गाजियाबाद। गांधी जयंती के अवसर पर CEL, साहिबाबाद में आज स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का प्रारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक श्रीमती सरिता कौल ने उपस्थित सभी कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ दिलाते हुए किया।
स्वच्छता शपथ के बाद कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में सभी कर्मचारी सफाई अभियान में लगे एवं संस्थान के विभिन्न स्थानों पर सफाई की। सफाई करते हुए सभी कर्मचारियों द्वारा साहिबाबाद पोस्ट ऑफिस एवं केनरा बैंक के सामने भी सफाई की गई।
रजत गर्ग, महाप्रबंधक, HR, अनुपम त्यागी, महाप्रबंधक, एस एन भट्टाचार्य महाप्रबंधक, हेमंत दुबे, विकास त्यागी, उप महाप्रबंधक, मनोज सैनी, शिव नारायण पटेल एवं एड. कृष्ण वीर सिंह चौधरी, जन संपर्क अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सफाई अभियान के बाद संस्थान की तरफ से उपस्थित सभी कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन के उपरांत कार्यक्रम समाप्त हुआ।
गौतमबुद्धनगर। एनटीपीसी दादरी के जनसंपर्क अधिकारी सुयश ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि कुछ संगठनों द्वारा एनटीपीसी दादरी की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से मीडिया में भ्रामक प्रेस विज्ञप्तियाँ फैलाई जा रही हैं। इन खबरों में यह दावा किया गया कि गैस प्लांट में बड़ा विस्फोट हुआ है, भारी नुकसान हुआ है और लापरवाही बरती गई है।
ठाकुर ने इन दावों को पूरी तरह से असत्य और भ्रामक बताते हुए कहा कि यह घटना एनटीपीसी की स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीज़र (एसओपी) के अंतर्गत की जा रही नियमित फ़्यूल स्विचिंग प्रक्रिया के दौरान हुई एक तकनीकी परिस्थिति है, जिसका मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तकनीकी घटना का विद्युत उत्पादन या आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एनटीपीसी दादरी अपनी सेवाओं को पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ सुचारु रूप से जारी रखे हुए है।
जनता और मीडिया से आग्रह किया गया है कि वे केवल अधिकृत और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें और किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी को बढ़ावा न दें।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:मोबाइल: 8130369624
गौतमबुद्ध नगर। 21 जून 2025 को जब संपूर्ण विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा था, उसी क्रम में एनटीपीसी दादरी में भी यह दिवस पूरे उत्साह, अनुशासन और जागरूकता के साथ मनाया गया।
यह आयोजन एनटीपीसी टाउनशिप स्थित विद्युतनगर मनोरंजन संस्थान (वीआरसी) परिसर में प्रातःकाल संपन्न हुआ, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने पूरे जोश और समर्पण के साथ भाग लिया। ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ की भावना को साकार करते हुए, सभी प्रतिभागियों ने तन-मन को ऊर्जा से भरने वाले विविध योगाभ्यास एवं प्राणायाम किए।
इस अवसर पर के. चंद्रमौलि, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी दादरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ अन्य महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण भी योग करते हुए नज़र आए। जागृति समाज की अध्यक्षा श्रीमती दुर्गा कुमारी तथा अन्य वरिष्ठ सदस्याएं भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहीं।
अपने प्रेरक संबोधन में के. चंद्रमौलि ने बताया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और संतुलित जीवन की कुंजी है। इसे रोज़ की दिनचर्या में अपनाकर हम न केवल तन-मन को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ा सकते हैं। मानव संसाधन विभाग द्वारा आयोजित इस सफल आयोजन ने सभी को योग के महत्व का पुनः बोध कराया तथा आधुनिक जीवन की आपाधापी में योग को अपनाने हेतु प्रेरित किया।
गाजियाबाद। नवाचार के माध्यम से एनटीपीसी दादरी न केवल ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में बदलाव ला रहा है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैले प्रदूषण की गंभीर समस्या को भी सार्थक समाधान दे रहा है। खासतौर पर इस क्षेत्र में पराली जलाना एक बड़ी चुनौती रही है, जो हर वर्ष वायु गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करती है।
