आकाशवाणी पर सांस्कृतिक सद्भाव: 21 स्टेशन 16 फरवरी, 2025 तक हर रोज सुबह 9:30 बजे इस विशेष श्रृंखला का प्रसारण करेंगे
नई दिल्ली। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर, आकाशवाणी के ब्रॉडकास्टिंग हाउस स्थित पंडित रविशंकर संगीत स्टूडियो में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य एक नई रेडियो कार्यक्रम श्रृंखला ‘हर कंठ में भारत’ का लोकार्पण करना था, जिसे विशेष रूप से भारतीय शास्त्रीय संगीत के विविध स्वरूपों को प्रसारित करने के लिए तैयार किया गया है।भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और लोक सेवा प्रसारक, आकाशवाणी द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत यह श्रृंखला 16 फरवरी, 2025 तक प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे देशभर के 21 स्टेशनों से एक साथ प्रसारित की जाएगी, जो देश के लगभग सभी हिस्सों को कवर करेगी।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव अरुणेश चावला, प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी, आकाशवाणी के महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़, संयुक्त सचिव संस्कृति सुश्री अमिता प्रसाद सरभाई और दूरदर्शन की महानिदेशक सुश्री कंचन प्रसाद द्वारा सुबह 10:30 बजे विद्या की देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करने के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ।आकाशवाणी की महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने अपने स्वागत भाषण में, इस वर्ष वसंत पंचमी के अवसर के खगोलीय महत्व पर प्रकाश डाला, जो वसंत ऋतु के आगमन के साथ सरस्वती और लक्ष्मी के दुर्लभ संगम का प्रतीक है। उन्होंने ‘हर कंठ में भारत’ की अवधारणा और प्रसारण कार्यक्रम के बारे में चर्चा की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग आधारित प्रयास फलदायी साबित होगा।
‘हर कंठ में भारत’ श्रृंखला का डिजिटल रूप से अरुणेश चावला और गौरव द्विवेदी ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच संयुक्त तौर पर उद्घाटन किया। अपने विशेष उद्घाटन भाषण में, प्रसार भारती के सीईओ ने दशकों से पूरे देश में आकाशवाणी की शानदार, ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशावादी दृष्टिकोण को अभिव्यक्ति देते हुए कहा कि इस तरह की रचनात्मक साझेदारी नए रास्ते खोलने में मदद कर सकती है।
एआई के युग में कला के प्रदर्शन
अपने मुख्य भाषण में, संस्कृति मंत्रालय के सचिव ने इस सहयोग के पीछे की दृष्टि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में चर्चा की और वर्तमान एआई युग में प्रदर्शन कला के विभिन्न स्वरूपों को सुरक्षित और संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, इस तरह की परियोजनाओं के साथ अगली पीढ़ी को शामिल करना उस लक्ष्य की ओर एक समाधान था। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृति मंत्रालय इस संयुक्त प्रस्तुति को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है। बीच-बीच में मंच पर लाइव संगीत प्रदर्शन भी हुए। जहां सरस्वती वंदना और राग बसंत में गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सरोद पर राग देस ने स्टूडियो में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस सप्ताह के फिट इंडिया ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का थीम है ‘मोटापा मुक्त भारत’
नई दिल्ली। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार को साइकिल सवारों के विविध समूह का नेतृत्व किया, जो देश में मोटापे से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को आगे बढ़ा रहा है। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में इस सप्ताह के फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम में डॉक्टरों और न्यूट्रिशनिस्ट के समूहों ने भाग लेकर इस संदेश को आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर पेरिस पैराओलंपिक पदक विजेता रुबीना फ्रांसिस के साथ-साथ भारती कॉलेज, दिल्ली और सोनिया विहार वाटर स्पोर्ट्स क्लब के कई युवा भी उपस्थित थे।डॉ. मांडविया ने कहा, ‘‘मोटापा युवाओं के लिए एक बड़ी समस्या और चुनौती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है। इसलिए, इन दिनों व्यायाम और खेल बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों में इसका जिक्र किया था। हमें अपने खान-पान में तेल की खपत कम करनी होगी और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। मोटापे के खिलाफ इस लड़ाई में लगातार साइकिल चलाना फायदेमंद है। फिट इंडिया के जरिए हम इस लड़ाई को जीत सकते हैं।’’