लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में आगरा में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 और आरएसईटीआई 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में आठ राज्यों के प्रतिनिधि कौशल विकास के नए आयामों पर मंथन कर रहे हैं।
कार्यशाला की अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव पंकज यादव ने की। इस अवसर पर मिशन निदेशक अभिषेक सिंह, एमडी/सीईओ, एसआरएलएम/एसएसडीएम, आरएसईटीआई और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश सहित अन्य आठ राज्य /केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और लद्दाख के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
डीडीयूजीकेवाई के अंतर्गत संचालित योजनाओं में ग्रामीण युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण, आधुनिक कक्षाएं, लैब, आवास, भोजन, प्रशिक्षण सामग्री और यूनिफॉर्म जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को अधिक रोजगारपरक कौशल से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
*महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर निकली थी यूपी की झांकी*
*केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रदान की ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र*
*नई दिल्ली, गणतंत्र दिवस पर निकली उत्तर प्रदेश की झांकी ने पहला स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय रंगशाला नई दिल्ली में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ट्राफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
*महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास पर थी यूपी की झांकी*
गणतंत्र दिवस परेड पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली यूपी की झांकी इस बार ‘महाकुम्भ’ पर थी। उत्तर प्रदेश की झांकी भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रतिष्ठित “महाकुम्भ 2025- स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास को प्रदर्शित कर रही थी। यह झांकी प्रयागराज में पवित्र गंगा, अविरल यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर हो रहे महाकुम्भ के दिव्य स्वरूप को दर्शा रही थी, जो पृथ्वी पर मानवता का सबसे बड़ा समागम है।
*अध्यात्म, धरोहर, विकास व डिजिटल क्रांति का संगम*
2025 का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन महाकुम्भ अध्यात्म, धरोहर, विकास और डिजिटल प्रगति का संगम है। इस झांकी के केंद्र में भी यही रहा। ट्रैक्टर के आगे ‘अमृत कलश’ की आगे झुकी हुई भव्य प्रतिकृति दर्शाई गई, जिससे अमृतधारा प्रवाहित हो रही थी। साथ ही शंखनाद, आचमन और साधना करते साधु-संत और संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालुओं ने महाकुम्भ की आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत किया। योगी सरकार के नेतृत्व में हो रहे अभूतपूर्व आयोजन का दीदार देश-विदेश से आए आगंतुकों ने भी किया।
*समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से भी हुए अवगत*
ट्रेलर के पैनल पर अमृत (शाही) स्नान के लिए जाते अखाड़ों-श्रद्धालुओं को म्यूरल एवं एलईडी स्क्रीन के द्वारा दर्शाया गया। ट्रेलर के प्लेटफार्म पर समुद्र मंथन की पौराणिक कथा को चित्रित किया गया, जिसने महाकुम्भ के महत्व और इसकी ऐतिहासिकता को रेखांकित किया। इसके पिछले हिस्से में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को दर्शाया गया था।
झांकी के माध्यम से ‘महाकुम्भ 2025’ के आयोजन में अपनाई जा रही टेक्नोलॉजी, प्रबंधन और डिजिटलीकरण को भी दर्शाया गया। इसके लिए हाईटेक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को प्रमुखता से दिखाया गया, जो सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही एलईडी के माध्यम से महाकुम्भ पर्व स्नान को जाते अखाड़ों के जुलूस को प्रसारित किया गया।
दोनों देशों के कलाकार गीत संगीत और नृत्य पेशकर भारत और नेपाल के संबंधों और साझी विरासत को सुदृढ़ करेगे
यह मैत्री यात्रा सीमावर्ती जनपदों में भावी पीढ़ी और विद्यार्थियों के बीच भारत नेपाल के गौरवशाली इतिहास और देशप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी-जयवीर सिंह
