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  • यह बजट सत्र उ0प्र0 के विकास की स्पीड को और तीव्र करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा – योगी आदित्यनाथ

    यह बजट सत्र उ0प्र0 के विकास की स्पीड को और तीव्र करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा – योगी आदित्यनाथ

    मुख्यमंत्री ने विधान मण्डल सत्र से पूर्व मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया

    संसदीय परम्परा के अनुरूप बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी

    प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, एम्प्लॉयमेन्ट जेनरेशन की स्थिति में सुधार तथा प्रदेश के वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण आदि विषयों से सम्बन्धित आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत होगी
    लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में आज से बजट सत्र प्रारम्भ हो रहा है। राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी का अभिभाषण और सामान्य बजट, यह बजट सत्र के दो महत्वपूर्ण एजेण्डे होते हैं। संसदीय परम्परा के अनुरूप इसकी शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल जी द्वारा समवेत सदन को अपना अभिभाषण सम्बोधन के माध्यम से दिया जाएगा। राज्यपाल जी का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना का एक दस्तावेज होता है, जिसे राज्यपाल जी द्वारा सदन के माध्यम से प्रदेश की जनता-जनार्दन को समर्पित किया जाता है। सभी सदस्य इस पर चर्चा करते हैं।
    मुख्यमंत्री आज यहां विधान भवन परिसर में विधान मण्डल सत्र से पूर्व मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट आगामी 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा और फिर इस पर चर्चा होगी। अन्त में अनुदान मांगों को पारित किया जाएगा। बजट सत्र आज 09 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्यपाल जी के अभिभाषण के सदन के पटल पर रखे जाने के उपरान्त यह पहली बार होगा, जब उत्तर प्रदेश सरकार की आर्थिक उपलब्धियों पर आधारित आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में प्रस्तुत किया जायेगा। हमने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से उबारकर भारत की इकोनॉमी के ब्रेक-थ्रू स्टेट के रूप में स्थापित किया है। उन सभी कारकों और उत्तर प्रदेश के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार सभी माननीय जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता-जनार्दन को होना चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, एम्प्लॉयमेन्ट जेनरेशन की स्थिति में सुधार तथा प्रदेश के वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण आदि विषयों से सम्बन्धित आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत होगी। राज्य को पिछले 05 वर्ष से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया गया है। राज्यपाल जी के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों के लिए यह रिपोर्ट प्रदेश के डाटा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान मण्डल लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधारस्तम्भ है। यह संवाद से चलता है, कार्रवाई को बाधित करके नहीं। हमारी सरकार संवाद से समस्या के समाधान पर विश्वास करती है। सरकार प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा-परिचर्चा करने तथा सभी सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने को तैयार है। उन सुझावों पर चर्चा करके राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है। लेकिन सदन की कार्रवाई को बाधित न किया जाए और अनावश्यक शोर-गुल से बचा जाए।
    मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि हमें विधायिका के सर्वोच्च मंच को जनता-जनार्दन से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने तथा संवाद से समस्या के समाधान की दिशा में एक नया मार्ग आगे बढ़ाने की दिशा में अपना प्रयास करना चाहिए। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में कार्रवाई के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। यह वर्ष हमारी सरकार का 10वां बजट प्रस्तुत करने का है, ऐसे में यह सत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस पर पूरे प्रदेश और देश की निगाहें होंगी।
    मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की स्पीड को और तीव्र करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। यह  अनेक प्रकार के विधायी कार्यों को सम्पन्न करने तथा समस्त सदस्यों के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का भी एक मंच बनेगा।

  • विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति व दलीय नेताओं की बैठक हुयी सम्पन्न

    विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति व दलीय नेताओं की बैठक हुयी सम्पन्न

    लखनऊ:  विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता मे रविवार को विधान परिषद के कक्ष संख्या -77 मे  विधान परिषद की परामर्शदात्री समिति  की बैठक सम्पन्न हुयी तथा दलीय नेताओं की भी बैठक सम्पन्न हुयी।

     नेता सदन विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य, वित्त मन्त्री सुरेश खन्ना व समिति के सदस्यो के साथ बजट सत्र से पूर्व आज विभिन्न बिन्दुओ व पहलुओ पर चर्चा करते हुये विचार विमर्श किया गया। दलीय नेताओं के साथ आयोजित बैठक  मे

