सिविल) तथा सेवा-II पावर स्टेशन (जम्मू एवं कश्मीर) से सी विनोद, वरिष्ठ प्रबंधक (विद्युत) की टीम दूसरे स्थान पर रही। एनएचपीसी लोकतक पावर स्टेशन (मणीपुर) से टी. मारकोनी सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक (आई टी) तथा अजय आचार्य, प्रबंधक (विद्युत) की टीम तीसरे स्थान पर रही। इस क्विज का संचालन सुप्रसिद्ध क्विज मास्टर एस. पी. एस. जग्गी, पूर्व निदेशक (पी अँड ए), एस सी आई तथा दीपक तनेजा, अतिरिक्त महाप्रबंधक (सीसी), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने किया।
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, विकास कार्यों और नक्सल उन्मूलन पर हुई चर्चा*
*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की*
रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
*प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ*
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
नई दिल्ली। फरवरी 2025 में व्यापारिक वस्तुओं के निर्यात में साल-दर-साल की अवधि के लिए 11% की गिरावट आई है, जो पिछले साल की समान अवधि के लिए कुल 41.41 बिलियन डॉलर की तुलना में घटकर 36.91 बिलियन डॉलर रह गयी है। इस गिरावट का उल्लेख करते हुए, भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन, फियो) के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि इस गिरावट का कारण मुख्य रूप से वैश्विक मांग में कमी, प्रमुख निर्यात क्षेत्रों के सामने आने वाली चुनौतियां तथा वैश्विक आयात शुल्क विवाद (टैरिफ वार) का प्रभाव है।
हालांकि, इसी दौरान, आयात में और भी अधिक गिरावट देखी गई, जो फरवरी 2024 के 60.92 बिलियन डॉलर से घटकर 50.96 बिलियन डॉलर हो गई, इस प्रकार 16% की तीव्र गिरावट दर्ज की गयी। श्री कुमार ने बताया कि आयात में यह कमी विनिर्माण की ओर सकारात्मक रुझान और घरेलू मांग में बदलाव को दर्शाती है, जो यह दिखाता है कि भारतीय उपभोक्ता और उद्योग आयातित वस्तुओं के प्रति अधिक सतर्क हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, वस्तु क्षेत्र में व्यापार घाटा फरवरी 2024 के 19.51 बिलियन डॉलर की तुलना में कम होकर 14.05 बिलियन डॉलर रह गया। श्री कुमार ने कहा कि व्यापार घाटे में कमी भारत के व्यापार क्षेत्र के पुनर्संतुलन की शुरुआत का एक आशाजनक संकेत है। विशेष रूप से वैश्विक आयात शुल्क विवाद (टैरिफ वार) के कारण निर्यात को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि आयात में तेज गिरावट विदेशी वस्तुओं की मांग में कमी का संकेत देती है, जिससे घरेलू उद्योगों को विकास के अवसर मिले हैं।
भविष्य को देखते हुए, श्री कुमार ने आशा व्यक्त की कि आयात में गिरावट से प्रेरित व्यापार घाटे में कमी भारत के आर्थिक विकास के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में काम कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि, निर्यात वृद्धि को पुनर्जीवित करने के लिए एक ठोस प्रयास की आवश्यकता है, विशेष रूप से लक्षित पहलों के माध्यम से जो वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाते हैं।
उल्लेखनीय रूप से, इस वित्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि के दौरान संचयी व्यापार और सेवा निर्यात में 6.24% की उत्साहजनक वृद्धि देखी गई, जो पिछले वर्ष के 706.43 बिलियन डॉलर से बढ़कर 750.53 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई।
इसका लाभ उठाने के लिए, फियो ने सरकार से निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लक्षित समर्थन शुरू करने का आग्रह किया है। इसमें उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के दायरे का विस्तार करना और निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण तक पहुँच में सुधार करना शामिल है। श्री कुमार ने गैर-टैरिफ बाधाओं को हल करने और बाजार पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ निरंतर निर्यात वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत के एकीकरण को मजबूत करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
फियो अध्यक्ष ने निर्यात विविधीकरण के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण का भी आह्वान किया, नए बाजारों और उत्पादों की खोज के साथ-साथ व्यापार सुविधा उपायों को जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने ब्याज समतुल्यीकरण योजना को जारी रखने, अनुसंधान एवं विकास के लिए समर्थन बढ़ाने, वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त भारतीय नौवहन (शिपिंग) लाइन बनाने और अग्रिम प्राधिकरण/ईओयू/एसईजेड इकाइयों के लिए आरओडीटीईपी योजना को जारी रखने की वकालत की – ये सभी निर्यात क्षेत्र में दीर्घकालिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
श्री कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सही रणनीतिक उपायों के साथ, भारत का निर्यात क्षेत्र अपनी गति को पुनः प्राप्त कर सकता है और आने वाले महीनों में देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया
नई दिल्ली। NCB इम्फाल ज़ोन के अधिकारियों ने लिलोंग क्षेत्र के पास एक ट्रक को रोका और वाहन की पूरी तरह से टोह लेने के बाद ट्रक के पिछले हिस्से में टूल बॉक्स/केबिन से 102.39 किलोग्राम मेथमफेटामाइन की गोलियां बरामद कीं। ट्रक में सवार दो लोगों को पकड़ा भी गया। बिना किसी देरी के टीम ने तुरंत एक फॉलो अप कार्रवाई की और लिलोंग क्षेत्र से प्रतिबंधित सामग्री के संदिग्ध रिसीवर को पकड़ लिया। उसके पास से एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल ड्रग तस्करी के लिए किया जाता था। बाद में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रतिबंधित सामग्री का संदिग्ध स्रोत मोरेह है। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।
प्राप्त सूचना के आधार पर उसी दिन एक अन्य अभियान में NCB गुवाहाटी ज़ोन के अधिकारियों ने सिलचर के पास असम-मिज़ोरम सीमा पर एक SUV को रोका और उसकी गहन तलाशी ली, जिसमें वाहन के स्पेयर टायर के अंदर छिपाई गई 7.48 किलोग्राम मेथमफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं और वाहन सवार को भी पकड़ लिया, जिसे बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया। तस्करी का स्रोत मणिपुर का मोरेह था और संदिग्ध गंतव्य करीमगंज था। मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। NCB अपनी पांच क्षेत्रीय इकाइयों और पूर्वोत्तर में एक क्षेत्रीय मुख्यालय के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थों, विशेष रूप से मेथमफेटामाइन टैबलेट जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार काम कर रहा है। मेथमफेटामाइन टैबलेट को याबा (YABA) के नाम से जाना जाता है और इसने न केवल क्षेत्र की युवा आबादी के लिए बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि ड्रग्स माफिया पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त करने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के 4 सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को बधाई देते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने X पर किए गए पोस्ट में कहा कि ड्रग्स की बड़े पैमाने पर हुई यह बरामदगी जांच के लिए अपनाए जा रहे ‘बॉटम टु टॉप’ और ‘टॉप टु बॉटम’ अप्रोच की शानदार सफलता का प्रमाण है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कोकराझार, असम में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया
बोडो शांति समझौता कर बोडोलैंड में शांति स्थापित करने में ABSU की महत्वपूर्ण भूमिका है
दिल्ली की एक प्रमुख सड़क बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी के नाम से पहचानी जाएगी
मोदी सरकार और असम सरकार बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी का हर स्वप्न धरातल पर उतारेगी
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज कोकराझार, असम में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा, विधानसभा अध्यक्ष श्री बिस्वजीत दैमारी, केन्द्रीय गृह सचिव और आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज बोडोलैंड क्षेत्र में कायम शांति, विकास और उत्साह में ABSU की महत्वपूर्ण भूमिका है। ABSU की भूमिका के बगैर बोडो समझौता (Bodo Accord) नहीं हो पाता और बोडोलैंड में शांति स्थापित नहीं हो पाती। इस मौके पर, श्री शाह ने उन पाँच हजार शहीदों को भी याद किया जिन्होंने संघर्ष करके बोडोलैंड की शांति को प्रस्थापित करने का निर्णय किया।
श्री शाह ने कहा कि आज जब पूरा बोडोलैंड अपने नेता बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के बताए रास्ते पर चल रहा है, ऐसे समय में केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एक प्रमुख सड़क का नामकरण बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा जी की प्रतिमा (Bust) का अनावरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और असम सरकार बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा जी का हर स्वप्न धरातल पर उतारेगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ABSU शिक्षा, सशक्तिकरण और विकास को आगे ले जा रहा है। ABSU के प्रयास से ही आज बोडो भाषा माध्यम से विद्यार्थी 12वीं तक की परीक्षा दे पा रहे हैं। हमारी बोडो भाषा आठवीं वीं अनुसूची में शामिल हुई और आगामी कई वर्षों तक जीवित रहेगी। उन्होंने कहा कि आज आयोजित कार्यक्रम बोडोलैंड में स्थापित शांति का बहुत बड़ा संदेश है।
