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  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार का दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।

    *ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’*

    राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने ‘छत्तीसकला’ ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।

    *48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन*

             कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है। 

    *3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही*

           वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।

    *हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण*

         इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।

    *ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा*

    धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। ‘छत्तीसकला’ ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

  • छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

    छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

    *राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित* 

    *प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

    रायपुर / जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। 

    रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं।

    राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। 

    महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं। बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

  • जनजातीय गौरव दिवस समारोह का राज्य स्तरीय आयोजन 20 नवंबर को

    जनजातीय गौरव दिवस समारोह का राज्य स्तरीय आयोजन 20 नवंबर को

    अम्बिकापुर के पी.जी. कॉलेज मैदान में होगा भव्य आयोजन, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करेंगी शिरकत

    रायपुर, /भगवान बिरसा मुण्डा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में 19 और 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ की धरती अम्बिकापुर के पी.जी कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय भव्य जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से शुरू होंगी। मुख्य अतिथि के रूप में 20 नवंबर को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन में शिरकत करेंगी। 

    जनजातीय गौरव दिवस समारोह के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उईके, केंद्रीय राज्य तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव, विजय शर्मा, आदिम जाति मंत्री विकास मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओमप्रकाश चौधरी, संस्कृति मंत्री रजेश अग्रवाल और सरगुजा लोकसभा के सांसद चिंतामणि महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होगीं। कार्यक्रम में नगर-निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, नगम मण्डल एवं आयोग तथा जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि समाज के प्रबुद्धजन भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

    गौरव जनजातीय समारोह के दौरान 19 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय गौरवशाली इतिहास एवं जन नायकों पर अधारित संगोष्ठि (स्वतंत्रता संग्राम में जनजातियों का योगदान) आयोजन होगा। साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव, शहीद वीर नारायण सिंह लोककला नृत्य प्रतियोगिता तथा सरगुजा संभाग राज्य स्तरीय जनजातीय विकास प्रदर्शनीय एवं क्राफ्ट मेला का आयोजन किया जाएगा। 20 नवंबर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों जनजातीय विद्रोहों के नायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया, हड़जोड़ सम्मान योजना का शुभारंभ किया जाएगा।

  • उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई

    उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई

    उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 52 अधिकारियों/कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए

    नई दिल्ली / उत्तर रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक मोहित चन्द्रा, अपर महाप्रबंधक की अध्यक्षता में दिनांक 17.11.2025 को कॉन्फ्रेंस हॉल, बड़ौदा हाउस,नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में अपर महाप्रबंधक के अलावा उत्तर रेलवे के सभी प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों, मंडलों के अपर मंडल रेल प्रबंधकों तथा मुख्य कारखाना प्रबंधकों ने सहभागिता की।

    सर्वप्रथम अपर महाप्रबंधक ने बैठक से पूर्व आधार वर्ष 2024 के दौरान राजभाषा में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 52 अधिकारियों/कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने उत्तर रेलवे पर हो रहे हिंदी कार्य की प्रगति को निरंतर बनाए रखने पर बल दिया तथा भारत सरकार की राजभाषा नीति का अनुपालन करने के निर्देश दिए।

    मुख्य राजभाषा अधिकारी डिम्पी गर्ग ने उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत किया। सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि अपने निरीक्षणों के दौरान हिंदी की प्रगति का जायजा लें। उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अनुपालन तथा हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर एवं मूल पत्राचार पर ध्यान देने पर बल दिया। श्रीमती ममता तिवारी, उप महाप्रबंधक/राजभाषा ने बैठक का संचालन किया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई।

  • आकाशवाणी वाराणसी द्वारा संगीत सम्मेलन का आयोजन

    आकाशवाणी वाराणसी द्वारा संगीत सम्मेलन का आयोजन

    वाराणसी / सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के प्रसार के साथ साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने मे आकाशवाणी अपनी महती भूमिका निभाता रहा है | इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष  आकाशवाणी संगीत सम्मेलन के 67वें  संस्करण का भव्य आयोजन देश भर के 24  केंद्रों द्वारा किया जा रहा है जिसके अंतर्गत आकाशवाणी वाराणसी  द्वारा शनिवार, 15 नवंबर 2025 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के  संगीत एवं मंच कला संकाय  स्थित  पं ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में आकाशवाणी संगीत सम्मेलन आयोजित  किया गया |

