Category: NEW DELHI

  • दीपावली” पर्व के अवसर पर पीआरएस काउंटर बंद रहेंगे

    दीपावली” पर्व के अवसर पर पीआरएस काउंटर बंद रहेंगे

    दिल्‍ली/ सोमवार दिनांक 20.10.2025 को “दीपावली”के उपलक्ष्य में दिल्‍ली क्षेत्र के आरक्षण कार्यालय खोलने हेतु निम्नलिखित प्रबन्ध किये गये हैं:-

    (1) संसद भवन (2) प्रेस क्लब ऑफ इण्डिया (3) रेलवे बोर्ड (4) सुप्रीम कोर्ट एवं (5) हाई कोर्ट आरक्षण केंद्र पूरे दिन बन्द रहेंगे | दिल्‍ली मंडल के आरक्षण कार्यालय 20.10.2025 (सोमवार) को सायंकालीन पारी में बन्द रहेंगे : आनंद विहार टर्मिनल (पीआरएस), साहिबाबाद, नया गाजियाबाद, गुड़गांव, पालम, दिल्‍ली कैंट, दिल्‍ली सराय रोहिल्ला, फरीदाबाद, बलल्‍लभगढ़, पलवल, नरेला, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र कैथल, जींद, मानसा, रोहतक, बहादुर गढ़, नांगलोई, शामली, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ कैंट, मेरठ सिटी, मुजफ्फरनगर, खतौली, देवबन्द, बड़ौत, गोहाना, पटौदी रोड, ग्रेटर नोएडा, नोली, साकेत कोर्ट, द्वारका कोर्ट, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी), शकूर बस्ती, समालखा, गन्नौर, शाहाबाद मारकंडा, टोहाना, जुलाना, नरवाना एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (एमटीसी) |

    नई दिल्‍ली (पहाड़गंज और अजमेरी गेट की तरफ), दिल्‍ली जं., हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार एवं दिल्‍ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशनों पर चालू आरक्षण काउंटर (Current reservation Counters) हर रोज की तरह सामान्य समयानुसार कार्य करेंगे |

  • सितंबर और वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में भारत की स्थिर निर्यात वृद्धि मज़बूत लचीलेपन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है: फियो अध्यक्ष

    सितंबर और वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में भारत की स्थिर निर्यात वृद्धि मज़बूत लचीलेपन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है: फियो अध्यक्ष

    नई दिल्ली फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) ने सितंबर 2025 और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारत के व्यापारिक और समग्र निर्यात में निरंतर वृद्धि की सराहना की है और इसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिदृश्य में भारतीय निर्यातकों के लचीलेपन, अनुकूलनशीलता और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रमाण बताया है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लगातार भू-राजनीतिक तनाव, ऊँची ब्याज दरों और सुस्त माँग के बावजूद, भारत के निर्यात क्षेत्र ने उल्लेखनीय मजबूती और निरंतरता दिखाई है। आधिकारिक व्यापार आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में व्यापारिक निर्यात पिछले वर्ष इसी महीने के 34.08 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 6.74 प्रतिशत बढ़कर 36.38 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो भारतीय व्यवसायों के दृढ़ संकल्प और संसाधनशीलता को दर्शाता है, फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा।

    हालांकि वस्तु आयात में 16.6 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई और यह 68.53 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जिससे इस महीने व्यापार घाटा 32.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। यह वृद्धि मज़बूत घरेलू माँग और विनिर्माण गतिविधियों में तेज़ी को भी दर्शाती है, जो आंशिक रूप से वस्तुओं की ऊँची कीमतों और बढ़ती इनपुट लागतों से प्रेरित है। वस्तुओं और सेवाओं, दोनों सहित कुल निर्यात सितंबर 2025 में 67.20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जो सितंबर 2024 के 66.68 अरब अमेरिकी डॉलर से थोड़ा अधिक है। जबकि कुल आयात 75.28 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 83.82 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इसके परिणामस्वरूप इस महीने कुल व्यापार घाटा 16.61 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। फियो  ने कहा कि व्यापार घाटा एक चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन सेवा क्षेत्र का लचीलापन संतुलन और स्थिरता प्रदान करता रहता है।

