Category: JHARKHAND

  • सीएमपीडीआई ने एचएलएल के साथ स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    सीएमपीडीआई ने एचएलएल के साथ स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    रांची । सीएमपीडीआई ने केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित एचएलएल मैनेजमेंट अकादमी के साथ 20.01.2026 को सीएमपीडीआई (मुख्यालय), रांची में रामगढ़ जिले, झारखंड में सीएसआर परियोजना “अनिभृत” को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना का उद्देश्य रामगढ़, झारखंड के 85 सरकारी स्कूलों की किशोर लड़कियों के बीच स्वस्थ मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना, स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना और सुरक्षित निपटान को प्रोत्साहित करना है।

    डॉ. शिशिर दत्ता, महाप्रबंधक (एच.आर.डी/सी.एस.आर.), सीएमपीडीआई तथा शामनाद शमसुद्दीन, उप उपाध्यक्ष, एचएलएल मैनेजमेंट अकादमी द्वारा MoA पर हस्ताक्षर किए गए।  इस पहल के तहत, सीएमपीडीआई लक्षित स्कूलों में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और इन्सिनरेटर स्थापित करने, लगभग 21,478 छात्राओं को 1,71,824 सैनेटरी नैपकिन पैक वितरित करने और मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करने की सुविधा प्रदान करेगा। इसके साथ ही स्कूल कर्मचारियों और छात्रों का प्रशिक्षण और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परियोजना का प्रभावी और सतत कार्यान्वयन हो सके।  “अनिभृत” पहल के माध्यम से सीएमपीडीआई अपने परिचालन क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

  • सीसीएल जन आरोग्य केन्द्र, गांधीनगर द्वारा गागी बस्ती में नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन

    सीसीएल जन आरोग्य केन्द्र, गांधीनगर द्वारा गागी बस्ती में नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन

    राँची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के जन आरोग्य केन्द्र, गांधीनगर द्वारा दिनांक 21 जनवरी, 2026 को राँची स्थित गागी बस्ती में नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 204 लोगों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की गई तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।

    स्वास्थ्य शिविर के दौरान विशेष रूप से हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, हाइपरटेंशन सहित अन्य सामान्य एवं गंभीर बीमारियों की नि:शुल्क जाँच की गई। साथ ही जाँच के उपरांत सभी लाभार्थियों को नि:शुल्क दवाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।

    शिविर के सफल आयोजन में डॉ. भरत सिंह (सीएमओ इंचार्ज, गांधीनगर), डॉ. प्रीति तिग्गा (सीएमओ, सीएसआर इंचार्ज), डॉ. अनिता होरो, डॉ. दीपाली, डॉ. रजनी कुजूर, डॉ. अम्बरीश, डॉ. वीणा, मुन्ना कुमार सिंह एवं सभी पारा मेडिकल स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। स्थानीय लोगों ने सीसीएल की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

  • पतरातु क्षेत्र में किशोरियों के स्वास्थ्य एवं मासिक स्वच्छता को मिला नया संबल

    पतरातु क्षेत्र में किशोरियों के स्वास्थ्य एवं मासिक स्वच्छता को मिला नया संबल

    पीवीयूएन लिमिटेड की सामुदायिक पहल

     पतरातु। समुदाय विकास पहलों के अंतर्गत पीवीयूएन लिमिटेड द्वारा आज पत्रातू क्षेत्र में किशोरियों के स्वास्थ्य एवं मासिक स्वच्छता को बढ़ावा देने हेतु एक केंद्रित पहल की गई। यह पहल समावेशी सामाजिक विकास, स्वास्थ्य जागरूकता तथा अपने आसपास के शैक्षणिक संस्थानों को निरंतर सहयोग प्रदान करने की पीवीयूएनएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    इस अवसर पर एसएमएस की अध्यक्ष, पीवीयूएनएल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मेडिकल टीम एवं सीएसआर/सीडी टीम की उपस्थिति में एस.एस. हाई स्कूल, पत्रातू तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पत्रातू में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनों का उद्घाटन किया गया। साथ ही छात्राओं के बीच 10,000 सेनेटरी नैपकिन का वितरण भी किया गया।

    इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित मासिक उत्पादों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना, मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच को कम करना तथा बालिकाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और नियमित विद्यालय उपस्थिति को सशक्त बनाना है। पीवीयूएन लिमिटेड की यह पहल स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर बीसीसीएल के शेयरों की हुई लिस्टिंग

    मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर बीसीसीएल के शेयरों की हुई लिस्टिंग

    146.87 गुना सब्सक्रिप्शन वाले कंपनी के शेयर 96.5% के शानदार प्रीमियम के साथ हुए सूचीबद्ध