एनटीपीसी दादरी ने इस चुनौती को अवसर में बदला है, वह पराली जैसे बायोमास को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, बल्कि किसानों को इसका सकारात्मक आर्थिक विकल्प भी प्रदान कर रहा है।
एनटीपीसी दादरी को वित्त वर्ष 2024-25 में देश में सर्वाधिक बायोमास को-फायरिंग करने के लिए शीर्ष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नेशनल बायोमास कॉन्फ्रेंस ऑन एबीसी (Accelerating Biomass Cofiring) के दौरान प्रदान किया गया, जिसका उद्देश्य ताप विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को प्रोत्साहन देना है।
यह गौरवशाली सम्मान पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत मंत्रालय) द्वारा श्री के. चंद्रमौलि, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख (एनटीपीसी दादरी) को गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (एनटीपीसी लिमिटेड) की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली में प्रदान किया गया। यह कॉन्फ्रेंस थर्मल पावर प्लांट्स में बायोमास के उपयोग हेतु राष्ट्रीय मिशन (SAMARTH) द्वारा आयोजित की गई थी।
एनटीपीसी दादरी द्वारा बायोमास को-फायरिंग को बढ़ावा देने के लिए किए गए नवाचार और समर्पित प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
एक टन बायोमास के को-फायरिंग से लगभग 1.2 टन CO₂ उत्सर्जन की बचत होती है। इसी दृष्टिकोण को अपनाते हुए, वित्त वर्ष 2024-25 में एनटीपीसी दादरी ने 2.73 लाख मीट्रिक टन बायोमास का उपयोग कर लगभग 3.28 लाख मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन को रोका, जो वायुमंडलीय प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 0.589 लाख मीट्रिक टन बायोमास का उपयोग कर 0.7068 लाख मीट्रिक टन CO₂ की बचत की गई है।
यह उपलब्धि न केवल एनटीपीसी दादरी की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि हरित ऊर्जा की दिशा में संस्था द्वारा उठाए जा रहे ठोस और सतत कदमों का भी परिचायक है। बायोमास को-फायरिंग जैसे नवोन्मेषी उपायों के माध्यम से एनटीपीसी दादरी प्रदूषण नियंत्रण, कार्बन फुटप्रिंट में कमी और स्थायी ऊर्जा भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गौतमबुद्ध नगर। स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के तहत एनटीपीसी दादरी एवं सलाम नमस्ते सामुदायिक रेडियो 90.4 के संयुक्त तत्वावधान में 29 मई 2025 को सरकारी विद्यालय, रसूलपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सलारपुर, मुठयानी, धूम मानकपुर एवं जे.के.जी इंटरनेशनल, गाजियाबाद जैसे विभिन्न गांवों व विद्यालयों के छात्रों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वच्छता जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक था, जिसे छात्रों ने प्रस्तुत किया। इन नाटकों के माध्यम से स्वच्छता के महत्व को रचनात्मक ढंग से दर्शाया गया और समुदाय को स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया।
यह पहल न केवल छात्रों की रचनात्मकता और सामाजिक चेतना को मंच प्रदान करने वाली रही, बल्कि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जनसाधारण को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास भी सिद्ध हुई। एनटीपीसी दादरी द्वारा 16 से 31 मई 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है।
गौतमबुद्ध नगर। एनटीपीसी दादरी द्वारा दिनांक 20 मई 2025 को बालिका सशक्तिकरण अभियान 2025 का शुभारंभ किया गया। यह चार सप्ताह का आवासीय शिविर 16 जून 2025 तक चलेगा, जिसमें आस-पास के गाँवों के सरकारी विद्यालयों से कुल 120 बालिकाएं भाग लेंगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश की बालिकाओं को जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ एनटीपीसी दादरी के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख के. चंद्रमौलि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारीगण, सीआईएसएफ कमांडेंट, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, मीडिया प्रतिनिधि, चयनित बालिकाएं एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।