रुबीना फ्रांसिस, जिन्होंने पेरिस वर्ष 2024 में पी2 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 इवेंट में कांस्य पदक प्राप्त किया था, ने बताया कि कैसे फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल इवेंट मोटापे के खिलाफ इस लड़ाई की दिशा में एक बेहतरीन कदम है। ‘‘इस तरह की पहल देश को अच्छे स्वास्थ्य की ओर ले जाती है और मोटापे के खिलाफ लड़ाई लड़ती है। सुबह-सुबह साइकिल चलाने या योग करने से न केवल जीवन में बहुत सारी सकारात्मकता आती है बल्कि मोटापा मुक्त भारत के मिशन में भी मदद मिलती है। एक एथलीट के तौर पर, सुबह की दिनचर्या ने मेरी बहुत मदद की है और मुझे लगता है कि इसे अपनाने से आम लोगों को भी मदद मिलेगी।’मधुमेह और मोटापा विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन गुलाटी, जो राइडर्स के समूह का हिस्सा थे, ने मोटापे से होने वाले कई स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डाला, ‘‘मोटापा अपने साथ 130 अलग-अलग बीमारियां लेकर आता है जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस, किडनी रोग, लिवर रोग, फैटी लिवर, प्री-डायबिटीज, डायबिटीज, महिलाओं में पीसीओडी, पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन रोग, इत्यादि। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2016 में मोटापे को एक बीमारी के रूप में बताया है। यह एक सौंदर्य या कॉस्मेटिक समस्या नहीं है। भारत ने वर्ष 2018 में मोटापे को एक बीमारी माना है जिसका इलाज किया जाना चाहिए। यह एक बड़ा स्वास्थ्य मुद्दा है।’’
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्य डॉ. पीयूष जैन ने बताया कि मोटापे से निपटने में साइकिल चलाना एक सकारात्मक कदम है। डॉ. जैन ने कहा, ‘‘आजकल मोबाइल फोन और आउटडोर गेम्स न होने की वजह से बच्चों में बहुत अधिक निष्क्रियता देखी गई है। साइकिलिंग अभियान के जरिए लोगों को इस बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है। अभी भारत में 20 प्रतिशत लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और वर्ष 2030 तक यह संख्या 35 प्रतिशत हो जाएगी। हम स्वस्थ भोजन और व्यायाम से दूर होते जा रहे हैं। साइकिल चलाना या कोई और व्यायाम शुरू करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। ऊर्जा की खपत होती है और जिस क्षण से हम अपना वजन कम करना शुरू करते हैं, व्यक्ति अधिक प्रेरित भी होता है।’’
एसएआई नेशनल सेंटर फॉर स्पोर्ट्स साइंस एंड रिसर्च (एनसीएसएसआर) के स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट भी राइडर्स के समूह का हिस्सा थे। एसएआई एनसीएसएसआर की स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट अंशु मलिक ने कहा, ‘‘जब हम नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं, तो हमारी हृदय गति बढ़ जाती है। ऐसा होने पर, पूरे शरीर की टोनिंग होती है और समग्र बीएमआर भी बढ़ता है। जब बीएमआर बढ़ता है, तो वजन अपने आप सामान्य हो जाता है। इसलिए, वजन प्रबंधन का भी ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा, एक न्यूट्रिशनिस्ट के तौर पर मैं कह सकता हूं कि साइकिल चलाने से आप हमेशा जवान दिखेंगे।’’डॉ. मांडविया ने पिछले साल 17 दिसंबर को इसी स्थान पर इस अनूठी साइकिलिंग ड्राइव की शुरुआत की थी और उसके बाद से हर हफ्ते पूरे भारत में कई साइकिलिंग ड्राइव आयोजित की गई हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन देश भर में 3500 से अधिक स्थानों पर किया गया है, जिसमें 3 लाख से अधिक राइडर्स ने हिस्सा लिया है। कार्यक्रम देश भर में एसएआई क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (एनसीओई) और खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) में एक साथ आयोजित किए जाते हैं।
युवा मामले और खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) और माई भारत के सहयोग से आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल, साइकिलिंग को परिवहन के सतत, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल साधन के रूप में बढ़ावा देता है।
महाकुम्भनगर। { मनोज पांडेय } भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने त्रिवेणी संगम में परिवार के साथ आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने इस घटना को जीवन धन्य करने वाला अवसर बताया। उपराष्ट्रपति धनखड़ तीर्थराज प्रयागराज पत्नी व परिवार समेत हेलिकॉप्टर से पहुंचे जहां हेलिपैड पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। यहां से वह अरैल संगम घाट की ओर बढ़े जहां क्रूज पर सवार होकर उन्होंने नौकायन का आनंद लिया और त्रिवेणी संगम में चिह्नित स्थान पर स्नान किया। इस दौरान स्वस्ति वाचन की गूंज के मध्य धनखड़ ने सिर पर शिवलिंग रखकर आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। इस दौरान वृंदावन के मुख्य पुजारी पुंडरीक गोस्वामी ने पूजन-अर्चन किया।
