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  • दीक्षा महिला मंडल,बीसीसीएल द्वारा दिव्यांग बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण

    दीक्षा महिला मंडल,बीसीसीएल द्वारा दिव्यांग बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण

    धनबाद।दीक्षा महिला मंडल, बीसीसीएल द्वारा आज अन्नपूर्णा हॉल, कोयला नगर में धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों के दिव्यांग बच्चों के बीच मैनुअल हियरिंग ऐड डिवाइस का वितरण किया गया।

    कार्यक्रम में दीक्षा महिला मंडल अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल, उपाध्यक्ष पूर्बिता रमैया तथा नीता कुमार ने संयुक्त रूप से बच्चों के बीच हियरिंग ऐड का वितरण किया तथा उन्हें श्रव्य-सहायक यंत्र सौंपे। दीक्षा महिला मंडल की अन्य सभी सम्मानित सदस्याएँ भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।

    अपने संबोधन में अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने कहा कि दीक्षा महिला मंडल सदैव समाजोपयोगी एवं जनहितकारी गतिविधियों में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक अक्षमता, विशेषकर श्रवण एवं वाणी संबंधी समस्याएँ, व्यक्ति के जीवन को कष्टकर तथा असहज बना देती हैं। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को यथासंभव सहयोग एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि प्रभावित लोगों  का जीवन अधिक सहज, सुगम एवं सम्मानजनक बन सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दीक्षा महिला मंडल इसी प्रकार की जनसेवी पहलों को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुआ, जिसके उपरांत बच्चों को हियरिंग ऐड प्रदान किए गए। समारोह का विशेष आकर्षण दिव्यांग बच्चों द्वारा भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रस्तुत राष्ट्रगीत – ‘वंदे मातरम्’ एवं राष्ट्रगान – ‘जन गण मन’ रहा, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को भावविभोर कर दिया। इसी क्रम में बच्चों ने संथाली गीत – ‘हमार छोटानागपुर’ पर भी एक आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसकी सभी ने सराहना की।

    कार्यक्रम में सीएमओ, सीएचडी डॉ. बंदना, वरीय चिकित्सा विशेषज्ञ (ईएनटी) डॉ. प्रदीप कुमार तिवारी, कोयला भवन मुख्यालय के अन्य वरीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

    धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (सीएसआर)  अभिजीत मित्रा तथा मंच संचालन उप-प्रबंधक (सीएसआर) शमरेज अली ने किया।

  • बीएसएल इंटर-डिपार्टमेंटल क्रिकेट चैम्पियनशिप 2026 का शुभारंभ

    बीएसएल इंटर-डिपार्टमेंटल क्रिकेट चैम्पियनशिप 2026 का शुभारंभ

    बोकारो ।इस्पात संयंत्र इंटर-डिपार्टमेंटल क्रिकेट चैम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ दिनांक 17 फरवरी 2026 को बीएसएल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन)कुंदन कुमार ने प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (सीईडी)  ए. के. अविनाश सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    मुख्य अतिथि  कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएँ कर्मचारियों के बीच टीम भावना, आपसी सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए अपनी शुभकामनाएँ दीं।

    उद्घाटन मैच में मिल ज़ोन-1 और एसआरयू के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें मिल ज़ोन-1 ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। वहीं, दूसरे मुकाबले में जेजीओएम की टीम ने सर्विसेज को 6 विकेट से पराजित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया।

    उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में कुल 16 विभागीय टीमें भाग ले रही हैं, जिन्हें दो समूहों में विभाजित किया गया है। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 27 मार्च 2026 को खेला जाएगा।

  • गांधीनगर अस्‍पताल, सीसीएल में हृदय रोग संबंधी नि:शुल्‍क चिकित्‍सीय शिविर का आयोजन

    गांधीनगर अस्‍पताल, सीसीएल में हृदय रोग संबंधी नि:शुल्‍क चिकित्‍सीय शिविर का आयोजन

    यशोदा अस्‍पताल के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्‍ट डॉ. कश्‍यप व्‍यास सेवा देंगे*

    राँची।सीसीएल के केन्‍द्रीय अस्‍पताल, गांधीनगर, काँके रोड, राँची में शुक्रवार, दिनांक 20.02.2026 को प्रात: 9 बजे से नि:शुल्‍क हृदय रोग संबंधी चिकित्‍सीय शिविर (कार्डियक क्लिनिक) का आयोजन किया जा रहा है। इस चिकित्‍सीय शिविर में यशोदा अस्‍पताल, हैदराबाद के प्रसिद्ध चिकित्‍सक डॉ. कश्‍यप व्‍यास (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्‍ट) हृदय रोग से ग्रसित मरीजों का जाँच करेंगे एवं चिकित्‍सीय सलाह देंगे।

