Category: FARIDABAD HARYANA

  • एनएचपीसी में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2025’ का शुभारम्भ

    एनएचपीसी में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2025’ का शुभारम्भ

    फरीदाबाद। आर.के. चौधरी, सीएमडी, एनएचपीसी 16 मई 2025 को एनएचपीसी निगम मुख्यालय, फरीदाबाद में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2025’ के दौरान एनएचपीसी कर्मचारियों को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाते हुए। इस अवसर पर  उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक),  संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएँ),  सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी),  संतोष कुमार, सीवीओ और एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, भारत सरकार की एक नवरत्न उद्यम एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा 16 मई से 31 मई 2025 तक अपने निगम मुख्यालय और देश भर के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, परियोजनाओं और पावर स्टेशनों में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2025’ का आयोजन रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा 2025 की शुरुआत दिनांक 16 मई, 2025 को कॉर्पोरेट कार्यालय में एक शपथ समारोह के साथ हुई, जिसमें  आर.के. चौधरी, सीएमडी, एनएचपीसी ने सभी कार्मिकों को ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाई। इस अवसर पर उत्तम लाल, निदेशक(कार्मिक),संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएँ),सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी),संतोष कुमार,मुख्य सतर्कता अधिकारी तथा एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    पखवाड़े के दौरान, एनएचपीसी द्वारा अपने सभी कार्यालयों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, पौधारोपण, स्किट प्रस्तुति, सफाई किट वितरण, स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम, ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिता आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

  • एनटीपीसी फरीदाबाद ने बालिका सशक्तीकरण मिशन 2025 के लिए आयोजित किया स्वास्थ्य जांच शिविर

    एनटीपीसी फरीदाबाद ने बालिका सशक्तीकरण मिशन 2025 के लिए आयोजित किया स्वास्थ्य जांच शिविर

    फरीदाबाद ।एनटीपीसी फरीदाबाद द्वारा आगामी बालिका सशक्तीकरण मिशन  2025 के प्रतिभागियों के लिए एक पूर्व-कार्यशाला चिकित्सा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य प्रतिभागी बालिकाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करना था, ताकि वे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी कर सकें।

    इस स्वास्थ्य जांच शिविर में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र जांच, ऊंचाई और वजन मापन, दृष्टि परीक्षण, हीमोग्लोबिन स्तर की जांच और समग्र स्वास्थ्य मूल्यांकन जैसी सेवाएं प्रदान की गईं। कुल 43 प्रतिभागियों ने इस चिकित्सा शिविर में सफलतापूर्वक जांच कराई। यह आयोजन नव जीवन अस्पताल और एनटीपीसी फरीदाबाद के अधिकारियों व कर्मचारियों की देखरेख में संपन्न हुआ।

    इसके अतिरिक्त, हीरो माइंडमाइन संस्था के सर्वेक्षण समन्वयक के मार्गदर्शन में जेम 2025 के प्रतिभागियों के लिए एक आधारभूत सर्वेक्षण भी किया गया, जो कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होगा।

    यह प्रयास बालिकाओं के समग्र विकास की दिशा में एनटीपीसी फरीदाबाद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • एनटीपीसी फरीदाबाद में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया 

    एनटीपीसी फरीदाबाद में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया 

    फरीदाबाद। एनटीपीसी फरीदाबाद ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर अपने संविदा श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण को समर्पित एक सारगर्भित एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन एनटीपीसी की समावेशी और सम्मानजनक कार्य संस्कृति की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना प्रमुख  अतुल कमलाकर देसाई के स्वागत संबोधन से हुई, जिन्होंने श्रमिकों के अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर के मुख्य अतिथि रहे  भुवनेश वर्श्नेय, सहायक भविष्य निधि आयुक्त, फरीदाबाद, जिन्होंने भविष्य निधि अधिनियम (PF Act) की विस्तृत जानकारी दी और श्रमिकों द्वारा उठाए गए PF से जुड़े विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया।  वरिष्ठ प्रबंधक (अन्वेषण) द्वारा अद्यतन श्रम कानूनों और श्रमिकों के अधिकारों पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई, जिससे उपस्थित श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर श्री निशांत गर्ग, उप महाप्रबंधक (O&M) भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एक विशेष “सुझाव मेला” का आयोजन भी किया गया, जिसमें संविदा श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उपयोगी सुझाव व फीडबैक साझा किए। कार्यक्रम का समापन सभी संविदा श्रमिकों के लिए आयोजित भोज के साथ हुआ, जो उनके प्रति सम्मान और सराहना का प्रतीक रहा। एनटीपीसी फरीदाबाद अपने प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ गरिमा, संवाद और विकास की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रांत नेपाल के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने एनएचपीसी निगम फरीदाबाद का दौरा किया

    मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रांत नेपाल के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने एनएचपीसी निगम फरीदाबाद का दौरा किया

    फरीदाबाद। एनएचपीसी निगम मुख्यालय में उपस्थित कमल बहादुर शाह, मुख्यमंत्री, सुदूरपश्चिम प्रांत, नेपाल सरकार और  आर.के. चौधरी, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारीगण 

    नवीकरणीय ऊर्जा विकास के क्षेत्र में भारत-नेपाल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख पहल करते हुए, कमल बहादुर शाह, मुख्यमंत्री, सुदूरपश्चिम प्रांत के नेतृत्व में नेपाल के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 1 मई 2025 को भारत सरकार के नवरत्न उद्यम एनएचपीसी के निगम मुख्यालय का दौरा किया।

    इस अवसर पर संबोधित करते हुए,  कमल बहादुर शाह, मुख्यमंत्री, सुदूरपश्चिम प्रांत ने भारत और नेपाल के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के महत्व का उल्लेख किया, जो सतत विकास और क्षेत्रीय प्रगति के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसी साझेदारियां आपसी विकास, ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती हैं। अपने संबोधन में आर.के. चौधरी, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी लिमिटेड ने कहा कि भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं नेपाल को, न केवल पड़ोसी के रूप में देखती हैं, बल्कि स्वच्छ और सतत विकास की दिशा में एक कार्यनीतिक साझेदार के रूप में भी देखती हैं। उन्होंने नेपाल सरकार द्वारा 800 मेगावाट पश्चिम सेती और 460 मेगावाट एसआर6 जलविद्युत परियोजनाओं का कार्यान्वयन शीघ्र शुरू करने के लिए रियायतों को शीघ्रता से अंतिम रूप दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने दौरे के दौरान नेपाली प्रतिनिधि मंडल को नवीकरणीय ऊर्जा विकास के क्षेत्र में एनएचपीसी के विजन, क्षमताओं और योग्यताओं पर प्रस्तुति दी गई। दोनों देशों में नवीकरणीय ऊर्जा के भावी विकास के लिए भारत और नेपाल के बीच सहयोग पर भी चर्चा हुई।

    माननीय मुख्यमंत्री के साथ  बीर बहादुर थापा, मंत्री, भूमि प्रबंधन, कृषि और सहकारिता,  घनश्याम चौधरी, प्रांतीय विधानसभा के  सदस्य एवं संसदीय दल के नेता,  नरेश शाही, प्रांतीय विधानसभा के माननीय सदस्य,  झपट सऊद, प्रांतीय विधानसभा के  सदस्य, डॉ. कमल प्रसाद पोखरेल शर्मा, मुख्य सचिव, सुदूरपश्चिम प्रांत सरकार,  शेर बहादुर भंडारी, सदस्य, नीति एवं योजना आयोग, सुदूरपश्चिम,  सूरत कुमार बाम, सचिव, भौतिक अवसंरचना मंत्रालय, डॉ. जीतू उपाध्याय, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार,  राम बहादुर बिस्सा, मुख्यमंत्री के निजी सचिव,  मनोज कुमार सिंह, थर्ड सेक्रेटरी, नेपाल दूतावास, नई दिल्ली और  विकास कुमार मीना, अवर सचिव, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार भी उपस्थित थे। इस अवसर पर  आर.पी. गोयल, निदेशक (वित्त),  उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक) और  सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी) के साथ एनएचपीसी के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

    प्रतिनिधिमंडल ने एनएचपीसी निगम मुख्यालय में स्थापित अत्याधुनिक “अर्ली वार्निंग मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम”, ‘रियल टाइम जेनरेशन मॉनिटरिंग सेंटर’ और ‘हाइड्रो एक्सपीरियंस सेंटर’ का भी दौरा किया।

