Category: MADHYA PRADESH

  • राख को अवसर में बदलना: एक सतत क्रांति

    राख को अवसर में बदलना: एक सतत क्रांति

      गाडरवारा। एक ऐसे युग में जहाँ स्थिरता औद्योगिक प्रगति की आधारशिला है, एनटीपीसी गाडरवारा कचरे को एक मूल्यवान संसाधन में बदलने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह पावर प्लांट राख के उपयोग के लिए एक नवीन दृष्टिकोण को अपनाकर दिखा रहा है कि औद्योगिक उपोत्पादों को बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक वृद्धि के अवसरों में कैसे बदला जा सकता है।

    फ्लाई ऐश, जो थर्मल पावर प्लांट में कोयले के दहन से उत्पन्न होने वाला एक उपोत्पाद है, को पारंपरिक रूप से कचरे के रूप में देखा जाता था। हालांकि, रणनीतिक उपयोग के माध्यम से, यह विभिन्न निर्माण गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उभरा है। एनटीपीसी गाडरवारा ने सड़क निर्माण, सीमेंट उत्पादन और ईंट निर्माण में राख के उपयोग को सफलतापूर्वक एकीकृत किया है, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह औद्योगिक उपोत्पाद अपशिष्ट के रूप में जमा होने के बजाय परिपत्र अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।

    इस वर्ष एनटीपीसी गाडरवारा ने प्रभावशाली 111% राख उपयोग प्राप्त किया है, जो अपनी स्वयं की उत्पादन मात्रा से अधिक है, क्योंकि इसने पिछले वर्षों से संग्रहीत राख का पुन: उपयोग किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि विभिन्न उपायों के माध्यम से संभव हुई है। एनटीपीसी गाडरवारा की 96% से अधिक राख को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) परियोजनाओं के लिए आपूर्ति की जाती है, जिससे पारंपरिक मिट्टी की आवश्यकता काफी कम हो जाती है और मिट्टी संरक्षण में योगदान मिलता है। लगभग 2% राख का उपयोग राख ईंटों के निर्माण में किया जाता है, जो पारंपरिक लाल ईंटों का एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है। इन ईंटों का उपयोग भवन निर्माण में किया जाता है, जिसमें एनटीपीसी गाडरवारा टाउनशिप भी शामिल है। संयंत्र पीपीसी सीमेंट उत्पादन के लिए भी राख की आपूर्ति करता है, जो निर्माण परियोजनाओं में स्थायित्व और स्थिरता को बढ़ाता है।

    एक अभूतपूर्व पहल के तहत, एनटीपीसी गाडरवारा राख का उपयोग करके नीचाई वाले क्षेत्रों को भर रहा है, जिससे उन्हें कृषि, खेल के मैदान और वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त भूमि में बदला जा रहा है। मिट्टी की परत को संघनित राख के ऊपर बिछाकर, संयंत्र यह सुनिश्चित करता है कि कृषि क्षमता बनी रहे और साथ ही अपशिष्ट सामग्री का पुन: उपयोग हो।

    इन प्रयासों को समर्थन देने के लिए, सभी परिवहन ट्रक और वाहन ठीक से ढंके होते हैं ताकि राख के बिखराव को रोका जा सके और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, निविदा प्रक्रिया को केंद्रीकृत किया गया है और पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाता है, जो जिम्मेदार और नैतिक प्रथाओं के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

    एनटीपीसी गाडरवारा में किए गए व्यापक राख उपयोग प्रयासों से कई लाभ प्राप्त होते हैं। उचित राख निपटान से जल स्रोतों में भारी धातुओं के प्रदूषण को रोका जाता है, जिससे भूजल संरक्षण सुनिश्चित होता है। निर्माण और विनिर्माण में राख के उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों जैसे कि मिट्टी और उपजाऊ भूमि की आवश्यकता कम हो जाती है, जिससे संयंत्र के पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जाता है। राख के परिवहन और प्रसंस्करण से स्थानीय रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, एनटीपीसी गाडरवारा के निकट स्थित फ्लाईओवर, सड़कें और पुलों में राख के उपयोग से इसकी मजबूती और बड़े पैमाने की परियोजनाओं में इसकी विश्वसनीयता सिद्ध होती है। राख उपयोग के लिए अपनाई गई व्यवस्थित प्रक्रिया न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित करती है और संसाधन दक्षता को अधिकतम करती है।

    2019 में चालू होने के बाद से, एनटीपीसी गाडरवारा ने लगातार अपने राख उपयोग में वृद्धि की है, जिससे अन्य थर्मल पावर प्लांट्स के लिए एक मानक स्थापित किया है। इसके जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति समर्पण राष्ट्रीय पर्यावरण नीतियों के अनुरूप है और सतत औद्योगिक प्रथाओं के महत्व को मजबूत करता है। जैसे-जैसे दुनिया भर में उद्योग पर्यावरण-अनुकूल समाधानों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, एनटीपीसी गाडरवारा का राख उपयोग मॉडल यह प्रमाणित करता है कि कैसे कचरे को एक संपत्ति में बदला जा सकता है। स्थिरता की दिशा में तेज़ी से कार्य करके, यह संयंत्र केवल अपशिष्ट का प्रबंधन नहीं कर रहा है, बल्कि एक हरित और अधिक संसाधन-कुशल भविष्य को आकार दे रहा है।

  • एनटीपीसी विंध्याचल ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया

    एनटीपीसी विंध्याचल ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया, जिसमें प्लांट और टाउनशिप के 15 से अधिक स्थानों पर अपनी समर्पित कार्यबल के अनमोल योगदान को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी विभागों की भागीदारी देखी गई, जहाँ विभाग प्रमुख और इंजीनियर-इन-चार्ज (ईआईसी) ने श्रमिकों को उनकी अथक मेहनत और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया।
    समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण प्रशासनिक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम था, जिसमें प्रशासनिक विभागों जैसे कि एचआर, पीएंडएस और नगर अनुरक्षण के संविदा कर्मियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर  ई. सत्य फणि कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, उनके साथ  राकेश अरोड़ा, मानव संसाधनप्रमुख (विंध्याचल),  आशीष अग्रवाल, अपर महाप्रबंधक(सुरक्षा) और मानव विभाग के सदस्य भी उपस्थित रहे।

    समारोह को संबोधित करते हुए  आशीष अग्रवाल, अपर महाप्रबंधक(सुरक्षा) ने श्रमिक दिवस के ऐतिहासिक पहलू पर प्रकाश डाला और बताया कि यह दिवस 1886 में शिकागो के श्रमिक आंदोलन से जुड़ा हुआ है, जिसने श्रमिकों के लिए उचित श्रम प्रथाओं की नींव रखी थी। वहीं, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल)  ई. सत्य फणि कुमार ने कार्यबल के योगदान को सराहा और एनटीपीसी की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र और राष्ट्र की प्रगति में श्रमिकों का सहयोग सराहा।
    उनकी समर्पण और सेवा के लिए आभार स्वरूप संविदा कर्मियों को पोषण और स्वच्छता किट वितरित की गई, जिसके बाद उनका सम्मान करते हुए विशेष रूप से उनके लिए संपूर्ण भोजन का आयोजन किया गया।

  • सीएमडी ने श्रमिक दिवस के अवसर पर सभी को देश हित में श्रम के द्वारा सहभागी होने का संकल्प दिलाया

    सीएमडी ने श्रमिक दिवस के अवसर पर सभी को देश हित में श्रम के द्वारा सहभागी होने का संकल्प दिलाया

    वेकोलि में कोयला श्रमिक दिवस संपन्न

    नागपुर। टीम वेकोलि ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आज दिनांक 1 मई 2025 को कोयला श्रमिक (खनिक) दिवस मनाया। कंपनी मुख्यालय में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक जय प्रकाश द्विवेदी ने कोयला खनिक की मूर्ति एवं शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

    उन्होंने अपने सम्बोधन में सभी को श्रमिक दिवस तथा महाराष्ट्र स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कर्मियों की खुशहाली और बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की। साथ ही श्रम एवं श्रमिक के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने श्रम तथा श्रमिकों के महत्व पर अपनी बात रखी। इस अवसर पर उपस्थित निदेशक तकनीकी (संचालन)  अनिल कुमार सिंह, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना)  आनंदजी प्रसाद, निदेशक (वित्त)  बिक्रम घोष, निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. हेमंत शरद पांडे तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी  अजय मधुकर म्हेत्रे ने भी कोयला खनिक की मूर्ति एवं शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

    खनिक दिवस के कार्यक्रम में सीएमडी  जय प्रकाश द्विवेदी ने उपस्थित सभी को देश हित में श्रम के द्वारा सहभागी होने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर संचालन समिति सदस्य  सी जे जोसफ ने सभी को खनिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

  • एनसीएल परिवार ने खनिक अभिनंदन दिवस पर श्रमवीरों को किया नमन’

    एनसीएल परिवार ने खनिक अभिनंदन दिवस पर श्रमवीरों को किया नमन’

    कार्य और कर्मी का सम्मान’ है सफल कार्य संस्कृति की नींव’ –  बी. साईराम
    सोनभद्र, सिंगरौली।  गुरुवार को भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में खनिक अभिनंदन दिवस-2025 के अवसर पर मुख्यालय स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    कार्यक्रम के दौरान सीएमडी एनसीएल  बी. साईराम, निदेशक (कार्मिक)  मनीष कुमार, निदेशक (वित्त)  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  जितेंद्र मलिक, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  सुनील प्रसाद सिंह, श्रमिक संघों के जेसीसी सदस्य- सीएमएस से  अजय कुमार,  आरसीएसएस से  लाल पुष्पराज सिंह, बीएमएस से  श्याम धर दूबे, एचएमएस से  अशोक कुमार पाण्डेय, सीएमओएआई महासचिव,  सर्वेश सिंह,  महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं अन्य कर्मियों ने शहीद स्मारक एवं खनिक प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर देश की ऊर्जा आपूर्ति हेतु सर्वोच्च बलिदान देने वाले ऊर्जा वीरों को नमन किया।

    इस दौरान सीएमडी  बी. साईराम ने अपने उद्बोधन में एनसीएल परिवार एवं हितग्राहियों को “खनिक अभिनंदन दिवस” की बधाई दी। साथ ही उन्होंने कर्मी और कार्य दोनों के सम्मान की कार्य संस्कृति को आत्मसात करने हेतु आह्वान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोल इंडिया के गौरवशाली 50 वर्ष पूर्ण होने के आलोक में इस खनिक अभिनंदन दिवस को अलग और अहम बताया l उन्होंने एनसीएल की शानदार विभागीय क्षमता उत्कृष्टता का ज़िक्र करते हुए सभी कर्मियों के अभूतपूर्व योगदान की सराहना की।
    इस अवसर पर एनसीएल मुख्यालय के विभिन्न विभागों में पदस्थ 58 उत्कृष्ट कर्मियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। एनसीएल की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में खनिक अभिनंदन दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।इस अवसर पर विभिन्न संवर्गों में 270 पात्र एनसीएल कर्मियों को पदोन्नति भी मिली है।
    गौरतलब है कि ‘खनिक अभिनंदन दिवस’ पर केन्द्रीय कार्यक्रम का आयोजन एनसीएल स्टेडियम, सिंगरौली में किया जाएगा जिसमें विभिन्न परियोजना व उत्कृष्ट कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा । 

  • अप्रैल माह में एनसीएल से सेवानिवृत्त हुए कर्मियों के सम्मान में आयोजित हुआ अभिनंदन समारोह

    अप्रैल माह में एनसीएल से सेवानिवृत्त हुए कर्मियों के सम्मान में आयोजित हुआ अभिनंदन समारोह

    सोनभद्र, सिंगरौली।  बुधवार को भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) से 7 अधिकारियों एवं 31 कर्मचारियों सहित कुल 38 कर्मी सेवानिवृत्त हुए। एनसीएल मुख्यालय से  निर्भय चावरे , मुख्य प्रबंधक (उत्पादन),  बबुआ राम यादव , सहायक अभियंता (सिविल) एवं  अमृत लाल, पर्यवेक्षक  (परिवहन) ग्रेड-सी, गुणवत्ता नियंत्रण सेवानिवृत्त हुए।
    कंपनी मुख्यालय में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान एनसीएल सीएमडी  बी. साईराम, निदेशक (कार्मिक),  मनीष कुमार, निदेशक (वित्त),  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन),  जितेंद्र मलिक, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष, अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण तथा सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के परिजन उपस्थित रहे | इस अवसर पर अपने उद्बोधन में सीएमडी एनसीएल,  बी. साईराम ने कंपनी की उत्तरोत्तर प्रगति में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की। इस दौरान एनसीएल के निदेशक मण्डल ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को जीवन की आगामी पारी की शुरुआत हेतु शुभकामनाएं दीं। अभिनंदन समारोह के दौरान सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों ने एनसीएल में अपने लंबे कार्यालयीन जीवन के संस्मरण सभी के साथ साझा किए और अपनी उपलब्धियों का श्रेय एनसीएल को दिया ।
    गौरतलब है कि एनसीएल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों व इकाइयों में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।

  • एनटीपीसी-विंध्याचल द्वारा 03 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर दी गई भावभीनी विदाई

    एनटीपीसी-विंध्याचल द्वारा 03 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर दी गई भावभीनी विदाई

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना में दिनांक 30.04.2025 को अपनी दीर्घ सेवा देने के पश्चात कुल 03 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी राधेश्याम दूबे, वरिष्ठ प्रबंधक (ईंधन प्रबंधन),   कारू लाल खारोल, वरिष्ठ सहायक अभियंता (प्रचालन) एवं फ्लोरेन्टीउस लकरा अभियंता/एसएलपीएस (प्रचालन) हैं।

    एनटीपीसी-विंध्याचल प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का सम्मान परियोजना के उमंग भवन के सभागार में किया गया। स्वागत की कड़ी में कार्यकारी निदेशक(विंध्याचल)  ई सत्य फणि कुमार, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण)  संजीब कुमार साहा नें सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का पुष्पमाला से स्वागत किया। साथ ही परियोजना की यूनियन/एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी पुष्पमाला पहनाकर अतिथि कर्मचारियों का स्वागत किया।
    इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल)  ई सत्य फणि कुमार ने सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि एनटीपीसी-विंध्याचल को वर्तमान ऊंचाइयों तक पहुंचाने में आपके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और एनटीपीसी-विंध्याचल सदा ही आपकी सेवा के लिए आपका कृतज्ञ रहेगा। साथ ही महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण)  संजीब कुमार साहा नें भी सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अपने जीवन की नई पारी की नए सिरे से शुरुआत करने हेतु शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसी कड़ी मे विभागाध्यक्षों ने भी सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
    सम्मान की कड़ी में सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का कार्यकारी निदेशक(विंध्याचल)  ई सत्य फणि कुमार, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण)  संजीब कुमार साहा एवं अन्य महाप्रबंधकगणों द्वारा श्री फल, शाल एवं स्मृति-चिन्ह से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एनटीपीसी मे उनके द्वारा दी गई दीर्घ सेवाओं के लिए दीर्घ सेवा प्रमाण-पत्र आदि भी प्रदान किया गया ।  
    तत्पश्चात सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों ने बारी-बारी से एनटीपीसी से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। सभी ने एनटीपीसी में अपने बिताए समय को अविस्मरणीय कहा । उन्होंने कहा कि उनकी पहचान एनटीपीसी के कारण ही बनी है और वे अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। इसी के साथ सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों ने सभी सहकर्मियों को उनके सहयोग एवं सानिध्य के लिए विशेष तौर से धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महाप्रबंधक गण, विभागाध्यक्ष, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण, सेवानिवृत होने वाले विभाग के कर्मचारी गणों के साथ-साथ एवं उनके परिवार जन भी उपस्थित रहे।अभिनंदन समारोह का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्रबन्धक (मानव संसाधन) श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी द्वारा किया गया। 

  • श्रीमती रश्मिता झा मुख्य सतर्कता अधिकारी,एनटीपीसी ने किया एनटीपीसी विंध्याचल का दौरा

    श्रीमती रश्मिता झा मुख्य सतर्कता अधिकारी,एनटीपीसी ने किया एनटीपीसी विंध्याचल का दौरा

    सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी लिमिटेड की मुख्य सतर्कता अधिकारी श्रीमती रश्मिता झा (IRS) ने एनटीपीसी विंध्याचल का दौरा किया। यह यात्रा पारदर्शिता, सतत विकास और परिचालन उत्कृष्टता को और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
    सर्वप्रथम कार्यक्रम शुरुआत एनटीपीसी विंध्याचल के सूर्य भवन गेस्ट हाउस में वृक्षारोपण कार्यक्रम से हुई, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्टेशन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसके पश्चात, श्रीमती झा ने एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विंध्याचल परियोजना की प्रमुख उपलब्धियों एवं प्रचालन से जुड़ी जानकारियाँ प्रस्तुत की गईं।
    इस अवसर पर एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक  ई.सत्य फणि कुमार सहित वरिष्ठ प्रबंधन टीम के सदस्य संजीब कुमार साहा,महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण), डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक (चिकित्सा),  त्रिलोक सिंह, महाप्रबंधक(आर एल आई),  डी.के. अग्रवाल, महाप्रबंधक (संविदा एवं सामग्री),  राजशेखर पाला, महाप्रबंधक(प्रचालन),  ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम), एवं  राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विभागाध्यक्षों व एसएमसी सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।