शिविर की शुरुआत एनटीपीसी गीत और स्वागत भाषण के साथ हुई। तत्पश्चात जेम पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। पिछले वर्षों की जेम बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने उत्साह और प्रतिभा को दर्शाया।
इस अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक और नैतिक विकास की दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें संवाद कौशल, कंप्यूटर साक्षरता, योग, आत्मरक्षा, संगीत, नृत्य, कला, विज्ञान और नेतृत्व क्षमता से जुड़े विभिन्न विषयों की कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में श्री चंद्रमौली ने अपने संबोधन में कहा कि “एनटीपीसी केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सतत और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जेम के माध्यम से हम ग्रामीण बालिकाओं को ऐसा मंच दे रहे हैं, जहाँ वे अपने सपनों को आकार दे सकें।”
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए भविष्य की पीढ़ियों को संवारने में अग्रसर है। शिविर के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 10 बालिकाओं को एनटीपीसी टाउनशिप स्थित डीपीएस/डीएवी विद्यालयों में छठी से बारहवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। एनटीपीसी की यह पहल समाज में शिक्षा, समानता और सशक्तिकरण के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
गौतमबुद्ध नगर। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि थिरुवनंतपुरम (केरल) में आयोजित टस्कर राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 समारोह में एनटीपीसी दादरी को तीन श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जहां विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों , निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और उद्यमी विचारों के साथ देशभर से संस्थाएं भाग लेती हैं।
कड़े प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यांकन के बीच एनटीपीसी दादरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निम्नलिखित श्रेणियों में पुरस्कार अपने नाम किए: गोल्ड पुरस्कार : राजभाषा प्रचार-प्रसार
गोल्ड पुरस्कार : ग्रामीण खेलों के प्रोत्साहन में उत्कृष्टता
सिल्वर पुरस्कार : सामाजिक प्रभाव आधारित लघु फिल्म
इन पुरस्कारों का वितरण सांसद डॉ. शशि थरूर (थिरुवनंतपुरम) द्वारा किया गया, जो इस आयोजन के मुख्य अतिथि थे। एनटीपीसी दादरी की ओर से जनसंपर्क अधिकारी सुयश ठाकुर ने ये सम्मान स्वीकार किए।
यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि एनटीपीसी दादरी केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, खेल और सामाजिक बदलाव के क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह सफलता पूरे एनटीपीसी परिवार के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में और ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा देती है।
गौतमबुद्ध नगर। एनटीपीसी दादरी में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ 16 मई को हुआ। इस अवसर पर प्रशासनिक भवन, आरएलआई एवं एनसीपीएस अस्पताल में स्वच्छता शपथ का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं सभी कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने स्वच्छता बनाए रखने और स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने हेतु संकल्प लिया।
यह पखवाड़ा 16 मई से 31 मई 2025 तक मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्लांट परिसर, टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, रचनात्मक प्रतियोगिताएं तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ कार्यस्थल एवं स्वच्छ समाज की दिशा में सार्थक योगदान देना है।इस अवसर पर गुरु प्रसाद सिंह, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), गिरीश चंद्र त्रिपाठी, महाप्रबंधक (आरएलआई), एन. श्रीनिवास, महाप्रबंधक (यूएफएससी – वित्त कोषागार) एवं आर. पी. सिंह, कमांडेंट (सीअईएसएफ) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
गौतमबुद्ध नगर। एनटीपीसी दादरी में 26 अप्रैल 2025 को मीडिया संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख के. चंद्रमौलि ने संवाद करते हुए मीडिया की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया तथा परियोजना द्वारा क्षेत्रीय विकास व पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