    अप्रैल-सितंबर 2025 की अवधि में, संचयी वस्तु निर्यात में 3.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 220.12 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जबकि वस्तु आयात 4.53 प्रतिशत बढ़कर 375.11 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इसी अवधि के दौरान समग्र निर्यात (वस्तुओं और सेवाओं का संयुक्त) 4.45 प्रतिशत बढ़कर 395.71 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि कुल आयात 3.55 प्रतिशत बढ़कर 472.79 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। उल्लेखनीय रूप से, समग्र व्यापार घाटा 2.28 प्रतिशत घटकर 59.48 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो एक सकारात्मक विकास है जो भारत के सेवा निर्यात की निरंतर मजबूती और व्यापार गतिशीलता में सुधार को दर्शाता है।

    फियो अध्यक्ष श्री एस सी रल्हन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कठिन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात में निरंतर वृद्धि, भारतीय निर्यातकों के सराहनीय प्रयासों और विश्व मंच पर उनकी बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करती है। साथ ही, आयात में वृद्धि इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और मध्यवर्ती वस्तुओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के निर्माण पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की माँग करती है। रल्हन ने सरकार से स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करके और नवाचार एवं पैमाने के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर आयात प्रतिस्थापन की दिशा में साहसिक कदम उठाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि हालाँकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना हुआ है, उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, चीन, ब्रिटेन और जर्मनी का स्थान आता है, फिर भी लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और आसियान जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त अप्रयुक्त क्षमता मौजूद है। सुनियोजित निर्यात संवर्धन रणनीतियों और बाज़ार विविधीकरण प्रयासों के साथ, भारत अपनी वैश्विक उपस्थिति को और गहरा कर सकता है और कुछ बाज़ारों पर अपनी अत्यधिक निर्भरता कम कर सकता है।

    निरंतर गति सुनिश्चित करने के लिए, फियो ने निर्यातकों की प्रमुख चिंताओं के समाधान हेतु नीतिगत समर्थन बढ़ाने का आह्वान किया। रल्हन ने प्रतिस्पर्धी दरों पर, विशेष रूप से एमएसएमई  के लिए, जो भारत के निर्यात क्षेत्र की रीढ़ हैं, निर्यात ऋण की अधिक उपलब्धता की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया । आधुनिक बुनियादी ढाँचे, सरलीकृत प्रक्रियाओं और त्वरित धनवापसी तंत्र के माध्यम से लाजिस्टिक्स और अनुपालन लागत को कम करने से निर्यातकों का विश्वास काफ़ी बढ़ेगा। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित प्रौद्योगिकी और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों को समर्थन देने की भी पक्षधरता की, जिनमें दीर्घकालिक मूल्य सृजन और रोज़गार सृजन की अपार संभावनाएँ हैं। श्रम-प्रधान क्षेत्र, जो अमेरिका जैसे बाज़ारों से उच्च टैरिफ़ का दंश झेल रहे हैं, को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए रणनीतिक समर्थन की आवश्यकता है।

    फियो यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, लैटिन अमेरिकी देशों और जीसीसी  के साथ चल रहे मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए ) को तेज़ी से आगे बढ़ाने की मजबूती से सिफ़ारिश करता है ताकि बाज़ार पहुँच बढ़ाई जा सके, व्यापार बाधाओं को कम किया जा सके और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति मज़बूत की जा सके। रल्हन ने नए बाज़ारों को खोलने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलावों का लाभ उठाने और देश के महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार और उद्योग जगत के हितधारकों के साथ मिलकर काम करने की फियो की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त करते हुए समापन किया कि नीतिगत समर्थन, नवाचार और वैश्विक जुड़ाव के सही मिश्रण के साथ, भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक अग्रणी शक्ति बनने की राह पर है।