    धनबाद। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के शेयर आज मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध हुए। 146.87 गुना सब्सक्रिप्शन वाले इस इशू की लिस्टिंग 96.5% के शानदार प्रीमियम के साथ हुई। आईपीओ पिछले हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था, जिसके बाद आज इसकी लिस्टिंग हुई। इशू प्राइस में बीसीसीएल शेयर प्राइस 23 रुपये रखा गया था, जिसके मुकाबले इसकी लिस्टिंग 45.21 रुपये के भाव पर हुई। पहले यह लिस्टिंग 16 जनवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन मुंबई में नगर निगम चुनाव (बीएमसी) चुनाव में बैंक और शेयर बाजार बंद रहने के कारण कंपनी ने लिस्टिंग को आज तक के लिए टाल दिया था, जिसके बाद आज इसके शेयर मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हुए।

    मुंबई में आयोजित लिस्टिंग समारोह में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  निलाद्री रॉय, ओएसडी/वित्त,  राजेश कुमार, कंपनी सेक्रेटरी,  बी.के परुई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    सीएमडी,  मनोज अग्रवाल ने इस अवसर पर निवेशकों के विश्वास और भरोसे के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कंपनी के लिए इसे एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने सभी निवेशकों को बधाई दी तथा कंपनी के निरंतर प्रगति तथा उन्नति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    उल्लेखनीय है कि ओपनिंग के पश्चात बीसीसीएल के आइपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। 1,071 करोड़ रुपये के इस मेनबोर्ड आइपीओ को कुल 146.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। रिटेल, क्यूआइबी और नॉन-इंस्टीट्यूशनल सभी श्रेणियों में इस इश्यू को जोरदार रिस्पॉन्स मिला। बीसीसीएल देश की अग्रणी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है, जो उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल के उत्खनन और आपूर्ति में अग्रणी स्थान रखती है। कंपनी को वर्ष 2014 में ‘मिनीरत्न’ का दर्जा प्राप्त हुआ था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील उद्योग सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को कोकिंग कोल की आपूर्ति करती है, तथा इसके पास झरिया, रानीगंज और धनबाद क्षेत्रों में समृद्ध कोकिंग कोल भंडार उपलब्ध हैं, जो देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।

  • कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की अध्यक्षता में सीसीएल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

    कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की अध्यक्षता में सीसीएल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

    रांची । कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार, सतीश चंद्र दुबे ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य कंपनी के कार्य निष्पादन, भविष्य की योजनाओं तथा रणनीतिक प्राथमिकताओं की समग्र समीक्षा करना था। बैठक में कोयला मंत्रालय के वरीय पदाधिकारी, सीसीएल के सीएमडी  निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त)  पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन)  हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना)  अनुप हंजुरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

    समीक्षा के दौरान मंत्री जी ने कोयला उत्पादन की प्रगति, परिचालन दक्षता, खनन सुरक्षा मानकों के अनुपालन, पर्यावरण संरक्षण पहलों तथा चल रही एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्ययोजनाओं के साथ-साथ दीर्घकालिक रणनीति, नवाचार तथा तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष बल दिया।

    मंत्री जी ने सीसीएल द्वारा देश के ऊर्जा क्षेत्र में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षित, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन को प्राथमिकता देते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में भविष्य की चुनौतियों से निपटने, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए समन्वित प्रयासों पर भी बल दिया गया।

    ज्ञात हो कि कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे ने बीते कल पलामू सांसद वी.डी. राम की गरिमामयी उपस्थिति में राजहरा कोलियरी के नवसंचालन हेतु उद्घाटन किया। इस कोलियरी के पुनः संचालन से पलामू क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी उल्लेखनीय गति मिलेगी।

  • कोल इंडिया लाखों लोगों के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार एवं जीवकोपार्जन का साधन है -केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे

    कोल इंडिया लाखों लोगों के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार एवं जीवकोपार्जन का साधन है -केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे

    केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे द्वारा राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी का नवसंचालन हेतु उद्घाटन

    राँची । केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी का आज नवसंचालन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण, दीप प्रज्वलन तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों से अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि “कोयला स्वयं जलकर देश को प्रकाश देता है और हमारे कोल कर्मी हर परिस्थिति में देश के लिए कार्य करते हैं। हम केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का कार्य भी कर रहे हैं। अब ओबी को केवल फेंका नहीं जाता, बल्कि उसमें क्रिटिकल मिनरल्स की खोज हेतु अनुसंधान किया जा रहा है। फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी से कम समय में रेल बोगियों में कोयला लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयला उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।”