इससे पूर्व नौकायन के दौरान साइबेरियन पक्षियों को देखकर वह उत्साहित हो उठे। उन्होंने कलरव करते पक्षियों को अपने हाथ से दाना डाला और परिजनों समेत इस आनंदित करने वाले क्षण का आनंद लिया। नौकायन के दौरान उन्होंने त्रिवेणी संगम के महात्म के बारे में मुख्य मंत्री योगी से जाना। धवल वर्णा गंगा और श्यामल वर्णा यमुना समेत अदृश्य सरस्वति के महाप्रयाग को महाकुम्भ की पुण्य वेला में दर्शन करके, उसमें स्नान कर जनकल्याण का संकल्प लेकर उपराष्ट्रपति प्रफुल्लित दिखे। उन्होंने इस अवसर को जीवन धन्य करने वाला क्षण बताया। त्रिवेणी संगम में स्नान के पूर्व संगम नोज व आस-पास के घाटों पर स्नान कर रहे स्नानार्थियों का अभिवादन किया। स्नान के बाद उन्होंने तीर्थराज प्रयाग की जय और नमः पार्वति पतये हर-हर महादेव का जयकारा उद्घोषित किया।
त्रिवेणी संगम पर स्नान के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पत्नी व परिवार समेत सरस्वती कूप, अक्षय वट व बड़े हनुमान मंदिर में बाकायदा विधिवत पूजन-अर्चन किया। यहां उन्होंने महाबली हनुमान को रोली, वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, लाल चंदन, माला, धूप-दीप, नैवेद्य अर्पित किया और परिक्रमा भी की। धनखड़ ने इन सभी स्थानों पर पूजन-अर्चन के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने इन स्थानों का महात्म भी जाना। इस दौरान महाकुम्भ में योगी सरकार की तैयारियों को धनखड़ ने सुखद अनुभव करार दिया। उन्होंने कहा कि मैने अपने जीवन में इतना भव्य-दिव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित हो रहा महासमागम नहीं देखा है, यहां आकर जीवन धन्य हो गया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी समेत उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्री व शासन के आला पदाधिकारी मौजूद रहे।
बजट में भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के लिए कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रामिण विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामक में परिवर्तनकारी सुधारों का लक्ष्य रखा गया है।
नई दिल्ली। केन्द्रीय बजट 2025-26 में विकास को बढ़ावा के लिए सरकारी प्रयासों को जारी रखने, समग्र विकास को सुनिश्चित करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, परिवारिक भावनाओं को बढ़ाने और उभरते मध्यम वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाने का वादा किया गया। इस बजट में प्रस्तावित विकास, उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है।
केन्द्रीय बजट में रेखांकित किया गया है कि कृषि, एसएसएमई, निवेश और निर्यात विकसित भारत की यात्रा के ईंजन हैं। इसमें सुधार को ईंधन के रूप में और समावेशिता की भावना को पथप्रर्दशक के रूप में रखा गया है।
पहला ईंजनः कृषि
बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है। इसके अंतर्गत 100 जिलों को शामिल किया गया है जहां उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधता अपनाने, फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाने, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करने, दीर्घ-अवधि और लघु-अवधि, ऋण की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया।
राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय ‘ग्रामीण सम्पन्नता और अनुकूलन निर्माण’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक अवसरों का सृजन करते हुए जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर ध्यान देना है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए एक छह वर्षीय अभियान का शुभारंभ करेगी। केन्द्रीय एजेंसियां (नेफेड और एनसीसीएफ) अगले चार वर्षों के दौरान किसानों से मिलने वाली इन तीन दालों को अधिकतम स्तर पर खरीदने के लिए तैयार रहेंगे।
बजट में सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम हेतु उपायों की भी अवधारणा तैयार की गई है। कृषि और इससे सम्बद्ध गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अन्य उपायों के साथ कपास उत्पादकता के लिए एक पांच वर्षीय अभियान और उच्च पैदावार करने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं।
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संशोधित ब्याज योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिटों के माध्यम से मिलने वाले ऋण की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की।
दूसरा इंजनः एमएसएमई