  • दीपावली व छठ के मद्देनजर दिल्ली क्षेत्र में पार्सल अस्थाई प्रतिबंध 

    दीपावली व छठ के मद्देनजर दिल्ली क्षेत्र में पार्सल अस्थाई प्रतिबंध 

    नई दिल्ली दीपावली व छठ की भीड़- भाड़ को देखते हुए यात्रियों के सुविधाजनक आवागमन हेतु दिल्ली क्षेत्र (यानी नई दिल्ली, दिल्ली ज०, और आनन्द विहार टर्मिनल) में सभी प्रकार के पार्सल लेनदेन (लीज्ड एसएलआर, वीपी सहित) पर दिनांक 17.10.2025 से 26.10.2025 तक अस्थाई प्रतिबंध लगाए गए हैंव रेलवे के माध्यम से सीधी बुकिंग परभी 15.10.2025 से 26.10.2025 तक अस्थाई प्रतिबंध रहेगा। पार्सल गोदाम और प्लेटफॉर्म पार्सल पैकेज/पैकिंग से मुक्त रहेंगे और सभी उपरोक्त स्टेशनों पर लीज्ड एसएलआर और वीपी सहित आवक और जावक पार्सल ट्रैफिक दोनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

    केवल यात्री डिब्बों में व्यक्तिगत सामान की अनुमति दी जा सकती है और सभी व्यावसायिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग की अनुमति दी जाएगी।

    यह प्रतिबंध दिल्ली क्षेत्र के स्टेशनों (यानी नई दिल्ली, दिल्ली ज० और  आनन्द विहार टर्मिनल) से चलने वाली ट्रेनों में सभी प्रकार के पार्सल लेनदेन (लीज्ड एसएलआर, वीपी सहित) पर लागू है और यह दिल्ली क्षेत्र में लोडिंग/अनलोडिंग के लिए स्टॉपेज वाले अन्य डिवीजनों / क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी लागू होगा ।

  • नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों के प्लेटफार्मो में अस्थायी बदलाव

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों के प्लेटफार्मो में अस्थायी बदलाव

    नई दिल्ली आगामी त्योहारों के मद्देनजर, रेलयात्रियों के सुविधाजनक आवागमन हेतु रेलवे ने नई दिल्ली
    रेलवे स्टेशन पर निम्नलिखित रेलगाड़ियों के प्लेटफार्म में दिनांक 05.10.2025 से 30.10.2025 तक
    निम्नानुसार अस्थायी बदलाव करने का निर्णय लिया है:-
    Train No.

    स्टेशन आगमन प्रस्थान वर्तमान
    प्लेटफार्म

    परिवर्तित
    प्लेटफार्म

    12562

    नई दिल्ली- दरभंगा जं. — 21:15 13 01

    12561

    दरभंगा जं. – नई दिल्ली 15:45 — 12 07

    12260

    बीकानेर जं. – सियालदह 19:30 19:45 13 09

    54473

    दिल्ली जं. – सहारनपुर जं. 18:40 18:45 15 04

    64110/
    64429 गाजियाबाद – नई दिल्ली – अलीगढ़

    जं.

    17:20 18:05 13 10

    14324

    रोहतक जं. – नई दिल्ली 15:45 — 07 02

    12046

    चंडीगढ़ – नई दिल्ली 15:20 — 02 01

    64425/
    64432 गाजियाबाद – नई दिल्ली – गाजियाबाद 13:30 13:50 13 05
    12033

    कानपुर सैंट्रल – नई दिल्ली 11:20 — 02 10

    12056/
    12057 देहरादून – नई दिल्ली – दौलतपुर चौक 11:05 14:35 10 02
    64052

    गाजियाबाद – पलवल 12:38 12:40 2 1

    64057

    पलवल – गाजियाबाद 12:20 12:22 2 1
     इन रेलगाड़ियों के प्लेटफॉर्म में दिनांक 09.10.2025 से 30.10.2025 तक बदलाव है –
    12445

    नई दिल्ली – श्री माता वैष्णो
    देवी कटड़ा

    — 20.50 15 08

    12392

    नई दिल्ली – राजगीर — 13.10 8 01

  • रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की समीक्षा की

    रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की समीक्षा की

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अमृतसर रेलवे स्टेशन का किया जा रहा है पुनर्विकास 