    हृदय रोग से ग्रसित सभी मरीज इस निःशुल्क स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का लाभ उठा सकते हैं। मरीज के पास यदि पुराने ईलाज की रिर्पोट/जाँच के पेपर हों तो उसे अवश्‍य अपने साथ लाये।

     सीसीएल द्वारा नियमित तौर पर देश के ख्‍याति प्राप्‍त विशेषज्ञ चि‍कित्‍सकों को आमंत्रित कर विभिन्‍न बीमारियों से संबंधित स्‍वास्‍थ्‍य शिविर का आयोजन किया जाता है।  शिविर का उद्देश्‍य है कि जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारी के अत्‍याधुनिक ईलाज की सुविधा उनके घर के निकट ही प्राप्‍त हो सके तथा इससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके।

  • सीएमपीडीआई के खेल मैदान में अंतर क्षेत्रीय संस्थान अथलेटिक्स टूर्नामेंट 2025-26 का शुभारंभ

    सीएमपीडीआई के खेल मैदान में अंतर क्षेत्रीय संस्थान अथलेटिक्स टूर्नामेंट 2025-26 का शुभारंभ

    रांची । सीएमपीडीआई के खेल मैदान में क्षेत्रीय संस्थान-3-रांची के तत्वावधान में दिनांक 16.02.2026 से 18.02.2026 तक तीन दिवसीय अंतर क्षेत्रीय संस्थान अथलेटिक्स टूर्नामेंट 2025-26 का आज शुभारंभ हुआ। संस्थान के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  चौधरी शिवराज सिंह, निदेशक (तकनीकी/ईएस)  राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक (तकनीकी/आरडीएंडटी)  नृपेन्द्र नाथ एवं क्षेत्रीय संस्थान-3-रांची के क्षेत्रीय निदेशक कंचन सिन्हा  ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल झंडा फहराकर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों के अलावा बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं सीएमपीडीआई परिवार के लोग उपस्थित थे।

    उद्घाटन सत्र में पुरूष वर्ग के लिए आयोजित 1500 मीटर की दौड़ में क्षेसं0-1 के  मंसा सोरेन-प्रथम, क्षेसं0-7 के केशव चंद्र राय एवं तृतीय स्थान पर क्षेसं0-5 के प्रशांत कुमार दास रहे। महिला वर्ग के लिए आयोजित ओपेन 400 मीटर की दौड़ में क्षेसं0-5 की सुश्री दीपानिता-प्रथम, क्षेसं0-5 की सुश्री अंजली सार्की-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर मुख्यालय-रांची की श्रीमती निमिटकी तमांग रहीं जबकि 200 मीटर की दौड़ में क्षेसं0-5 की सुश्री अंजली सार्की-प्रथम, क्षेसं0-5 की दीपानिता बिन-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्षेसं0-6 की श्रीमती प्रीति देवी रहीं। ओपेन लांग जंप में (महिला वर्ग) में क्षेसं0-1 की सुश्री अमृता सिंह-प्रथम, क्षेसं0-6 की श्रीमती प्रीति देवी-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्षेसं0-1 की सुश्री डाॅली हेला रहीं।

    महिला वर्ग के लिए आयोजित ओपेन डिस्कस थ्रो में मुख्यालय-रांची की सुश्री मारथ होरो-प्रथम, क्षेसं0-7 की श्रीमती शांति देवी-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्षेसं0-3 की श्रीमती माधवी वर्मा रहीं। डिस्कस थ्रो वेटरन (पुरूष वर्ग) में क्षेसं0-1 के अमित कुमार सिंह-प्रथम, क्षेसं0-3 के धनंजय कुमार राय-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्षेसं0-5 के संतोष कुमार सिंह रहे जबकि महिला वर्ग में क्षेसं0-3 की श्रीमती नंदिता देवी-प्रथम, क्षेसं0-7 की श्रीमती अंपूर्णा राय-द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर मुख्यालय-रांची की श्रीमती बरणाली बैनिक रहीं। इस तीन दिवसीय मैच में सीएमपीडीआई-रांची एवं इसके सभी क्षेत्रीय संस्थान की टीमें शामिल हैं, जिसका उद्देश्य संगठन के भीतर एकता, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा की संस्कृति को मजबूत करना है।      

  • एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड ने रांची में अपनी पहली लेंडर मीट आयोजन 

    एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड ने रांची में अपनी पहली लेंडर मीट आयोजन 