    अपराहन 03 बजे, कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी के मनमोहक संकेत धुन के साथ हुआ | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मभूषण प्रोफेसर देवी प्रसाद द्विवेदी, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री शिवनाथ मिश्रा, आकाशवाणी के केन्द्राअध्यक्ष स्वतंत्र सिंह और कार्यक्रम प्रमुख अशोक पाण्डेय ने  दीप प्रज्ज्वलन उपरांत माता सरस्वती, महमना प. मदन मोहन मालवीय और प.  ओंकार नाथ ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया | आकाशवाणी के उप निदेशक अशोक कुमार , कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रफुल्ल सिन्हा एवं कार्यक्रम अधिशासी दिलीप यादव ने गणमान्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ , अंगवस्त्रम और स्मृतिचिह्न प्रदान करके उनका स्वागत किया तत्पश्चात कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की

    संगीत सम्मेलन की शुरुआत हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक और आकाशवाणी के ए –ग्रेड कलाकार डॉ शुभंकर दे के गायन से हुई , उन्होंने मंच पर अपने मन मोहक गायन से वातावरण को सुरमई  बना दिया|  उन्होंने सबसे पहले राग- विहाग में विलंबित रचना –हिय में सिय राम  प्रस्तुत किया जिसकी मधुर ताल और भावपूर्ण आलाप ने सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया | इसके पश्चात उन्होंने राग – मालकौन्स में मध्य विलंबित रचना मत्तताल में  – “गूंज उठी है” तथा द्रुत रचना एक ताल –“शंकर अवतर हरो” का प्रभावशाली गायन किया | उनके गायन कि भावगर्भिता  और रागों कि गहराई ने उपस्थित श्रोताओं को अद्भुत आनंदानुभूति  से भर दिया |

    डॉ शुभंकर दे के गायन मे उनके साथ तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती और हारमोनियम पर डॉ इंद्रदेव चौधरी ने संगति की |  कार्यक्रम के उत्तरार्ध में लोकसंगीत की सुगंध बिखेरते हुए ए – ग्रेड भोजपुरी लोकगायक मन्नालाल यादव और साथियों  ने मंच संभाला  और पूर्वांचल कि मिट्टी से जुड़े  लोकगीतों  –ऐसी मनोहारी प्रस्तुति  दी कि पूरा सभागार लोकरस में झूम उठा | उनके गीतों में बनारस की बोली, ग्रामीण जीवन कि सहजता और लोकभाव  की  मधुर गूंज सुनाई दी | यह संगीत सम्मेलन न केवल शास्त्रीय संगीत और लोकसंगीत की विधाओं का सुन्दर समन्वय था बल्कि भारतीय संगीत परंपरा के संवर्धन और प्रसार की  दिशा में आकाशवाणी की निरंतर प्रतिबद्धता  का सशक्त प्रमाण भी बना  |कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के वरिष्ठ उदघोषक अरुण कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया और कार्यक्रम का समापन आकाशवाणी के कार्यक्रम प्रमुख अशोक पाण्डेय द्वारा सभी आगंतुकों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ |

  • ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली के दो छात्र यूपीएससी 2025 के साक्षात्कार हेतु चयनित

    ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली के दो छात्र यूपीएससी 2025 के साक्षात्कार हेतु चयनित

    *सामान्य पृष्ठभूमि से हैं दोनों छात्र**अब तक कुल 164 अभ्यर्थी हुए हैं विभिन्न पदों पर चयनित*

    रायपुर, /संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा मुख्य  परीक्षा 2025 के घोषित परिणामों में राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत द्वारका, नई दिल्ली में संचालित ट्रायबल यूथ हॉस्टल के दो छात्र साक्षात्कार हेतु चयनित हुए हैं। दोनों ही छात्र सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। इन्होंने ट्रायबल यूथ हॉस्टल में रहकर वहां के अनुशासन एवं वहां प्रदाय की जा रही सुविधाओं का उपयोग करते हुए कड़ी मेहनत एवं लगन द्वारा यह सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

    *सामान्य पृष्ठभूमि से हैं दोनों ही छात्र*

    सफल छात्रों में मुंगेली जिले के हरविंदर सिंह सामान्य कृषक पृष्ठभूमि से हैं। पिता का मुख्य व्यवसाय कृषि है। विषम परिस्थितियों के बावजूद हरविंदर ने कड़ी मेहनत और लगन से एनआईटी, रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण की। उसके बाद आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली में प्रवेश प्राप्त कर वर्तमान में अध्ययन कर रहे हैं। 