     नई दिल्ली । रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री  वी. सोमन्ना ने आज अमृतसर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य का व्यापक निरीक्षण और समीक्षा की ।  इस स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है।

    मुख्य परियोजना प्रबंधक/निर्माण ने माननीय मंत्री को अमृतसर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास  कार्यों में होने वाली महत्वपूर्ण प्रगति के संबंध में जानकारी दी। अमृतसर शहर, पवित्र  स्वर्ण मंदिर श्री हरमंदिर साहिब के लिए प्रसिद्ध है तथा अमृतसर में  प्रतिदिन लगभग 1 लाख यात्री आते हैं, जो इसकी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है।

    अपने दौरे के दौरान, सोमन्ना ने अमृतसर आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक अद्वितीय यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, अमृतसर रेलवे स्टेशन एक आधुनिक केंद्र में विकसित हो रहा है जो विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ शहर की समृद्ध विरासत को प्रतिबिंबित करता है।

    माननीय मंत्री को परियोजना के अंतर्गत हो रहे कार्यों से अवगत कराया गया ,  जिसमें निम्नानुसार व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण योजना की रूपरेखा दी गई:

    • कनेक्टिविटी और पहुंच: सभी यात्रियों के लिए निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए भवनों और एफओबी में 15 एस्केलेटर और 14 लिफ्ट का प्रावधान।

    • दिव्यांगजन-अनुकूल वातावरण, जिसमें दृष्टिबाधित यात्रियों की सहायता के लिए प्रवेश रैंप, लिफ्ट और स्पर्शनीय फर्श के साथ-साथ उपयुक्त शौचालय भी होंगे।

    • विस्तृत परिसंचारी क्षेत्र और पार्किंग: मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बेहतर परिसंचरण के साथ एक विशाल पार्किंग क्षेत्र का प्रावधान, तथा पृथक  पार्किंग और परिसंचारी क्षेत्रों के साथ एक नए दूसरे प्रवेश द्वार का विकास।

    • पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ: सुचारू यातायात प्रवाह और यात्री सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप लेन के साथ एक पृथक परिसंचारी क्षेत्र।

    श्री सोमन्ना ने रेलवे अधिकारियों को गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए कार्य की निरंतर गति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चल रहे निर्माण कार्य से दैनिक परिचालन और यात्री आवागमन में न्यूनतम व्यवधान उत्पन्न हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, सुगम्यता में सुधार लाना और भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय यात्रा अवसंरचना में परिवर्तित करना है।

  • नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर,प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव

    नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर,प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव

    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ  इंद्रावती, महानदी  केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

  • सुश्री प्रीतिका रावत माय भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित

    सुश्री प्रीतिका रावत माय भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित

    नई दिल्ली । प्रतिष्ठित माय भारत – राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरस्कार (स्वयंसेवक श्रेणी) इस वर्ष दिल्ली की सुश्री प्रीतिका रावत को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  द्वारा उनके समाज सेवा और सामुदायिक विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।

    नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी), नई दिल्ली की एनएसएस इकाई से जुड़ी प्रीतिका ने महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक स्वास्थ्य, स्वच्छता अभियान, बाल शिक्षा, युवा सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में प्रभावशाली पहल की हैं। उनके प्रयासों ने कई समुदायों में ठोस बदलाव लाया और एनएसएस के मूल मंत्र “स्वयं से पहले आप” को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में उनके नेतृत्व और समर्पण को सराहा गया। सम्मान प्राप्ति पर प्रीतिका ने कहा:“एनएसएस पुरस्कार पाना मेरे लिए अविस्मरणीय क्षण है। यह केवल मेरा नहीं बल्कि यह हर उस स्वयंसेवक का सम्मान है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निःस्वार्थ भाव से काम करता है। मैं आशा करती हूँ कि यह और युवाओं को सेवा और समर्पण के मार्ग पर प्रेरित करे।” उन्होंने बताया की वे विश्वविद्यालय के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ प्रवीण सरोहा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करती हैं, जिनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने इस उपलब्धि को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