  • एनएचपीसी पार्बती जलविद्युत परियोजना,चरण-II की सभी चार यूनिटो में बिजली का उत्पादन शुरू

    एनएचपीसी पार्बती जलविद्युत परियोजना,चरण-II की सभी चार यूनिटो में बिजली का उत्पादन शुरू

    फरीदाबाद।एनएचपीसी ने पार्बती परियोजना चरण-II की अंतिम और चौथी यूनिट का वाणिज्यिक प्रचालन सफलता पूर्वक दिनांक 16-04-2025 को 00:00 बजे पूरा कर लिया है। इससे पूर्व दिनांक 01-04-2025 को परियोजना की तीन  यूनिटो का सफलता पूर्वक  वाणिज्यिक प्रचालन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही एनएचपीसी ने देश की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। 

    पार्बती-II जलविद्युत परियोजना, जिसकी कुल संस्थापित क्षमता 800 मेगावाट (4 x 200 मेगावाट) है, यह एक ‘रन ऑफ द रिवर’ परियोजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पार्बती नदी पर छोटे पॉण्डेज का निर्माण किया गया है। मणिकरण घाटी में पुलगा गांव के निकट 83.7 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बाँध बनाकर पार्बती नदी की धारा को मोड़कर तथा पानी को 31.56 किलोमीटर लंबी हेड रेस सुरंग के माध्यम से सैंज घाटी तक ले जाया जा रहा है, जहां सिउंड गांव में पावर हाउस का निर्माण किया गया है। पुलगा और सिउंड के बीच 863 मीटर की कुल ऊंचाई का उपयोग 800 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए किया जा रहा है। हेड रेस सुरंग के साथ आने वाले, पांच नालों के पानी के मिलने से पार्बती के जल प्रवाह में और अधिक वृद्धि हुई है। पावर हाउस में 200 मेगावाट की 4 पेल्टन टर्बाइनें लगाई गई हैं। परियोजना की 31.56 किलोमीटर लंबी एचआरटी भारत की सबसे लंबी जलविद्युत सुरंग है। दो इन्कलाइन्ड प्रेशर शाफ्ट, जो प्रत्येक 1545.5 मीटर लंबी है, यह टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से खोदी गई दुनिया की सबसे लंबी इन्कलाइन्ड प्रेशर शाफ्ट सुरंगें हैं।

    हिमाचल प्रदेश राज्य को इस परियोजना से 12% नि:शुल्क ऊर्जा मिलेगी और 1% अतिरिक्त नि:शुल्क ऊर्जा का उपयोग स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए किया जाएगा। 

    परियोजना की आधारशिला तत्कालीन माननीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 12 दिसंबर 1999 को रखी गई थी। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 11.09.2002 को 3919.59 करोड़ रुपये की परियोजना लागत को मंजूरी दी। परियोजना का निर्माण सितंबर 2002 में शुरू हुआ था। निर्माण के दौरान परियोजना को कई चुनौतियों जैसे बादल फटना, अचानक बाढ़, बैक-स्लोप विफलता, भारी डिस्चार्ज के साथ सिल्ट और शियर जोन आदि का सामना करना पड़ा है। परियोजना की अनुमानित पूर्णता लागत 13,045 करोड़ रुपए है।  परियोजना की डिज़ाइन ऊर्जा 3074 मिलियन यूनिट (एमयू) है। इस परियोजना के चालू होने से 520 मेगावाट क्षमता के पार्बती-III पावर स्टेशन की उत्पादन क्षमता भी 1262 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष बढ़ जाएगी।

    परियोजना क्षेत्र में, एनएचपीसी ने 15 पुलों तथा लगभग 88 किलोमीटर सड़क-मार्ग का निर्माण किया है तथा स्थानीय क्षेत्र विकास के लिए 112 करोड़ रुपए वितरित किए हैं। एनएचपीसी ने सीएसआर के अंतर्गत कुल 27.83 करोड़ रुपए का व्यय किया है और इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य, सामाजिक एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियां पूर्ण की हैं। परियोजना प्रभावित 20 लोगों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है। इसके अतिरिक्त, 349 व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है, जिनमें से 98% स्थानीय क्षेत्र से हैं। इसके अतिरिक्त, परियोजना के निर्माण के दौरान 1361 व्यक्तियों को परियोजना में रोजगार मिला है, जिनमें से 1171 हिमाचल के स्थानीय निवासी थे। 370 परियोजना प्रभावित परिवारों(पीएएफ) को आजीविका सहायता प्रदान की जा रही है। परियोजना प्रभावित परिवारों से 58 वाहन किराए पर लिए गए हैं। स्थानीय निवासियों के लाभ के लिए सैंज में केन्द्रीय विद्यालय चलाया जा रहा है, जिसके संचालन पर प्रति वर्ष 04 करोड़ रूपए से अधिक व्यय हो रहा है। केन्द्रीय विद्यालय के कुल 422 छात्रों में से 411 छात्र स्थानीय क्षेत्र से हैं। कुल्लू में क्षेत्रीय अस्पताल भवन के विस्तार संबंधी निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की गई है।

    एनएचपीसी लिमिटेड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तत्वावधान में एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है। यह भारत का सबसे बड़ा जलविद्युत विकास संगठन है, जिसके पास जलविद्युत परियोजनाओं की अवधारणा से लेकर कमीशनिग तक सभी गतिविधियों को निष्पादित करने की क्षमता है। एनएचपीसी ने सौर एवं पवन ऊर्जा आदि के विकास क्षेत्र में भी विविध प्रसार किया है। इस परियोजना के निर्माण के पश्चात कंपनी की कुल संस्थापित क्षमता 8140.04 मेगावाट (संयुक्त उद्यम में 1681.7 मेगावाट सहित) है, जिसमें 23 जलविद्युत पावर स्टेशनों से 7771.20 मेगावाट, छह सौर ऊर्जा और एक पवन ऊर्जा परियोजनाओं से 368.84 मेगावाट शामिल है। इसके अतिरिक्त, एनएचपीसी के पास 9896.86 मेगावाट निर्माणाधीन परियोजनाओं का पोर्टफोलियो है, जिसमें 8514 मेगावाट की आठ जलविद्युत परियोजनाएं (संयुक्त उद्यम में पांच 3134 मेगावाट सहित) और 1382.86 मेगावाट की सात सौर परियोजनाएं शामिल हैं।

    एनएचपीसी एक हरित ऊर्जा कंपनी है जो केवल नवीकरणीय संसाधनों से विद्युत उत्पादन करती है। प्रतिष्ठित पार्बती-II परियोजना का कमीशन होना एनएचपीसी के लिए स्वर्ण जयंती वर्ष में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।  

  • सुप्रकाश अधिकारी ने एनएचपीसी के निदेशक (तकनीकी) का पदभार ग्रहण किया

    सुप्रकाश अधिकारी ने एनएचपीसी के निदेशक (तकनीकी) का पदभार ग्रहण किया

    फरीदाबाद ।सुप्रकाश अधिकारी ने आज भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी और भारत सरकार की नवरत्न कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी) का पदभार ग्रहण कर लिया है। इस नियुक्ति से पहले,  सुप्रकाश अधिकारी, एनएचपीसी में कार्यपालक निदेशक (ओ एंड एम) के पद पर कार्यरत थे।  अधिकारी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पूर्व नाम: बी.ई. कॉलेज), शिवपुर, पश्चिम बंगाल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने एनएचपीसी में अपने प्रोफेशनल कैरियर का प्रारम्भ दिसंबर 1990 में गुणवत्ता आश्वासन विभाग, एनएचपीसी निगम मुख्यालय में प्रशिक्षु कार्यपालक (इलेक्ट्रिकल) के रूप में किया। 

     सुप्रकाश अधिकारी के पास परियोजना की संकल्पना से लेकर चालू करने तक के सभी चरणों के साथ-साथ प्रचालन और अनुरक्षण के कार्यों सहित जलविद्युत क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का विशिष्ट अनुभव है। एनएचपीसी बोर्ड में शामिल होने से पहले, उन्होंने ओएंडएम और सेफ्टी विभाग के कार्यपालक निदेशक के रूप में कार्य किया। इस भूमिका में उन्होंने प्रमुख प्रचालन उत्कृष्टता पहलों का नेतृत्व, विनियामक अनुपालन में सुधार और ईष्टतम अनुरक्षण कार्यक्रमों को संपादित किया – जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड वार्षिक विद्युत उत्पादन, उच्चतम संयंत्र उपलब्धता कारक (पीएएफ) और अघोषित विद्युत कटौती में महत्वपूर्ण कमी हुई। 

    श्री अधिकारी ने डिजाइन (ई एंड एम) विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला, जहां उनकी तकनीकी विशेषज्ञता एनएचपीसी और इसकी सहायक कंपनियों/संयुक्त उद्यमों में जलविद्युत और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए ई एंड एम पैकेजों की डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग में महत्वपूर्ण थी। उनकी निष्ठा और नेतृत्व ने 800 मेगावाट की पार्बती-II जल विद्युत परियोजना के सफल कमीशनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 540 मेगावाट चमेरा-I, 120 मेगावाट सेवा-II, 45 मेगावाट निम्मो बाज़गो, 132 मेगावाट टीएलडी-III और 60 मेगावाट रंगीत सहित प्रमुख पावर स्टेशनों के परियोजना प्रमुख के रूप में  अधिकारी ने प्रचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करते हुए महत्वपूर्ण तकनीकी मुद्दों का समाधान किया। सेवा-II में उन्होंने क्षतिग्रस्त हेड रेस सुरंग को निर्धारित समय से पहले पुनः चालू करवाने के कार्य का नेतृत्व किया – जो एक प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धि थी।

    श्री अधिकारी ने अध्ययन और आधिकारिक कार्यों के लिए फ्रांस, नॉर्वे और यूक्रेन सहित कई देशों का दौरा किया है।

  • एनएचपीसी में बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती मनाई गई

    एनएचपीसी में बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती मनाई गई

    फरीदाबाद।एनएचपीसी निगम मुख्यालय, फरीदाबाद में 15 अप्रैल 2025 को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 134वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान  आर.के. चौधरी, सीएमडी, एनएचपीसी,आर.पी. गोयल, निदेशक (वित्त),एनएचपीसी, उत्तम लाल,निदेशक (कार्मिक), एनएचपीसी,  एस.के. सिंह, निदेशक (परियोजनाएं व तकनीकी), एनएचपीसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण।

    भारत सरकार की नवरत्न उद्यम कंपनी एनएचपीसी में 15 अप्रैल, 2025 को अपने निगम मुख्यालय, फरीदाबाद में भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 134वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आर.के. चौधरी, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी द्वारा डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ की गई। इस अवसर पर  आर.पी. गोयल, निदेशक (वित्त), एनएचपीसी,  उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक),एनएचपीसी,संजय कुमार सिंह,निदेशक (परियोजनाएं व तकनीकी), एनएचपीसी और एनएचपीसी एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ और एनएचपीसी ओबीसी कर्मचारी कल्याण संघ के कार्यकारी सदस्यों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की।

    अपने संबोधन में,आर.के. चौधरी, सीएमडी, एनएचपीसी ने बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सिद्धांतों और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. अंबेडकर को एक उत्कृष्ट विश्व नेता और आम जनता और महिला सशक्तिकरण के समर्थक के रूप में परिभाषित किया।  आर.पी. गोयल, निदेशक (वित्त), एनएचपीसी ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अधिक समावेशी सामाजिक ताना-बाना बुनने के लिए उनके दूरदर्शी सिद्धांत अधिक प्रासंगिक हैं।  उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), एनएचपीसी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर जरूरतमंदों के उत्थान में विश्वास करते थे और एनएचपीसी की सीएसआर नीति उनकी दूरदर्शिता को दर्शाती है। अपने संबोधन में संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं एवं तकनीकी), एनएचपीसी ने डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान के निर्माता और लोकतंत्र के सच्चे मॉडल के रूप में सराहा। इस अवसर पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के जीवन और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।  

  • अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एनएचपीसी और 94.2 मेगावाट टनकपुर पावर स्टेशन सीबीआईपी अवार्ड्स से सम्मानित 

    अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एनएचपीसी और 94.2 मेगावाट टनकपुर पावर स्टेशन सीबीआईपी अवार्ड्स से सम्मानित 

    फरीदाबाद । आर.के. चौधरी, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी को जल संसाधन, विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रतिष्ठित ‘सीबीआईपी इंडीविजुअल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार घनश्याम प्रसाद, अध्यक्ष, सीबीआईपी व अध्यक्ष, सीईए  द्वारा  आर. के. चौधरी को 21 मार्च 2025 को नई दिल्ली में सीबीआईपी (केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड) स्थापना दिवस समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं व तकनीकी), एनएचपीसी , सुप्रकाश अधिकारी, कार्यपालक निदेशक (ओएंडएम), एनएचपीसी  तथा एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

     चौधरी ने बीआईटी सिंदरी से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की है और उन्होंने एडवांस डिप्लोमा इन मैनेजमेंट भी किया है। चौधरी के पास जलविद्युत परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर कमीशनिंग तक और परियोजनाओं के विकास के सभी पहलुओं में 36 वर्षों से अधिक का समृद्ध और व्यापक अनुभव है। उन्होंने भारत और भूटान में जलविद्युत के विकास में उल्लेखनीय कार्य करते हुए विशेष रूप से कलपोंग जलविद्युत परियोजना में योगदान दिया है। इस परियोजना को दूरस्थ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में निर्धारित समय से 16 माह पहले चालू किया गया था। उन्होंने तीस्ता-V (510 मेगावाट) और मांगदेछू (720 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं के चालू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेषज्ञ सदस्य के रूप में भूटान में 1020 मेगावाट ताला जलविद्युत परियोजना की हेड रेस टनल की मरम्मत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

    कार्यक्रम के दौरान एनएचपीसी के 94.2 मेगावाट टनकपुर पावर स्टेशन (उत्तराखंड) को “सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली जलविद्युत परियोजना” के लिए सीबीआईपी अवॉर्ड 2024 से भी सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार टनकपुर पावर स्टेशन में एनएचपीसी टीम के अथक प्रयासों, प्रचालन उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता को मान्यता देता है। यह पुरस्कार परियोजना द्वारा लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और देश के विद्युत उत्पादन में योगदान देने तथा जलविद्युत क्षेत्र में प्रचालन दक्षता के लिए एक मानक स्थापित करने की प्रशंसा करता है।  आर.के. चौधरी, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी के साथ श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं व तकनीकी) एनएचपीसी , सुप्रकाश अधिकारी, कार्यकारी निदेशक (ओएंडएम), एनएचपीसी ,  ऋषि रंजन आर्य, एचओपी, एनएचपीसी टनकपुर पावर स्टेशन और एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने  घनश्याम प्रसाद, अध्यक्ष, सीबीआईपी व अध्यक्ष, सीईए से यह पुरस्कार प्राप्त किया।

  • एनएचपीसी द्वारा ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ का आयोजन 

    एनएचपीसी द्वारा ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ का आयोजन 

    फरीदाबाद। एनएचपीसी ने संगठनात्मक विकास पहल के एक भाग के रूप में ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसका उद्देश्य कार्मिकों को नवीनतम व्यावसायिक शब्दावली, समसामयिक मामलों और वैश्विक स्तर पर हो रही अन्य प्रगति  के प्रति सचेत रहने के लिए प्रोत्साहित करना और साथ ही कार्मिकों की नवोन्वेषी क्षमता और रचनात्मकता को जागृत करना है।  ‘ज्ञानांकन’ – बिजनेस क्विज़ के पहले संस्करण को एनएचपीसी के सभी विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों, पावर स्टेशनों, परियोजनाओं और यूनिटों के कार्मिकों से अत्यधिक उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। क्विज़ के प्रारंभिक चरण में देश भर में एनएचपीसी के विभिन्न कार्य स्थलों से भागीदारी हुई । 

    सेमी-फ़ाइनल और ग्रैंड फ़िनाले राउंड का आयोजन निगम मुख्यालय, फ़रीदाबाद के जल तरंग सभागार में 18 मार्च 2025 को किया गया। इस ग्रैंड फिनाले के मुख्य अतिथि उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), एनएचपीसी थे। ग्रैंड फिनाले में बिजनेस और कारपोरेट वर्ल्ड और सामान्य ज्ञान के विषयों पर छह टीमों के बीच विलक्षण प्रश्नोत्तरी के रोमांचक दौर शामिल थे, जिससे सभी दर्शक बहुत रोमांचित हुए। एनएचपीसी सेवा-II पावर स्टेशन (जम्मू एवं कश्मीर) से  अब्दुल हादी, प्रबंधक (विद्युत) और  दीपक, उप प्रबंधक (यांत्रिकी) की टीम ‘ज्ञानांकन – द बिजनेस क्विज’ की विजेता रही। एनएचपीसी धौलीगंगा पावर स्टेशन (उत्तराखंड) से  सिद्धि विनायक, महाप्रबंधक (सिविल) तथा सेवा-II पावर स्टेशन (जम्मू एवं कश्मीर) से  सी विनोद, वरिष्ठ प्रबंधक (विद्युत) की टीम दूसरे स्थान पर रही। एनएचपीसी लोकतक पावर स्टेशन (मणीपुर) से टी. मारकोनी सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक (आई टी) तथा  अजय आचार्य, प्रबंधक (विद्युत) की टीम तीसरे स्थान पर रही। इस क्विज का संचालन सुप्रसिद्ध क्विज मास्टर एस. पी. एस. जग्गी, पूर्व निदेशक (पी अँड ए), एस सी आई तथा  दीपक तनेजा, अतिरिक्त महाप्रबंधक (सीसी), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने किया। 

  • एनएचपीसी द्वारा वसंत उत्सव 2025 का आयोजन

    एनएचपीसी द्वारा वसंत उत्सव 2025 का आयोजन

    फरीदाबाद।वसंत उत्सव 2025 का उद्घाटन करतीं हुईं भानु भारती, अध्यक्षा,एनएचपीसी महिला कल्याण समिति (बाएं) तथ आर. के. चौधरी, सीएमडी, एनएचपीसी, राजेंद्र प्रसाद गोयल, निदेशक (वित्त),एनएचपीसी,उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक),एनएचपीसी तथा  संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं एवं तकनीकी), एनएचपीसी, कार्यक्रम के दौरान  “हौसले की उड़ान” पुस्तिका का विमोचन करते हुए (दाएं)। 

    एनएचपीसी, भारत की 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी द्वारा 08 मार्च 2025 को एनएचपीसी आवासीय परिसर, सूरजकुंड, फरीदाबाद में ‘वसंत उत्सव 2025’ का आयोजन बड़े धूम-धाम के साथ किया गया जिसका  उद्घाटन भानु भारती, अध्यक्षा, एनएचपीसी महिला कल्याण समिति के कर कमलों द्वारा किया गया। एनएचपीसी द्वारा वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने और भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से वसंत उत्सव मनाया जाता है।

     आर. के. चौधरी, सीएमडी एनएचपीसी ने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वसंत उत्सव 2025 की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी तथा कहा कि वसंत केवल एक ऋतु नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई आशाओं और नई संभावनाओं का संदेश लेकर आता है। उन्होंने आगे कहा कि आज का यह दिन इसलिए और भी खास है क्योंकि आज हम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मना रहे हैं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने ने कहा “मैं नारी शक्ति को नमन करता हूँ और सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। महिलाएँ न केवल परिवार की आधारशिला हैं, बल्कि समाज, राष्ट्र और समग्र मानवता की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।“ अपने सम्बोधन में चौधरी ने एनएचपीसी की निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान एनएचपीसी के दिव्यांग कार्मिकों के संघर्षों और उनकी उपलब्धियों को दर्शाती पुस्तिका “हौसले की उड़ान” का विमोचन आर. के. चौधरी, सीएमडी एनएचपीसी महोदय के कर कमलों द्वारा किया गया। 

    इस अवसर पर  राजेंद्र प्रसाद गोयल, निदेशक (वित्त), एनएचपीसी,  उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), एनएचपी,संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं एवं तकनीकी), एनएचपीसी तथा एनएचपीसी महिला कल्याण समिति की सदस्याओं गायत्री गोयल, मोना लाल तथा गरिमा सिंह भी उपस्थित थीं। 

    इस उत्सव का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर तथा उनके साथी कलाकार थे जिनकी शानदार प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इस उत्सव में जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड,अरुणाचल प्रदेश, असम आदि जैसे विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से स्थानीय हस्तशिल्प, पोशाक सामग्री, खाद्य व्यंजनों, कठपुतली शो आदि को बढ़ावा देने वाले कई स्टाल एनएचपीसी पावर स्टेशनों/परियोजनाएं/क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा स्थापित किए गए थे।