    अपने संबोधन में श्रीमती झा ने सक्रिय सतर्कता, नैतिक आचरण एवं एसओपी(SOPs) के माध्यम से पारदर्शिता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर ऋषि कपूर, अपर महाप्रबंधक (सतर्कता) द्वारा केस स्टडीज़ पर आधारित एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद ईआईसी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक रचनात्मक संवाद हुआ। इस अवसर पर श्रीमती झा ने “श्रम की रोशनी” शीर्षक से एक लघु वीडियो का विमोचन भी किया, जो संविदा श्रमिकों के समग्र विकास और कल्याण हेतु स्टेशन द्वारा की गई पहलों को दर्शाता है। उन्होंने टीम विंध्याचल के प्रयासों की सराहना की और सतत विकास, नवाचार और ईमानदारी पर केंद्रित इन पहलों को जारी रखने का आग्रह किया।
    कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा सम्मान समारोह और संजीब कुमार साहा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। ऐसी उच्चस्तरीय यात्राएं एनटीपीसी विंध्याचल की उत्कृष्टता, नैतिक शासन और सतर्कता-संस्कृति को और सुदृढ़ करती हैं।

  • एनसीएल ने देश की पहली स्वदेशी 20 क्यूबिक मीटर इलेक्ट्रिक रोप शॉवल को निगाही में किया नियोजित

    एनसीएल ने देश की पहली स्वदेशी 20 क्यूबिक मीटर इलेक्ट्रिक रोप शॉवल को निगाही में किया नियोजित

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनसीएल का ’मेक इन इंडिया’ के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में अहम कदम  कोल इंडिया लिमिटेड की सिंगरौली स्थित अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने मंगलवार को अपनी निगाही परियोजना में 20 क्यूबिक मीटर क्षमता की इलेक्ट्रिक रोप शॉवल का उद्घाटन किया। देश की पहली स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित इस 20 क्यूबिक मीटर क्षमता की इलेक्ट्रिक रोप शॉवल की आपूर्ति भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ‘बीएमएल’ द्वारा की गई है।
    एनसीएल की निगाही परियोजना में आयोजित उद्घाटन समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन  पी एम प्रसाद, बीईएमएल के सीएमडी  शांतनु रॉय, सीआईएल के निदेशक (एचआर)  विजय रंजन, सीआईएल के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक वीसी के माध्यम से जुड़े। इस अवसर एनसीएल के सीएमडी  बी. साईराम, निदेशक (एचआर), मनीष कुमार, निदेशक (वित्त)  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन),  जितेंद्र मलिक, निगाही तथा एनसीएल मुख्यालय के अधिकारीगण, श्रम संघ प्रतिनिधि व कर्मचारीगण कार्यक्रम स्थल पर  मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में बीईएमएल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
    4.45 मिलियन क्यूबिक मीटर की वार्षिक उत्पादन क्षमता रखने वाली यह पर्यावरण अनुकूल मशीन ऑल-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन से सुसज्जित है, जो शून्य कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करती है। इस मशीन में बेहतर दक्षता और नियंत्रण के लिए उन्नत आईजीबीटी-आधारित एसी ड्राइव तकनीक है। साथ ही यह मशीन ऑपरेटर की सहूलियत हेतु पूरी तरह से वातानुकूलित आरामदायक केबिन व नवीनतम उन्नत सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित है । पिछले वर्षो में एनसीएल ने ड्रैगलाइन, 20 क्यूबिक मीटर क्षमता के शॉवेल और 190 टन क्षमता के डंपर और कई नए उपकरणों के अपने बेड़े में शामिल कर भविष्य की नींव मजबूत की है । इस नई इलेक्ट्रिक रोप शॉवेल की तैनाती से एनसीएल की उत्पादन क्षमताओं को और मजबूत मिलेगी व उच्च उत्पादकता एवं सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

  • बाल भवन एवं सुहासिनी संघ का वार्षिकोत्सव : रंगारंग प्रस्तुतियों में झलकी एकता और उत्साह की झलक

    बाल भवन एवं सुहासिनी संघ का वार्षिकोत्सव : रंगारंग प्रस्तुतियों में झलकी एकता और उत्साह की झलक