    हालाँकि वर्तमान में दिल्ली में निवास करने वाली प्रीतिका मूलतः उत्तराखंड के चमोली ज़िले की निवासी हैं। यह उपलब्धि उनके गृह राज्य और विश्वविद्यालय दोनों के लिए गर्व का क्षण है।उनके पिता श्री बख्तावर सिंह व माता बूदी रावत ने बताया अपनी बेटी की उत्कृष्ट उपलब्धि से अत्यंत गर्वित हैं तथा उसके सुनहरे भविष्य की कामना करते हैं। प्रीतिका की यह उपलब्धि देशभर के युवाओं को सामुदायिक सेवा और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी। 

    एनएसएस पुरस्कार देश में स्वयंसेवकों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में असाधारण समर्पण को मान्यता देता है। प्रीतिका की यह उपलब्धि देशभर के युवाओं को सामुदायिक सेवा और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी।

  • सीईएल साहिबाबाद में गांधी जयंती पर चलाया गया स्वच्छता अभियान

    सीईएल साहिबाबाद में गांधी जयंती पर चलाया गया स्वच्छता अभियान

    गाजियाबाद। गांधी जयंती के अवसर पर CEL, साहिबाबाद में आज स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का प्रारंभ  संस्थान की कार्यकारी निदेशक श्रीमती सरिता कौल ने उपस्थित सभी कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ दिलाते हुए किया। 

    स्वच्छता शपथ के बाद कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में सभी कर्मचारी सफाई अभियान में लगे एवं संस्थान के विभिन्न स्थानों पर सफाई की। सफाई करते हुए सभी कर्मचारियों द्वारा साहिबाबाद पोस्ट ऑफिस एवं केनरा बैंक के सामने भी सफाई की गई।

     रजत गर्ग, महाप्रबंधक, HR,  अनुपम त्यागी, महाप्रबंधक, एस एन भट्टाचार्य महाप्रबंधक,  हेमंत दुबे,  विकास त्यागी, उप महाप्रबंधक, मनोज सैनी,  शिव नारायण पटेल एवं एड. कृष्ण वीर सिंह चौधरी, जन संपर्क अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  सफाई अभियान के बाद संस्थान की तरफ से उपस्थित सभी कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन के उपरांत कार्यक्रम समाप्त हुआ।

  • त्योहारी सीज़न में भी उत्तर रेलवे की नियमित ट्रेनों में सीटों की कोई कमी नहीं

    त्योहारी सीज़न में भी उत्तर रेलवे की नियमित ट्रेनों में सीटों की कोई कमी नहीं

    नई दिल्ली। जैसे-जैसे त्योहारों का मौसम नज़दीक आ रहा है और यात्रा के लिए त्यौहार भीड़ शुरू हो रही है, उत्तर रेलवे अपनी यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक आश्वस्त करने वाला  संदेश लेकर आया है: आपके यात्रा विकल्प सुरक्षित हैं, और नियमित सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर टिकट उपलब्ध हैं।

    हालाँकि भारतीय रेलवे त्योहारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अक्सर कई  ट्रेनें चलाता है, उत्तर रेलवे की  नियमित रेलगाड़िया, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और विभिन्न मेल/एक्सप्रेस जैसी प्रतिष्ठित रेलगाड़िया शामिल हैं, अपने सामान्य समय पर चल रही हैं और अभी भी बुकिंग के लिए सीटें उपलब्ध हैं।

    ट्रेन 20172 निज़ामुद्दीन – रानी कमलापति वंदे भारत, चेयर कार 191 सीटें 01 अक्टूबर से उपलब्ध, 

    12002 निज़ामुद्दीन – भोपाल शताब्दी, चेयर कार 200 सीटें 01 अक्टूबर से उपलब्ध,

    22436 नई दिल्ली – बनारस वंदे भारत, चेयर कार 306 सीटें 4 अक्टूबर से उपलब्ध, 

    22416 नई दिल्ली – बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस, चेयर कार 654 सीटें 3 अक्टूबर से उपलब्ध,