    रांची। सोमवार को, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल- एनटीपीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी)  ने होटल लेमन ट्री रांची में अपनी पहली लेंडर्स मीट ऑर्गनाइज़ की। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन, हुडको समेत बड़े पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के सीनियर अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए। शिवम श्रीवास्तव, चेयरमैन एनएमएल,  नवीन जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनएमएल,  गौरव रस्तोगी, मुख्य वित्तीय अधिकारी, एनएमएल,  और  एनएमएल हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारी और  परियोजनाओं के प्रमुख मीटिंग में शामिल हुए।

    स्वागत भाषण में,  शिवम श्रीवास्तव (चेयरमैन, एनएमएल) ने एनटीपीसी से एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) में बिज़नेस ट्रांसफर की मौजूदा स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने बैंकर्स और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स को लेंडर्स नहीं, बल्कि एनएमएल  की तरक्की में पार्टनर बताया। एनएमएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नवीन जैन ने अपने स्वागत भाषण में एनएमएल  के डाइवर्सिफिकेशन प्लान्स के बारे में बताया और बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स को भरोसा दिलाया कि उन्हें  एनएमएल को बिड में सबसे अच्छे रेट पर लोन देने के लिए पूरी मदद और ज़रूरी जानकारी दी जाएगी।

    माइन प्लानिंग डिपार्टमेंट के  संचित दुआ और एनएमएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी  गौरव रस्तोगी ने एनएमएल के मौजूदा और भविष्य के बिज़नेस प्लान्स के बारे में विस्तृत प्रस्तुति  (डिटेल्ड प्रेजेंटेशन) दि, जिसमें एनटीपीसी   से कोयला खदानों के ट्रांसफर की स्थिति, मौजूदा और अनुमानित फाइनेंशियल्स, और कैपेक्स के लिए कर्ज की ज़रूरत शामिल किया गया था । 

    कंपनी ने रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स सहित दूसरे मिनरल्स में अपने डाइवर्सिफिकेशन के बारे में भी बताया। कंपनी को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 38 तक उसका रेवेन्यू वित्तीय वर्ष 25 में ~ 7700 करोड़  रुपये  से चार (4) गुना से ज़्यादा बढ़ जाएगा।  क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां  जैसे कि CRISIL रेटिंग्स और CARE एज रेटिंग्स भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मीटिंग में शामिल हुईं और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग के लिए उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए क्रेडिट रेटिंग फ्रेमवर्क के बारे में डिटेल में प्रेजेंटेशन दिया। एनएमएल  मैनेजमेंट ने मीटिंग में बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के रिप्रेजेंटेटिव द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब भी दिए। मैनेजमेंट ने यह भी बताया कि एनएमएल  ने 27-01-2026 को 500.00 करोड़ रुपये के टर्म लोन के लिए अनुरोध रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RfP) जारी किया है और बैंकों और वित्तीय संस्थान से बिडिंग में हिस्सा लेने की अनुरोध की । एनएमएल के एडिशनल जनरल मैनेजर (फाइनेंस)  अमित प्रकाश ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।

  • पीवीयूएनएल सीएसआर पहल के तहत फाइनल टूर्नामेंट सम्पन्न, खेल भावना को मिला नया आयाम

    पीवीयूएनएल सीएसआर पहल के तहत फाइनल टूर्नामेंट सम्पन्न, खेल भावना को मिला नया आयाम

    पतरातू / पीवीयूएनएल की सीएसआर पहल के अंतर्गत आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य फाइनल मुकाबला उत्साह एवं रोमांच के बीच सम्पन्न हुआ। फाइनल मैच में लबगा टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 136/6 का स्कोर बनाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पतरातू टीम 115/6 रन ही बना सकी। इस प्रकार लबगा टीम ने 21 रनों से विजय प्राप्त कर खिताब अपने नाम किया।

    मुकाबले में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विपुल को “मैन ऑफ द मैच” घोषित किया गया। उन्होंने 40 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलने के साथ एक विकेट भी हासिल किया। टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ का पुरस्कार तलातांड के फरहान को दिया गया, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 126 रन बनाए। वहीं सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ का खिताब तलातांड के मुकेश राज को मिला, जिन्होंने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट अपने नाम किए। “मैन ऑफ द सीरीज” का पुरस्कार लबगा के रमनित को प्रदान किया गया।

    समापन समारोह में पीवीयूएनएल के सीजीएम अनूपम मुखर्जी एवं  जियाउर रहमान ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। इस अवसर पर लबगा, पतरातू एवं हेसला के मुखिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ आपसी भाईचारे एवं खेल भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। पीवीयूएनएल की यह पहल ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। टूर्नामेंट के सफल आयोजन ने गांवों के बीच आपसी समन्वय और सौहार्द को मजबूत किया तथा ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया। पीवीयूएनएल भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल भावना को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।