    विधान परिषद सदन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने हेतु सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सभापति द्वारा सत्र के सुव्यवस्थित रूप से संचालन के लिए सभी दलों से  समुचित सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया गया।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सदन का रचनात्मक वातावरण और तथ्य व तर्क पर आधारित सार्थक संवाद ही जनसमस्याओं के स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने संसदीय परम्परा को और अधिक मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • गोमती नदी में चलेगा टूरिस्ट क्रूज, एक साथ 200 लोग कर सकेंगे सैर

    गोमती नदी में चलेगा टूरिस्ट क्रूज, एक साथ 200 लोग कर सकेंगे सैर

    हनुमान सेतु से गोमती बैराज के बीच होगा संचालन, 30 मिनट में एक चक्कर पूरा करेगा क्रूज* 

    कॉन्फ्रेंस हॉल, वीआईपी लाउंज व रेस्टोरेंट आदि की मिलेगी सुविधा, रिवर फ्रंट पर शुरू हुआ निर्माण 

    लखनऊ ।  गोमती नदी जल्द ही पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनेगी। इसकी वजह होगा नदी पर चलने वाला आलीशान टूरिस्ट क्रूज। क्रूज पर एक साथ 200 लोग सैर कर सकेंगे। इसमें कॉन्फ्रेंस हॉल, वीआईपी लाउंज, डिजिटल स्क्रीन व ओपन रेस्टोरेंट आदि की सुविधा मिलेगी। हनुमान सेतु के पास रिवर फ्रंट पर क्रूज का निर्माण शुरू हो गया है। 

    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने रविवार को स्थल निरीक्षण करके प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने 05 महीने में क्रूज का निर्माण पूरा करके इस संचालित करने के निर्देश दिये हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि गोमती पर टूरिस्ट क्रूज के संचालन के लिए आर0एफ0पी0 आमंत्रित किया गया था। जिसके माध्यम से कोलकाता की कंपनी मेसर्स बालाजी सेल्स एंड पूर्णिमा इंटरप्राइजेज का चयन किया गया है। कंपनी ने हनुमान सेतु के पास रिवर फ्रंट पर क्रूज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि क्रूज का निर्माण लगभग 16 करोड़ रूपये की लागत से किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाया जाएगा। वहीं, क्रूज का संचालन शुरू होने पर कंपनी को प्रतिवर्ष 16 लाख रूपये एलडीए को रेवेन्यू के तौर पर देने होंगे। 

     *30 मिनट में एक चक्कर पूरा करेगा क्रूज* 

    उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि क्रूज की लंबाई 45 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। इसमें एक बार में 200 लोग सवार होकर नदी की सैर कर सकेंगे। क्रूज का संचालन हनुमान सेतु से गोमती बैराज के मध्य किया जाएगा, जोकि 30 से 45 मिनट में एक चक्कर पूरा करेगा। क्रूज के बेसमेंट में आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल स्क्रीन व वीआईपी लाउंज होंगे। वहीं, ऊपरी हिस्से में ओपन रेस्टोरेंट की सुविधा होगी। क्रूज की सैर के लिए प्रति व्यक्ति 300 रूपये टिकट प्रस्तावित है। वहीं, लंच, डिनर व बुफे आदि की सुविधा के लिए अलग से भुगतान करना होगा।

     *मरीन लाइफ की जानकारी देगा स्टॉफ* 

    टूरिस्ट क्रूज पर कैप्टन समेत 05 मरीन क्रू-मेंबर्स तैनात होंगे। राइड शुरू होने पर कैप्टन द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए क्रूज पर मौजूद लोगों को संबोधित किया जाएगा। खास तौर से बच्चों को क्रूज की विशेषताओं व संचालन के साथ ही मरीन लाइफ के बारे में रोचक जानकारी दी जाएंगी। इसके अलावा बच्चों व युवाओं के लिए तरह-तरह की मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि क्रूज का संचालन 05 महीने में शुरू हो जाएगा। यह शहर में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा।

  • विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत जारी नोटिसों पर मतदाताओं की सुनवाई को लेकर सीईओ ने की समीक्षा बैठक

    विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत जारी नोटिसों पर मतदाताओं की सुनवाई को लेकर सीईओ ने की समीक्षा बैठक

    सुनवाई में मतदाताओं की सुविधा का रखा जाएगा पूरा ख्याल, हर सुनवाई स्थल पर अब स्थापित होगी हेल्प डेस्क

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अहर्ता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत नोटिसों की सुनवाई के संबंध में शनिवार को समस्त रोल प्रेक्षक/मण्डलायुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में सम्मिलित हैं, किंतु जिनके द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है, ऐसे लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी कर नियत तिथि पर सुनवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, तार्किक विसंगतियों के कारण लगभग 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सुनवाई स्थलों पर मतदाता हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित की जाए, जहाँ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 प्रक्रिया से भली-भांति परिचित कार्मिक तैनात रहें, जो सुनवाई में आने वाले मतदाताओं की शंकाओं का समाधान करें एवं उनको आवश्यक सहयोग प्रदान करें। हेल्प डेस्क ऐसे स्थल पर स्थापित हो जिससे सुनवाई के लिए आने वाले लोगों की नज़र सहजता से उस पर पड़ जाए। डेस्क पर हेल्प डेस्क लिखा हुआ बैनर भी लगाया जाए। हेल्प डेस्क पर जनपद एवं राज्य स्तरीय कॉन्टैक्ट सेंटर के टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही, जनपद स्तर पर स्थापित डिस्ट्रिक्ट कॉल सेंटर की हेल्प लाइन से संबंधित टेलीफ़ोन लाइनों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखा जाए, काल सेंटर पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं से भिज्ञ कर्मचारी लगाए जाएं ताकि हेल्प लाइन नंबर पर दूरभाष के माध्यम से जनता से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि जारी नोटिसों की सुनवाई तत्परता से एवं सुचारु रूप से की जाए। सभी अधिकारी सुनवाई के दिन नियत समय से उपस्थित रहें व सुनवाई हेतु उपस्थित होने वाले मतदाताओं के साथ शिष्ट व्यवहार अपनाया जाए तथा उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए। सुनवाई की तिथियाँ इस प्रकार निर्धारित की जाएं कि बीएलओ द्वारा नोटिस प्राप्त होने के उपरांत मतदाताओं को नियत तिथि पर उपस्थित होने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही, सुनवाई स्थलों पर मतदाताओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता यथा बैठने के लिए कुर्सियाँ, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था एवं स्वच्छ शौचालय आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एक ही समय ज़्यादा लोगों को नोटिस जारी न करें, जिससे वहाँ भीड़ न लगे।

    तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों के मामलों में मतदाताओं की सुविधा एवं सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु निर्देश दिए गए कि बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा उसके परिजन को उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त दस्तावेज, उपस्थिति तथा फोटो को अपने बीएलओ एप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने समस्त रोल प्रेक्षकों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनवाई हेतु चयनित स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण करें तथा सुनवाई प्रक्रिया एवं मतदाताओं के लिए की गई मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा करें। जहाँ भी किसी प्रकार की कमी पाई जाए, उसे तत्परता से दूर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र  से पूर्व कानून-व्यवस्था की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र  से पूर्व कानून-व्यवस्था की समीक्षा की

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व विधान परिषद मे नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद के कक्ष संख्या-77 मे  आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक मे बजट सत्र 2026–27 से पूर्व रविवार को कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की।श्री मौर्य ने कहा कि बजट सत्र के दौरान शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी प्रकार की चुनौती से सख्ती एवं संवेदनशीलता के साथ निपटा जाए। उप मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी, त्वरित पुलिस कार्रवाई तथा आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि आमजन को सुरक्षित माहौल मिले और किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    बैठक में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी तथा बजट सत्र के दौरान की जाने वाली तैयारियों से अवगत कराया।

  • दलहन उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का देश में बढ़ा कद, भारत के कुल उत्पादन में 12 प्रतिशत का योगदान

    दलहन उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का देश में बढ़ा कद, भारत के कुल उत्पादन में 12 प्रतिशत का योगदान

    उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास तेज

    कृषि मंत्री ने केंद्रीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री का जताया आभार

    लखनऊ/ प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 125 करोड़ रुपए का प्रतीकात्मक चेक प्रदान करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने इस विशेष सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता प्रदेश के किसानों की आय वृद्धि, पोषण सुरक्षा और दलहन आत्मनिर्भरता के संकल्प को सिद्ध करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई रणनीति पर भी विशेष जानकारी दी है।

    उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश के शीर्ष दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है और वर्ष 2024-25 में 30.82 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के साथ चौथे स्थान पर रहा है। भारत के कुल 256.83 लाख मीट्रिक टन दलहन उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 12 प्रतिशत है। प्रदेश में दलहनी फसलों की औसत उत्पादकता 12.01 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जो राष्ट्रीय औसत 9.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से काफी अधिक है। वर्ष 2024-25 में 25.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई की गई थी, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 30.77 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत उन्नत बीजों के वितरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 1,05,642 कुंतल प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क बीज मिनीकिट योजना के तहत 12,413 कुंतल बीज वितरित कर 92,517 किसानों को लाभान्वित किया गया, जबकि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 17,297 कुंतल बीज मिनीकिट से 2,04,693 किसान लाभान्वित हुए हैं। दलहन खरीद के क्षेत्र में भी प्रदेश बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जहाँ वर्ष 2024-25 में 75.85 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई।

    भावी रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ अंतःफसली खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 के रबी सीजन में 40,000 हेक्टेयर में मसूर तथा जायद में 1,00,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उर्द एवं मूँग की खेती का विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए जायद 2026 में 20,000 कुंतल उर्द एवं मूँग के प्रमाणित बीज अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य है।

  • केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत के संकल्प को नई गति – स्वतंत्र देव सिंह

    केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत के संकल्प को नई गति – स्वतंत्र देव सिंह

    *सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुखी बजट से होगा चहुॅमुखी विकास*

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज अलीगढ़ सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर तेज़ी से आगे ले जाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस नीतियों के माध्यम से ज़मीन पर परिणाम देने वाला बजट है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।

    श्री सिंह ने बताया कि बजट में ग्रामीण भारत के उत्थान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के माध्यम से खादी, हस्तकला, ओडीओपी, कौशल-विकास और ब्रांडिंग को वैश्विक बाज़ार से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पशुपालन और कृषि से जुड़ी योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने की ठोस व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में टियर-2 और टियर-3 शहरों को विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर परिवहन और उच्च-गति रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए सस्ती वित्तीय सहायता, ऋण गारंटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर व्यापार को सरल बनाया गया है।

    जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष फोकस किया गया है। नए शैक्षिक संस्थानों, एवीजीसी केंद्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों के विस्तार से युवाओं के लिए भविष्य के अनुरूप अवसर तैयार होंगे। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए STEM शिक्षा, उद्यमिता और सुरक्षित आवास सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और जलवायु-अनुकूल परियोजनाओं के माध्यम से सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री जी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 देश के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला बजट है, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के संकल्प को साकार करते हुए भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगा।

    जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन हैं। प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास की स्थापना का निर्णय नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे शिक्षा की बाधाएं दूर होंगी और बेटियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त होगा, वहीं महिला उद्यमियों के लिए नारी शक्ति विशेष स्टार्टअप एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।  मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक सेवा क्षेत्र में भारत की वैश्विक भागीदारी 10 प्रतिशत तक सुनिश्चित की जाए। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बजट में युवाओं, नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के साथ भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट है। इस अवसर पर सांसद सतीश गौतम, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह, विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक छर्रा ठा0 रवेन्द्रपाल सिंह, एमएलसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह एवं चौ0 ऋषिपाल सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे। 

  • अबूझमाड़ का गौरव: मल्लखंब के नन्हे वीरों ने राष्ट्रपति के समक्ष दिखाई अद्भुत कला

    अबूझमाड़ का गौरव: मल्लखंब के नन्हे वीरों ने राष्ट्रपति के समक्ष दिखाई अद्भुत कला

    *राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने की प्रशंसा, ताली बजाकर हौसला बढ़ाया*

    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और लंबे समय तक संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ ने शनिवार को अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के नन्हे खिलाड़ियों ने देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के समक्ष मल्लखंब की अद्भुत प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह पहला अवसर था जब अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने एक साथ राष्ट्रपति के समक्ष मल्लखंब का जीवंत और साहसिक प्रदर्शन किया। लकड़ी के खंभे पर जब इन नन्हे कलाकारों ने असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों का प्रदर्शन किया, तो मैदान में मौजूद दर्शक विस्मय से भर उठे। जोश, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक से सजी इस प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्वयं बच्चों की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित हुईं । उन्होंने न केवल उनके साहस, कला और अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रदान कीं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव नारायणपुर जिले के उन दुर्गम और बीहड़ इलाकों में पड़ी है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही भौगोलिक सीमाओं की।