वित्त मंत्री ने विकास के लिए एमएसएमई को दूसरा शक्तिशाली इंजन बताया, क्योंकि यह क्षेत्र हमारे निर्यात का 45 फीसदी है। एमएसएमई को व्यापक स्तर पर उच्चतर कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त करने में सहायता देने के लिए सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को क्रमशः 2.5 और दोगुना बढ़ाया गया है। इसके अलावा गारंटी कवर के साथ ऋण उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी उपायों की घोषणा की गई है।
वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहली बार की उद्यमी पांच लाख महिलाओं के लिए एक नई योजना का शुभारंभ किया। यह अगले 5 वर्षों के दौरान करोड़ रुपए तक के ऋण प्रदान करेगी।
तीसरा इंजनः निवेश
निवेश को वृद्धि का तीसरा इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने लोगों, अर्थव्यवस्था और अभिनव में निवेश को प्राथमिकता दी।
लोगों में निवेश के अंतर्गत, उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में सरकारी विद्यालयों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ब्रॉडबेंड कनेक्टविटी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा पुस्तक योजना को विद्यालयों और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं के डिजिटल स्वरूप को प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर दी वर्ड’ विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल से हमारे युवाओं को युक्त करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जाएंगी।
500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ शिक्षा के लिए आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस में एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जाएगी।
बजट में घोषणा की गई कि सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल, गिग श्रमिकों के पहचान पत्र बनाने के साथ-साथ ई-श्रम पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगी।
अर्थव्यवस्था में निवेश के अंतर्गत श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बुनियादी ढांचा-संबंधित मंत्रालय सार्वजनिक-निजी साझेदारी मोड में परियोजनाएं के तीन वर्ष की अवधि के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए पूंजीव्यय और सुधारों के लिए प्रोत्साहन देने के लिए 50 वर्ष तक के ब्याज मुक्त ऋणों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।
उन्होंने नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का लाभ लेने के लिए दूसरी परिसम्पत्ती मौद्रिकरण योजना 2025-30 की भी घोषणा की।
‘जनभागीदारी’ के माध्यम से ग्रामीण पाइप के माध्यम से जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, संचालन और मरम्मत पर ध्यान देने के साथ वर्ष 2028 तक जल जीवन मिशन का विस्तार किया गया है।
सरकार ‘विकास केन्द्रों के तौर पर शहरों, के रचनात्मक पुर्नविकास और जल एवं स्वच्छता’ के लिए प्रस्तावों को कार्यान्वित करने हेतु एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष का गठन करेंगी।
अभिनव में निवेश के अंतर्गत निजी क्षेत्र परख अनुसंधान, विकास और अभिनव पहल को कार्यान्वित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने शहरी योजना को लाभ देने हेतु बुनियादी भू-स्थैतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राष्ट्रीय भू-स्थैतिक अभियान का प्रस्ताव दिया।
बजट में शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, प्रयोगशालाओं और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम् अभियान का प्रस्ताव दिया गया। ज्ञान साझेदारी के लिए भारतीय ज्ञान व्यवस्था के एक राष्ट्रीय डिजिटल कोष का भी प्रस्ताव दिया गया।
चौथा इंजनः निर्यात
श्रीमती सीतारमण ने निर्यात को विकास का चौथा इंजन बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय और मंत्रालयी लक्ष्यों के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, ‘भारत ट्रेडनेट (बीटीएन)’ का व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण समाधानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया गया है।
वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को जोड़े रखने के लिए घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के विकास के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार उद्योग 4.0 से संबंधित अवसरों का लाभ उठाने के लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग को सहायता प्रदान करेगी। उभरते हुए दूसरी श्रेणी के शहरों में वैश्विक क्षमता केन्द्रों को प्रोत्साहन देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रारूप का भी प्रस्ताव दिया गया है।
सरकार जल्द खराब होने वाले बागवानी उत्पाद सहित एयरकार्गों के लिए बुनियादी ढांचे और वेयरहाउसिंग के उन्नयन हेतु सुविधा प्रदान करेगी।