लखनऊ: भारत-नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत को बरकरार रखने की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए संस्कृतिक विभाग उ0प्र0 इस वर्ष भी भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन कर रहा है। महोत्सव में मित्र राष्ट्र नेपाल और उत्तर प्रदेश के कलाकार संगीत, लोक गीत व नृत्य पेश करेंगे। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा 5 फरवरी को सिद्धार्थनगर से प्रारंभ होकर महाराजगंज, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी होते हुए 23 फरवरी को पीलीभीत में समाप्त होगी।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के तराई सीमा क्षेत्र के जनपदों में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव-2024-25 का आयोजन स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य सीमावर्ती जनपदों में युवा पीढ़ी एवं विद्यार्थियों के बीच प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना एवं देश प्रेम की भावना को बढ़ावा देना है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव, भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने और दोनों देशों के सांस्कृतिक, सामाजिक, और कूटनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। यह महोत्सव दोनों देशों की सदियों प्राचीन संबंधों और साझी संस्कृति, और पारंपरिक संबंधों को बढ़ावा देता है। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला प्रदर्शन, संगीत, नृत्य, और पारंपरिक भोजन की विशेषताएं शामिल हैं।
श्री सिंह ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच भाषा, धर्म, रीति-रिवाज, और त्योहारों की साझी विरासत इस महोत्सव को और भी खास बनाती है। दोनों देशों के नागरिकों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करता है, जिससे मैत्री और सहयोग की भावना और भी प्रगाढ़ होती है। यह कार्यक्रम 5 फरवरी 2025 से सिद्धार्थ नगर से प्रारंभ होकर 23 फरवरी को पीलीभीत में संपन्न होगा। महोत्सव के लिए सांस्कृति विभाग से नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि महोत्सव के कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए संबंधित जनपदों के जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सांस्कृतिक यात्रा 5-7 फरवरी को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर, 11 फरवरी को जवाहर लाल नेहरू पी.जी कॉलेज, महराजगंज, 13 फरवरी को बुद्ध पी.जी महाविद्यालय, कुशीनगर, 15 फरवरी को एस.एस.बी. ग्राउंड, बलरामपुर, 17 फरवरी को जगजीत इंटर कॉलेज, श्रावस्ती, 19 फरवरी को लार्ड बुद्धा इंटर कॉलेज, बहराइच, 21 फरवरी को राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज/एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना परिसर, लखीमपुर खीरी और 22-23 फरवरी को गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह ड्रमण्ड इंटर कॉलेज, पीलीभीत में समाप्त होगा।
120 से अधिक स्टॉल, खादी और हस्तशिल्प उत्पादों की अनूठी प्रदर्शनी, ई-कॉमर्स से जुड़ेंगे खादी उत्पाद, उद्यमियों को मिलेगा बड़ा बाजार, स्वरोजगार को बढ़ावा, लाभार्थियों को वितरित किए गए उपकरण
खादी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, मण्डल स्तर पर उत्कृष्ट उद्यमियों को किया गया सम्मानित
लखनऊ । गोमती नगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आज मण्डल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग एक्सपो-2025 का भव्य उद्घाटन किया गया। यह 15 दिवसीय प्रदर्शनी (27 जनवरी से 10 फरवरी 2025 तक) उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित की जा रही है। उद्घाटन समारोह में खादी एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम निर्यात प्रोत्साहन, रेशम उद्योग एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर एक्सपो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर खादी और ग्रामोद्योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुख्य अतिथि राकेश सचान ने अपने संबोधन में कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों और योजनाओं को जनसामान्य तक पहुँचाने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 3,90,267 व्यक्तियों को रोजगार मिला, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21% अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 66,640 नवयुवकों एवं नवयुवतियों को रोजगार एवं टूलकिट्स वितरण के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि खादी को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर युवा पीढ़ी को आकर्षित किया जा रहा है, और निफ्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से खादी परिधान तैयार किए जा रहे हैं।
सरकार खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों जैसे फ्लिपकार्ट और अमेज़न से जोड़ रही है, ताकि उद्यमियों को व्यापक बाजार मिल सके। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि खादी बोर्ड की योजनाओं को जनसामान्य तक पहुँचाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कम पूंजी निवेश में अधिक रोजगार उत्पन्न करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
इस वर्ष प्रदेश के 18 मण्डलों में खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लखनऊ मण्डल के इस एक्सपो में 120 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों से आए उद्यमियों ने अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया। सहारनपुर के नक्काशीदार फर्नीचर, भदोही के कालीन, कन्नौज के मिट्टी के बर्तन, प्रतापगढ़ का आँवला मुरब्बा, कानपुर का हैंडीक्राफ्ट, अमरोहा की चादरें, सीतापुर के तौलिये एवं दरी, उन्नाव की बेकरी एवं जैकेट, मऊ के पर्दे, लखनऊ का शुद्ध रॉयल हनी, वाराणसी की सिल्क साड़ियाँ, बीकानेर के पापड़ एवं नमकीन, उत्तराखंड के ऊनी वस्त्र तथा गुजरात व राजस्थान के हस्तशिल्प से निर्मित परिधान प्रमुख आकर्षण रहे।
कार्यक्रम में मण्डल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सीतापुर की शाहिन बानो को प्रथम पुरस्कार (15,000 रूपए), उन्नाव के आशुतोष को द्वितीय पुरस्कार (12,000 रूपए) और रायबरेली के सत्यम को तृतीय पुरस्कार (10,000 रूपए) प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, लखनऊ के छह लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए उपकरण वितरित किए गए, जिनमें दोना पत्तल मेकिंग मशीन विजय लक्ष्मी एवं अनिल कुमार को, पॉपकॉर्न मशीन कलावती एवं लक्ष्मी देवी को तथा विद्युत चालित चाक श्री लियाकत अली एवं
नूर आलम को प्रदान किए गए। कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार, संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव तथा उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेंद्र प्रताप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण और पत्नी श्रीमती ज्योत्सना अरूण ने की लेह के बच्चों की मेजबानी
लेह के बच्चों से मिले यूपी के बच्चे, मिल कर की खूब मस्ती,लखनऊ सहित अयोध्या धाम और काशी भी जाएंगे लेह के बच्चे
प्रदेश की कला, संस्कृति, शिक्षा और खान-पान से रूबरू हो रहे हैं लेह के बच्चे, लखनऊ दर्शन पार्क सहित अन्य ऐतिहासिक इमारतों को देख मुग्ध हुए बच्चे ,
लखनऊ: लेह के न्यामा तहसील के छात्र फुंसुक, कुनखेना, रिंजिन और उनके सभी साथी पहली बार लखनऊ आए हैं। गोमतीनगर स्थित यूपी दर्शन पार्क में इनकी मुलाकात समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वाेदय विद्यालय के बच्चों से हुई तो पहले कुछ झिझक थी। लेकिन कुछ देर में बच्चों ने आपस में बातचीत का सिलसिला शुरू किया तो एक दूसरे के रहन सहन, स्कूल की शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई।
सर्वाेदय विद्यालय के बच्चों ने पार्क में लगी कलाकृतियों के बारें में एक एक कर बताना शुरू किया तो लेह के सभी बच्चे ध्यान से सुनने लगे। पार्क में घूमकर बच्चों ने न सिर्फ यूपी को जाना बल्कि यहां की कला और संस्कृति से भी परिचित हुए।
भारत दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आए हैं बच्चे
एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत सुदूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले बच्चे देश की कला, संस्कृति और शिक्षा से परिचित हों, इसके लिए आईटीबीपी द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत भारत दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसके अंतर्गत 26 छात्र छात्राओं और दो शिक्षकों का एक दल केंद्र शासित प्रदेश लेह के न्यामा तहसील से उत्तर प्रदेश आया है। समाज कल्याण मंत्री, श्री असीम अरुण के निर्देश पर आज सभी मेहमान बच्चों को यूपी दर्शन पार्क ले जाया गया। जहां बच्चों ने अपने अपने अनुभव साझा किये। इस मौके पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और उनकी पत्नी श्रीमती ज्योत्सना अरुण खुद भी उपस्थित रहे और बच्चों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रत्येक केन्द्र में 400 गोवंश को संरक्षित करने की क्षमता, गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा – धर्मपाल सिंह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज पशुपालन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम में निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु प्रदेश के 11 जनपदों के 20 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों का वर्चुवल लोकार्पण किया। इसके तहत जनपद हरदोई में 05, आगरा में 03, बांदा, फर्रूखाबाद, कासगंज, हाथरस, सीतापुर एवं मुरादाबाद में एक-एक तथा सहारनपुर, शाहजहांपुर एवं सुल्तानपुर में 02-02 वृहद गो संरक्षण केंद्रो का शत प्रतिशत शामिल है। सभी 20 वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों के निर्माण लागत रुपए 3202.04 लाख है। प्रति केंद्र में लगभग 400 गोवंश को संरक्षित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जनपद आगरा से भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, एस0पी0 सिंह बघेल जी भी ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े रहे। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गो संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। श्री सिंह ने सम्बंधित जनपदों के क्षेत्रीय विधायकों, ग्रामप्रधानों, जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा केयरटेकरों से भी गोवंश के रखरखाव और सहयोग पर बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गो संरक्षण कार्यों में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए और गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निराश्रित गोवंश हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। गोशालाओं में गाय भूखी न रहे, चारा, भूसा, प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो।
प्रदेश में 7753 गो आश्रय स्थलों की स्थापना की जा चुकी है, जिसमें कुल 12,43,107 निराश्रित गोवंश संरक्षित है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 543 वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसके सापेक्ष 372 केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। विगत 6 माह में 73 वृहद हो संरक्षण केंद्रों का निर्माण कर लोकार्पण कराया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि सड़कों तथा राजमार्गों के समीपस्थ ग्रामों में पशुपालकों के गोवंशों के रात्रि के समय सड़क पर आ जाने की स्थिति में मार्ग दुर्घटना की आशंका बना रहती है। सरकार द्वारा इन पशुपालकों के पशुओं के गले में रेडियम पट्टी लगाये जाने हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश निर्गत कर दिये गये हैं। जनपदों में उ0प्र0 गो संरक्षण एवं संवर्धन कोष की धनराशि से रेडियम पट्टी लगाये जाने का कार्य किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में निराश्रित गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन निरंतर किया जा रहा है। पशुपालकों एवं किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है और इस दिशा में विभाग द्वारा निरंतर सार्थक कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास के0 रविन्द्र नायक ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और पशुधन विकास मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा निराश्रित गोवंश का गो आश्रय स्थलों में निरंतर संरक्षण किया जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा ग्राम्य विकास, राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग तथा गृह विभाग के समन्वय से अवशेष निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु निरन्तर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पांडे, पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ0 जयकेश पाण्डे ,निदेशक,(रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ योगेंद्र सिंह पवार,संयुक्त निदेशक डॉ पी0के0 सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लखनऊ।एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय ने 26 जनवरी 2025 को लखनऊ में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया। एन एस राव, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर), ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।
अपने भाषण में उन्होंने भारत के विकास में एनटीपीसी के महत्वपूर्ण योगदान को 49 वर्षों तक रेखांकित किया और 2025 में एनटीपीसी के 50वें वर्षगांठ के बारे में बताया। उन्होंने एनटीपीसी की स्थायी ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता और 2032 तक 130 GW क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य की भी बात की।
उन्होंने यह भी बताया कि एनटीपीसी उत्तर क्षेत्र खास है क्योंकि यह लगभग सभी क्षेत्रों में बिजली का उत्पादन कर रहा है, जिसमें थर्मल, हाइड्रो और सोलर शामिल हैं और इस वर्ष एनटीपीसी उत्तर क्षेत्र की
उपलब्धियां
• 101.15 बिलियन यूनिट्स का उत्पादन, जो एनटीपीसी के कुल उत्पादन का 33.97% है।
• रिहंद, सिंगरौली और विंध्याचल ने एनटीपीसी के
थर्मल Plant Load Factor(PLF )रैंकिंग (दिसंबर 2024) में क्रमशः1st, 2nd और 5th स्थान प्राप्त किया।
• 20 जनवरी 2025 तक उत्तर क्षेत्र का भारत की कुल बिजली उत्पादन में 7.35% हिस्सा था।
• विंध्याचल-U#3 ने 644 लगातार संचालन दिवसों का रिकॉर्ड स्थापित किया।
राव ने एनटीपीसी की सुरक्षा संस्कृति पर जोर दिया, जिसमें “Zero Harm /ज़ीरो हार्म” कार्यस्थल का लक्ष्य रखा गया है, और पर्यावरणीय प्रयासों का उल्लेख किया, जैसे कि 2024-25 में 3 लाख से अधिक पौधों का रोपण। उत्तर क्षेत्र ने 84% से अधिक राख का उपयोग किया है (दादरी में 100% और सिंगरौली और रिहंद पावर स्टेशनों में 90%)।
एनटीपीसी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों में भी सक्रिय है, जिसमें सौर परियोजनाएं, स्वास्थ्य केंद्र और कल्याण कार्यक्रम शामिल हैं। एनटीपीसी-NRHQ की कल्याण शाखा, उत्तरा क्लब ने कई महत्वपूर्ण कल्याण गतिविधियों का आयोजन किया। गणतंत्र दिवस को खास बनाने के लिए, क्लब ने जरूरतमंद बच्चों को 50 जोड़ी जूते, स्वच्छता किट और शीतकालीन वस्त्रों के अलावा, सरकारी प्राथमिक विद्यालय गुलाम हुसैन पुरवा, लखनऊ में बालिकाओं को कुपोषण किट और स्वच्छता किट वितरित की। गणतंत्र दिवस समारोह का समापन कार्यक्रम गुब्बारे छोड़ने के साथ आ, जिसने इस अवसर को गर्व और एकता के साथ चिह्नित किया।
लखनऊ / 26 जनवरी,2025 को 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर,-एनआरएचक्यू के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिट (सीएसआर) प्रयासों के तहत, उत्तरा क्लब ने गुलाम।हुसैन पुरवा प्राइमरी स्कूल, विभूति खंड, लखनऊ के जरूरतमंद बच्चों और छात्रों के समर्थन में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया।
क्लब ने बच्चों को आवश्यक खाद्य सामग्री, 50 जोड़ी जूते, स्वच्छता किट और गर्म कपड़े वितरित किए। इसके अलावा, सरकारी प्राथमिक विद्यालय गुलाम हुसैन पुरवा, लखनऊ की लड़कियों को कुपोषण किट और स्वच्छता किट भी प्रदान की गई। यह पहल उत्तरा क्लब की अध्यक्ष श्रीमती विजय राव के नेतृत्व में की गई। कार्यक्रम के दौरान, श्रीमती राव ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया, साथ ही गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में श्रीमती नीलकमल, वरिष्ठ सदस्य, श्रीमती संगीता सिंघा राय, वरिष्ठ सदस्य, श्रीमती नुपुर दत्त, सचिव, और अन्य समिति सदस्यों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो सामूहिक रूप से समाज कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
– 10 सालों में भारत को मिली आर्थिक समृद्धि- एके शर्मा
-मऊ आने के लिए अब एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ट्रेनों की भी कमी नहीं- एके शर्मा
लखनऊ/मऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी के नेतृत्व में मऊ जनपद में 76वां गणतंत्र दिवस बड़े ही धूम धाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मऊ में गांव से लेकर के शहर तक चारों तरफ देशभक्ति का रंग देखने को मिला, युवा हो वृद्ध, महिला हो पुरुष सभी ने गणतंत्र दिवस पर बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, तो वहीं पुलिस लाइन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा सम्मिलित हुए। जहां पर उन्होंने परेड की सलामी ली, साथ ही मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी देखा।
इस मौके पर मंत्री शर्मा ने पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया और देश व प्रदेशवासियों एवं मऊवासियों को 76वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
समारोह में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा गणतंत्र दिवस पर प्रकाश डालते हुये बताया गया कि लम्बे संघर्ष एवं अनेकों वीरों की कुर्बानियों के बाद हमारे देश को स्वतंत्रता मिली और 26 जनवरी, 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ और नागरिकों को अधिकार मिले।
इस अवसर पर श्री शर्मा ने कहा कि देश की स्वतंत्रता को बनाये रखने के लिए हमें आपसी द्वेष, जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र की भावना को त्यागकर राष्ट्रीय एकता अखण्डता धर्म निरपेक्षता एवं सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करते हुए मिलजुल कर शान्ति, प्रेम, अमन चैन व भाईचारे के साथ रहना चाहिए।
इस दौरान मंत्री एके शर्मा ने मऊ में हुए चौतरफा और सर्वांगीण विकास पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय वह था, जब मऊ माफिया व गुंडागर्दी का जिला बोला जाता था। लेकिन आज माननीय प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में मऊ अब गुंडों, माफियाओं का नहीं बल्कि मऊ महादेव का जिला के रूप में जाने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में हम मऊ को एक वैश्विक स्तर का जिला और विकसित शहर बनाकर मऊवासियों के चरणों में समर्पित करेंगे।
इस दौरान जिला अधिकारी मऊ, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय , भरत लाल राही जी सहित सभी कर्मचारी एवं पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के बाद मंत्री ए.के. शर्मा मऊ नगर पालिका के कम्यूनिटी हाल पहुंचे, जहां प्रबुद्ध जनों से स्नेह मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रबुद्ध जनों से स्नेह मिलन का तात्पर्य है की किस तरह से हमें मऊ का सर्वांगीण और चौतरफा विकास करना है, जिससे आने वाले समय में हम मऊ को एक विकसित और वैश्विक स्तर का जिला बना सके, इसलिए मऊ के प्रबुद्ध जनों का मार्गदर्शन और सुझाव मेरे लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रबुद्धजनों से एक-एक करके संवाद के माध्यम से उनका सुझाव लिया और मऊ के विकास में क्या और बेहतर हो सकता है उस दिशा में उनका मार्गदर्शन लिया।
मंत्री एके शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष में एक बार प्रबुद्धजनों से मिलन और संवाद कार्यक्रम अवश्य होना चाहिए। मऊ के विकास के लिए हर सुझाव आवश्यक है, अगले सुझाव से पहले पिछले सुझाव का हिसाब मै दूंगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने बताया कि बढ़वा गोदाम से कोपागंज तक सड़क को चौड़ा किए जाने की मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही परदहा मिल में औद्योगिक जमीनों के लिए जल्द ही जमीनों का आवंटन शुरू हो जाएगा। वहीं नगर के अधिकतर घाटों का विकास कार्य शुरू होने जा रहा है। रेलवे स्टेशन भी आधुनिक और वस्तृत बनाया जा रहा है। इंदारा आदि रेलवे क्रॉसिंग का काम मंजूर हो चुका है, दोहरीघाट का विकास ध्यान में है वह भी कुछ कार्य हो चुके है कुछ होने वाले हैं। मंत्री एके शर्मा ने कहा की जनपदवासियों का आशीर्वाद ही हमारे लिए सम्मान है। सरकार की जिम्मेदारी तो विकास की है ही साथ में नागरिकों के सहयोग की भी आवश्यकता है। मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि मऊ में डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाने जा रही है। मऊ में कई नए पार्क और पोखरो का जीर्णोद्धार और विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिरों पर सोलर लाइटों को लगवाकर उजाला किया जा रहा है। उन्होंने कोपागंज कसारा दोहरीघाट विक्ट्री से जाने वाली सड़क को जल्द ही बनाने का आश्वासन दिया। साथ ही में रानीपुर ब्लॉक में स्टेडियम के विकास का भी आश्वासन दिया।
मंत्री एके शर्मा ने मऊ जिले में औद्योगिक विकास से लेकर मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी ,सड़क आदि पर लोगों से सुझाव लिया और जहाँ कहीं पर भी विकास कार्यों की जरूरत पड़ेगी, उसको आने वाले समय में पूरा करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष नूपुर अग्रवाल जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय हौसला प्रसाद उपाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता आनंद सिंह अखिलेश तिवारी संतोष सिंह रामप्रवेश राजभर रमेश राय जलत सिंह कृष्णकांत राय सुनील यादव सहित सैकड़ो भाजपा कार्यकर्ता तथा आम जनमानस व प्रबुद्ध वर्ग के लोग उपस्थित रहे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव आवास पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज के ही दिन भारत देश ने अपने संविधान को अंगीकृत किया था। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान है, जो कि देश के 140 करोड़ लोगों को न सिर्फ सपने देखने का अवसर देता है, बल्कि उन सपनों को पूरा करने की ताकत भी देता है।
उन्होंने कहा कि जिस समय भारत देश आजाद हुआ था और संविधान को अंगीकृत किया, उसी समय और भी कई देश आजाद हुए थे और लोकतंत्र की ओर गए थे, लेकिन 75 वर्षों के दरमियान कई बार वह मिलिट्री रूल के अंदर गए और वहां से लोकतंत्र कई बार वापस लौटा और कई बार समाप्त भी हुआ। हमारे संविधान के कारण 140 करोड़ लोगों के देश में हमारा संविधान शुरू से और आज की तारीख तक लोकतंत्र को बहाल रखा है, इस पर हम सभी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से हमें अभिव्यक्ति और जो कुछ भी हम करना चाहते हैं, उसको पाने की आजादी प्राप्त है। देश ने खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति की बहुत बड़ी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारा विकास हुआ है, हमारी जिम्मेदारियां भी और बढ़ जाती हैं। आज के सर्वाधिक जरूरत देश में एकता और अखंडता को कायम रखने की है। लोगों के मध्य आपसी समन्वय और बंधुत्व बना रहे। हम लोग अपने निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर देश के गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेश को विकास की नई ऊँचाईयों पर ले जाने हेतु कार्य करते रहें। उन्हें विश्वास है कि देशवासियों के लगन और परिश्रम से देश जिस रफ़्तार से बढ़ता हुआ यहां पहुंचा है, आगे भी यह दिन प्रतिदिन उन्नति व प्रगति करेगा और नवीन कीर्तिमान स्थापित करेगा। इस अवसर पर प्रमुख स्टाफ ऑफिसर श्रीमती अमृता सोनी, स्टाफ ऑफिसर रवींद्र कुमार व कृष्ण गोपाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।