श्री चंद्रमौलि ने अपने संबोधन में पर्यावरण, सुरक्षा, हरित पहल और सामाजिक उत्थान के प्रति एनटीपीसी दादरी की सतत प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्ष 2024-25 की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया। अपर महाप्रबंधक (सुरक्षा) बी.एन. गुप्ता ने सुरक्षा नीतियों पर प्रकाश डाला, जबकि मानव संसाधन विभाग के ऋतेश भारद्वाज ने मॉडल स्कूल निर्माण, साइकिल वितरण, रोजगार एवं पोषण मेलों, तथा बालिका सशक्तिकरण अभियानों की जानकारी दी।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं में किए जा रहे प्रयासों, जैसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों एवं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के संचालन की जानकारी दी। ईएमजी विभाग से अपर महाप्रबंधक बनिस कुमार झा ने पर्यावरण मानकों के अनुपालन और वृक्षारोपण अभियानों का विवरण प्रस्तुत किया।
अपर महाप्रबंधक (दादरी गैस) डी.के.एस. रौतेला एवं प्रबंधक (ईईएमजी) सुश्री शिवाली कल्सी ने विद्युत उत्पादन में न्यूनतम आंशिक लोडिंग (0.06%) और उच्च वार्षिक डीसी (93.99%) सहित एनटीपीसी दादरी द्वारा हाल ही में स्थापित उल्लेखनीय रिकॉर्ड तथा प्राप्त सुरक्षा एवं पर्यावरण पुरस्कारों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (ओएंडएम) गुरु प्रसाद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यपालक (नैगम संचार) सुयश ठाकुर ने किया। अंत में पत्रकारों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनका परियोजना प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा विस्तारपूर्वक और संतोषजनक उत्तर दिया गया। एनटीपीसी दादरी ने समग्र विकास व सामाजिक दायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
गौतमबुद्ध नगर। एनटीपीसी दादरी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत आईसीडीएस विभाग, गौतम बुद्ध नगर और सामुदायिक रेडियो सलाम नमस्ते के सहयोग से ‘न्यूट्री इंडिया कैंपेन – जन जन पोषण’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसका समापन ‘पोषण मेला एवं आंगनवाड़ी किट वितरण समारोह’ के माध्यम से हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्यानाथ शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी – गौतम बुद्ध नगर ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। एनटीपीसी की ओर से के. चंद्रमौलि, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख (एनटीपीसी दादरी), गुरु प्रसाद सिंह, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) तथा एन. श्रीनिवास, महाप्रबंधक (यूएफएससी – वित्त कोषागार), डी के एस रौतेला, अपर महाप्रबंधक (ओ एंड एम – गैस) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष बनाया।
इस एक-वर्ष लंबे चले अभियान ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जागरूकता से कहीं आगे बढ़ते हुए एक सामुदायिक जनचेतना का रूप ले लिया, जिसमें गांवों, विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से हज़ारों लोगों तक पहुंच बनाई गई। कहानी कहने की कला, पोषण आधारित खेल, नुक्कड़ नाटक, रेडियो कार्यक्रमों, और प्रशिक्षण कार्यशालाओं जैसी अनेक गतिविधियों के माध्यम से समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जानकारी और व्यवहार में बदलाव के लिए प्रेरित किया गया।
समापन समारोह के दौरान 34 आंगनवाड़ी केंद्रों को आवश्यक लर्निंग किट वितरित की गईं तथा विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों को सम्मानित किया गया।
अभियान के माध्यम से बच्चों में संतुलित आहार की समझ विकसित हुई है, किशोरियों में एनीमिया, मासिक धर्म स्वच्छता और सूक्ष्म पोषक तत्वों के बारे में जागरूकता बढ़ी है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं ग्रामीण महिलाएं और अभिभावक अब सतत खान-पान, शुद्ध पेय जल और कुपोषण से लड़ने जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं।
एनटीपीसी दादरी द्वारा पोषण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का अधिकार मानते हुए इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का यह प्रयास आने वाले वर्षों में भी सामुदायिक स्वास्थ्य में स्थायी परिवर्तन लाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।