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  • प्रधानमंत्री 24 अप्रैल को बिहार का दौरा करेंगे

    प्रधानमंत्री 24 अप्रैल को बिहार का दौरा करेंगे

    प्रधानमंत्री बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगे
    प्रधानमंत्री बिहार में 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे
    प्रधानमंत्री बिहार में अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल को बिहार का दौरा करेंगे। वे मधुबनी जाएंगे और सुबह करीब 11:45 बजे राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे और इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।

    प्रधानमंत्री बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मान्यता देने और प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान करेंगे।

    प्रधानमंत्री बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ में लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र और रेल अनलोडिंग सुविधा की आधारशिला रखेंगे। इससे आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने और थोक एलपीजी परिवहन की दक्षता में सुधार करने में मदद मिलेगी।

    क्षेत्र में बिजली के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री बिहार में 1,170 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत 5,030 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

    देश भर में रेल संपर्क को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री सहरसा और मुंबई के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस, जयनगर और पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल और पिपरा और सहरसा तथा सहरसा और समस्तीपुर के बीच ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वे सुपौल पिपरा रेल लाइन, हसनपुर बिथान रेल लाइन और छपरा और बगहा में दो 2-लेन रेल ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे। वे खगड़िया-अलौली रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।

    प्रधानमंत्री दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत बिहार के 2 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को लगभग 930 करोड़ रुपये के सामुदायिक निवेश कोष के लाभ वितरित करेंगे।

    प्रधानमंत्री पीएमएवाई-ग्रामीण के 15 लाख नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपेंगे और देश भर के 10 लाख पीएमएवाई-जी लाभार्थियों को किस्तें जारी करेंगे। वे बिहार में 1 लाख पीएमएवाई-जी और 54,000 पीएमएवाई-यू घरों के गृह प्रवेश को चिन्हित करते हुए कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।

  • बिहार के चुनावी क्षेत्र के पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रारंभ

    बिहार के चुनावी क्षेत्र के पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रारंभ

    राष्ट्रीय राजधानी में आईआईआईडीईएम  में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 229 बीएलओ, 12 ईआरओ और 2 डीईओ भाग ले रहे हैं

    बिहार के राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (एसपीएनओ) और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष एक-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रारंभ 

      नई दिल्ली । भारत निर्वाचन आयोग भारत अंतराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM), नई दिल्ली में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए एक 2-दिवसीय प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यह चुनाव होने वाले राज्य बिहार से प्रशिक्षित होने वाला बीएलओ का तीसरा बैच है। इस 2-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य से 229 बीएलओ, 12 ईआरओ और 2 डीईओ भाग ले रहे हैं। बिहार के राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (एसपीएनओ) और पुलिस अधिकारियों के लिए एक विशेष एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आज शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में किया जिसके उपरांत उन्होंने प्रतिभागियों के साथ बातचीत भी की। 

    इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बीएलओ को सांविधिक ढांचे के अनुसार उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से परिचित कराना और उन्हें त्रुटि-मुक्त निर्वाचक नामावली सुनिश्चित करने के लिए तैयार करना है। उन्हें उनकी जिम्मेदारियों में सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए आईटी अनुप्रयोगों में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। 

    आईआईआईडीईएम में चल रहे प्रत्यक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के पहले चरण में यह नवीनतम प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें चुनाव होने वाले राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के 555 बीएलओ और बिहार के 10 मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों के 279 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1) को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये सुप्रशिक्षित बीएलओ विधान सभा स्तर के मास्टर ट्रेनर्स (एएलएमटी) के एक ऐसे दल का निर्माण करेंगे, जिनसे देश भर में बीएलओ के पूरे नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

    बिहार के एसपीएनओ और पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण का उद्देश्य चुनाव अधिकारियों और पुलिस के बीच विशेषकर कानून और व्यवस्था, अतिसंवेदनशीलता आकलन (vulnerability assessment), अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती और आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू कराने के क्षेत्रों में समन्वय को बेहतर बनाना है, ताकि चुनाव प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके।

    अब तक ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, ब्राजील, मिस्र, फ्रांस, इंडोनेशिया, इजरायल, रूस और दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े लोकतंत्रिक देशों सहित 141 देशों के 3000 से अधिक प्रतिभागियों ने आईआईआईडीईएम  में भारत की विश्व स्तर पर मान्यताप्राप्त चुनावी प्रबंधन पद्धतियों वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाया है। 

  • मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात

    मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात

    खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण के प्रस्ताव पर केन्द्रीय मंत्री ने दी सहमति

    रामानुजगंज विघानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बनेंगे इंडोर स्टेडियम, क्रीडा परिसर, क्रिकेट स्टेडियम का भी होगा निर्माण
    रायपुर,/छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दिल्ली प्रवास के दौरान आज केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री नेताम और केन्द्रीय मंत्री डॉ. मांडविया के मध्य छत्तीसगढ़ के विकास हेतु योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री नेताम द्वारा इस दौरान रामानुजगंज-बलरामपुर जिले के विभिन्न स्थानों में खेलो इंडिया मद से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने सैंद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए जल्द स्वीकृति देने का आश्वासन दिया।
    मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बताया कि उनके इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिल जाने से छत्तीसगढ़ के दुरूस्थ जिले रामानुजगंज-बलरामपुर में भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के तर्ज पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी खेलो छत्तीसगढ़ के माध्यम से राज्य के युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने का काम कर रही है।

    मंत्री श्री नेताम ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया को विधानसभा क्षेत्र रामानुजगंज जिला बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गांजर में स्टेडियम निर्माण एवं समतलीकरण कार्य लागत 1 करोड़ 50 लाख रूपए के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसी प्रकार ग्राम त्रिशुली हल्दीमोड के पास क्रिकेट मैदान स्टेडियम निर्माण लागत 1 करोड़ 50 लाख रूपए डिण्डो में मिनी स्टेडियम निर्माण लागत 1 करोड़ रूपए, रामानुजगंज, बलरामपुर और रामचंद्रपुर में मल्टीपर्पस इंडोर स्टेडियम का निर्माण हेतु लागत राशि प्रति कार्य 15-15 करोड़ रूपए का प्रस्ताव दिया है। इसी तरह रामानुजगंज में बॉलीवाल तथा बैडमिंटन के लिए पक्के मैदान एवं सीटिंग बैच के निर्माण के लिए 5 करोड़ तथा रामानुजगंज में ही सर्वसुविधा युक्त क्रीडा परिसर का निर्माण जिसकी लागत 10 करोड़ रूपए अनुमानित है का प्रस्ताव केन्द्रीय खेल एवं युवा मंत्री डॉ. मंडाविया के समक्ष् रखा गया है। केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने इन प्रस्तावों पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए जल्द स्वीकृति का आश्वासन दिया है। इन कार्यों की स्वीकृति हो जाने पर रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र में भी खेल गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा।

  • फैटी लीवर को रोका जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है – जेपी नड्डा

    फैटी लीवर को रोका जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है – जेपी नड्डा

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की उपस्थिति में ‘लिवर स्वास्थ्य शपथ कार्यक्रम’ का नेतृत्व किया

    नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व लिवर दिवस 2025 के उपलक्ष्य में आज निर्माण भवन में मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में “लिवर स्वास्थ्य शपथ कार्यक्रम” का नेतृत्व किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) अतुल गोयल, लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) एसके सरीन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ जी. कमला वर्धन राव भी उपस्थित थे।

    इस वर्ष विश्व लिवर दिवस का विषय ‘भोजन ही औषधि है’ जो पोषण और लिवर स्वास्थ्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध पर जोर देता है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लीवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जो पाचन, डिटॉक्सिफिकेशन और ऊर्जा भंडारण जैसे आवश्यक कार्य करता है। अगर लीवर स्वस्थ नहीं है तो हमारा शरीर कई बीमारियों से प्रभावित होगा।

    लिवर के स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि फैटी लिवर न केवल लिवर के कार्य को प्रभावित करता है, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और यहां तक ​​कि कैंसर के जोखिम को भी काफी हद तक बढ़ाता है। उन्होंने यह भी कहा कि फैटी लिवर को रोका जा सकता है और स्वस्थ जीवनशैली और स्वस्थ खान-पान की आदतों को अपनाकर काफी हद तक इसे ठीक किया जा सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों से खाना पकाने में तेल के इस्तेमाल को कम से कम 10 प्रतिशत तक कम करने की अपील की थी। ​​यह छोटा लेकिन शक्तिशाली कदम बेहतर लीवर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और देश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। श्री नड्डा ने सभी से ‘लीवर के स्वास्थ्य का ख्याल रखने, नियमित रूप से इसकी जांच करवाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने’ का संकल्प लेने का आह्वान किया।