    उन्होंने कहा कि “कोल इंडिया लाखों लोगों के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार एवं जीवकोपार्जन का साधन है। सीएसआर योजनाओं के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘नन्हा सा दिल’, ‘सीसीएल के लाल’ और ‘सीसीएल की लाडली’ एवं जेएसएसपीएस जैसी योजनाओं से बच्चों एवं युवाओं को नई दिशा मिल रही है।” 

    अवसर विशेष पर उपस्थित पलामू सांसद वी.डी. राम ने कहा कि “राजहरा कोलियरी यहां की जनता को समर्पित है। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार, विकास एवं सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगी। सीसीएल यहां के लोगों और क्षेत्र के हित में निरंतर कार्य करता रहेगा।”

    वहीं, सीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक  निलेंदु कुमार सिंह ने माननीय मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजहरा कोलियरी के प्रति जनता का स्नेह यह प्रमाणित करता है कि यह परियोजना क्षेत्र के लोगों से गहराई से जुड़ी हुई है। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता इस बात का संकेत है कि राजहरा कोलियरी जनआस्था का केंद्र है। सीसीएल क्षेत्रीय विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

    कार्यक्रम में सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह द्वारा मंत्री एवं सांसद का बुके व श्रीफल देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत, छात्रों द्वारा स्वागत गीत एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन)  हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  चंद्र शेखर तिवारी, राजहरा महाप्रबंधक  मनीष कुमार, सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, यूनियन के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे तथा कोलियरी के नवसंचालन को लेकर ग्रामीणों, श्रमिकों एवं हितधारकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं, कार्यक्रम के दौरान काफी हर्ष का माहौल था।  राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी परियोजना में कोयले का खनन ओपन कास्ट विधि से किया जाएगा, जिसमें एक्स्कावेटर-डंपर संयोजन का उपयोग होगा। इस परियोजना की पीक उत्पादन क्षमता लगभग 5 लाख टन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है। खदान का अनुमानित खनन जीवन लगभग 18 वर्ष या उससे अधिक होगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 4.925 मिलियन टन खनन योग्य कोयला भंडार उपलब्ध है, जो G-9 श्रेणी का है। राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी का कुल खनन क्षेत्र लगभग 736.36 हेक्टेयर में फैला हुआ है। राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी के संचालन से क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।

  • बीएसएल में “एबीबी ड्राइव्स ” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

    बीएसएल में “एबीबी ड्राइव्स ” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

    बोकारो। स्टील प्लांट के ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के ऑटोमेशन लैब में संयंत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं गैर-अधिकारियों के लिए “एबीबी ड्राइव्स (डीसीएस 800)” पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. दिनांक 15 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का संचालन संयंत्र के विशेषज्ञ एवं अनुभवी फैकल्टी के सहयोग से किया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (एसएमएस-II एवं सीसीएस)  त्रिभुवन प्रसाद वर्मा, महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास)  बसंत कुमार सिंह तथा महाप्रबंधक (ईटीएल)  हरिहर राउत उपस्थित थे. कार्यक्रम के आरंभ में प्रबंधक (मानव संसाधन-एल&डी)  जय नारायण यादव ने सभी प्रतिभागियों एवं मुख्य अतिथियों का स्वागत किया तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. इस सत्र का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री त्रिभुवन प्रसाद वर्मा द्वारा किया गया.

    अपने संबोधन में मुख्य अतिथि  त्रिभुवन प्रसाद वर्मा ने डीसीएस 800 ड्राइव के तकनीकी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के गहन प्रशिक्षण से कर्मी न केवल ड्राइव सिस्टम की बेहतर समझ प्राप्त करेंगे, बल्कि जटिल तकनीकी समस्याओं के समाधान (ट्रबलशूटिंग) में भी अधिक सक्षम बन सकेंगे. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीकी रूप से दक्ष कार्यबल संयंत्र की उत्पादकता एवं कार्यकुशलता में वृद्धि सुनिश्चित करेगा. महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास)  बसंत कुमार सिंह ने कहा कि आज के परिवर्तनशील तकनीकी परिवेश में निरंतर कौशल-संवर्धन (Up-skilling) समय की मांग है. उन्होंने प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और आश्वस्त किया कि ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग भविष्य में भी ऐसे ज्ञान-आधारित कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा. महाप्रबंधक (ईटीएल)  हरिहर राउत ने डीसीएस 800 ड्राइव के ईटीएल परिचालनों में व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार रखे और कर्मचारियों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया.

  • बीएसएल के परियोजना डिवीजन में कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ ‘सुरक्षा मंथन कार्यक्रम’ का आयोजन

    बीएसएल के परियोजना डिवीजन में कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ ‘सुरक्षा मंथन कार्यक्रम’ का आयोजन

    बोकारो। बीएसएल के परियोजना डिवीजन द्वारा परियोजना डिवीजन के कॉन्फ्रेंस हॉल में कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ एक ‘सुरक्षा मंथन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन अधिशासी निदेशक (परियोजनाएँ) अनीश सेनगुप्ता द्वारा किया गया. इस अवसर पर परियोजना डिवीजन के कॉन्ट्रैक्टर्स , सब कॉन्ट्रैक्टर्स, मुख्य महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा परियोजना-सुरक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा प्रतिज्ञा के साथ की गयी तथा सुरक्षा के विभिन्न मानकों पर विस्तृत चर्चा की गयी.

    अपने संबोधन में मुख्य अतिथि  सेनगुप्ता ने प्रत्येक कर्मचारी से कार्यस्थल पर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के नियमित एवं सही उपयोग को सुनिश्चित करने का आह्वान किया. मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) श्रीमती एनिमा कुशवाहा ने कॉन्ट्रैक्टर्स तथा सब कॉन्ट्रैक्टर्स से संविदा कर्मियों को उचित  सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) को उपलब्ध कराने की अपील की.

    मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ)  पी एच शर्मा ने बेहतर हाउसकीपिंग, संभावित खतरों की पहचान, जोखिम मूल्यांकन की तकनीकों को समझने तथा कार्य के दौरान व्यवस्थित एवं सुरक्षित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

    मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ)  एच टोप्पो ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी कॉन्ट्रैक्टर्स तथा सब कॉन्ट्रैक्टर्स के माध्यम से संविदा कर्मियों को सतर्क रहने, सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने और प्रत्येक गतिविधि को सावधानीपूर्वक करने की अपील की. कार्यक्रम का संचालन महाप्रबंधक (परियोजना)  राजेश शर्मा  द्वारा किया गया.

  • सिजुआ स्टेडियम में बीसीसीएल अंतर क्षेत्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का हुआ शुभारंभ

    सिजुआ स्टेडियम में बीसीसीएल अंतर क्षेत्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का हुआ शुभारंभ

    धनबाद। बीसीसीएल अंतर क्षेत्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आज सिजुआ स्टेडियम, सिजुआ में शुभारंभ हुआ। टूर्नामेंट के प्रथम दिन दो मैच खेले गए, जिनमें पश्चिमी झरिया तथा मुख्यालय की टीम विजयी हुई। पहला मुकाबला पूर्वी झरिया और पश्चिमी झरिया क्षेत्र के बीच खेला गया, जिसमें पश्चिमी झरिया क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3–0 से जीत दर्ज की। मैच में पश्चिमी झरिया क्षेत्र के खिलाड़ी महेश्वर बास्की को उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।

    दूसरा मैच मुख्यालय एवं कुसुंडा के बीच हुआ, जिसमें मुख्यालय की टीम ने 2–0 से जीत हासिल की। मुकाबले में मुख्यालय के खिलाड़ी विशाल कुमार महतो को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच अवार्ड दिया  गया।

    विदित हो कि कंपनी में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आयोजित इस टूर्नामेंट में मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों की टीमें भाग ले रही है, जिसमें आज खेले गए मैच में खिलाड़ियों ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया।

    टूर्नामेंट के शुभारंभ अवसर पर अधिकारीगण, कर्मचारी, खेल प्रेमी एवं दर्शक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में विभिन्न क्षेत्रों की टीमों के बीच और भी रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

  • झारखण्ड के प्रगतिशील किसानों ने आइसार्क में आधुनिक कृषि तकनीकों को जाना

    झारखण्ड के प्रगतिशील किसानों ने आइसार्क में आधुनिक कृषि तकनीकों को जाना

    वाराणसी। झारखण्ड चतरा जिले से आए 13 प्रगतिशील किसानों के एक दल ने वाराणसी स्थित अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) का गुरूवार को भ्रमण किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, संसाधन-सक्षम तकनीकों और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी देना था।

    यह भ्रमण कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), वाराणसी के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसे डॉ. एन. के. सिंह, हेड, केवीके,वाराणसी ने समन्वित किया। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के किसानों के बीच ज्ञान साझा करना और उनकी क्षमता को मजबूत करना है। इस अवसर पर आइसार्क के वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों  और किसान समूहों के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

    भ्रमण के दौरान किसानों ने आइसार्क की विभिन्न शोध और प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया। इनमें यंत्रीकरण हब एवं रिजेनरेटिव कृषि के प्रदर्शन प्लॉट शामिल थे। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को चल रहे शोध कार्यों, नई तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। झारखण्ड से आए प्रगतिशील किसानों ने इस भ्रमण को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि वे यहां सीखी गई तकनीकों को अपने गांवो में, अपने खेतों में व्यावहारिक रूप से अपनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने के अवसर की भी सराहना की।