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल के उमंग भवन सभागार में बाल भवन एवं सुहासिनी संघ (लेडीज़ क्लब) का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और पारिवारिक सौहार्द्र के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  ई. सत्य फणि कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) रहे। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों में  डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी,मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा),  संजीब कुमार साहा,महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण),  अतिन कुंडू, महाप्रबंधक(परियोजना),  राजशेखर पाला,महाप्रबंधक (प्रचालन),  ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम) एवं  राकेश अरोड़ा,  मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया।
    अतिथियों का स्वागत पारंपरिक भाव से तुलसी के पौधों और गुलाब की कलियों के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एक मनोरंजक एंट्री गेम से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गीत ने संध्या को संगीतमय आरंभ प्रदान किया। सुहासिनी संघ की उपाध्यक्ष श्रीमती सरिका चतुर्वेदी ने सभी उपस्थित जनों का आत्मीय स्वागत किया। एक मधुर स्वागत गीत ने पूरे माहौल को भावविभोर कर दिया।
    इस दौरान महिलाओं और बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे विशेषकर नृत्य और समूह प्रस्तुतियों  ने मंच पर रंगों की बौछार कर दी। साथ ही हास्य-व्यंग्य से भरपूर सरप्राइज़ गेम्स ने दर्शकों को ठहाकों में झूमने पर विवश कर दिया।
    महासचिव श्रीमती शिल्पा कोहली ने वर्षभर की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए संगठन की उपलब्धियों को रेखांकित किया। पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, वहीं समर्पित सहयोगी स्टाफ को स्मृति चिह्न देकर उनका आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और स्वादिष्ट सामूहिक भोज के साथ हुआ। यह संध्या न केवल मनोरंजन की दृष्टि से सफल रही, बल्कि संगठन की एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का सजीव प्रमाण भी बनी।

  • एनसीएल ने मनाया “कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए विश्व दिवस”

    एनसीएल ने मनाया “कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए विश्व दिवस”

    सोनभद्र, सिंगरौली।  भारत सरकार की मिनीरत्न कम्पनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने सोमवार को “वर्ल्ड डे फॉर सेफ्टी एंड हेल्थ एट वर्क” मनाया ।  विश्व भर में यह दिन कर्मियों में व्यावसायिक दुर्घटनाओं और बीमारियों की रोकथाम हेतु कार्यस्थल पर स्वास्थ्य व सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस “स्वास्थ्य और सुरक्षा में क्रांति: कार्यस्थल पर एआई और डिजिटलाइजेशन की भूमिका” विषय पर मनाया गया।  
    एनसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनसीएल सीएमडी, बी. साईराम, निदेशक (मानव संसाधन)  मनीष कुमार, निदेशक (वित्त)  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  जितेंद्र मलिक, मुख्यालय से महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम में सर्वप्रथम खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि समर्पित की गई व सुरक्षा झंडा फहराया गया।
    इस अवसर पर अपने उद्बोधन में सीएमडी एनसीएल बी. साईराम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं डिजिटलाइजेशन को खनन प्रणाली की आवश्यकता बताते हुए नवाचारी तकनीकी को आत्मसात करने हेतु आह्वान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने एनसीएल की नवाचारी पहलों जैसे ओआईटीडीएस प्रणाली, डीजीकोल, सिमयूलेटर एवं वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी आधारित प्रशिक्षण, अमलोरी परियोजना में 5 जी नेटवर्क स्थापना एवं अन्य के बारे में जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने पूर्वानुमानित सुरक्षा विश्लेषण हेतु रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेफ्टी सेंसर,ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा उन्होने सुरक्षा हेतु तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी जोड़ने का संदेश दिया।  
    कार्यक्रम के दौरान एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन),  जितेंद्र मलिक ने मानव जीवन को सरल करने एवं सुरक्षा एवं स्वास्थ्य में एआई के महत्व का विस्तारित वर्णन करते हुए चेयरमैन, कोल इंडिया  पी.एम. प्रसाद के संदेश का बाचन किया। इस दौरान एनसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) पी. डी. राठी ने कार्यस्थल पर स्वयं के स्वास्थ्य व सुरक्षा के साथ ही मशीनों व सम्पत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए शून्य क्षति दक्षता प्राप्त करने की शपथ दिलवाई।  एनसीएल की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए ।