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  • ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप पहुंचकर हुई समाप्त, 20-24 फरवरी तक भव्य आयोजन

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप पहुंचकर हुई समाप्त, 20-24 फरवरी तक भव्य आयोजन

    बौद्ध भूमि कुशीनगर बना ‘मिनी थाईलैंड’, शोभायात्रा में सम्मिलित हुए थाईलैंड के राजदूत एवं अन्य गणमान्य अतिथि

    बौद्ध आयोजन से भारत-थाईलैंड मैत्री प्रगाढ़, इनबाउंड टूरिज्म को भी बढ़ावा

    *वर्ष 2025 में रिकॉर्ड पर्यटक पहुंचे उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट, विदेशी पर्यटक आगमन संख्या 4.42 लाख के पार* 

    *‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ बनी भारत-थाई सांस्कृतिक सेतु का प्रतीक, दोनों देशों के संबंध हुए और प्रगाढ़- जयवीर सिंह*  

    लखनऊ/ भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में मंगलवार को आस्था और बौद्ध संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। थाई मोनेस्ट्री कुशीनगर की ओर से आयोजित पांच दिवसीय (20 से 24 फरवरी) समारोह के अंतिम दिन 17वीं पवित्र ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ हाथी-घोड़े और गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। शोभायात्रा से संपूर्ण बुद्ध स्थली धम्ममय हो उठी। विशेषकर थाईलैंड से पहुंचे बौद्ध श्रद्धालुओं, भिक्षुओं और पर्यटकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। समारोह में मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा तथा थाई राजदूत चवानाथ थानसून फांट की गरिमामय उपस्थिति के बीच थाईलैंड से आए बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध वंदना की। मंगलवार सुबह शोभायात्रा महापरिनिर्वाण मंदिर से निकली, जो रामाभार स्तूप में पूजन-वंदन के बाद संपन्न हुई। थाई बौद्ध धर्म गुरु फ्रा था थेप बोधियोंग और थाई मंदिर के प्रमुख भिक्षु फ्राविडेश्चेरियन (डॉ. पी सोम पोंग) की देखरेख में विशेष पूजा-अर्चना की गई। शोभायात्रा में थाईलैंड के अलावा नेपाल, तिब्बत, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे बौद्ध धर्मावलंबियों की गरिमामय उपस्थिति रही। हजारों स्थानीय के साथ 200 से अधिक विदेशी बौद्ध श्रद्धालु पवित्र यात्रा का हिस्सा बने। 

    भारत-थाईलैंड मैत्री को कर रहा प्रगाढ़- संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा जैसे आयोजन भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सद्भाव और सहयोग को भी नई ऊंचाई प्रदान करते हैं। भारत और थाईलैंड के बीच मैत्री संबंध इन आयोजनों के माध्यम से निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं।’

    थाई कलाकारों ने किया मंत्रमुग्ध* 

    थाईलैंड से कुशीनगर पधारे लगभग 50 कलाकारों ने पारंपरिक ‘सोम पोथा फ्रा धात’ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। थाई कलाकारों की सुसज्जित पारंपरिक वेशभूषा, सौम्य भाव-भंगिमाएं और लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारत और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं एवं उपासकों की उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एकता का स्वरूप प्रदान किया।

    *सुसज्जित पालकी, वाद्ययंत्रों की धुनों से दिव्य माहौल*

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ के अंतिम दिन कुशीनगर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शोभायात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। आकर्षक ढंग से सुसज्जित पालकी, कतारबद्ध श्रद्धालुओं की उपस्थिति और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों ने पूरे वातावरण को एक दिव्य उत्सव में परिवर्तित कर दिया।

    *पांच दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम* 

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ के दौरान पांच दिनों तक विभिन्न प्रतियोगिताएं और रचनात्मक कार्यक्रम हुए। भगवान बुद्ध के उपदेशों एवं करुणा संदेश पर आधारित गायन प्रतियोगिता, चित्रकला एवं रंग भरने की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त, मंत्रोच्चार, भिक्षादान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर आदि का आयोजन किया गया। शोभायात्रा समाप्ति से पूर्व विभिन्न प्रतियोगिताएं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 

    *‘वर्ष 2025 में रिकॉर्ड विदेशी पर्यटक पहुंचे बौद्ध सर्किट’* 

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भगवान बुद्ध की करुणा, शांति और वैश्विक सद्भाव का संदेश आज भी दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की पावन धरा की ओर आकर्षित कर रहा है। प्रदेश का बौद्ध सर्किट न केवल घरेलू बल्कि बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आस्था और अध्ययन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्ष 2025 में प्रदेश के सभी छह प्रमुख बौद्ध स्थलों- कुशीनगर, कौशांबी, संकिसा, श्रावस्ती, कपिलवस्तु और सारनाथ में 4.42 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इसी बात का प्रमाण है। राज्य पर्यटन विभाग दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं को अपनी ‘बोधि यात्रा’ की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने को आमंत्रित करता है।

  • गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता – धर्मपाल सिंह

    गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता – धर्मपाल सिंह

    प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले 112 दुग्ध उत्पादक पुरस्कृत*

    63 दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार से किया गया सम्मानित*

    *49 दुग्ध उत्पादकों को मिला नंदबाबा पुरस्कार*

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम गोधन समागम-2026 में वर्ष 2024-25 के प्रदेश के सर्वाधिक दुग्ध आपूर्तिकर्ता 63 दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार और गाय के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले 49 दुग्ध उत्पादकों को नन्दबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कृत सभी 112 दुग्ध उत्पादकों को प्रतीक चिन्ह, पुरस्कार स्वरूप धनराशि, प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 05 जनपदों हरदोई, अलीगढ़, अमरोहा, जालौन तथा रायबरेली के जिलाधिकारियों, सीडीओ एवं सीवीओ को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में गोकुल पुरस्कार के अंतर्गत लखनऊ दुग्ध संघ के लखीमपुर-खीरी जनपद निवासी एवं वेलवा मोती समिति के वरूण सिंह को 1,81,272.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार और फिरोजाबाद दुग्ध संघ के जनपद आगरा की दुग्ध समिति ठेरई के श्री वीरेन्द्र सिंह को 1,10,693.50 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इन दोनों दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 02 लाख रुपये एवं 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि तथा शेष अन्य चयनित लाभार्थियों को जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार नंदबाबा पुरस्कार के तहत मुरादाबाद दुग्ध संघ के जनपद रामपुर की दुग्ध समिति हमीरपुर के लाभार्थी अरूण कुमार को 19,066.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित करते हुए पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इनके अलावा नन्दबाबा जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत अन्य लाभार्थियों को 21 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री सिंह ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पुरस्कृत 112 दुग्ध उत्पादकों में से 25 महिला लाभार्थी है, जो दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओ की भागीदारी का एक सशक्त उदाहरण है।  उ०प्र० दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 प्रदेश में दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रख्यापित की गयी है। दुग्ध नीति 2022 के अन्तर्गत राज्य में 550 करोड़ का निवेश हुआ है, जिससे प्रतिदिन 39.00 लाख लीटर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि हुई तथा लगभग 1500 रोजगार का सृजन हुआ। दुग्ध नीति अन्तर्गत 35 प्रतिशत अधिकतम रू0 5.00 करोड़ की सीमा तक पूँजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 25.00 करोड का प्राविधान सरकार द्वारा बजट में किया गया है। 

    नन्द बाबा दुग्ध मिशन लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के द्वारा 5 वर्षों में रु0 1000.00 करोड़ की लागत से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने हेतु स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिये नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 10,000 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया है। 6,121 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों गठित कर 2,44,840 दुग्ध उत्पादकों को उनके गांव में ही दूध के उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 276.55 करोड़ की वित्तीय सहायता से नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजनान्तर्गत 8,000 पशुपालक लाभान्वित होने के साथ-साथ 1750 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियाँ बनायी जायेगी, जिससे लगभग 70,000 दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होगें।

    कार्यक्रम में मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग, उ0प्र0शासन द्वारा गोधन समागम-2026 की महत्ता पर चर्चा एवं वर्तमान परिदृश्य में भारतीय स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण दिये गये। कार्यक्रम में वैभव श्रीवास्तव, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0डी0एफ0लि0, राम सहाय यादव, विशेष सचिव, दुग्ध विकास विभाग, डा0 मेम पाल सिंह, निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग, डा0 राम सागर, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एवं श्री ए0पी0सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा अपने बहुमूल्य विचार साझा किये गये। गोधन समागम-2026 में लगभग 1000 किसान तथा प्रदेश के सभी जनपदों में वेब कॉस्टिंग के माध्यम से लाखों किसान व आम जनमानस यूट्यूब के माध्यम से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में इन्द्रभूषण सिंह, दुग्धशाला विकास अधिकारी, आशीष कुमार श्रीवास्तव, दुग्धशाला विकास अधिकारी, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, अरविन्द कुमार यादव, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, विवेक कुमार कुशवाहा, व रूपेश मिश्रा की महती भूमिका रही।

  • लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी

    लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी

    *राजकीय अभिलेखागार में लगेगी ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी, 28 फरवरी तक होगा खास आयोजन*

    *डाक विभाग की भूमिका पर रोशनी डालेगी ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी, इतिहास प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर*

    *डाक अभिलेखों के जरिए सामने आएगा जनगणना का अनोखा सफर: जयवीर सिंह*

    *नई पीढ़ी को जनगणना का इतिहास जानने का मिलेगा मौका: जयवीर सिंह*

    *लखनऊ, /उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार की ओर से एक खास प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का विषय ‘गिनती में आओ: भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र, शोधार्थी और आम लोग इन ऐतिहासिक दस्तावेजों से जुड़ें और देश के इतिहास को बेहतर तरीके से समझें।

    यह प्रदर्शनी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी, जिसका उद्घाटन शीतल वर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण) करेंगी। प्रदर्शनी 28 फरवरी तक राजधानी लखनऊ के महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन में लगेगी। यह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक सभी लोगों के लिए खुली रहेगी।इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि इसमें डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और अन्य डाक रिकॉर्ड के जरिए भारत की जनगणना की कहानी दिखाई जाएगी। आमतौर पर लोग जनगणना को सिर्फ आंकड़ों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यहां बताया जाएगा कि इसमें डाक विभाग की कितनी अहम भूमिका रही है। आजादी के बाद जनगणना से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने, प्रशिक्षण सामग्री भेजने और सरकारी संवाद में डाक विभाग ने बड़ा योगदान दिया।इस आयोजन पर अपने विचार प्रकट करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनगणना सिर्फ आंकड़ों का काम नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की बुनियाद है और डाक टिकटों एवं पुराने अभिलेखों के माध्यम से जनगणना के इतिहास को समझने का यह एक अनोखा प्रयास है। इससे नई पीढ़ी को यह जानने का मौका मिलेगा कि देश में जनगणना कैसे की जाती थी और इसमें डाक विभाग की क्या अहम भूमिका रही।इस प्रदर्शनी का संयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार ने किया है। यह प्रदर्शनी खास तौर पर विद्यार्थियों, रिसर्च करने वालों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। और अभिलेखीय स्रोतों के माध्यम से आधुनिक भारत को समझने की नई संभावनाएं प्रदान करेगी।

  • होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    रू 5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

    होली समूहो के बने गुलाल से खिलेंगे सभी के चेहरे

    लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशो के क्रम मे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को बढ़ावा देने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर रू 5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति Google Sheet पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की दीदियां प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर भी तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलास के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूरी तरह केमिकल-फ्री है तथा त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता।  SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह हर्बल गुलाल पूर्णतः सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे SHG दीदियां आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति बनने की ओर अग्रसर हो रही हैं।

    मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजी मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएगा।

  • काशी की स्वच्छता, सुव्यवस्था और आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मंत्री ए. के. शर्मा

    काशी की स्वच्छता, सुव्यवस्था और आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – मंत्री ए. के. शर्मा

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने काशी के समग्र विकास को लेकर सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा की, नगर निगम, जल-कल व ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

    लखनऊ, वाराणसी / नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में महापौर अशोक तिवारी की उपस्थिति में नगर निगम एवं जल-कल विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर की सफाई व्यवस्था, जलनिकासी, पेयजल आपूर्ति, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट कहा कि काशी की स्वच्छता, सुव्यवस्था और आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई, समयबद्ध कूड़ा उठान, नालों की सिल्ट सफाई तथा सीवर लाइनों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आगामी मौसम को देखते हुए जलभराव संभावित क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।

