नागपुर। वेकोलि के वणी क्षेत्र में 3 से 4 मार्च, 2025 तक ‘अंतर क्षेत्रीय प्राथमिक चिकित्सा प्रतियोगिता – 2025’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में वेकोलि के सभी 10 क्षेत्रों से 35 टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों का प्राथमिक उपचार के विभिन्न पहलुओं जैसे विषय का ज्ञान तथा उसका प्रयोग, तत्परता, स्ट्रेचेर ड्रिल, आदि मापदंडों पर मूल्यांकन किया गया।
4मार्च 2025 को अंतिम दिवस पर वणी क्षेत्र में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता ए. के. सिंह, निदेशक तकनीकी (संचालन), वेकोलि ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आनंदजी प्रसाद, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना), डॉ. हेमंत पांडे, निदेशक (कार्मिक) एवं अल्ताफ अंसारी, डीएमएस (परासिया) उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में निदेशक तकनीकी (संचालन) ए. के. सिंह ने कोयला खनन में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि दुर्घटना की स्थिति में यह सुविधा अविलंब उपलब्ध होना चाहिए। इस उद्देश्य से उन्होंने प्राथमिक चिकित्सा की प्रणाली को बल देने की बात कही। उन्होंने प्राथमिक चिकित्सा के प्रशिक्षण, व्यापक जागरूकता तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से अधिकतर कर्मियों के समावेश का विचार सामने रखा। उन्होंने सभी विजेताओं को अपनी शुभकामनाएँ दी।
समारोह में आनंदजी प्रसाद, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना), डॉ. हेमंत पांडे, निदेशक (कार्मिक), अल्ताफ अंसारी, डीएमएस (परासिया), श्री मनोज कुमार गुप्ता, डीएमएस (मुख्यालय) – वेस्टर्न झोन, के. रविन्द्र, डीएमएस (एनआर-1) – वेस्टर्न झोन एवं वेकोलि संचालन समिति के सदस्य सी. जे. जोसफ ने भी संबोधित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में वेकोलि के कार्य संस्कृति की प्रशंसा करते हुए सभी कर्मियों में प्राथमिक चिकित्सा संबंधी जागरूकता बढ़ाने की बात कही। इस दिशा में उन्होंने प्रशिक्षण को विस्तार देने पर बल दिया।
इस अवसर पर खान सुरक्षा महानिदेशालय एवं वेकोलि के वरिष्ठ अधिकारी, वेकोलि संचालन समिति एवं सुरक्षा मंडल के सदस्य प्रमुखता से उपस्थित थे। उपस्थित अतिथियों ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
प्रतियोगिता में कुल 140 कर्मियों सहभागी थे, जिन्हें चार श्रेणियों में बाँटा गया। ग्रुप-ए में ओवरमैन एवं ऊपर के कर्मी, ग्रुप-बी में माइनिंग सरदार एवं नीचे के कर्मी, ग्रुप-सी में कॉन्ट्रैक्ट लेबर तथा ग्रुप-डी में महिला कर्मी शामिल थे। ग्रुप-ए की ओवरआल श्रेणी में चंद्रपुर क्षेत्र, ग्रुप-बी एवं ग्रुप-सी में वणी क्षेत्र तथा ग्रुप-डी में माजरी क्षेत्र की टीम ने प्रथम पुरस्कार जीता।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण वणी क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभाष चंद्र सिंह ने किया धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (रेस्क्यू) दिनेश बिसेन तथा संचालन मिलिंद चहांदे, प्रबंधक (जनसंपर्क), वेकोलि ने किया।
मुंबई/बांसवाड़ा, । 27 फरवरी 2025 को एक मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) को हरी झंडी दिखाई गई, जो मही बांसवाड़ा राजस्थान एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (MBRAPP) के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य देखभाल पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल, NTPC पश्चिमी क्षेत्र-I मुख्यालय (WR-I HQs), मुंबई के CSR योगदान के तहत वित्तपोषित है और वॉकहार्ट फाउंडेशन के साथ साझेदारी में लागू की जा रही है।
फ्लैग-ऑफ समारोह की अध्यक्षता प्रसेनजीत पाल, कार्यकारी निदेशक (न्यूक्लियर) और MBRAPP परियोजना निदेशक ने की, जिसमें श्री संदीप कुमार दास, महाप्रबंधक (परियोजनाएँ), पंकज ध्यानी, महाप्रबंधक (LA & RR), श्रीमती वंदना चतुर्वेदी, क्षेत्रीय प्रमुख (HR), NTPC WR-I HQs, सजीव चतुर्वेदी, ACE (NPCIL), परियोजना प्रभावित तीन पंचायतों के सरपंच, स्थानीय ग्रामीण और MBRAPP के कर्मचारी उपस्थित थे। वॉकहार्ट फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।स्थायी स्वास्थ्य देखभाल हस्तक्षेप की आवश्यकता को पहचानते हुए, श्रीमती चतुर्वेदी ने बताया कि यह पहल NTPC WR-I के CSR कार्यक्रम के तहत 6 दिसंबर 2024 को आयोजित मेगा मेडिकल कैम्प से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर शुरू की गई है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ग्रामीण जनसंख्या को मुफ्त चिकित्सा परामर्श, बुनियादी डायग्नोस्टिक्स और दवाइयाँ प्रदान करेगी, जिससे वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में समय और परिवहन की कठिनाइयों के कारण चिकित्सा सुविधाओं से वंचित नहीं रहेंगे।
अपने जारी CSR हस्तक्षेपों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए पाल ने कहाः MBRAPP में, हमारा मानना है कि हमारी जिम्मेदारियाँ केवल विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट हमारे समुदायों की भलाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रयासों को मजबूत करते रहेंगे।”स्थानीय सरपंचों ने इस नेक पहल का स्वागत किया, और बताया कि यह महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच सुनिश्चित करेगी।
इस कदम के साथ, MBRAPP और NTPC WR-I HQs अपने समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि औद्योगिक विकास के लाभ उनके द्वारा सेवा किए जाने वाले समुदायों के जीवन में ठोस सुधार में परिवर्तित हों।
कोयला मंत्री ने खान सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
मुंबई ।कोयला मंत्रालय ने कोयला क्षेत्र में निवेश के अवसरों और वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी को बढ़ावा देने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत मुंबई में एक उच्च-प्रभावी रोड शो का शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी, किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और नामित प्राधिकारी सुश्री रूपिंदर बरार और कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में प्रमुख हितधारकों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों ने भी भाग लिया, जिन्होंने भारत में कोयला खनन के भविष्य पर गहन चर्चा की।
यह रोड शो निजी क्षेत्र की भागीदारी में तेजी लाने, घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाने और टिकाऊ खनन उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करता है। इसमें नीतिगत सुधारों, व्यापार को आसान बनाने और तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे पर्यावरणीय स्थिरता और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए भारत के कोयला क्षेत्र की पूरी क्षमता का प्रयोग करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने मुख्य भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक एवं बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांगों को पूरा करने में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में घरेलू कोयला उत्पादन में तेजी लाने, आयात निर्भरता को कम करने तथा टिकाऊ खनन उद्यमों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।मंत्री ने भारत के कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि पर जोर दिया, जिसने उद्योगों और बिजली संयंत्रों को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को कुशलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने और कैप्टिव और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए निर्वाध कोयला उपलब्धता सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। रेड्डी ने पुष्टि की कि कोयला भारत के ऊर्जा परिदृश्य की रीढ़ है, जो बिजली उत्पादन में 70 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। उन्होंने वाणिज्यिक कोयला खनन में निजी निवेश को आकर्षित करने, व्यापार को आसान बनाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए खनन कार्यों को अनुकूलित करने के लिए स्वचालन और डिजिटल निगरानी जैसी उन्नत तकनीकों को लागू करने के लिए प्रमुख सुधारों को भी रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने पुनः प्राप्त भूमि पर सरकार की बड़े पैमाने पर वनीकरण पहलों पर प्रकाश डाला, जिससे इको-पार्क, हरित पट्टी और जैव विविधता क्षेत्रों का विकास हुआ। इसके अलावा, उन्होंने आश्वासन दिया कि खदान बंद करने की योजना के अनुसार, खनन के बाद के परिदृश्यों को कृषि, वानिकी और खदान पर्यटन सहित स्थायी उपयोग के लिए बहाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को लाभ हो रहा है।
भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवरथा बनने की ओर अग्रसर है और विकसित भारत 2047 के लिए प्रयास कर रहा है, मंत्री ने समुदाय कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, खदान सुरक्षा, पुनर्वास और कौशल विकास पहलों को प्राथमिकता दी। मंत्री ने स्थिरता पर जोर देते हुए, कोयले पर निर्भर समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि श्रमिक सुरक्षा एक प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कोयला कंपनियों से पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सर्वोत्तम सुरक्षा उपायों और पर्यावरण के अनुकूल खनन प्रथाओं को अपनाने का आग्रह किया।
कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने अपने संबोधन में निवेशकों को कोयला क्षेत्र में निर्बाध निवेश की सुविधा के लिए मंत्रालय की मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालय मंजूरी प्राप्त करने से लेकर परियोजना निष्पादन तक हर चरण में निवेशकों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह नियामक निकायों और हितधारक मंत्रालयों के साथ समन्वय करके परियोजनाओं को शीघ्र परिचालन में लाने के लिए मंजूरी देने में तेजी लाता है।रोड शो में निवेश की संभावनाओं, विनियामक सुधारों, स्थिरता उपायों और कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसने नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं के बीच सीधे संपर्क के लिए एक मंच प्रदान किया, जिससे वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के आगामी दौर, तकनीकी प्रगति, टिकाऊ कोयला खनन में सर्वोत्तम प्रथाओं, व्यापार करने में आसानी के लिए नीति समर्थन और परियोजना अनुमोदन में तेजी लाने पर व्यावहारिक विचार-विमर्श की सुविधा मिली।
रोड शो में एक आकर्षक और संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र शामिल था, जहां निवेशकों ने कोयला क्षेत्र में नीतियों, नीलामी प्रक्रियाओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए अधिकारियों के साथ बातचीत की। संभावित निवेशकों के प्रश्नों का व्यापक रूप से उत्तर दिया गया, जिससे उद्योग के पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल दृष्टिकोण में विश्वास मजबूत हुआ।
मुंबई रोड शो कोयला मंत्रालय के निवेश को बढ़ावा देने, घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और भारत में कोयला खनन के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के मिशन में एक और मील का पत्थर था। इस कार्यक्रम ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
*महाकुंभ 2025 सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का महासंगम-एकनाथ शिंदे
*मंत्री नन्दी ने प्रदेश सरकार की ओर से किया स्वागत एवं अभिनन्दन*
प्रयागराज/ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर सपरिवार त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। जीवनदायिनी, मोक्षदायिनी एवं पुण्य सलिला मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान कर उन्होंने महाकुंभ की आध्यात्मिक चेतना का अनुभव किया।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने तीर्थराज प्रयागराज आगमन पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का स्वागत किया और उन्हें कुंभ कलश प्रदान कर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अभिनंदन किया।
इस अवसर पर एकनाथ शिंदे ने महाकुंभ 2025 को विश्व का सबसे बड़ा आयोजन बताते हुए कहा कि प्रयागराज पवित्र भूमि है, यहां सभी समान हैं। कोई बड़ा-छोटा नहीं, सभी को एक जैसा सम्मान मिलता है। यहां श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह महाकुंभ दिव्य और भव्य बन रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल सनातन परंपरा को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के भाव को भी सशक्त कर रहा है। प्रयागराज में जुटे संत, श्रद्धालु और साधकों के माध्यम से यह आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को विश्वभर में एक नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
नागपुर। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित वीमेन इन पब्लिक सेक्टर (WIPS) की 35वीं राष्ट्रीय बैठक के दौरान वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) को द्वितीय सर्वोत्कृष्ट उपक्रम पुरस्कार से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 13 प्रतिभागियों के बीच वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया किशोर रहाटकर एवं स्कोप के महानिदेशक अतुल सोबती द्वारा प्रदान किया गया। वीमेन इन पब्लिक सेक्टर (वेस्टर्न रीजन) की अध्यक्षा श्रीमती अनुपमा टेमुर्निकर, श्रीमती मेधा हरदास, श्रीमती ज्योति वर्मा, सुश्री अंकिता घोष एवं अन्य विप्स की सदस्यों ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
पुरस्कार जीतने के उपरान्त, विप्स डब्लूसीएल की टीम ने सीएमडी, डब्लूसीएल, जे. पी. द्विवेदी एवं निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत शरद पांडे से 21.02.2025 को भेंट कर उन्हें अपने कार्यों की जानकारी दी I श्री द्विवेदी ने विप्स डब्लूसीएल को बधाई देते हुए उनके द्वारा वर्ष भर किए सकारात्मक कार्यों की सराहना की I उन्होंने विप्स के सभी सदस्यों से अपना उत्कृष्ट कार्य जारी रखने को कहा I
विप्स की राष्ट्रीय बैठक में वीमेन इन पब्लिक सेक्टर (वेस्टर्न रीजन) की अध्यक्षा एवं मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन विकास) श्रीमती अनुपमा टेमुर्णिकर को आगामी कार्यकाल वर्ष 2025-2027 के लिए विप्स की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में चुना गया है।
नागपुर।डब्ल्यूसीएल के निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत शरद पांडे ने 100 बच्चों की जीवन रक्षक बाल हृदय सर्जरी के लिए चल रहे डब्ल्यूसीएल के सीएसआर पहल का जायजा लिया। माह सितंबर-2024 में डब्ल्यूसीएल ने सीएसआर के अंतर्गत जन्मजात हृदय दोष से पीड़ित 100 जरूरतमंद बच्चों की जीवन रक्षक बाल हृदय सर्जरी के लिए प्रोजेक्ट “नन्हा सा दिल” आरंभ किया था। यह सभी सर्जरी डब्ल्यूसीएल के वित्तीय मदद से स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन अस्पताल, नागपुर में की जा रही है। डब्ल्यूसीएल के कुल 150 लाख रूपए के वित्तीय मदद से चल रहे इस योजना के तहत अब तक कुल 90 बच्चों की सर्जरी की गई है। प्रोजेक्ट “नन्हा सा दिल” पीड़ित बच्चों के उस वित्तीय भार को पूर्ण करता है जो किसी अन्य स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत नहीं आता।
विश्व जन्मजात हृदय दोष जागरूकता दिवस के अवसर पर, डब्ल्यूसीएल के निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत शरद पांडे और जीएम (सीएसआर) ए. के. सिंह ने स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित बच्चे से बात की तथा उनका और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया। डॉ. पांडे ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली एवं प्रोजेक्ट “नन्हा सा दिल” में शामिल डॉक्टरों से भेंट की। अस्पताल ने इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन का विश्वास दिलाया। अस्पताल के दौरे में डॉ. पांडे ने छोटे लाभार्थियों के स्वस्थ और उज्जवल भविष्य की कामना की एवं इस नेक मिशन के प्रति डब्ल्यूसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई।
नागपुर । कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी 13 फरवरी को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के नागपुर स्थित वेकोलि मुख्यालय पहुंचे। वेकोलि के शीर्ष प्रबंधन से चर्चा के उपरान्त उन्होंने वेकोलि की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने वेकोलि के उत्पादन, उत्पादकता, कोयला प्रेषण, सीएसआर गतिविधियां आदि का जायजा लिया। समीक्षा बैठक में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक जे. पी. द्विवेदी ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वेकोलि में खनन कार्य की स्थिति एवं जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान माननीय कोयला एवं खान मंत्री, वेकोलि के सीएमडी तथा अतिथियों ने वेकोलि की प्रगति पर केन्द्रित कॉफ़ी टेबल बुक का विमोचन किया।
अपने संबोधन में माननीय केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के सपने में वेस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने वेकोलि को नई तकनीकी अपनाने, वर्त्तमान प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करने आदि विषयों पर बल दिया। समीक्षा बैठक में कोल् गैसीफिकेशन, कोयले की गुणवत्ता, कोयला समाप्ति के पश्चात खदानों को प्रावधानों के अनुरूप बंद करने की प्रक्रिया, धुले कोयले का प्रेषण, सीएसआर गतिविधियाँ आदि विषयों पर चर्चा हुई। माननीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से वर्तमान खनन कार्य को सुदृढ बनाना एवं नए प्रोजेक्ट शुरू करना आवश्यक है। इस दिशा में उन्होंने कोयला मंत्रालय की ओर से मदद का आश्वासन दिया।
वेकोलि की समीक्षा के पूर्व ,केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पौधा रोपण किया। बैठक में माननीय कोयला मंत्री के निजी सचिव श्री बक्की कार्तिकेयन, IAS, कोयला मंत्रालय के निदेशक श्री अजितेश कुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन) ए. के. सिंह, निदेशक (वित्त) बिक्रम घोष, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) आनंदजी प्रसाद, निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत शरद पांडे, मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय मधुकर म्हेत्रे, मुख्यालय तथा क्षेत्रों के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष गण उपस्थित रहे।
नागपुर।डब्ल्यूसीएल ने सीएसआर पहल के अंतर्गत, रीजनल मेंटल हॉस्पिटल में 68 लाख रूपए के वित्तीय सहयोग से उन्नत चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए है। आज, 11 फरवरी, 2025 को, इन उपकरणों का उद्घाटन डब्ल्यूसीएल के निदेशक (कार्मिक) डॉ. एच. एस. पांडे द्वारा किया गया। डॉ. एच. एस. पांडे ने इस अवसर पर कहा कि डब्ल्यूसीएल सीएसआर के अंतर्गत समाजोन्मुख कार्यों में अपनी भागीदारी निभाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रीजनल मेंटल हॉस्पिटल के यह उन्नत उपकरण मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
इन उपकरणों में सीबीसी मशीन, मॉनिटर, व्हील-चेयर आदि के साथ ही आरटीएमएस (रिपेटिटिव ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन) मशीन का भी समावेश है, जो मानसिक स्वास्थ्य के मरीजों के लिए नॉन-इनवेसिव उपचार प्रदान करती है। इन उपकरणों की मदद से रीजनल मेंटल हॉस्पिटल मरीजों को अत्याधुनिक इलाज मुहैया करा पाएगा, जिससे हॉस्पिटल अब महाराष्ट्र सरकार की महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत प्रति मरीज ₹11,000 की अतिरिक्त धनराशि भी प्राप्त कर सकेगा। इससे चिकित्सालय की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सकेगा।
