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  • बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर उत्तर प्रदेश के मंत्री ए.के.शर्मा ने त्रिवेणी के पवित्र संगम में लगाई आस्था की डुबकी 

    बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर उत्तर प्रदेश के मंत्री ए.के.शर्मा ने त्रिवेणी के पवित्र संगम में लगाई आस्था की डुबकी 

    मंत्री ने मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना कर भगवान भोलेनाथ एवं सूर्य भगवान को अर्घ देकर देश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर तीर्थराज प्रयाग महाकुम्भ की त्रिवेणी के पवित्र संगम में अस्था की डुबकी लगायी। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना कर तथा भगवान भोलेनाथ एवं सूर्य भगवान को अर्घ देकर देश एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। 

    नगर विकास मंत्री ने कुम्भ मेला क्षेत्र में नगर विकास विभाग द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं जैसे कि मूत्रालय, शौचालय, पीने के पानी और घाटों पर कपड़ा बदलने की व्यवस्था का निरीक्षण कर लोगों का अभिप्राय जाना। सभी श्रद्धालू बेहद प्रसन्न एवं प्रभावित दिखे।

    मंत्री के संगम त्रिवेणी में स्नान करने के बाद वहां पर युगांडा और कर्नाटक से आये श्रद्धालुओं ने उन्हें रोककर महाकुंभ की व्यवस्थाओं और विशेष रूप से स्वच्छता और लाइटिंग की प्रशंसा की। मंत्री एके शर्मा ने इसका श्रेय सफ़ाई कर्मियों एंव बिजली कर्मचारियों को दिया और सभी को नमन करते हुए धन्यवाद भी दिया। इससे अब यह सुनिश्चित हो गया है कि देश ही नहीं बल्कि विदेश से आये श्रद्धालुओं ने भी महाकुम्भ की व्यवस्थाओं से प्रभावित और गौरान्वित होकर जा रहे हैं। 

    नगर विकास मंत्री महाकुम्भ में दो हफ्ते से लगातार तीर्थराज प्रयाग में रहकर व्यवस्थाओं पर अपनी पैनी नजर बनाये हुए हैं। जहाँ कुछ भी कमियाँ दिखती हैं वह तत्काल अधिकारियों को निर्देशित कर सुधार करवा रहे हैं, जिससे किसी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

    नगर विकास मंत्री के प्रयासों से एवं उनके नेतृत्व में कुम्भ मेला क्षेत्र की व्यवस्था बेहद चाक चौबंद रही, जिससे बसंत पंचमी में शाही स्नान सहित करोड़ों लोगों ने बेहद सुविधापूर्ण स्नान किया, किसी भी प्रकार की कोई परेशानी श्रद्धालुओं को नहीं हुई।

  • उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने नवनिर्मित किसान प्रशिक्षण भवन एवं केंद्र का उद्घाटन किया

    उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने नवनिर्मित किसान प्रशिक्षण भवन एवं केंद्र का उद्घाटन किया

    प्रदेश का आत्मनिर्भर किसान बनेगा नए यूपी की पहचान – दिनेश प्रताप सिंह

    किसान प्रशिक्षण केंद्र बागबानों को बनायेगा आत्मनिर्भर

    मंत्री ने देश व प्रदेश के सभी किसान भाईयों को आधुनिक सुविधायुक्त प्रशिक्षण केन्द्र के संचालित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

    लखनऊः प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को राजकीय उद्यान, आलमबाग में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर आर्नामेंटल प्लांट्स के तहत नवनिर्मित किसान प्रशिक्षण भवन एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने देश व प्रदेश के सभी किसान भाईयों को आधुनिक सुविधायुक्त इस प्रशिक्षण केन्द्र के संचालित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    इस प्रशिक्षण केन्द्र में किसानों को विभिन्न औद्यानिक फसलों, फल एवं सब्जियों की, पौधशाला/नर्सरी तैयार करने की तकनीकी ट्रेनिंग दी जायेगी। किसानों को नर्सरी लगाने, बीजों की बुवाई और अंकुरण से लेकर पौध तैयार करने तक की नर्सरी प्रबंधन की नई विधियां और तकनीकें सिखाई जाएंगी। यहां पर किसानों को प्रदेश की मिट्टी और जलवायु के अनुसार खेती करने की जानकारी भी दी जायेगी। 