    *पेयजल आपूर्ति व कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर*

    बैठक के दौरान पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता, पाइपलाइन लीकेज, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई एवं जल-कल विभाग की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

    डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में कूड़ा एकत्रित न रहने पाए। कचरा निस्तारण को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से संचालित करने तथा नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।

    *पार्षदों की भूमिका पर बल, वार्ड स्तर पर सतत मॉनिटरिंग के निर्देश*

    बैठक में उपस्थित पार्षदों से मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में विकास एवं सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। किसी भी वार्ड में समस्या उत्पन्न होने पर उसे तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि त्वरित एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि वाराणसी को स्वच्छ, सुचारु एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाए।

    *ऊर्जा विभाग की समीक्षा: जर्जर तारों को पूरी तरह खत्म करने के निर्देश*

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ भी अलग से बैठक की। इस दौरान बिजनेस प्लान एवं आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई।मंत्री श्री शर्मा ने प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए जर्जर बिजली तारों एवं पुराने पोलों को पूरी तरह समाप्त करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति में व्यवधान, ट्रिपिंग और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आधारभूत ढांचे का आधुनिकीकरण आवश्यक है। बैठक में मेयर अशोक तिवारी नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल,विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता,अधिशाषी अभियंता एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने काशी की सफाई व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने काशी की सफाई व्यवस्था का किया जमीनी निरीक्षण

    *स्थानीय नागरिकों से संवाद, सफाई मित्रों का उत्साहवर्धन*

    *सिगरा में निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण, गुणवत्ता पर विशेष जोर*

    *वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

    लखनऊ,/ नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने प्रातः काल काशी के शिवपुर, सुषमा नगर कॉलोनी, गिलट बाजार, लक्ष्मणपुर एवं रघुवंशी नगर में कई किलोमीटर तक पैदल चलकर प्रातःकालीन सफाई व्यवस्था एवं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। मंत्री श्री शर्मा ने  विभिन्न गलियों और मुख्य मार्गों का जायजा लिया, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक वार्ड में निर्धारित समय पर कचरा उठान सुनिश्चित किया जाए तथा कहीं भी कूड़े का ढेर दिखाई न दे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। 

    मंत्री श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर सफाई व्यवस्था के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था का पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है।इस अवसर पर मंत्री श्री शर्मा ने सफाई मित्रों से मुलाकात कर उनके कार्य की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता बनाए रखने में सफाई कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई कर्मियों को आवश्यक उपकरण, सुरक्षा सामग्री और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

    इसके पश्चात मंत्री श्री शर्मा ने सिगरा क्षेत्र में सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़क कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता एवं समय-सीमा की समीक्षा करते हुए कुछ स्थानों पर शेष रह गए इंटरलॉकिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं।

    मंत्री श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कार्य के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए निरंतर निरीक्षण एवं जवाबदेही आवश्यक है। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए के शर्मा ने नगर निगम कार्यालय के समीप वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और विकास के साथ-साथ हरित वातावरण भी उतना ही आवश्यक है। बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

  • यूपी बजट सत्र खत्म, ‘लखनऊ दर्शन’ बस में फिर शामिल हुई विधानसभा की सैर

    यूपी बजट सत्र खत्म, ‘लखनऊ दर्शन’ बस में फिर शामिल हुई विधानसभा की सैर

    *उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की पहल, इलेक्ट्रिक डबल डेकर से राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण*

    *लखनऊ, / उत्तर प्रदेश का बजट सत्र समाप्त होते ही राजधानी के पर्यटन प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी है। अब ‘लखनऊ दर्शन’ बस सेवा के जरिए पर्यटक एक बार फिर से भव्य और ऐतिहासिक उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन का भ्रमण कर सकेंगे। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से विधानसभा भ्रमण अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, लेकिन अब लोकतंत्र का यह दरबार आम लोगों के स्वागत के लिए फिर से तैयार है। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि, भव्य स्थापत्य, विशाल गुंबद और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर विधानसभा भवन राजधानी की पहचान है। इसके दोबारा टूर में शामिल होने से ‘लखनऊ दर्शन’ और भी आकर्षक हो गया है। 