ईंधन के रूप में सुधार
इंजन के लिए ईंधन के तौर पर सुधारों को स्पष्ट करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ज्यादा समय में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए फेसलैस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, त्वरित रिटर्न, लगभग 99 फीसदी रिटर्न स्वयं मूल्यांकन के आधार पर और विवाद से विश्वास योजना जैसे कई सुधारों को कार्यान्वित किया गया है। इन प्रयासों को जारी रखते हुए उन्होंने कर विभाग की ‘विश्वास प्रथम जांच बाद में’ वचनबद्धता को दोहराया।
वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास
‘कारोबार में आसानी’ की दिशा में सरकार की त्वरित वचनबद्धता की पुष्टि करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने अनुपालन में आसानी, सेवाओं के विस्तार, मजबूत नियामक परिवेश को बनाने, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू निवेश को प्रोत्साहन देने और पुराने कानूनी प्रावधानों के गैर-अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हुए भारत में सम्पूर्ण वित्तीय क्षेत्र की व्यापकता में संरचनात्मक बदलाव का प्रस्ताव दिया।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने समूचे भारत में प्रीमियम निवेश करने वाली कम्पनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 74 फीसदी से 100 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
श्रीमती सीतारमण ने सिद्धांतों पर आधारित सरल नियामक प्रारूप और उत्पादकता एवं रोजगार को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव दिया, उन्होंने 21वीं सदी के लिए आधुनिक, लचीले, लोगों के अनुकूल और विश्वास आधारित नियामक प्रारूप को विकसित करने के लिए निम्नलिखित चार विशेष उपायों का प्रस्ताव दियाः
विनियामक सुधार हेतु उच्चस्तरीय समिति
· सभी गैर-वित्तीय क्षेत्र संबंधी विनियमों, प्रमाणन, लाइसेंसऔर अनुमतियों की समीक्षा करने के लिए विनियामक सुधार हेतु उच्चस्तरीय समिति
· खासतौर पर निरीक्षणों और अनुपालनों के मामलों में कारोबार में आसानी को बढ़ावा देने के लिए विश्वास आधारित आर्थिक शासन को मजबूत बनाना और परिवर्तनकारी उपायों को अपनाना· एक वर्ष के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करना · राज्यों को भी इस प्रयास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना
· प्रतिस्पर्धात्मक सहकारी संघवाद की भावना की बढ़ावा देने के लिए राज्यों के लिए एक निवेश अनुकूल सूचकांक का शुभारंभ 2025 में किया जाएगा, त्तीय स्थिरता और विकास परिषद के अंतर्गत, वर्तमान वित्तीय विनियमों और सहायक अनुदेशों के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा।
राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को प्रत्येक वर्ष इस प्रकार से रखने का प्रयास किया जाएगा कि केन्द्रीय सरकार का ऋण, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गिरते क्रम में बना रहे। इसके साथ ही अगले 6 वर्षों के लिए रोडमैप का विस्तृत ब्यौरा एफआरबीएम विवरण में दिया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 4.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने बताया कि उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से निवल कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि कुल व्यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये है।
नई दिल्ली। 9वें एसीटीसीएम बार्ज, एलएसएएम 23 (यार्ड 133) का जलावतरण समारोह 31 जनवरी 25 को मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे में आयोजित किया गया। कमोडोर आर आनंद, एजीएम (सीओएम)/एनडी (एमबीआई) शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि थे।
एमएसएमई शिपयार्ड, मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के साथ ग्यारह गोला बारूद की सुविधायुक्त टारपीडो सह मिसाइल बार्ज नौका (एसीटीसीएम) के निर्माण का अनुबंध 05 मार्च 21 को हुआ था। इन नौकाओं को भारतीय जहाज डिजाइनिंग फर्म और भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) के सहयोग से शिपयार्ड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। समुद्री योग्यता सुनिश्चित करने के लिए नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम में मॉडल परीक्षण किया गया था। शिपयार्ड ने आज तक इनमें से आठ नौकाओं को सफलतापूर्वक वितरित किया है और इनका उपयोग भारतीय नौसेना द्वारा अपने संचालन विकास के लिए किया जा रहा है, जिसमें जेटी और बाहरी बंदरगाहों के साथ-साथ भारतीय नौसेना के प्लेटफार्मों पर वस्तुओं/गोला-बारूद के परिवहन, चढ़ने और उतरने की सुविधा प्रदान की जाती है। ये नौकाएं भारत सरकार की “ मेक इन इंडिया ” और “ आत्मनिर्भर भारत ” पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं ।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 की सराहना करते हुए फियो के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने कहा कि बजट ने भारत के विदेशी व्यापार क्षेत्र, खासकर निर्यात को बढ़ावा देने, विनिर्माण विकास में तेजी लाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से कई रणनीतिक पहलों की शुरुआत की है। इन प्रमुख क्षेत्रों पर बजट के फोकस से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फियो प्रमुख ने कहा कि निर्यात प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, निर्यातकों के लिए ऋण तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने और विदेशी बाजारों में गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए एक समर्पित निर्यात संवर्धन मिशन की स्थापना की जाएगी। इस पहल से विशेष रूप से एमएसएमई को लाभ होगा, जो भारत के निर्यात परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बंदरगाह आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल व्यापार प्लेटफार्मों में निवेश से लेन-देन की लागत कम होगी और सीमा पार व्यापार की दक्षता में सुधार होगा। श्री अश्विनी कुमार ने कहा कि बजट में घोषित सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के और सरलीकरण से सीमा शुल्क निकासी प्रक्रिया सरल होगी और अनुपालन बोझ कम होगा तथा निर्यातकों और आयातकों के लिए व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी।
फियो अध्यक्ष ने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में पीएलआई योजनाओं के लिए निरंतर समर्थन के माध्यम से विनिर्माण और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से निवेश आकर्षित होगा, घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ेगी और भारतीय उद्योगों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत किया जाएगा। रेलवे, सड़क और नवीकरणीय ऊर्जा सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवंटन में वृद्धि से औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा और व्यापार के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ाने की पहल से कार्यबल को उद्योग-संबंधित कौशल से लैस किया जाएगा, जिससे रोजगार में सुधार होगा और निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों के विकास को समर्थन मिलेगा। श्री कुमार ने यह भी कहा कि वित्त और प्रौद्योगिकी उन्नयन तक पहुंच सहित एमएसएमई को बढ़ावा देने के उपाय उद्यमशीलता को बढ़ावा देंगे और विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
भारत के फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए फोकस उत्पाद योजना की घोषणा से चमड़े के फुटवियर और उत्पादों के अलावा गैर-चमड़े की गुणवत्ता वाले फुटवियर के उत्पादन के लिए आवश्यक डिजाइन क्षमता, घटक विनिर्माण और मशीनरी को सहायता मिलेगी। इसके अलावा, भारत को खिलौनों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए, क्लस्टर, कौशल और विनिर्माण इकोसिस्टम के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक योजना की भी घोषणा की गई है जो उच्च गुणवत्ता वाले, अद्वितीय, अभिनव और टिकाऊ खिलौने बनाएगी जो ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
भारत ट्रेड नेट की शुरुआत की एक और महत्वपूर्ण पहल: एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जिसे विकसित किया जाएगा, निर्यात दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा। इस प्लेटफ़ॉर्म से प्रशासनिक बोझ कम होने, दक्षता में वृद्धि और व्यापार संचालन में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढाँचा सुविधाओं, कौशल और प्रौद्योगिकी के साथ जहाजों की सीमा, श्रेणियों और क्षमता को बढ़ाने के लिए शिपबिल्डिंग क्लस्टर की सुविधा से न केवल निर्यात क्षेत्र के लिए समग्र बुनियादी ढाँचे और लॉजिस्टिक्स सहायता में सुधार होगा, बल्कि देश को विदेशी शिपिंग लाइनों को अमेरिकी डॉलर में भेजी जाने वाली बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बचाने में भी मदद मिलेगी।
फियो अध्यक्ष ने यह भी दोहराया कि केंद्रीय बजट 2025-26 ने विदेशी व्यापार, विनिर्माण, बुनियादी ढाँचे और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख संचालकों पर ध्यान केंद्रित करके भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए एक मजबूत नींव रखी है। घोषित पहलों से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है, जो वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के देश के विजन में योगदान देगा।
फियो अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि चूंकि वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यात संवर्धन योजनाओं के तहत ब्याज समतुल्यीकरण और एमएआई आदि को कवर करते हुए 2250 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है, इसलिए आईइएस को 1.1.2025 से तत्काल प्रभाव से 10 करोड़ रुपये की सीमा के साथ बढ़ाया जा सकता है और 2025-26 के लिए अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को तत्काल मंजूरी दी जा सकती है।
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का स्वागत किया, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के बाह्य क्षेत्र के लचीलेपन को रेखांकित करता है। फियो के अध्यक्ष ने चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिदृश्य से निपटने में सरकार के प्रयासों की सराहना की और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता तथा सतत विकास पर निरंतर नीतिगत फोकस की आवश्यकता पर बल दिया।
फियो की कुछ प्रमुख सिफ़ारिशों में शामिल हैं: निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना: प्रक्रियाओं का सरलीकरण, लेनदेन लागत में कमी और नवाचार तथा प्रौद्योगिकी को अपनाना। बाज़ार विविधीकरण: जोखिमों को कम करने के लिए पारंपरिक गंतव्यों से परे विस्तार करना। मूल्यवर्धित निर्यात: लाभप्रदता बढ़ाने के लिए मूल्य श्रृंखला में ऊपर जाना। व्यापार अवसंरचना विकास: दक्षता में सुधार के लिए बंदरगाहों, हवाई अड्डों और लॉजिस्ट्क्सि में निवेश बढ़ाया जाना। एमएसएमई सहायता: ब्रांड इंडिया के लिए ऋण, प्रौद्योगिकी उन्नयन और विपणन सहायता तक अधिक पहुंच। डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी अपनाना: दक्षता तथा वैश्विक बाजार पहुंच में सुधार के लिए आवश्यक।
वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी 6.3 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत के बीच बढ़ने का अनुमान है और वैश्विक प्रतिकूलताओं और बढ़ते संरक्षणवाद पर काबू पाने के लिए निर्यात में 6 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, श्री कुमार इसे निर्यात क्षेत्र के लिए एक उत्साहजनक संकेत के रूप में देखते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक स्थिर और बढ़ती अर्थव्यवस्था निर्यात-उन्मुख उद्योगों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है, और भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति और वैश्विक मंदी जैसी चुनौतियों पर सर्वेक्षण की अंतर्दृष्टि को स्वीकार करती है। भारतीय निर्यातकों को उभरते वैश्विक मांग पैटर्न के प्रति चुस्त और अनुकूल रहना चाहिए।
*महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर निकली थी यूपी की झांकी*
*केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रदान की ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र*
*नई दिल्ली, गणतंत्र दिवस पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पहला स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय रंगशाला नई दिल्ली में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
*महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर थी यूपी की झांकी*
गणतंत्र दिवस परेड पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली यूपी की झांकी इस बार ‘महाकुम्भ’ पर थी। उत्तर प्रदेश की झांकी भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रतिष्ठित “महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास को प्रदर्शित कर रही थी। यह झांकी प्रयागराज में पवित्र गंगा, अविरल यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर हो रहे महाकुम्भ के दिव्य स्वरूप को दर्शा रही थी, जो पृथ्वी पर मानवता का सबसे बड़ा समागम है।
*अध्यात्म, धरोहर, विकास व डिजिटल क्रांति का संगम*
2025 का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन महाकुम्भ अध्यात्म, धरोहर, विकास और डिजिटल प्रगति का संगम है। इस झांकी के केंद्र में भी यही रहा। ट्रैक्टर के आगे ‘अमृत कलश’ की आगे झुकी हुई भव्य प्रतिकृति दर्शाई गई, जिससे अमृतधारा प्रवाहित हो रही थी। साथ ही शंखनाद, आचमन और साधना करते साधु-संत और संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालुओं ने महाकुम्भ की आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत किया। योगी सरकार के नेतृत्व में हो रहे अभूतपूर्व आयोजन का दीदार देश-विदेश से आए आगंतुकों ने भी किया।
*समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से भी हुए अवगत*