    इस अवसर पर उद्यान मंत्री श्री सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके लिए केन्द्र एवं प्रदेश की सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं चला रही है। आधुनिक तकनीकी व सुविधाओं से युक्त इस प्रशिक्षण भवन को संचालित किया गया है। इसके माध्यम से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की जानकारी दी जायेगी। साथ ही उन्हें वैल्यू एडेड औद्यानिक फसलों को आधुनिक तरीके से उत्पादन करने और उनके रख-रखाव का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। इससे किसानों को नवीन तकनीक का ज्ञान होगा। जिसको अपनाकर वे अपनी आय बढ़ा सकेंगे और प्रदेश की औद्यानिक फसलों के निर्यात में भी योगदान दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्यानिक फसलों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिले एवं बागवान समृद्ध हो, यही हमारी सरकार का संकल्प है, जल्द ही प्रदेश का आत्मनिर्भर किसान नए यूपी की पहचान बनेगा।

    उद्यान मंत्री ने बताया कि लगभग 04 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित इस किसान प्रशिक्षण भवन में क्लास रूम, प्रशिक्षक कक्ष, प्रदेश और प्रदेश के बाहर से आने वाले किसानों के रुकने के लिए 100 बेड की डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, स्टोर, किसान प्रशिक्षण हाल सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। यह भवन प्रदेश के किसानों एवं बागबानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा। जहां उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, वैल्यू ऐडेड फसलों के उत्पादन एवं विपणन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। 

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी0एल0मीणा, निदेशक डा0 बी0वी0द्विवेदी, संयुक्त निदेशक डा0 सर्वेश कुमार, डा0 राजीव वर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

  • महाकुंभ के नवाचार बन रहे वैश्विक अध्ययन के विषय…

    महाकुंभ के नवाचार बन रहे वैश्विक अध्ययन के विषय…

     प्रयागराज ।  महाकुंभ में लगभग 34 करोड़ लोग आकर स्नान करके चले गये। उनमें से कई यहीं पर रुके भी  हुए हैं। इन सबकी मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ -साथ आधुनिक सुविधा और सुरक्षा धरती पर हो रहे इस सबसे बड़े मेले की ताकत रही है। और उसके  प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का उपयोग वैश्विक  अध्ययन का विषय बना है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री इन उपायों को करने में और इन्हें धरती पर कार्यरत करने में एवं लोकोपयोगी बनाने में अग्रसर दिखाई दे रहे हैं। 

    उन्होंने हमेशा यह कहा है कि महाकुंभ हमारी  प्राचीन विरासत है लेकिन अबकी बार ऐसे समय में हो रहा  है जब भारत दुनिया का तेज़ी से विकास करने वाला देश बना है। यह महाकुंभ डिजिटल इंडिया में हो रहा है। यह मेला विश्व  की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में हो रहा है। इसलिए यह मौक़ा है विश्व को भारत का विराट आधुनिक स्वरूप दिखाने का। वो कहते रहे हैं कि इसी मिज़ाज के साथ वो इस मेले के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दिशा में उन्होंने कई उदाहरण प्रस्तुत किया है।  उनके नगर विकास विभाग के जल निगम नगरीय द्वारा 250 से ज़्यादा वॉटर एटीएम लगाकर  महाकुम्भ मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों को शुद्ध जलापूर्ति उपलब्ध। इस प्रकार की सुविधा बड़े शहरों और विकसित कहे जाने वाले देशों में भी नहीं उपलब्ध हो पाती है। * जल निगम द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 21 जनवरी 2025 से लेकर  आज 2  फरवरी 2025 तक कुल 41 लाख से अधिक लोगों ने वॉटर एटीएम का प्रयोग करते हुए शुद्ध जल पीने का लाभ उठाया है। वाटर नेटवर्क से कनेक्टेड वॉटर एटीएम से प्रतिदिन औसतन 12 से 15 हजार लीटर पानी श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। एटीएम में बाकायदा सिम लगा हुआ है जिसके जरिए यह जल निगम के इंटरनेट नेटवर्क से भी कनेक्टेड रहता है। 

    महाकुंभ के सुचारू व्यवस्थापन के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना मेलाक्षेत्र में ही की गई है। साथ ही मेले के प्रबंधन हेतु 2700  से ज़्यादा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे भी लगाए गए हैं। इनके ज़रिये हर पल, हर जगह की सूचना आईसीसीसी के कंट्रोल रूम में मिलती रहती है।  महाकुंभ के दृष्टिगत प्रयाग नगर के कई  क्षेत्रों में साफ़-सफ़ाई एवं ट्रैफिक सहित अनेक सेवाओं के बारे में नगर निगम के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए AI कैमरों के मार्फ़त ज़मीनी स्थिति का व्यवस्थापन हो रहा हैं। ये कैमरे सफ़ाई अधिकारियों की मोटर साइकिल पर भी लगे हैं। यही कारण है कि हज़ारों हेक्टेयर में फैले इस मेले में गंदगी का नामो निशान नहीं दिख रहा है।  पूरे मेला क्षेत्र में 52 हज़ार से अधिक  बिजली के खंभे लगाए गये हैं। उन पर ऊर्जा विभाग ने तीर्थयात्रियों की मदद के लिए एक बहुत ही अच्छा काम किया है।  बिजली के हर खंभे की जीआईएस मैपिंग करके उसकी भौगोलिक जगह चिन्हित की गई है।  हर खंभे को एक संख्या दी गई है। जो उस पर लिखी है। खंभे की संख्या बताने से उसकी लोकेशन यानी जगह मालूम पड़ जाएगी।  आपका कोई भी प्रिय व्यक्ति बिछड़ गया हो या अन्य कोई समस्या हो तो पुलिस या प्रशासन के नज़दीक के सहायता काउंटर अथवा हेल्पलाइन पर अपने खंभे की संख्या और अपनी समस्या बताने पर प्रशासन  के अधिकारी या पुलिस आप तक पहुँचकर आपकी मदद कर पायेंगे। 

    एक अन्य विकल्प यह भी है कि बिजली के उसी खंभे पर उसी जगह पर क्यू आर (QR) कोड  स्थापित है। इसे अपने स्मार्ट फ़ोन से आप स्कैन करेंगे तो एक  छोटा सा फॉर्म स्वतः खुल जाएगा। उसमें अपना नाम, फ़ोन नंबर और समस्या आप भरकर सबमिट करेंगे तो प्रशासन आप तक स्वतः पहुँचकर आपकी मदद कर रहा है।  अपनों को खोजना हो; या कुछ खोया हुआ पाना हो। रास्ता जानना हो; या और कोई समस्या हो। बस अपने नज़दीक में बिजली का खंभा खोज लीजिए। हज़ारों लोग इसका लाभ ले चुके हैं।

  • वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केन्द्रीय बजट पर दी प्रतिक्रिया

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केन्द्रीय बजट पर दी प्रतिक्रिया

    बजट में किसान, युवा, गरीब और नारी शक्ति तथा अन्नदाता पर विशेष फोकस

    12 लाख तक आयकर में छूट के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को एक लाख रुपए की अतिरिक्त छूट से आमजन को बड़ी राहत

    केन्द्रीय करों में राज्यांश हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 में उत्तर प्रदेश के लिये 2,55,172.21 करोड़ रुपये आवंटित

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज प्रस्तुत केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में किसान, युवा, गरीब और नारी शक्ति तथा अन्नदाता पर विशेष फोकस किया गया है। 12 लाख तक आयकर में छूट के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को एक लाख रुपए की अतिरिक्त छूट की व्यवस्था से आमजन को बड़ी राहत प्रदान की गई है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया है। इससे लोगों की क्रयशक्ति बढ़ेगी, जिसके परिणाम स्वरूप मांग बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 