    *रिंग थियेटर (जीपीओ): जहां काकोरी मुकदमे की याद आज भी रोंगटे खड़े कर देती है*

    लखनऊ दर्शन बस के प्रमुख स्थलों में एक जीपीओ भी है। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 9 अगस्त 1925 को काकोरी में सरकारी खजाना लूट की घटना के बाद अंग्रेज सरकार ने इसे बगावत मानते हुए करीब 40 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया। सुरक्षा कारणों से लखनऊ के तत्कालीन रिंग थियेटर (आज का जनरल पोस्ट ऑफिस लखनऊ) में विशेष अदालत बनाई गई, जहां लगभग 10 महीने तक मुकदमा चला। अदालत ने राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान को फांसी, जबकि शचीन्द्रनाथ सान्याल को कालापानी और मन्मथनाथ गुप्त सहित अन्य को कठोर कारावास की सजा सुनाई। आज भी यहां पुरानी निशानियां म्यूजियम में हैं जो पर्यटकों को दिखाई जाती हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने  जानकारी देते हुए बताया,“बजट सत्र की समाप्ति के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा का भ्रमण दोबारा शुरू किया जा रहा है। ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा के जरिए पर्यटक अब राजधानी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत को करीब से देख सकेंगे। विधानसभा भवन के पुनः शामिल होने से इस टूर का आकर्षण और बढ़ेगा। हमारी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को प्रदेश की समृद्ध परंपराओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

    *इलेक्ट्रिक डबल डेकर से करें लखनऊ की सैर*

    उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में 1090 चौराहे से संचालित होती है, जो पर्यटकों को राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्थलों का भ्रमण कराती है। विधानसभा भवन दोबारा शामिल होने से टूर का आकर्षण और बढ़ गया है। टिकट आधिकारिक वेबसाइट या प्रस्थान स्थल से ली जा सकती है। किराया वयस्कों के लिए ₹500 और बच्चों के लिए ₹400 निर्धारित है। बस में प्रशिक्षित टूर गाइड जानकारी देते हैं और इलेक्ट्रिक बस होने से सफर पर्यावरण के अनुकूल व आरामदायक रहता है।

  • युवाओं को विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ का हुआ आयोजन

    युवाओं को विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, लखनऊ में ‘यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम’ का हुआ आयोजन

    *छतर मंजिल से जरनैल कोठी तक, छात्रों ने जाना लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों का महत्व*

    *लखनऊ, / उत्तर प्रदेश में भारतीय विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय “यूथ हेरिटेज लीडरशिप प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित किया गया। भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से चल रहे कार्यक्रमों की इसी श्रृंखला में यह पहल की गई। कार्यक्रम का आयोजन इतिहास संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के महत्व से परिचित कराना और उन्हें विरासत संरक्षण के लिए नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने राजधानी लखनऊ की छतर मंजिल और जनरल कोठी, कैसरबाग का भ्रमण किया। इस दौरान इन स्थलों के इतिहास, स्थापत्य शैली और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में दी गई, ताकि छात्र इन धरोहरों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

    इस दौरान निदेशक सुश्री रेनू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को विरासत की परिभाषा, स्वरूप, प्रकृति और उसकी पहचान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने संवाद के माध्यम से समझाया कि सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।

    इस कार्यक्रम पर अपने विचार प्रकट करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि “इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी विरासत से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। ताकि वे इन धरोहरों को समझें और उन पर गर्व करें। उन्होंने बताया विरासत केवल अतीत की याद नहीं, बल्कि हमारी पहचान और भविष्य की दिशा भी है। इसलिए युवा पीढ़ी जागरूक और संवेदनशील बनकर सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।”इस मौके पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय और जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय के कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में इतिहास संस्थान से सुश्री सुयशा जी सहित पुरातत्व निदेशालय के अधिकारी, शिक्षकगण और विद्यालय के कर्मचारी भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

  • युवा पर्यटन अंतर्गत शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, नवाबगंज, उन्नाव का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण

    युवा पर्यटन अंतर्गत शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, नवाबगंज, उन्नाव का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण

    *प्रकृति की पाठशाला में युवा कदम, शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार में छात्रों ने पढ़ा जैव-विविधता और संरक्षण का पाठ*

    *नेचर ट्रेल्स से वॉच टॉवर तक, पर्यटन संग पर्यावरण संरक्षण की राह पर बढे विद्यार्थी*

    *ईको-टूरिज्म से सशक्त हो रही पर्यावरण चेतना, भावी पीढ़ी बनेगी प्रकृति संरक्षण की अग्रदूत- जयवीर सिंह*

    *लखनऊ/ पर्यटन एवं प्राकृतिक धरोहरों से युवाओं को जोड़कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड (यूपीईटीडीबी) लगातार सार्थक पहल कर रहा है। इसी क्रम में 21 फरवरी 2026 को ‘युवा पर्यटन’ के अंतर्गत ईज माय ट्रिप के सहयोग से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एसजीपीजीआई, लखनऊ के लगभग 60 विद्यार्थियों को शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार (उन्नाव) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘इस तरह के भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता, आर्द्रभूमि संरक्षण और ईको-टूरिज्म के महत्व से अवगत कराना है। साथ ही, छात्रों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि वे कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक प्राकृतिक परिवेश में सीखने का अनुभव प्राप्त कर सकें।’

    *प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल*
    मंत्री ने बताया कि ‘शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार अंतरराष्ट्रीय महत्व का वेटलैंड है। यह राज्य के 11 रामसर स्थलों में से एक है। शांत एवं हरे-भरे वातावरण में स्थित यह पक्षी विहार पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक स्थल है। सर्दियों के मौसम में यह विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल बन जाता है।’

    *नेचर ट्रेल्स भ्रमण..वॉच टॉवर और व्यू-शेड्स से अवलोकन* 
    शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने झील के किनारे विकसित नेचर ट्रेल्स पर भ्रमण किया तथा वॉच टॉवर और व्यू-शेड्स से पक्षियों एवं वन्यजीवों का अवलोकन किया। यह अनुभव न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित हुई।

    *प्रकृति से जुड़ने का अनूठा अनुभव*
    पक्षी विहार परिसर में प्रकृति, ज्ञान और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां इंटरप्रिटेशन सेंटर ने विद्यार्थियों को जैव-विविधता की रोचक जानकारी से अवगत कराया। वहीं, कैफेटेरिया ने भ्रमण को नया आयाम दिया। इस दौरान बच्चों के उत्साह और खिलखिलाहट से पार्क गूंज उठा। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रकृति से जुड़ने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

    *भावी पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास- मंत्री* 
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड का प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में जागरूकता, जिम्मेदारी एवं सतत पर्यटन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल एक यादगार अनुभव रहा, बल्कि प्रकृति से सीखने और उससे जुड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

  • विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कार्यों की खुलकर सराहना की

    विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कार्यों की खुलकर सराहना की

    समाजवादी सरकार के कार्यकाल में लोग बिजली के तारों पर सुखाते थे कपड़े, आज 24 घंटे रोशन है उत्तर प्रदेश

    लखनऊ। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री 1988 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी रहे हैं और अपने प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें अनावश्यक रूप से घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके कार्य स्वयं उनकी प्रतिबद्धता और दक्षता का प्रमाण हैं।

    *7159 मेगावाट से 18136 मेगावाट तक – ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग*

    मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता मात्र 7159 मेगावाट थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश अपने स्वयं के स्रोतों से 18136 मेगावाट पावर जनरेशन क्षमता की ओर अग्रसर है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों का विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू जरूरतों की पूर्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है, जिसका श्रेय ऊर्जा मंत्री के नेतृत्व में किए गए सुनियोजित प्रयासों को जाता है।

    *पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सोलर क्रांति*

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने आम नागरिक को ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर दिया है। उत्तर प्रदेश ने इस योजना के अंतर्गत 1.29 गीगावॉट सौर क्षमता अर्जित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।उन्होंने कहा कि अब हर व्यक्ति ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है और सोलर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली प्राप्त कर सकता है, बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी बना सकता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक समय था जब प्रदेश में बिजली की इतनी कमी थी कि लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे। आज वही उत्तर प्रदेश 24 घंटे जिला मुख्यालयों पर, 22 घंटे तहसील मुख्यालयों पर और 18 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी पीड़ा यह नहीं है कि बिजली नहीं आ रही, बल्कि उनकी पीड़ा यह है कि अब बिजली क्यों आ रही है। क्योंकि अंधेरे में जो कारनामे होते थे, वे अब बंद हो गए हैं। प्रकाश व्यवस्था से पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हुई हैं।