ट्रेलर के पैनल पर अमृत (शाही) स्नान के लिए जाते अखाड़ों-श्रद्धालुओं को म्यूरल एवं एलईडी स्क्रीन के द्वारा दर्शाया गया। ट्रेलर के प्लेटफार्म पर समुद्र मंथन की पौराणिक कथा को चित्रित किया गया, जिसने महाकुम्भ के महत्व और इसकी ऐतिहासिकता को रेखांकित किया। इसके पिछले हिस्से में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को दर्शाया गया था।
झांकी के माध्यम से ‘महाकुम्भ 2025’ के आयोजन में अपनाई जा रही टेक्नोलॉजी, प्रबंधन और डिजिटलीकरण को भी दर्शाया गया। इसके लिए हाईटेक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को प्रमुखता से दिखाया गया, जो सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही एलईडी के माध्यम से महाकुम्भ पर्व स्नान को जाते अखाड़ों के जुलूस को प्रसारित किया गया।
मेला स्पेशल ट्रेनों सहित प्रयागराज रेलवे मंडल द्वारा 360 से अधिक ट्रेनों का संचालन प्रयागराज के सभी नौ रेलवे स्टेशनों से दिशा-विशेष मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं एनसीआर के महाप्रबंधक व मंडल रेल प्रबंधक ने कंट्रोल रूम से की निगरानी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समय से पहले खोला गया खुसरो बाग होल्डिंग एरिया
प्रयागराज। महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान किया। पर्व से पहले ही लाखों श्रद्धालुओं का प्रयागराज आगमन जारी था, जिसके मद्देनजर प्रयागराज रेलवे मंडल द्वारा उनकी सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए व्यापक प्रबंध किए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने बुधवार को रिकॉर्ड 222 मेला स्पेशल ट्रेनों सहित 360 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया। ये विशेष ट्रेनें पूरे दिन प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों से चलाई गईं।
प्रयागराज रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए, जिनमें सुव्यवस्थित टिकट वितरण, निर्धारित शरण स्थल एवं होल्डिंग क्षेत्र, तथा जीआरपी एवं सिविल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश और निकास की व्यवस्था शामिल रही।
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज रेलवे प्रशासन ने सफलतापूर्वक संचालित कीं :
104 मेला स्पेशल ट्रेनें – प्रयागराज जंक्शन (एनसीआर) से 23 ट्रेनें – छिवकी से, 17 ट्रेनें – नैनी से, 13 ट्रेनें – सुबेदारगंज से 23 स्पेशल ट्रेनें – एनआर के प्रयाग स्टेशन से, 5 ट्रेनें – फाफामऊ से, 9 ट्रेनें – रामबाग (एनईआर) से, 28 ट्रेनें – झूंसी से अतिरिक्त रूप से – 5 विस्तारित ट्रेनें, 5 रिंग रेल, 3 लंबी दूरी की ट्रेनें और 69 गैर-समयबद्ध ट्रेनें एनसीआर स्टेशनों से संचालित की गईं।
सुबह 8 बजे के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खुसरो बाग होल्डिंग एरिया को समय से पहले सक्रिय कर दिया गया। सिविल पुलिस की सहायता से वहां से श्रद्धालुओं को नियंत्रित रूप से प्रयागराज स्टेशन तक पहुंचाया गया, जिससे ट्रेन में चढ़ने की प्रक्रिया सुचारू बनी रही।
रेलवे परिचालन की निगरानी के लिए एनसीआर के महाप्रबंधक उपेंद्र जोशी ने वार रूम से स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी, वहीं मंडल रेल प्रबंधक हिमांशु बडोनी ने कंट्रोल रूम से समन्वय सुनिश्चित किया। प्रयागराज रेलवे प्रशासन की इन रणनीतिक तैयारियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज बनाया गया, जिससे अमृत स्नान पर्व में आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
फरीदाबाद। एनटीपीसी फरीदाबाद में 76वें गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह आयोजित हुआ, जहां परियोजना प्रमुख श्री अतुल कमलाकर देसाई ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस कार्यक्रम में सभी विभागाध्यक्ष, सहभागी मंचों के पदाधिकारी और सदस्य, सुकृति महिला संघ और अंकुरम बाल भवन के सदस्य, कर्मचारी, टाउनशिप निवासी, और एसोसिएट्स ने भाग लिया, जिससे एकता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता झलकी।
श्री देसाई ने कर्मचारियों, उनके परिवारों, एसोसिएट्स और हितधारकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर एनटीपीसी और फरीदाबाद पावर स्टेशन की उपलब्धियों को भी उजागर किया गया। उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को देसाई ने जीएम मेरिटोरियस अवार्ड्स से सम्मानित किया।
सभी कर्मचारियों, एसोसिएट्स और हितधारकों के साथ सहयोगात्मक भावना पर जोर दिया गया, जिससे औद्योगिक सद्भावना मजबूत हो और एनटीपीसी के समग्र विकास के सपने को पूरा किया जा सके। सुकृति महिला संघ, बाल भवन, आरसी क्लब, और ईसी क्लब के रचनात्मक विकास और मनोरंजन में दिए गए योगदान की विशेष रूप से सराहना की गई। एनटीपीसी फरीदाबाद में 76वें गणतंत्र दिवस का यह समारोह उत्कृष्टता, सामुदायिक कल्याण और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।