    श्री खन्ना ने कहा कि कृषि क्षेत्र में किसानों के लिये 100 जिलों में पी.एम. धनधान्य कृषि योजना, जिसमें फसलों की पैदावार, सिंचाई, किसानों को कर्ज आदि सम्मिलित होंगे तथा 1.70 करोड़ किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। किसान क्रेडिट कार्ड 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है। दालों के प्रोडक्सन को बढ़ा कर दाल के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मछली उत्पादन को बढ़ावा देने पर बजट में विशेष जोर है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में अब तक 7.5 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। स्टार्टअप के लिये 2 करोड़ रुपये तक का लोन, माइक्रो उद्यमों के लिये 5 लाख रुपये के क्रेडिट कार्ड तथा 5 लाख दलित – आदिवासी महिलाओं के लिये 2 करोड़ लोन। एम0एस0एम0ई0 की अर्नओवर बढ़ाने के साथ-साथ आई0आई0टी0 की संख्या को दोगुना करने एवं 50 पर्यटन स्थलों के विकास का प्रावधान बजट में किया गया है। बजट में के0वाई0सी0 के प्रावधान को भी आसान किये जाने की व्यवस्था की गयी है।

    सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि बजट में जन विश्वास बिल के साथ-साथ पी0एम0 फेलोसिप के माध्यम से 10 हजार लोंगो को लाभान्वित किये जाने का प्रावधान किया गया है। यह बजट सेवा क्षेत्र एवं आम आदमी को बहुत अधिक लाभ देने वाला है, मध्यम वर्ग को राहत देने के साथ-साथ एक उत्साह जनक बजट है। इस बजट से आर्थिक गतिधियों को और अधिक गति मिलेगी जो अर्थव्यवस्था के पांच ट्रिलियन डालर के लक्ष्य में सहायक होगी।  

    वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केन्द्रीय बजट 2025-2026 में उत्तर प्रदेश के दृष्टिगत बताया कि केन्द्रीय करों में राज्यांश हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 में उत्तर प्रदेश के लिये 2,55,172.21 करोड़ रुपये आवंटित। (वित्तीय वर्ष 2024-2025 के मूल केन्द्रीय बजट में यह अनुमान 2,18,816.84 करोड़ रुपये था) वित्तीय वर्ष 2024-2025 के पुनरीक्षित आँकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश को केन्द्रीय करों में राज्यांश मद में 2,30,854.62 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो इस हेतु मूल केन्द्रीय बजट अनुमान 2,18,816.64 करोड़ रुपये से 12,037.78 करोड़ रुपये अधिक है। उल्लेखनीय है कि इस मद में राज्य को 31 दिसम्बर, 2024 तक 1,92,696.91 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। पूंजीगत व्यय पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के लिये राज्यों के लिये 50 वर्षीय ब्याज रहित ऋण की योजना हेतु 1.50 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 में भी समस्त राज्यों के लिये 1,50,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था तथा उत्तर प्रदेश को अब तक इस योजना के अन्तर्गत 10,795.16 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।

  • वर्ष 2025-26 का बजट श्रेष्ठ भारत की नींव रखने में अहम भूमिका निभायेगा – नितिन अग्रवाल

    वर्ष 2025-26 का बजट श्रेष्ठ भारत की नींव रखने में अहम भूमिका निभायेगा – नितिन अग्रवाल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने आज लोक सभा में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2025-26 के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट महिला, युवा, किसान और नौजवानों को समर्पित किया गया है। यह बजट श्रेष्ठ भारत की नींव रखने में अहम भूमिका निभायेगा और प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की परिकल्पना को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। 

    श्री अग्रवाल ने कहा कि बजट में जहां किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है, वहीं मध्यमवर्गीय लोंगो के लिए 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही स्टार्टअप, इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, अपर्चुनिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलमेंट पर खास फोकस करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने इस सर्वसमावेशी, जनकल्याणकारी एवं दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं वित्त मंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

  • केन्द्रीय बजट में 50 पर्यटन स्थालों के विकास की घोषणा का पर्यटन मंत्री ने किया स्वागत

    केन्द्रीय बजट में 50 पर्यटन स्थालों के विकास की घोषणा का पर्यटन मंत्री ने किया स्वागत

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने केंद्रीय बजट को आम जनता बजट बताया

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज पेश हुए केन्द्रीय बजट को आम जनता का बजट बताते हुए कहा है कि इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। उन्होंने बजट को मध्यम वर्ग एवं नौकरी पेशा लोगों के लिए राहत देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में करोड़ों भारतीयों के सपनो को साकार करने की पहल की गई है। बजट में हर क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि विकास और विरासत को एक साथ लेकर चलने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बजट में देश के सर्वश्रेष्ठ 50 पर्यटन स्थलों के विकास के लिए की गई घोषणा के प्रति प्रधानमंत्री जी एवं वित्त मंत्री जी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन 50 पर्यटन स्थलों में अधिकांश उत्तर प्रदेश में स्थित हैं, इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    श्री सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विश्व के महत्वपूर्ण पर्यटन आकर्षणों में से एक है। बीते वर्ष लगभग 65 करोड़ पर्यटको ने यहां का रुख किया था। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, आगरा, चित्रकूट, कुशीनगर सहित अनेक स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। प्रदेश सरकार प्राथमिकत के आधार पर इन पर्यटन स्थलों और पर्यटक सुविधाओं का विकास कर रही है। इसमें केंद्र सरकार का सहयोग सराहनीय है।

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन-2 योजना के तहत नैमिषारण्य, प्रयागराज और महोबा का चयन किया गया है। नैमिषारण्य और प्रयागराज के विकास के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है जबकि महोबा के लिए शीघ्र स्वीकृति मिलने की संभावना है। वर्ष 2025-2026 के केंद्रीय बजट में सर्वश्रेष्ठ 50 पर्यटन स्थलों के विकास की घोषणा की गई है। इसमें भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास पर विशेष जोर है।

    इसलिए हमे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को विशेष लाभ होगा। क्योकि भगवान गौतम बुद्ध ने तप, ज्ञान, उपदेश, धरती पर अवतरण, महानिर्वाण के लिए उत्तर प्रदेश को चुना या। यहा कुशीनगर, संकिसा, श्रावस्ती, सारनाथ, कपिलवस्तु, कौशाबी समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थल स्थित है। विश्व भर के बौद्ध धर्मावलंवियों के लिए उत्तर प्रदेश पाचन तीर्थस्थल है। उत्तर प्रदेश पर्यटन यहा का प्राथमिकता के आधार पर विकास कर रहा है। इसके अलावा अयोध्या, काशी, मथुरा, आगरा सहित अन्य स्थल सर्वश्रेष्ठ गंतव्यस्थलों में से एक हैं।

  • ग्रामीण युवाओं के कौशल संवर्धन पर क्षेत्रीय कार्यशाला संपन्न

    ग्रामीण युवाओं के कौशल संवर्धन पर क्षेत्रीय कार्यशाला संपन्न

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में आगरा में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आज समापन हुआ। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 (DDU-GKY 2.0) और आरएसईटीआई 2.0 (RSETI 2.0) के कार्यान्वयन की चुनौतियों और रणनीतिक हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा के साथ कार्यशाला के अंतिम दिन विभिन्न राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं की प्रस्तुति दी गई।

    कार्यशाला के दूसरे दिन पहले सत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा DDU-GKY 2.0 और RSETI 2.0 की मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) पर विस्तृत अध्याय-वार प्रस्तुति दी गई। इसके बाद द्वितीय सत्र में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों में DDU-GKY 2.0 और RSETI 2.0 की वार्षिक कार्य योजना प्रस्तुत की।

    इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करना था। उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस मंच के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और कौशल विकास मिशन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव पंकज यादव, मिशन निदेशक अभिषेक सिंह, एमडी/सीईओ, एसआरएलएम/एसएसडीएम, आरएसईटीआई के अधिकारी और अन्य संबंधित विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