    शिविर में सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर सही भोजन विकल्प चुनने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खाद्य तेल का सेवन कम से कम 10 प्रतिशत कम करने तथा मोटापे से लड़ने के बारे में जागरूकता फैलाने की शपथ ली।

    मिलेट्स के पोषण मूल्य को दर्शाते हुए, स्टॉल में लीवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में उनके लाभों को प्रदर्शित किया गया। फाइबर समृद्ध आहार, एंटीऑक्सीडेंट और आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट्स पित्त स्राव को बढ़ावा देने, सूजन को कम करने, लिपिड प्रोफाइल और पाचन में सुधार करने में सहायता करता है। ये सभी कारक लीवर के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। दैनिक आहार में इनका समावेश लीवर विकारों को रोकने में मदद करता है जिसमें नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग भी शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शनी में क्रूसिफेरस सब्जियों (जैसे ब्रोकोली और फूलगोभी), पत्तेदार साग, तैलीय मछली (ओमेगा-3 से भरपूर), नट्स और बीज, खट्टे फल और स्वस्थ वसा (जैसे जैतून का तेल) को भी बढ़ावा दिया गया, जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने, विषहरण प्रक्रिया में मदद पहुंचाने और लीवर के समग्र कार्य-प्रणाली को बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं।

  • डॉ. मांगी लाल जाट ने सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप का कार्यभार संभाला

    डॉ. मांगी लाल जाट ने सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप का कार्यभार संभाला

    नई दिल्ली। भारत के कृषि अनुसंधान एवं नवाचार दृष्टिकोण को नई उंचाई तक ले जाने हेतु डॉ. मांगी लाल जाट, प्रतिष्ठित कृषि विज्ञानी, ने आज कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के महानिदेशक (डीजी) का पदभार ग्रहण किया है।

    संघ कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 17 अप्रैल को जारी अपनी अधिसूचना में डॉ. जाट को तीन साल की अवधि के लिए डेयर का सचिव एवं भाकृअनुप का महानिदेशक नियुक्त किया है। इससे पहले वे हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईएसएटी) में उप-महानिदेशक (अनुसंधान) तथा वैश्विक अनुसंधान कार्यक्रम के निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    350 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित प्रकाशनों के प्रभावशाली पोर्टफोलियो के साथ, डॉ. जाट ने आईसीआरआईएसएटी, अंतर्राष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केद्र (CIMMYT), अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) में प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में सेवा दिया है, इसके अलावा, भाकृअनुप में सिस्टम एग्रोनॉमिस्ट के रूप में 12 वर्षों तक कार्य किया है। उनके द्वारा जलवायु-स्मार्ट प्रौद्योगिकियों, पुनर्योजी कृषि पद्धतियों तथा कृषि में डिजिटल नवाचारों के समर्थन से महाद्वीपों में कृषि नीतियों एवं प्रथाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिला है।

    इस दोहरी नेतृत्व वाली भूमिका में कदम रखते हुए, डॉ. जाट जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण और खाद्य प्रणाली में परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भाकृअनुप के मार्गदर्शन हेतु अग्रसर हैं। उनका दृष्टिकोण सतत विकास, सटीक खेती एवं अपनी विशाल आबादी के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। डॉ. जाट की नियुक्ति को वैज्ञानिक समुदाय द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है, साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान में परिवर्तनकारी फेज की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भारतीय वायु सेना ने संयुक्त अरब अमीरात में बहुराष्ट्रीय अभ्यास डेजर्ट फ्लैग-10 में भाग लिया

    भारतीय वायु सेना ने संयुक्त अरब अमीरात में बहुराष्ट्रीय अभ्यास डेजर्ट फ्लैग-10 में भाग लिया

    नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी संयुक्त अरब अमीरात के अल धफरा एयर बेस पर पहुंची, जहां वह प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास, एक्सरसाइज डेजर्ट फ्लैग-10 में भाग लेगी। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के मिग-29 और जगुआर विमान भाग ले रहे हैं।

    अभ्यास डेजर्ट फ्लैग यूएई वायु सेना द्वारा आयोजित एक बहुराष्ट्रीय अभ्यास है जिसमें भारतीय वायु सेना के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, फ्रांस, जर्मनी, कतर सऊदी अरब, कोरिया गणराज्य, तुर्की, यूएई, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायु सेनाएं भाग ले रही हैं। यह अभ्यास 21 अप्रैल से 08 मई 2025 के बीच आयोजित किया जाना है।

    इस अभ्यास का उद्देश्य दुनिया की कुछ सबसे सक्षम वायु सेनाओं के साथ परिचालन ज्ञान और सर्वोत्तम प्रणालियों का आदान-प्रदान करते हुए जटिल और विविध लड़ाकू अभियानों को अंजाम देना है। इस तरह के अभ्यासों में भाग लेने से आपसी समझ और अंतर-संचालन क्षमता बढ़ती है और भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य सहयोग मजबूत होता है। भारतीय वायुसेना की भागीदारी इस क्षेत्र और उससे आगे के मित्र देशों के साथ रक्षा संबंधों और अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • कई मायनों में महत्वपूर्ण रही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ब्राज़ील यात्रा, 21 अप्रैल सुबह लौटेंगे भारत

    कई मायनों में महत्वपूर्ण रही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ब्राज़ील यात्रा, 21 अप्रैल सुबह लौटेंगे भारत

    15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के साथ-साथ भारत व ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक और नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

    नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ब्राज़ील यात्रा से 21 अप्रैल, सोमवार सुबह लौट रहे है। श्री सिंह की ब्राज़ील यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के साथ-साथ यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक और नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्राजील प्रवास के दौरान, केंद्रीय कृषि मंत्री का भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर रहा। वहीं, शिवराज सिंह चौहान की मंशा भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक का लाभ दिलाने के साथ उन्नत करने की है। श्री चौहान का कहना है कि विभिन्न देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने ब्राजील यात्रा के दौरान भी मुख्य रूप से भारत के छोटे किसानों की चिंता की। उनका कहना रहा कि जब तक छोटे किसानों को संरक्षित और सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक वैश्विक खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा। श्री चौहान ने कहा कि भारत समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ कृषि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत ने “वसुधैव कुटुंबकम्” के भाव के साथ सभी देशों के साथ विश्वास और सहयोग का संदेश दिया। उन्होंने कृषि तकनीक, नवाचार, क्षमता निर्माण और व्यापार सुलभता में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया, जिससे विभिन्न देशों के किसान और कृषि उद्यम लाभान्वित हो सकें। भारत ने ब्रिक्स मंच के माध्यम से कृषि तकनीक हस्तांतरण, अनुसंधान, फूड प्रोसेसिंग, और व्यापार में सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। श्री शिवराज सिंह चौहान का उद्बोधन भारत की ओर से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों के सशक्तिकरण, कृषि नवाचार व तकनीकी सहयोग और ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

    श्री चौहान की ब्राजील यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के लिए तकनीकी नवाचार, उत्पादन बढ़ोतरी और वैश्विक साझेदारी की दिशा में ठोस पहल है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। ब्रासीलिया में हुई 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत के साथ ही मेजबान ब्राजील तथा रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के कृषि मंत्री/वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य विषय “ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग, नवाचार और न्यायसंगत व्यापार के माध्यम से समावेशी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना” था।

    केंदीय कृषि मंत्री श्री चौहान की यह यात्रा 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के साथ-साथ भारत और ब्राजील के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देने वाली है। इससे दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा मिल सकेगा। उन्होंने ब्राजील के साथ जलवायु अनुकूल सोयाबीन किस्मों, यंत्रीकरण, प्रिसिजन फार्मिंग और सतत कृषि पद्धतियों पर ज्ञान साझाकरण की इच्छा जताई। उन्होंने ब्राजील के कृषि मॉडल, मैकेनाइजेशन, सिंचाई और रिसर्च से सीखने व भारतीय कृषि में लागू करने की इच्छा भी व्यक्त की ताकि अपने किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सकें।

    बैठकों में बायोफ्यूल, बायोएनर्जी, सप्लाई चेन एकीकरण और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई है जिससे भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक मिल सकेगी। दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी क्योंकि ब्राजील ने 50 वर्षों में कृषि निर्यात में जबरदस्त वृद्धि की है जो भारत के लिए भी प्रेरणादायक है।

    शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील के कृषि एवं पशुधन मंत्री कार्लोस हेनरिक बैकेटा फेवरो और कृषि विकास एवं पारिवारिक कृषि मंत्री लुईज पाउलो टेक्सेरा के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की। इन बैठकों में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई, वहीं उन्होंने साओ पाउलो में ब्राजील के कृषि व्यवसाय समुदाय के 27 सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान कृषि व्यापार, उत्पादन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ईंधन, तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन प्लांट, टमाटर के खेत और अन्य संस्थानों का दौरा कर मैकेनाइजेशन, सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से देखा। ब्राजील में लगभग 100% मैकेनाइजेशन है जिससे भारतीय कृषि को भी प्रेरणा मिल सकती है। अभी भारत सोया तेल का आयात करता है, लेकिन अब दोनों देश मिलकर सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग में निवेश, तकनीक और प्लांट लगाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ाने के लिए ब्राजील के साथ मिलकर काम करने की योजना है। साथ ही, मैकेनाइजेशन और बीज अनुसंधान में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जाएंगी।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतिदिन पौधरोपण का सिलसिला ब्राजील में भी जारी रहा। उन्होंने ब्रासीलिया स्थित भारतीय दूतावास में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को बढ़ावा मिला। ब्राजील के साओ पाउलो में वहां के भारतीय प्रवासियों से भी श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हमारी आजादी का अमृतकाल है। 2047 में हमें आजाद हुए 100 साल हो जाएंगे और तब संपूर्ण विकसित भारत बनाना ही हमारा लक्ष्य है।

    केंद्रीय मंत्री का कहना है “ब्राजील प्रवास के दौरान कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का अवसर मिला है। हम भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए इन तकनीकों का उपयोग करने की दिशा में कार्य करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत और ब्राजील के परस्पर सहयोग से हमारे किसान सशक्त होंगे और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।” यह यात्रा भारत-ब्राजील कृषि सहयोग, ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी और भारतीय कृषि में नवाचार व टिकाऊ विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • प्रधानमंत्री ने देशवासियों को ईस्टर पर्व के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    प्रधानमंत्री ने देशवासियों को ईस्टर पर्व के अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देशवासियों को ईस्टर पर्व पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा:

    “सभी को ईस्टर की हार्दिक शुभकामनाएं। यह ईस्टर इसलिए विशेष है, क्योंकि दुनिया भर में जुबली वर्ष को बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कामना है कि यह पवित्र अवसर प्रत्येक व्यक्ति में आशा, नवीनीकरण और करुणा की प्रेरणा दे। चारों ओर आनंद और सद्भाव हो।”

  • केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 20 से 30 अप्रैल 2025 तक अमेरिका और पेरू की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी

    केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 20 से 30 अप्रैल 2025 तक अमेरिका और पेरू की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी

    वित्त मंत्री कई देशों और संगठनों के साथ द्विपक्षीय बैठकों के अलावा जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठकों में भी भाग लेंगी

    नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 20 अप्रैल, 2025 से अमेरिका और पेरू की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगी। अमेरिका की यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री 20 से 25 अप्रैल, 2025 तक सैन फ्रांसिस्को और वाशिंगटन डीसी का दौरा करेंगी।20 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाली सैन फ्रांसिस्को की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री सैन फ्रांसिस्को के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टीट्यूशन में ‘विकसित भारत 2047 की नींव रखना’ विषय पर मुख्य भाषण देंगी, जिसके बाद एक फायरसाइड चैट सत्र होगा।

    श्रीमती सीतारमण सैन फ्रांसिस्को में स्थित शीर्ष सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) फर्मों के सीईओ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने के अलावा निवेशकों के साथ एक गोलमेज बैठक के दौरान प्रमुख फंड प्रबंधन फर्मों के शीर्ष सीईओ के साथ बातचीत भी करेंगी। श्रीमती सीतारमण सैन फ्रांसिस्को में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी और वहां बसे भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगी।

    22 से 25 अप्रैल 2025 तक वाशिंगटन डीसी, अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान, श्रीमती सीतारमण अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की स्प्रिंग मीटिंग, द्वितीय जी -20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) बैठकों, विकास समिति प्लेनरी, आईएमएफसी प्लेनरी और वैश्विक संप्रभु ऋण गोलमेज (जीएसडीआर) बैठक में भाग लेंगी।

    वाशिंगटन डीसी में स्प्रिंग मीटिंग्स के दौरान, श्रीमती सीतारमण अर्जेंटीना, बहरीन, जर्मनी, फ्रांस, लक्जमबर्ग, सऊदी अरब, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी; इसके अलावा वह वित्तीय सेवाओं के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त; एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अध्यक्ष; एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) के अध्यक्ष; वित्तीय स्वास्थ्य के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष अधिवक्ता (यूएनएसजीएसए); और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रथम उप प्रबंध निदेशक से भी मुलाकात करेंगी।

    26 से 30 अप्रैल 2025 तक पेरू की अपनी पहली यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और व्यापार जगत के नेताओं के एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी और दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों पर प्रकाश डालेगी।

    लीमा से अपनी यात्रा की शुरूआत करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण पेरू की राष्ट्रपति महामहिम सुश्री दीना बोलुआर्टे और पेरू के प्रधानमंत्री महामहिम गुस्तावो एड्रियनजेन से मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वह पेरू के वित्त एवं अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा और खान मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी करेंगी।

    पेरू की अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री भारत-पेरू व्यापार मंच की बैठक की अध्यक्षता करेंगी, जिसमें भारत और पेरू दोनों देशों के प्रमुख व्यापार प्रतिनिधि शामिल होंगे। श्रीमती सीतारमण पेरू में वर्तमान में काम कर रहे भारतीय निवेशकों और व्यवसायों के साथ-साथ पेरू का दौरा करने वाले भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ भी बातचीत करेंगी।

    महत्वपूर्ण खनिजों और बहुमूल्य धातुओं की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पेरू के महत्व को देखते हुए, इन बैठकों के दौरान खनन क्षेत्र में अधिक सहयोग के अवसरों का पता लगाने, विशेष रूप से भारत की संसाधन सुरक्षा को मजबूत करने और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मूल्य-श्रृंखला संबंधों को सुविधाजनक बनाने की भी संभावना है।

    केंद्रीय वित्त मंत्री लीमा में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी, जहां वह पेरू में रह रहे भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत करेंगी।

  • केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वेव्स 2025 से पहले समाचार मीडिया संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया

    केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वेव्स 2025 से पहले समाचार मीडिया संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया

    नई दिल्ली। रचनाकारों की दुनिया और उनकी अर्थव्यवस्था एक मौलिक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई में 1 से 4 मई तक होने वाले पहले विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन से पहले आज समाचार मीडिया से बातचीत करते हुए यह बात कही। इस दौरान राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार मीडिया के लगभग 20 मीडिया घरानों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री ने चुनौतियों के बारे में बात करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के आगमन के साथ, पुराना मॉडल नए मॉडल के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है, जिससे अवसरों के साथ-साथ चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया जगत का स्वरूप बदल रहा है और नए मॉडल के लिए प्रतिक्रिया देने के लिए पूरे देश की सामूहिक आवश्यकता है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि वे दिन गए जब कंटेंट बनाने के लिए बड़े स्टूडियो की आवश्यकता होती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड या केरल के किसी सुदूर गांव का कोई भी क्रिएटर अच्छी गुणवत्ता वाली रचना तैयार कर सकता है और उसे लाखों व्यूज मिल सकते हैं।

    श्री वैष्णव ने कहा कि रचनाकारों की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर को प्रोत्साहन देकर रचनाकारों के काम और अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दावोस आर्थिक नीतियों के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है, वैसे ही वेव्स स्वयं को मीडिया और मनोरंजन के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में विकसित करना चाहता है।

    वेव्स 2025 के लिए 1 लाख से अधिक पंजीकरणों के साथ, भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भारी प्रोत्साहन मिला है। शीर्ष नवप्रवर्तकों को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, जो विकसित वैश्विक मीडिया और मनोरंजन परिदृश्य में उनके योगदान का उत्सव मनाएंगे। श्री वैष्णव ने कहा कि हम दुनिया को अपने रचनाकारों से जोड़ने का एक माध्यम खोज रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वेव्स बडे पैमाने पर रचनात्मक समाधानों के लिए रचनाकारों, खरीदारों और बाजारों के बीच एक वैश्विक कनेक्टर के रूप में उभर रहा है। वेव्स के माध्यम से, खरीदारों और विक्रेताओं को एक मंच मिल रहा है, जहाँ रचनाकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर सकते हैं और कंपनियां गुणवत्तापूर्ण रचनात्मक कार्य प्राप्त कर सकती हैं।

    इस संवाद में भाग लेते हुए, विभिन्न मीडिया संगठनों के प्रमुखों ने नीति निर्माताओं, रचनाकारों, उद्योग जगत के दिग्गजों, प्रौद्योगिकी दिग्गजों और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाने के लिए वेव्स के रूप में एक नई अवधारणा प्रस्तुत करने के लिए सरकार को बधाई दी।

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने सभी प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और मीडिया परिदृश्य के भविष्य को आकार देने में सामूहिक संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न मंचों पर हितधारकों के साथ जुड़ने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता पर बल दिया और वेव्स 2025 की अगुवाई में मीडिया संगठनों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की।