श्री शाह ने कहा कि बोडोलैंड के एक दर्जन से अधिक उत्पादों को GI Tag मिल चुका है। इसके कारण पूरे BTR क्षेत्र में धीरे-धीरे औद्योगिक वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब बोडोलैंड में उन्माद, उत्पात और अलगाववाद की बात होती थी, लेकिन अब शिक्षा, विकास और उद्योग की बात होती है। श्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में जहां गोलियां चलती थीं, वहां आज बोडो युवा हाथों में तिरंगा लहरा रहे हैं। यह दृश्य पूरे देश के लिए एक संदेश है। उन्होंने कहा कि जब बोडो समझौता हुआ, तब न केवल बोडोलैंड और असम, बल्कि पूरा देश खुश था। गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह बोडोलैंड के लोग देश से प्यार करते हैं, उसी तरह पूरा देश बोडोलैंड और यहाँ के लोगों से प्यार करता है और यहाँ के युवाओं के विकास के लिए कटिबद्ध है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बोडोलैंड के लोगों द्वारा माने जाने वाले बाथो (Bathou) धर्म में बहुत ऊंचाई है। उन्होंने कहा कि बाथो दो धातुओं के मेल से बना है और इसका अर्थ ‘पंचतत्व के निर्माता का गहरा रहस्य’ है। पंचतत्व में अग्नि, वायु, पृथ्वी, आकाश और जल शामिल हैं और यही इस महान धर्म की नींव हैं। उन्होंने कहा कि वह बाथो धर्म के संदेश का प्रसार करने का प्रयास करते हैं। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे पूर्वोत्तर को उग्रवाद, आंदोलन, ब्लॉकेड, बंद और हिंसा जैसी समस्याओं से मुक्त करा कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया है। मोदी जी और हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में हाल में इनवेस्टमेंट समिट हुई, जिससे पाँच लाख करोड़ रुपए का निवेश असम में आ रहा है। उन्होंने बोडो युवाओं से पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देने और शांति प्रक्रिया को स्थापित करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बोडोलैंड में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है जिससे बोडो युवा विश्व के युवाओं से प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और असम सरकार बोडोलैंड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
नई दिल्ली। आतंकवाद-प्रतिघात पर आसियान रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन-प्लस (एडीएमएम-प्लस) विशेषज्ञ कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) की 14वीं बैठक 19 से 20 मार्च, 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। भारत और मलेशिया इस बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 10 आसियान सदस्य राष्ट्र (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, वियतनाम, सिंगापुर व थाईलैंड) और आठ संवाद सहयोगी देशों (ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, जापान, चीन, अमरीका व रूस) के प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ तिमोर लेस्ते तथा आसियान के सचिव भी भाग लेंगे।
आतंकवाद का मुकाबला करने पर भारत पहली बार ईडब्ल्यूजी की सह-अध्यक्षता करेगा। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 19 मार्च, 2025 को उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य भाषण देंगे।
यह 2024-2027 तक चलने वाले चक्र के लिए आतंकवाद-रोधी ईडब्ल्यूजी की योजनाबद्ध गतिविधियों की पहली बैठक होगी। इसमें चर्चा आतंकवाद और उग्रवाद के उभरते खतरे से निपटने के लिए एक सशक्त एवं व्यापक रणनीति तैयार करने पर केंद्रित होगी। इस बैठक का उद्देश्य आसियान के रक्षा बलों और उसके संवाद भागीदार देशों के वास्तविक अनुभव को साझा करना है। यह 2024-2027 तक के चक्र के लिए नियोजित गतिविधियों/अभ्यासों/सेमिनारों/कार्यशालाओं की नींव रखेगा।
एडीएमएम-प्लस, इसमें भाग लेने वाले देशों के रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच व्यावहारिक सहयोग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। वर्तमान में यह वास्तविक सहकारिता के सात क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिनमें आतंकवाद-प्रतिघात, समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा प्रबंधन, शांति अभियान, सैन्य चिकित्सा, मानवीय खदान कार्रवाई व साइबर सुरक्षा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए ईडब्ल्यूजी की स्थापना की गई है।
तीन वर्ष के चक्र के बाद प्रत्येक ईडब्ल्यूजी की सह-अध्यक्षता एक आसियान सदस्य देश और एक संवाद साझेदार देश द्वारा की जाती है। सह-अध्यक्षों का मुख्य कार्य, अपनी अध्यक्षता के प्रारंभ में तीन-वर्षीय चक्र के लिए ईडब्ल्यूजी के उद्देश्य, नीतिगत दिशानिर्देश व कार्यात्मक निर्देश निर्धारित करना, नियमित ईडब्ल्यूजी बैठकों (वर्ष में न्यूनतम दो) का संचालन करना और तीन-वर्षीय चक्र के दौरान व्यावहारिक सहयोग में हुई प्रगति को जांचने के उद्देश्य से तीसरे वर्ष में सभी सदस्य देशों हेतु किसी भी रूप (टेबल-टॉप/फील्ड प्रशिक्षण/स्टाफ/संचार आदि) का अभ्यास करना है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार 2025 जीतने के लिए प्रशंसा की है।आरबीआई को ब्रिटेन के लंदन में सेंट्रल बैंकिंग ने डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया है। इसमें आरबीआई की इन-हाउस डेवलपर टीम द्वारा विकसित इसकी अभिनव डिजिटल पहलों- प्रवाह और सारथी को मान्यता दी गई है।
प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा; एक सराहनीय उपलब्धि, जो शासन में नवाचार और दक्षता पर बल देती है।
डिजिटल नवाचार भारत के वित्तीय इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है, और इस प्रकार अनगिनत लोगों को सशक्त बना रहा है।”