    12034 नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी, चेयर कार में 234 सीटें उपलब्ध 01 अक्टूबर से,

    12004 नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी, चेयर कार- 318 सीटें उपलब्ध 03 अक्टूबर से,

    26405 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत चेयर कार में 168 सीटें उपलब्ध 01 अक्टूबर से, 

    22447 नई दिल्ली अंब अंदौरा, चेयर कार: 422 सीटें उपलब्ध 3 अक्टूबर से

    22470 निजामुद्दीन – खजुराहो, चेयर कार: 299 सीटें उपलब्ध 01 अक्टूबर से,

    12015 नई दिल्ली – अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस, चेयर कार: 337 सीटें उपलब्ध 04 अक्टूबर से 

    *भीड़भाड़ से बचें—नियमित ट्रेनें बुक करें*

    अक्सर, त्योहारों के दौरान यात्री केवल रेलगाड़ियो पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, उत्तर रेलवे यात्रियों से नियमित ट्रेनों में उपलब्धता का लाभ उठाने का आग्रह करता है, जो एक समान समय-सारिणी और उच्च-गुणवत्ता वाली सेवा प्रदान करती हैं।

    • वंदे भारत एक्सप्रेस: ​​प्रीमियम, तेज़ गति का अनुभव चाहने वालों के लिए, उत्तर रेलवे के मार्गों पर चलने वाली वंदे भारत सेवाओं में सीटें उपलब्ध हैं। प्रमुख शहरों के बीच तेज़, अधिक आधुनिक यात्रा के लिए यह एक उत्कृष्ट विकल्प है।

    • शताब्दी एक्सप्रेस: ​​इंटरसिटी यात्रा का एक प्रमुख साधन, शताब्दी एक्सप्रेस अपनी तेज़, वातानुकूलित सेवा प्रदान करती रहती है। ये ट्रेनें दिन में यात्रा के लिए आदर्श हैं और पूरे क्षेत्र के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं।

    • मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें: भारतीय रेल नेटवर्क की रीढ़ है, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें हर बजट के अनुरूप व्यापक कवरेज और विभिन्न श्रेणी विकल्प प्रदान करती हैं। इन ट्रेनों में त्योहारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में सीटें उपलब्ध हैं।

    यात्री आसानी से सीट की उपलब्धता की जांच कर सकते हैं और सभी नियमित ट्रेनों में आधिकारिक भारतीय रेलवे टिकटिंग प्लेटफॉर्म जैसे IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप, या अधिकृत ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से अपनी टिकट बुक कर सकते हैं।

    • जल्दी बुकिंग करें: सीटें उपलब्ध होने के बावजूद, त्योहारों का मौसम यात्रा का सबसे व्यस्त समय होता है। अपनी पसंदीदा तारीख, ट्रेन और कोच सुरक्षित करने के लिए हमेशा पहले से टिकट बुक करने की सलाह दी जाती है।

    • वास्तविक समय में उपलब्धता की जाँच करें: सबसे ताज़ा जानकारी के लिए, वंदे भारत, शताब्दी और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में सीटों की लाइव स्थिति देखने के लिए, ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें।

    इस त्योहारी सीज़न में, यात्रा की चिंता को अपने उत्साह पर हावी न होने दें। नियमित और विश्वसनीय ट्रेनों में नियमित संचालन और उपलब्ध सीटों के साथ, उत्तर रेलवे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आप अपने प्रियजनों तक सुरक्षित और आरामदायक पहुँचें। आज ही अपनी टिकटें बुक करें और अपने त्योहारों का आनंद लें।

  • पुनर्विकास कार्य के कारण अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन ब्यूरो का स्थानांतरण

    पुनर्विकास कार्य के कारण अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन ब्यूरो का स्थानांतरण

    नई दिल्ली ।  नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के अंतर्गत, प्लेटफार्म संख्या 1, प्रथम तल, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक ब्यूरो (आईटीबी) को समस्त अभिलेखों सहित पीआरएस/भारतीय रेलवे सम्मेलन संघ (आईआरसीए) परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।

    यह स्थानांतरण नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य का एक भाग है।