  • जैन विद्या शोध संस्थान के 34वें स्थापना दिवस पर 06 जैन विभूतियां सम्मानित

    जैन विद्या शोध संस्थान के 34वें स्थापना दिवस पर 06 जैन विभूतियां सम्मानित

    जैन दर्शन के अहिंसा परमो धर्मा के सिद्धांत को जीवन में उतारें -जयवीर सिंह

    जैन सर्किट के विकास के लिए 31 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान के 34वें स्थापना दिवस के अवसर पर जैन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं उपदेशों को जीवन में उतारने में सहयोग करने वाले जैन धर्म से जुड़ी 06 विभूतियों को सम्मानित करते हुए कहा कि जैन धर्म प्राचीन धर्म है इसके उपदेश लोकहित एवं लोक कल्याकारी तथा मानवता को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जैन दर्शन अहिंसा परमोधर्मा के सिद्धांत पर आधारित है। इस धर्म के सभी तीर्थंकरों ने मानव जीवन को आदर्श बनाने पर जोर दिया। जैन धर्म के उपदेश सर्वकालिक एवं कालजयी हैं इनको जीवन में उतारने की अवश्यकता है। 

    जैन शोध संस्थान के परिसर में आयोजित इस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जैन धर्म की सांस्कृतिक परम्परा को सनातन धर्म के करीब है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैन धर्म को मानवता का धर्म बनाने के लिए इस धर्म से संबंधित स्थलों को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। इसके साथ ही जैन सर्किट के विकास के लिए 31 करोड़ रुपये की धनराशि पर्यटन विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। जैन तीर्थस्थलों से संबंधित योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को जैन धर्म की शिक्षा एवं उपदेशों से जोड़ने के लिए भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय से संबद्ध जैन विद्या शोध संस्थान में आगामी सत्र से स्नातक की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    पर्यटन मंत्री ने इस अवसर पर आयोजित अलंकरण समारोह में तीर्थंकर ऋषभदेव सम्मान से प्रो. राजा राम जैन, नोएडा को प्रथम सम्मान के रूप में एक लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। अस्वस्थ होने के वह समारोह कारण शामिल नहीं हो सके। तीर्थंकर महावीर अहिंसा सम्मान से डॉ. पत्रिका जैन, लखनऊ और आचार्य कुन्दकुन्द सम्मान से डॉ. सचिन्द्र जैन, मंगलायतन, अलीगढ़ को सम्मानित किया गया । इन्हें 51-51 हजार रुपये की धनराशि दी गई। भरत चक्रवर्ती सम्मान से डॉ. ज्योति जैन, मुजफ्फरनगर को पुरस्कार स्वरुप 31 हजार रुपये की धनराशि दी गई। गणेश प्रसाद वर्णी श्रुत आराधक सम्मान से भोपाल के डॉ. पंकज जैन तथा श्रुत संवर्धन सम्मान से जैन अमन अकलंक को सम्मानित किया गया। इन्हें पुरस्कार स्वरूप 21-21 हजार रुपये की धनराशि दी गई। 

    इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले आइडियल पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य दिलशाद हुसैन, वर्धमान इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अंकित जैन, प्रयाग पब्लिक इंटर कॉलेज की श्रीमती ज्योति और शशिभूषण डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर सौरभ मिश्रा को स्मृति चिह्न सम्मान स्वरूप दिया गया। सम्मान समारोह में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न विद्यालयों के छात्रों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र भी दिया गया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के वित्त नियंत्रक दिलीप कुमार गुप्ता, सहायक निदेशक तुहिन द्विवेदी, जैन विद्या शोध संस्थान के निदेशक अमित अग्निहोत्री सहित अन्य जैन समाज के अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिले असीम अरुण

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिले असीम अरुण

    यूपी के समाज कल्याण मंत्री ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

    लखनऊ: समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने वृहस्पतिवार को नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