    इसी प्रकार बरमकेला, रायगढ़ जिले के प्रकाश पटेल भी सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। इनके पिता रायगढ़ में शासकीय विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ हैं। प्रकाश पटेल आईआईटी, रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

    विदित हो कि राजीव युवा उत्थान योजना अंतर्गत दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु दिल्ली स्थित इम्पैनल्ड कोचिंग संस्थाओं में प्रवेश दिलाकर प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। छात्रों को कोचिंग हेतु 2 लाख (अंग्रेज़ी माध्यम) एवं 1.5 लाख (हिंदी माध्यम) की सहायता की जाती है। दिल्ली में रहने हेतु हॉस्टल सुविधा एवं प्रति माह 12000 रुपये की राशि स्टाइपेंड के रूप में दिया जाता है।

    *ट्रायबल यूथ हॉस्टल, नई दिल्ली वर्तमान में कुल 200 सीट स्वीकृत हैं* 

     उक्त योजना वर्ष 2013-14 से संचालित है। पूर्व में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु कुल 50 सीट एवं ड्रॉपर/रिपीटर बैच अंतर्गत 15 अन्य सीट स्वीकृत थीं। वर्ष 2024-25 में युवाओं को परीक्षा की तैयारी हेतु अधिकाधिक अवसर प्रदान करने की दृष्टि से अतिरिक्त 135 सीटों की वृद्धि करने से वर्तमान में कुल 200 सीट स्वीकृत हैं। वर्ष 2025-26 में कुल 165 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब तक इस योजना के माध्यम से 04 आई.आर.एस. (UPSC) 05 सहायक कमाण्डेंट (UPSC) 13 डिप्टी कलेक्टर, 12 उप पुलिस अधीक्षक, 19 नायब तहसीलदार एवं 111 अन्य पदों (एसीएफ, सीईओ, लेखाधिकारी, फारेस्ट रेंजर, एसएएसओ) पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इस प्रकार अब तक कुल 164 अभ्यर्थी विभिन्न पदों पर चयनित होकर कार्यरत हैं।

  • स्पेशल कैम्पेन 5.0 में कोल-लिग्नाइट कंपनियों में लगातार तीसरे वर्ष नंबर 1 रहा एसईसीएल

    स्पेशल कैम्पेन 5.0 में कोल-लिग्नाइट कंपनियों में लगातार तीसरे वर्ष नंबर 1 रहा एसईसीएल

    सफाई, स्क्रैप निस्तारण एवं सोशल मीडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी किशन रेड्डी द्वारा किया गया सम्मानित

    विलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) को कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्पेशल कैम्पेन 5.0 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी, कोयला सचिव  विक्रम देव दत्त तथा अतिरिक्त सचिव (कोयला) एवं अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) सनोज़ कुमार झा द्वारा प्रदान किया गया। इसके साथ ही स्वच्छता पखवाड़ा 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी एसईसीएल को मंत्रीजी द्वारा द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

    एसईसीएल की ओर से यह सम्मान सीएमडी श्री हरीश दुहन, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, भानु सिंह (जीएम, सिविल),  मनीष श्रीवास्तव (उप महाप्रबंधक मानव संसाधन), डॉ. सनीश चंद्र (पीआरओ), दीपांशु मांधाता, प्रबंधक (सिविल) एवं  पीयूष प्रताप मल्ल, उप-प्रबंधक (सीडी) द्वारा ग्रहण किया गया। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) तथा कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में 2 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित स्पेशल कैम्पेन  5.0 में एसईसीएल ने स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, स्क्रैप निस्तारण, डिजिटलीकरण और मीडिया प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियाँ दर्ज कीं। एसईसीएल ने अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य 203 के मुकाबले 229 स्थलों की सफाई की तथा 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में स्वच्छता कार्य पूर्ण किए।