  • कोयला खदानों से होने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन का आकलन और ईंधन परिवर्तन’’ विषय पर इंटरएक्टिव वर्कशाप का आयोजन 

    कोयला खदानों से होने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन का आकलन और ईंधन परिवर्तन’’ विषय पर इंटरएक्टिव वर्कशाप का आयोजन 

    रांची । सीएमपीडीआई ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सहयोग से आज अपने संस्थान परिसर में बीटीआर-2 और बीटीआर-3 के लिए ‘‘कोयला खदानों से होने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन का आकलन और ईंधन परिवर्तन’’ विषय पर एक-दिवसीय इंटरएक्टिव वर्कशाप का आयोजन किया। यह वर्कशाप बीटीआर-2 और बीटीआर-3 के अनियंत्रित उत्सर्जन पर 9 जनवरी, 2026 को आईआईटी (आईएसएम), धनबाद में आयोजित पूर्व प्रयासों, जैसे समीक्षा बैठक, पर आधारित है और सीएमपीडीआई द्वारा विगत 4 फरवरी, 2026 को सीएमपीडीआई, रांची में आयोजित इसी तरह के पर्यावरणीय रिपोर्टिंग विषयों पर एक-दिवसीय कार्यक्रम का पूरक है। 

    इस वर्कशाप में कोयला खदानों के खुले, भूमिगत और परित्यक्त चरणों, कोयला परिवहन, कोयला भंडार और ठोस ईंधन रूपांतरण प्रक्रियाओं जैसे ठोस-से-ठोस और ठोस-से-तरल रूपांतरणों में रिसाव उत्सर्जन को मापने और उत्सर्जन कारकों की पहचान करने के लिए परियोजना पद्धतियों को विकसित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में कोयला खनन में महत्वपूर्ण पर्यावरणीय रिपोर्टिंग पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

    यह कार्यशाला संयुक्त राष्ट्र वित्त परिषद (यूएनएफसीसीसी) पेरिस समझौते के अनुच्छेक 13 के तहत भारत के दायित्वों को पूरा करती है  जिसमें हर दो वर्ष में द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट (बीटीआर), द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर) और एमओईएफसीसी दिशानिर्देशों के अनुरूप वार्षिक अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जिससे कोयला क्षेत्र में सटीक बीटीआर प्रस्तुत करने के लिए मानकीकृत पद्धतियों को सुनिश्चित किया जा सके।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ। तत्पश्चात्, कोयला मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय एवं जलवायु परिवर्तन, सीआईएल के अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य आंगुतकों का अभिनंदन किया गया। सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (पर्यावरण)  वी0के0 पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद एमओईएफसीसी के वैज्ञानिक- शरथ कुमार पल्लेरला, एमओसी के निदेशक (तकनीकी)  मरापल्ली वेंकटेश्वरलू , सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) शंकर नागाचारी एवं कोल इंडिया के कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण)  सी0 जयदेव ने वर्कशाप को सम्बोधित किया।

    इस वर्कशाप के प्रमुख प्रतिभागियों में एमओईएफसीसी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक- डी अजय राधव, कोल इंडिया, कोलकाता के कार्यपालक निदेशक (कारपोरेट प्लानिंग एवं प्रोजेक्ट मानिटरिंग)  राजशेखर किन्नरा तथा सीसीओ, डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम)-धनबाद, सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल, डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल, एमसीएल, टाटा स्टील, एनएलसी, एससीसीएल और एनटीपीसी के प्रतिनिधि शामिल थे। 

  • सीसीएल जन आरोग्य केन्द्र गांधीनगर द्वारा नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन

    सीसीएल जन आरोग्य केन्द्र गांधीनगर द्वारा नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन

    राँची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के जन आरोग्य केन्द्र, गांधीनगर द्वारा शुक्रवार को सृजन वैली स्कूल, अम्बाटोली, राँची में नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

    शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 197 लोगों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की गई तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर एवं हाइपरटेंशन की नि:शुल्क जाँच की गई। इसके अतिरिक्त अन्य सामान्य बीमारियों की जाँच एवं उपचार भी किया गया तथा सभी लाभार्थियों को नि:शुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। शिविर के सफल संचालन में डॉ. भरत सिंह (सीएमओ इंचार्ज, गांधीनगर), डॉ. प्रीति तिग्गा (सीएमओ, सीएसआर इंचार्ज), डॉ. आशिमा, डॉ. सत्यप्रकाश रंजन, डॉ. नीलू, डॉ. शिल्पी झा, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. वीणा,जॉन बोदरा (प्रबंधक, सीएसआर), चंदन कुमार (प्रबंधक, सीएसआर), मुन्ना कुमार सिंह, कमलेश पंडित एवं समस्त पारा मेडिकल स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। सीसीएल द्वारा आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में आए मरीजों एवं स्थानीय लोगों ने कंपनी के इस प्रयास की काफी सराहना की।

  • धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित करने हेतु बीसीसीएल तथा एडसिल के बीच एमओयू

    धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित करने हेतु बीसीसीएल तथा एडसिल के बीच एमओयू

    धनबाद। कोयला भवन मुख्यालय में आज बीसीसीएल और एडसिल इंडिया लिमिटेड (EdCIL India Limited) के बीच ‘धनबाद के 80 सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम एवं आईसीटी लैब स्थापना’ परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, विभागाध्यक्ष (सीएसआर)  सुरेंद्र भूषण तथा एडसिल के सीजीएम (डीईएस) डॉ. पवन कुमार शर्मा उपस्थित रहे। परियोजना का उद्देश्य धनबाद क्षेत्र के वंचित एवं दूरस्थ इलाकों के छात्रों के लिए आधुनिक, तकनीक-समृद्ध  शैक्षणिक वातावरण को सुलभ बनाना है। स्मार्ट कक्षाओं और आईसीटी प्रयोगशालाओं की स्थापना से न केवल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्रों में सीखने की रुचि, उपस्थिति तथा शैक्षणिक परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार की अपेक्षा है। यह पहल ग्रामीण एवं शहरी सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को और अधिक आकर्षक, प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाएगी।

    अवसर पर अपने संबोधन में सीएमडी,  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला है। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है, जिससे उन्हें आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ सहज एवं सुलभ रूप में प्राप्त होंगी, उनकी प्रतिभा का समुचित विकास होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में अधिक सक्षम बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ वर्षों के दौरान बीसीसीएल ने अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से शिक्षा एवं कौशल विकास पर निरंतर सकारात्मक प्रयास किया है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके तथा धनबाद के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को स्थायी गति मिल सके। एमओयू हस्ताक्षर के साथ ही परियोजना के क्रियान्वयन की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जिससे जल्द ही धनबाद के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत हो सकेगी।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने ऐना कोलियरी, कुसुंडा में उत्पादन वाहनों के नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    सीएमडी बीसीसीएल ने ऐना कोलियरी, कुसुंडा में उत्पादन वाहनों के नए बेड़े को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने आज ऐना कोलियरी, कुसुंडा के आर.के अर्थ रिसोर्सेज प्रा. लि. द्वारा संचालित डी.ई पैच में 35 टन क्षमता वाले 05 टिपर्स (हाइवा वाहनों) तथा 3.2 क्यूबिक मीटर बकेट क्षमता वाली एक एक्सकेवेटर (शॉवेल) मशीन के नवनिर्मित बेड़े का विधिवत उद्घाटन किया तथा हरी झंडी दिखाकर वाहनों को संचालन हेतु रवाना किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (कुसुंडा क्षेत्र) निखिल त्रिवेदी, महाप्रबंधक (उत्खनन) कुसुंडा,  ए. के. सिंह, परियोजना पदाधिकारी (कुसुंडा)  बी. के. झा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी तथा आर.के अर्थ रिसोर्सेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    अपने संबोधन में सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि नया मशीनरी बेड़ा क्षेत्र में कंपनी की उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिचालन दक्षता और सुरक्षा मानकों को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल सतत रूप से तकनीकी आधुनिकीकरण, गुणवत्ता बनाए रखने तथा खनन संचालन में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता, सुरक्षित कार्य-संस्कृति और आधुनिक उपकरणों के उपयोग से कंपनी अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकेगी।
    उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल द्वारा उत्पादन क्षमता के विस्तार तथा कोयला गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनवरी माह में मुनीडीह कोल वाशरी की एनालिटिकल प्रयोगशाला को परीक्षण (टेस्टिंग) के क्षेत्र में ISO/IEC 17025:2017 मानक के अनुरूप नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, 2 MTPA क्षमता वाली भोजूडीह वाशरी का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया जा चुका है, तथा 15 MTPA क्षमता वाली ब्लॉक–E परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया को वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्था अपने संस्थागत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता-आधारित कार्य-संस्कृति के विकास, तथा प्रौद्योगिकी-सहायक खनन प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।