    मंत्री असीम अरुण ने उद्योग मंत्री से विभागीय मुद्दों के साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र कन्नौज में औद्योगिक विकास के लिए कार्यनीतियों के निर्माण और उनके कार्यान्वयन विकास की आवश्यकताओं को लेकर अहम चर्चा की।  समाज कल्याण मंत्री ने सामाजिक कल्याण के लिए कन्नौज सहित प्रदेश में रोज़गार के अवसरों में वृद्धि कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने समाज कल्याण मंत्री को हर जनोपयोगी कार्यों के समुचित क्रियान्वयन के लिए आश्वस्त किया।

  • वितरण क्षेत्र के समग्र सुधार के लिए उपाय सुझाने हेतु भारत सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह की पहली बैठक हुई

    वितरण क्षेत्र के समग्र सुधार के लिए उपाय सुझाने हेतु भारत सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह की पहली बैठक हुई

    इसके अध्यक्ष केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नायक, संयोजक उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा हैं

    लखनऊ:  देश की विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने हेतु राज्य डिस्कॉम की स्थिति को सुधारना अत्यन्त आवश्यक है। डिस्कॉमो की वर्तमान और भविष्य की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने हेतु विस्तृत अध्ययन करने और सुझावों के लिये भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नायक की अध्यक्षता में 07 सदस्यीय मंत्रियों की कमेटी बनायी गयी है। इस कमेटी के सदस्य एवं संयोजक उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी है। इस कमेटी कें आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडू, मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री भी सदस्य बनाये गये है।

    स्थिर और टिकाऊ विद्युत क्षेत्र के लिये राज्य डिस्कॉम की वित्तीय व्यवहार्यता, ऋणों और घाटे के सम्बन्ध में वर्तमान परिदृश्य को देखते हुये इनसे सम्बन्धित चिंताओं को दूर करने हेतु इस कमेटी का गठन किया गया है।

    समूह  की आज पहली बैठक आनलाइन वीडियो कांफ्रेन्सिग के माध्यम से सम्पन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय ऊर्जा एवं नवीनीकरण ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नायक ने की। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रयागराज महाकुंभ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का संयोजन किया। 

    मीटिंग की शुरुआत में संयोजक के रूप में सबका स्वागत करते हुए ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने महाकुंभ में विद्युत आपूर्ति हेतु हुए प्रशंसनीय कार्यों को समूह के समक्ष रखते हुए इसमें तकनीक के उपयोग को विशेष रूप से साझा किया। साथ ही विद्युत क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में हो रहे चौतरफ़ा सुधार के बारे में ख़ास कर आरडीएसएस योजना में देश में सर्वोत्कृष्ट कार्य उत्तर प्रदेश में होने के बारे में समूह को बताया। बैठक में प्रमुख राज्यों के डिस्कामों के ऋण परिदृश्य पर विचार हुआ और उत्पादकता बनाये रखने के लिये आवश्यक मापदण्डों पर भी विचार किया गया।  साथ ही एक वित्तीय  कार्यक्रम तैयार करने पर भी विचार किया गया जिससे डिस्कॉम ऋण जाल से बच सकें। 

    ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए दिशा-निर्देशों की सिफारिश करना समग्र सुधार के लिए लक्षित पूंजीगत व्यय के सम्बन्ध में योजना बनाना, राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त तकनीकी और वित्तीय सावधानी से इक्विटी निवेश सुनिश्चित करना, वित्त पोषण के माध्यम से प्राप्ति के लिए उपयुक्त तंत्र सुनिश्चित करना तथा मूल्य श्रृंखला में निजी प्रतिभागियों से और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए वितरण क्षेत्र के समग्र सुधार के उपाय आदि बिन्दुओं पर भी विचार किया गया। उक्त सभी विषयों को ध्यान में रखते हुये भविष्य में सम्पूर्ण विद्युत क्षेत्र की स्थिति को कैसे बेहतर बनाया जाये इस पर चर्चा हुई।अंत में ऊर्जा मंत्री ए के  शर्मा ने कमजोर वर्ग के लोगों तथा किसानों को पर्याप्त,सस्ती और निर्बाध बिजली देने  के उपायों  पर समूह को कि सौर ऊर्जा और पम्प स्टोरेज की ब्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।