    स्क्रैप निस्तारण से ₹24 करोड़ की राजस्व प्राप्ति

    रिकॉर्ड दक्षता का परिचय देते हुए एसईसीएल ने 6,400 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निस्तारण किया, जिससे लगभग ₹24 करोड़ की आमदनी हुई—जो अभियान लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक है। एसईसीएल ने अभियान के दौरान 2,100 से अधिक भौतिक फ़ाइलें तथा 23,000 ई-फ़ाइलों की समीक्षा करते हुए 20,000 ई-फ़ाइलों का क्लोज़र किया  जोकि 350% से अधिक रहा। वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में गेवरा में सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एस-एल-आर-एम) सेंटर स्थापित किया गया। यह केंद्र बायोडिग्रेडेबल कचरे को जैव-उर्वरक में बदल रहा है, जिसका उपयोग एसईसीएल के वृक्षारोपण और हरित पहलों में किया जा रहा है। पारदर्शिता और कुशल प्रशासन को आगे बढ़ाने हेतु एसईसीएल ने इस दौरान कई नए डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए, जिनमें शामिल हैं— इंटरनल सेलेक्शन सिस्टम, एल एंड आर प्रबंधन पोर्टल, एचपीवी वैक्सीनेशन पोर्टल आदि।

    नवाचार और सृजनशीलता का अनूठा उदाहरण

    अभियान के प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा एसईसीएल का रचनात्मक प्रयास ‘कबाड़ से कलाकृति’। गैवरा स्थित CEWS में कर्मचारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित औद्योगिक स्क्रैप से S-400 मिसाइल लॉन्चर का जीवन-आकार मॉडल और रोबोटिक सोल्जर तैयार किया।  खनन क्षेत्रों में 43 बायो-टॉयलेट स्थापित किए गए, जिससे स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल शौचालय सुविधाएँ सुनिश्चित हुईं। वहीं कोरबा में कोल इंडिया का पहला पूर्णतः महिला-प्रचालित स्टोर यूनिट प्रारंभ किया गया — महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम रहा। स्पेशल कैम्पेन 5.0 के दौरान एसईसीएल ने जनसंपर्क और मीडिया संचार में उल्लेखनीय सक्रियता प्रदर्शित की। अभियान अवधि में कुल 1,148 ट्वीट, 15 पीआईबी रिलीज़ तथा 400 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया कवरेज दर्ज हुए। विशेष रूप से, लगातार दूसरे वर्ष एसईसीएल ने 1,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट जारी करते हुए जनसंपर्क क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति और प्रभावी संवाद क्षमता को सुदृढ़ किया।

  • भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला :14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा

    भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला :14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा

    *छत्तीसगढ़ में पर्यटन-संस्कृति के साथ उद्योगों-कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन*

    *वनोपज उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ मिलेट कैफे भी लगेगा*

    रायपुुर, /  नईदिल्ली के भारत मण्डपम में 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा बिखरेगी। यहां 27 नवंबर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर छत्तीसगढ़ का आकर्षक पवेलियन बनाया जा रहा है। इस मेले में देश के सभी राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति और निवेशक भी आयेंगे। मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के औद्योगिक विकास की झलक दिखाई जायेगी। यहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, उद्योगों के लिए व्यापक अनुकूल माहौल और व्यवस्थाऐं तथा नई औद्योगिक नीति के बारे में आगंतुकों को पूरी जानकरी दी जायेगी। इस मेले में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन, सुक्ष्म लघु एवं मध्यम ईकाईयों की स्थापना, उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा। मेला अवधि में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशेकों के साथ बैठकें, इन्वेस्टर कनेक्ट आदि भी किये जायेंगे।  

    इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन की संभावना का भी प्रदर्शन किया जायेगा, ताकि संस्कृति और पर्यटन पर आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। मेले में बने पवेलियन में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, वनोपज उत्पादों, खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में उद्योग शुरू करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। पवेलियन में बस्तर क्षेत्र को फोकस करते हुए डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। 

    अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 24 नवंबर को भारत मण्डपम दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस भी मनाया जायेगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य भी शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में हर दिन राज्य की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन नृतक दलों के माध्यम से किया जायेगा।  यहां छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग हस्तकला, हथकरघा, चरखा आदि का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी। छत्तीसगढ़ पवेलियन में मिलेट से संबंधी उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ मिलेट कैफे भी लगाया जायेगा। इससे लोगों को छत्तीसगढ़ में उगाये जाने वाले लघु धान्यों कोदो, कुटकी, रागी, संवा आदि के उत्पादन, उनके व्यवसाय के लिये आकर्षित किया जा सकेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध जैविक और एक्जॉटिक खाद्यन्नों का भी प्रदर्शन होगा, ताकि इन उत्पादकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके। लघु वनोपज संघ के द्वारा अपने वनोपजों से बने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री भी कि जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एफएमसीजी कंपनियों के माध्यम से इन उत्पादों की मार्केटिंग करने की व्यवस्था का प्रयास किया जायेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों, उपलब्ध अधोसंरचना और ईको-टूरिज्म के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। ताकि अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ के बारे में जान सके।

  • निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना, भारत के निर्यात इकोसिस्टम के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव – एस. सी. रल्हन

    निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना, भारत के निर्यात इकोसिस्टम के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव – एस. सी. रल्हन

    फियो ने निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) और निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी का स्वागत किया

    नई दिल्ली : फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) को मंज़ूरी दिए जाने का स्वागत करता है। यह केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से एमएसएमई, पहली बार निर्यात करने वाले और श्रम-प्रधान सेक्टरों के लिए भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत करना है। वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक 25,060 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाला यह मिशन, कई निर्यात संवर्धन योजनाओं को एक व्यापक, परिणाम-आधारित और डिजिटल रूप से संचालित ढाँचे में समेकित करके एक बड़े संरचनात्मक सुधार का प्रतीक है।

    इस घटनाक्रम पर बोलते हुए फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा, “निर्यात संवर्धन मिशन भारत के व्यापार क्षेत्र के लिए एक व्यावहारिक और दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है। वित्तीय और गैर-वित्तीय युक्तियों को एक एकीकृत ढाँचे के अंतर्गत लाकर, यह मिशन वैश्विक व्यापार गतिशीलता के लिए आवश्यक निरंतरता, लचीलापन और जवाबदेही प्रदान करता है। यह विशेष रूप से एमएसएमई को सशक्त बनाएगा, जिन्हें अक्सर किफायती वित्त और अनुपालन सहायता प्राप्त करने में कठिनाई होती है।”

    मिशन की समावेशिता पर प्रकाश डालते हुए, श्री रल्हन ने कहा, “ईपीएम उन संरचनात्मक चुनौतियों – वित्त तक सीमित पहुँच और उच्च अनुपालन लागत से लेकर कमज़ोर ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स बाधाओं तक- का समयोचित समाधान है, जिन्होंने लंबे समय से भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को कुंद किया है। इन मुद्दों से सीधे निपटकर, यह पहल निर्यात की गति को बनाए रखने, रोज़गार की रक्षा करने और भारत के निर्यात आधार को नए भौगोलिक क्षेत्रों और उभरते सेक्टरों में विविधता प्रदान करने में मदद करेगी।”

    ईपीएम के तहत, कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और समुद्री उत्पादों जैसे हालिया वैश्विक टैरिफ वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे निरंतर निर्यात ऑर्डर और रोज़गार सुरक्षा सुनिश्चित होगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) एक कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, जो पारदर्शिता, गति और सुगम पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन करेगा।

    श्री रल्हन ने कहा, “मौजूदा व्यापार प्रणालियों के साथ मिशन का डिजिटल एकीकरण निर्यातकों के अनुभव को बदल देगा – कागजी कार्रवाई को कम करेगा, समन्वय में सुधार करेगा और समय पर वितरण सुनिश्चित करेगा। यह विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप एक स्मार्ट, तकनीक-सक्षम निर्यात इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

    फियो अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि निर्यात संवर्धन मिशन न केवल निर्यात में एमएसएमई की भागीदारी को बढ़ावा देगा, बल्कि विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और संबद्ध सेवाओं में रोज़गार सृजन को भी उत्प्रेरित करेगा, जिससे वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति मज़बूत होगी। फियो अध्यक्ष ने कहा कि निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना न केवल को-लैटेरल ऋण प्रदान करेगी, बल्कि अतिरिक्त वित्तीय तरलता भी प्रदान करेगी, जो समय की मांग है।

    श्री रल्हन ने कहा “फियो मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग, डीजीएफटी इकोसिस्टम और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है। यह भारतीय निर्यात के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण है और हमें इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ ग्रहण करना चाहिए।”

  • जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य….

    जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य….

    *नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरव*

    रायपुर,/ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

    कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए। 

    छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स – सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं। यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं।