Category: MADHYA PRADESH

  • एनसीएल ने पिपराझापी में सड़क निर्माण हेतु ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग, सिंगरौली के साथ किया एमओयू

    एनसीएल ने पिपराझापी में सड़क निर्माण हेतु ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग, सिंगरौली के साथ किया एमओयू

    सोनभद्र, सिंगरौली।  भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग, सिंगरौली के साथ पिपराझापी में सड़क निर्माण हेतु एमओयू किया। इस दौरान गत बुधवार को एनसीएल से महाप्रबंधक (सीएसआर), राजीव रंजन और आरईएस विभाग, सिंगरौली से कार्यपालक अभियंता, मनोज कुमार बाथम ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    एमओयू के तहत एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत पिपराझापी पहाड़ से देवी मंदिर, पंचायत पिपराझापी, देवसर, सिंगरौली जिला तक पीसीसी सड़क निर्माण हेतु 98.52 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग किया जाएगा। इस अवसर पर एनसीएल और ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग, सिंगरौली से अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि एनसीएल सीएसआर के तहत स्थानीय समुदाय के समग्र विकास हेतु प्रतिबद्ध है। एनसीएल ने “गाँव जोड़ो” सीएसआर अभियान के तहत पिछले 10 वर्षों (2014-2024) में आस पास के परिधीय समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने एवं बेहतर आवागमन सुविधा प्रदान करने हेतु 65 गांवों में 336 किलोमीटर सड़क निर्माण कर 1 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाया है।

  • एनटीपीसी विंध्याचल ने प्रेस मीट में प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण और समाज कल्याण पहलों पर किया विमर्श

    एनटीपीसी विंध्याचल ने प्रेस मीट में प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण और समाज कल्याण पहलों पर किया विमर्श

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल ने परियोजना के उमंग भवन सभागार  में एक भव्य प्रेस मीट का आयोजन किया, जिसमें राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय मीडिया से जुड़े 80 पत्रकारों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में प्रमुख मीडिया हाउसेज के प्रतिनिधि गण  उपस्थित रहे। इस प्रेस मीट का मुख्य उद्देश्य एनटीपीसी विंध्याचल के शानदार प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण, और समाज कल्याण कार्यों को प्रमुखता से साझा करना था।
    इस कार्यक्रम की शुरुआत  राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) ने की, जिन्होंने मीडिया समुदाय का स्वागत करते हुए सत्र की शुरुआत की। इसके बाद, संजय प्रकाश यादव, अपर महाप्रबंधक (ई एम जी ) ने एनटीपीसी विंध्याचल की प्रचालन कुशलता, सुरक्षा प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। साथ ही  प्रणव वर्मा, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने स्टेशन के सीएसआर कार्यक्रमों और हाल में प्राप्त पुरस्कारों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर एनटीपीसी के कार्बन-टू-मेथेनॉल प्लांट पर एक प्रेरणादायक कॉर्पोरेट फिल्म और वीडियो भी दिखाई गई।

    कार्यक्रम में ई. सत्य फणि कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ने मीडिया के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यह एनटीपीसी विंध्याचल की यात्रा में एक अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कंपनी की सुरक्षा प्राथमिकताओं और हरित ऊर्जा की ओर इसके स्थिर कदमों पर जोर दिया।
    प्रेस मीट के दौरान एक संवादात्मक सत्र भी हुआ, जिसमें मीडिया प्रतिनिधियों ने कोयला भंडारण, राख उपयोग, हरित हाइड्रोजन, टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन, और समाज कल्याण योजनाओं जैसे विषयों पर सवाल उठाए। इस सत्र में एनटीपीसी विंध्याचल के वरिष्ठ प्रबंधन सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक (चिकित्सा), संजीब कुमार साहा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण),  त्रिलोक सिंह, महाप्रबंधक (आरएलआई),  सुजय कर्मकार, महाप्रबंधक (हरित रसायन एवं बीई), राजेशेखर पाला, महाप्रबंधक (प्रचालन),   ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (मेंटीनेंस एवं ए डीएम) और डी.के. अग्रवाल, महाप्रबंधक (संविदा एवं सामग्री) शामिल रहे।
    कार्यक्रम का समापन श्रीमती मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने धन्यवाद ज्ञापन से किया, जिसमें मीडिया के योगदान को सराहा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती कुमना शर्मा, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) द्वारा किया गया।
    यह प्रेस मीट एनटीपीसी विंध्याचल की पारदर्शिता को और सशक्त बनाते हुए, इसकी स्थिरता, संचालन उत्कृष्टता, और समाज कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को और दृढ़ करता है।

  • एनटीपीसी खरगोन में फाइब्रोस्कैन शिविर और आंत स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया

    एनटीपीसी खरगोन में फाइब्रोस्कैन शिविर और आंत स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया

    कार्यक्रम तीन दिनों तक चला और इसमें 180 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया

     खरगोन। एनटीपीसी खरगोन के चिकित्सा विभाग ने AHWAHAN पहल के तहत यकृत (लीवर) और आंत स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए फाइब्रोस्कैन शिविर और आंत स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चला और इसमें 180 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने अपने यकृत स्वास्थ्य का आकलन करने और पाचन स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का अवसर लिया।

    फाइब्रोस्कैन कैंप एक महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग पहल थी, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक चरण में यकृत स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का पता लगाना था ताकि समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके। NTPC कर्मचारियों और सहयोगियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर था।

    सत्र का उद्घाटन शुभाशीष बोस, BUH खरगोन,  वी. मोहन, GM (O&M),  श्याम दगानी, AGM (HR), श्रीमती देबिका बोस, अध्यक्ष अहिल्या महिला मंडल, श्रीमती शैला मोहन, उपाध्यक्ष अहिल्या महिला मंडल और एएमएम के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में किया गया। स्क्रीनिंग शिविर के साथ-साथ, दो दिवसीय आंत स्वास्थ्य जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। पहले दिन का सत्र NTPC कर्मचारियों के लिए था, जबकि दूसरे दिन CISF से जुड़े सदस्यों के लिए सत्र आयोजित किया गया। ये सत्र प्रतिष्ठित डॉ. अरुण सिंह भदौरिया, परामर्शदाता- गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, मेदांता अस्पताल द्वारा संचालित किए गए, जिन्होंने स्वस्थ आंत को बनाए रखने, आहार संबंधी आदतों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली में सुधार के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की।

    NTPC खर्गोन में AHWAHAN की यह पहल जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप की शक्ति का प्रमाण है। जब स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है, तो इस तरह के प्रयास एक स्वस्थ और अधिक जागरूक समुदाय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम NTPC की अपने कर्मचारियों और हितधारकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं और समग्र स्वास्थ्य देखभाल पहलों के लिए एक मानक स्थापित करते हैं।

  • एनसीएल ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत संविदा कर्मियों हेतु लगाया दो दिवसीय नि: शुल्क टीबी स्क्रीनिंग कैंप

    एनसीएल ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत संविदा कर्मियों हेतु लगाया दो दिवसीय नि: शुल्क टीबी स्क्रीनिंग कैंप

    सोनभद्र, सिंगरौली। बुधवार को एनसीएल की दूधिचुआ परियोजना ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान एवं ‘100 दिवसीय पहचान एवं उपचार’ अभियान के तहत संविदा कर्मियों हेतु दो दिवसीय नि: शुल्क टीबी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया। यह कैंप क्षय रोग (टीबी) की रोकथाम और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। 17 मार्च से 18 मार्च, 2025 तक आयोजित इस कैंप के दौरान दूधिचुआ की मेडिकल टीम द्वारा उपस्थित सभी की टीबी संबन्धित लक्षणों के आधार पर जांच की गयी।

    इस दौरान 200 से अधिक संविदा कर्मियों ने टीबी संबंधित लक्षणों के आधार पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवायी। इसके अतिरिक्त कैंप में चिकित्सकों की टीम ने उपस्थित लोगों को क्षय रोग से संबंधित, लक्षणों और आवश्यक सावधानियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। साथ ही टीबी रोकथाम हेतु शीघ्र निदान, समय पर उपचार और जन भागीदारी के बारे में भी उपस्थित सभी को जागरूक किया गया।  गौरतलब है कि एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों में टीबी उन्मूलन एवं रोकथाम हेतु विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, जांच शिविर एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

  • एनसीएल ने “नए आयकर बिल एवं बिज़नेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग” पर आयोजित किया सेमिनार

    एनसीएल ने “नए आयकर बिल एवं बिज़नेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग” पर आयोजित किया सेमिनार

     सोनभद्र, सिंगरौली।  मंगलवार को भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने “नए आयकर बिल और बिज़नेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग” विषय  (बीआरएसआर) पर वाराणसी में सेमिनार का आयोजन किया।
    इस अवसर पर एनसीएल ने वित्तीय एवं विनियामक समझ को विकसित करने हेतु तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया।
    इन पुस्तकों में ‘रेडी रेकनर फॉर क्लोजिंग ऑफ अकाउंट्स’, ‘नेविगेटिंग सैप फॉर अकाउंटिंग’ एवं ‘कोयला उद्योग में जीएसटी – कोयला क्षेत्र को प्रभावित करने वाले जीएसटी विनियमों का एक व्यापक विश्लेषण’ शामिल हैं।
    बैठक की अध्यक्षता निदेशक (वित्त), कोल इंडिया लिमिटेड, मुकेश अग्रवाल ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में सीए रोहित रूहाटिया, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ स्टडीज, आईसीएआई, सीए अतुल मेहरोत्रा और सीए सीएमए, अंकित शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही इस दौरान सीआईएल की अनुषंगी कंपनियों के निदेशक (वित्त), एनसीएल निदेशक (तकनीकी/संचालन),  जितेन्द्र मलिक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    सेमिनार में सीए सीएमए, मोहित गर्ग, अंडर सेक्रेटरी , भारत सरकार (सीबीडीटी) और सीए हर्षा रमानी, आईसीएआई सहित अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया।
    सेमिनार के दौरान अधिगम एवं पेशागत विकास हेतु  ‘एनसीएल सिंगरौली सीपीई स्टडी सर्किल’ की स्थापना के प्रति प्रतिबद्धता भी जताई गयी।
    इस दौरान अपने सम्बोधन में निदेशक (वित्त), कोल इंडिया लिमिटेड,  मुकेश अग्रवाल ने एनसीएल द्वारा कोयला उद्योग में वित्तीय उत्कृष्टता और विनियामक अनुपालन को बढ़ावा देने हेतु आयोजित सेमिनार को महत्वपूर्ण बताते हुए कंपनी के इस प्रयास की सराहना की।  
    एनसीएल के निदेशक (वित्त),  रजनीश नारायण ने सभी प्रतिभागियों को सेमिनार में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया और सेमिनार के सफल आयोजन के लिए एनसीएल के वित्त विभाग की टीम को बधाई दी।

  • एनटीपीसी खरगोन ने CSR के तहत सैनिटरी नैपकिन वितरित किए 

    एनटीपीसी खरगोन ने CSR के तहत सैनिटरी नैपकिन वितरित किए 

    खरगोन। एनटीपीसी खरगोन, अपने नैगमिक सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत, समुदाय के विकास की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिसमें स्वास्थ्य, स्वच्छता और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके उल्लेखनीय अभियानों में से एक है पुन: उपयोग योग्य सैनिटरी नैपकिन का वितरण, जो सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध गैर-लाभकारी संगठन सवेरा सोसाइटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता को बढ़ावा देना है। इन क्षेत्रों की कई लड़कियों को स्वच्छ मासिक धर्म उत्पादों तक उचित पहुंच नहीं होती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक वर्जनाएं उत्पन्न होती हैं। यह पहल सस्ती और स्थायी मासिक धर्म स्वच्छता समाधान प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस अभियान के तहत स्कूल जाने वाली लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता और सैनिटरी उत्पादों के सही उपयोग के बारे में शिक्षित किया जाएगा। साथ ही, यह पुन: उपयोग योग्य सैनिटरी नैपकिन के प्रयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरणीय अपशिष्ट को कम करने में भी योगदान देगा।

    एनटीपीसी खरगोन ने अपनी CSR प्रतिबद्धता के तहत लगभग 19.25 लाख रुपये की निधि प्रदान की है, जिसके माध्यम से सवेरा सोसाइटी द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले पुन: उपयोग योग्य सैनिटरी नैपकिन वितरित किए जा रहे हैं। इस पहल से सीधे 5000 लड़कियों को लाभ मिलेगा, जिससे वे स्थायी समाधान अपनाकर मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने में सक्षम होंगी।

    यह पहल एनटीपीसी खरगोन की सतत विकास और बालिका स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो न केवल सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। सवेरा सोसाइटी के साथ सहयोग यह दर्शाता है कि कॉरपोरेट और गैर-लाभकारी संगठनों के संयुक्त प्रयास कैसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

  • विक्रांत विश्वविद्यालय एवं हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर 

    विक्रांत विश्वविद्यालय एवं हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर 

     लखनऊ | विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर एवं हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट, लखनऊ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सामाजिक विकास, खेल और संगीत के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने के उद्देश्य से किया गया है।
     समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह और हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी डॉ. हर्ष वर्धन अग्रवाल द्वारा किए गए।
     इस MOU के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर समाज के उत्थान, युवाओं के सर्वांगीण विकास तथा खेल और संगीत के क्षेत्र में नई संभावनाओं को साकार करने के लिए कार्य करेंगी। यह MOU न केवल शिक्षा और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देगा, बल्कि रचनात्मकता और प्रतिभा को भी एक नया मंच प्रदान करेगा।

     इस ऐतिहासिक अवसर पर विक्रांत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल, न्यासी डॉ. रूपल अग्रवाल उपस्थित रहीं । इसके अलावा, ट्रस्ट की आंतरिक सलाहकार समिति के सम्मानीय सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
    दोनों संस्थानों ने आशा व्यक्त की कि यह सहयोग भविष्य में समाज के व्यापक हित में नई ऊंचाइयों को छुएगा और युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरित करेगा।

  • एनटीपीसी विंध्याचल ने वरिष्ठ प्रबंधन टीम के साथ ओपन हाउस बैठक का किया आयोजन

    एनटीपीसी विंध्याचल ने वरिष्ठ प्रबंधन टीम के साथ ओपन हाउस बैठक का किया आयोजन

    सोनभद्र, सिंगरौली।  15 मार्च 2025 को एनटीपीसी विंध्याचल ने अपने प्रशासनिक भवन के ग्राउंड फ्लोर ऑडिटोरियम में सभी कर्मचारियों के लिए एक ओपन हाउस बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में  ई. सत्य फणि कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) के साथ-साथ डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा),  ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस और एडीएएम),  राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल), विभाग प्रमुख, यूनियन और एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

    बैठक को सभी उपस्थित लोगों ने सराहा, क्योंकि इसने कर्मचारियों को उनके मुद्दों, विचारों और कार्यस्थल से संबंधित समस्याओं पर सीधे प्रबंधन से संवाद करने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। कर्मचारियों ने इस सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी चिंताओं और सुझावों को खुलकर व्यक्त किया। बैठक में कर्मचारियों द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जो एक सकारात्मक और पारदर्शी संवाद को बढ़ावा देते हुए प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ाने में सहायक रहे।
    बैठक के दौरान कर्मचारियों ने कार्यस्थल संचालन और टाउनशिप सुविधाओं से संबंधित अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया। वरिष्ठ प्रबंधन ने इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया और यह आश्वासन दिया कि इन चर्चाओं के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
    यह ओपन हाउस बैठक एनटीपीसी विंध्याचल की कर्मचारी-संलग्नता, सामूहिक निर्णय-निर्माण और सहकारी कार्य संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है। इसके माध्यम से एक समावेशी और प्रगतिशील कार्यस्थल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

  • एनसीएल की निगाही परियोजना ने सीएसआर के तहत वार्ड 22 में लगाया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    एनसीएल की निगाही परियोजना ने सीएसआर के तहत वार्ड 22 में लगाया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    150 से अधिक लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनसीएल द्वारा सीएसआर  के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, इसी क्रम में विगत रविवार (9 मार्च) को एनसीएल की निगाही परियोजना ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत वार्ड क्रमांक 22 में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर के दौरान निगाही परियोजना से चिकित्सकों की टीम ने उपस्थित लोगों के सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण सहित मधुमेय हेतु रक्त जाँच एवं रक्तचाप परीक्षण भी किया। इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों को नि:शुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया एवं टीबी संबंधित लक्षणों की पहचान एवं उपचार, समय पर जांच इत्यादि के बारे में भी जानकारी प्रदान की गयी । इस अवसर पर 150 से अधिक लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

    गौरतलब है कि एनसीएल, अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए ऐसे शिविरों का आयोजन करता रहता है ताकि समाज के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

  • एनसीएल की सीडब्ल्यूएस इकाई ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत संविदा कर्मियों हेतु लगाया निशुल्क क्षय रोग जाँच शिविर

    एनसीएल की सीडब्ल्यूएस इकाई ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत संविदा कर्मियों हेतु लगाया निशुल्क क्षय रोग जाँच शिविर

    सोनभद्र, सिंगरौली।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के प्रयासों को बढ़ाने के लिए 100 दिवसीय टीबी पहचान एवं उपचार अभियान शुरू किया गया है जिसके तहत देशभर में टीबी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर इत्यादि का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में एनसीएल की सीडबल्यूएस इकाई ने गत मंगलवार को ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान एवं ‘100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान’ के तहत संविदाकर्मियों हेतु नि: शुल्क क्षय रोग जांच शिविर का आयोजन किया।

    यह स्वास्थ्य शिविर क्षय रोग (टीबी) की रोकथाम और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस दौरान सीडब्ल्यूएस की मेडिकल टीम द्वारा उपस्थित सभी की टीबी संबन्धित लक्षणों के आधार पर जांच की गयी।

    इस दौरान लगभग 100 संविदा कर्मियों ने टीबी संबंधित लक्षणों के आधार पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवायी। इसके अतिरिक्त टीबी स्क्रीनिंग कैंप में चिकित्सकों की टीम ने उपस्थित सभी को क्षय रोग से संबंधित, लक्षणों और आवश्यक सावधानियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। साथ ही टीबी रोकथाम हेतु शीघ्र निदान, समय पर उपचार और जन भागीदारी के बारे में भी उपस्थित सभी को जागरूक किया गया।  

    गौरतलब है कि एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों में टीबी उन्मूलन एवं रोकथाम हेतु विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, जांच शिविर एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।