    इस संघर्षपूर्ण यात्रा के प्रेरणास्रोत मनोज प्रसाद हैं, जो एकेडमी के संस्थापक होने के साथ-साथ 16वीं बटालियन में आरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अभावों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

    इन नन्हे मल्लखंब खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में 40 से 50 से अधिक टेलीविजन शो, देशभर में सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों, तथा अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर यह टोली निरंतर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। अब यह दल अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक-संस्कृति और अद्वितीय कौशल को और अधिक सशक्त रूप में सात समंदर पार ले जाने के लिए तैयार है। एकेडमी का अगला लक्ष्य भविष्य में ‘अमेरिकाज गॉट टैलेंट’ और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का प्रदर्शन करना है। जगदलपुर में हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन ‘बदलते बस्तर’ की उस सशक्त तस्वीर को प्रस्तुत करता है, जहां संघर्ष की जमीन से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं।

  • 31 मार्च तक चलेगा राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0

    31 मार्च तक चलेगा राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0

     लखनऊ । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के सचिव जीवक कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली तथा मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में सम्पूर्ण देश में 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

    उन्होंने बताया कि माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद स्तर पर यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा माननीय जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह के कुशल निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, उपभोक्ता फोरम, भूमि अर्जन एवं भूमि अधिग्रहण पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण कराया जाएगा।

    राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा से संबंधित प्रकरण, चेक बाउंस के मामले, वाणिज्यिक एवं सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति के बंटवारे, बेदखली से संबंधित वादों सहित अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों एवं लंबित प्रार्थना पत्रों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने लंबित वादों के निस्तारण हेतु संबंधित न्यायालयों, कार्यालयों अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के कार्यालय में संपर्क कर मध्यस्थता की प्रक्रिया का लाभ उठाएं और शीघ्र न्याय प्राप्त करने में सहयोग करें।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला – मंत्री ए के शर्मा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला – मंत्री ए के शर्मा

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने अपने प्रभार जनपद जौनपुर में केंद्रीय बजट के संबंध में की प्रेस वार्ता

    बजट 2026 : सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना को सशक्त करने वाला बजट

    लखनऊ, जौनपुर । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने प्रभार जनपद जौनपुर  के निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट की प्रमुख घोषणाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट नेशन फर्स्ट की सोच को साकार करने वाला है और देश के समग्र, संतुलित एवं समावेशी विकास को नई गति देगा।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह बजट समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग—के उत्थान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना को और अधिक मजबूत करता है।

    नगर विकास मंत्री ने बताया कि बजट में कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। दिल्ली–वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तथा वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से पूर्वांचल सीधे देश की राजधानी और पूर्वोत्तर भारत से जुड़ेगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और निवेश को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से पूर्वांचल के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों की स्थिति में आमजन को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

    मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस बजट में नारी सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की गई है। साथ ही लखपति दीदी योजना का व्यापक विस्तार कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य किया गया है।उन्होंने कहा कि उद्योग एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी विशेष प्रयास किए गए हैं। टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु विशेष रियायतें दी गई हैं। एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।नगर विकास मंत्री ने कहा कि म्युनिसिपल बॉन्ड के प्रावधान से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। एक हजार करोड़ ₹ से अधिक के म्युनिसिपल बॉन्ड पर सौ करोड़ ₹ के प्रोत्साहन से नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। इस क्षेत्र में लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा पहले से ही रोल मॉडल के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

     मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस बजट में कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। जैविक खेती करने, आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने, सिंचाई की सुविधाओं के विस्तार आदि पर बल दिया गया है। प्राकृतिक खेती कृषि संस्करण एवं एग्री स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने से ग्रामीण युवाओं को नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन और संस्कृति को भी बजट में विशेष महत्व दिया गया है।संस्कृति एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने से स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट देश के विकास को नई दिशा देने वाला तथा नेशन फर्स्ट की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला है।