उद्घाटन समारोह में रीजनल मेंटल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक सतीश हुमाने और डब्ल्यूसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर/कल्याण) ए. के. सिंह की विशेष उपस्थिति रही।
ज्ञात हो कि नागपुर स्थित रीजनल मेंटल हॉस्पिटल 120 वर्षों से भी अधिक समय से विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कर रहा है।
नागपुर।एनटीपीसी मौदा का माहौल बसंत मेला 2025 के आयोजन के साथ रंगों, उत्सव और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो गया। समृद्धि महिला समिति द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन कमलेश सोनी, आरईडी (WR-1) और श्रीमती अनु सोनी, अध्यक्ष, सखी महिला समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिम्मत सिंह चौहान, परियोजना प्रमुख, सभी जीएम, अधिकारीगण और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन, केक काटने की रस्म और गुब्बारे छोड़ने की परंपरा निभाई गई, जो हर्ष और समृद्धि का प्रतीक है। इसके पश्चात अतिथियों ने केंद्रीय थीम प्रदर्शनी, वाणिज्यिक और खाद्य स्टॉलों का भ्रमण किया तथा विशिष्ट अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण जीईएम छात्रों को स्कूल किट का वितरण रहा, जो एनटीपीसी के शिक्षा और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सभा को संबोधित करते हुए श्री कमलेश सोनी, आरईडी (WR-1) ने इस प्रकार के आयोजनों को सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने और स्थानीय विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को विकसित करने का एक उत्कृष्ट मंच बताया। संध्या का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक और सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बसंत मेला एक वार्षिक आयोजन है, जो कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय उद्यमियों को एक मंच प्रदान करता है, जिससे सामुदायिक एकता की भावना विकसित होती है। इस वर्ष मेला 8 और 9 फरवरी 2025 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दो दिवसीय उत्सव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध होंगे।
इस भव्य आयोजन में हिम्मत सिंह चौहान, परियोजना प्रमुख, जीएम (ओ एंड एम), जीएम (मेंटेनेंस एंड एफएम), जीएम (सीओई), मानव संसाधन प्रमुख, सभी अनुभागीय प्रमुख, समृद्धि महिला समिति के सदस्य, यूनियन और एसोसिएशन के प्रतिनिधि, वेलफेयर क्लबों के प्रतिनिधि, कर्मचारी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। परंपरा, उद्यमिता और सामुदायिक एकता के इस संगम के साथ, बसंत मेला 2025 एनटीपीसी मौदा की समावेशिता और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
नागपुर। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) में दिनांक 03 से 07 फरवरी, 2025 तक खेले गए “कोल इंडिया अंतर कंपनी क्रिकेट टूर्नामेंट 2024-25” में BCCL की टीम विजेता तथा WCL की टीम उप-विजेता रही। टूर्नामेंट के फाइनल मैच में BCCL की टीम ने WCL की टीम को हराकर यह जीत हासिल की।
फाइनल मैच में BCCL ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 157 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए WCL ने 19.1 ओवर में 141 रन हासिल किए। BCCL टीम के श्री अभिनंदन कुमार को “मैन ऑफ द मैच” चुना गया। WCL टीम के श्री सुल्तान अहमद को “सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज” तथा BCCL टीम के श्री सचिन तिवारी को “सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज” का पुरस्कार दिया गया। BCCL टीम के श्री सिद्धार्थ सुमन को “मैन ऑफ द टूर्नामेंट” घोषित किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में WCL के निदेशक तकनीकी (संचालन) अनिल कुमार सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में निदेशक (वित्त) बिक्रम घोष, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) आनंदजी प्रसाद एवं निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत पांडे उपस्थित थे।
समारोह में स्वागत उद्बोधन निदेशक (कार्मिक) डॉ. हेमंत पांडे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी खिलाडियों को अपनी शुभकामनाएँ देते हुए आगे भी अच्छे खेल प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। अध्यक्षीय भाषण में निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री अनिल कुमार सिंह ने WCL की उत्कृष्ट खेल संस्कृति के विषय में विस्तार से बात करते हुए विजेता टीम को बधाई तथा उपविजेता टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। समारोह में संचालन समिति एवं कल्याण मंडल के सदस्यों सहित ट्रेड युनियन के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।