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  • सीएमडी बीसीसीएल ने एएमपी कोलियरी, बरोरा क्षेत्र का किया निरीक्षण

    सीएमडी बीसीसीएल ने एएमपी कोलियरी, बरोरा क्षेत्र का किया निरीक्षण

    धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने आज अमलगमेटेड मुराईडीह-फुलारीटांड़ कोलियरी (एएमपी  कोलियरी), बरोरा क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ के.के. सिंह, महाप्रबंधक (बरोरा क्षेत्र),  त्रिभुवन चौहान, परियोजना अधिकारी (एएमपी कोलियरी) सहित मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान  अग्रवाल ने खदान संचालन के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत रूप से अवलोकन किया। उन्होंने खदान क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हुए खनन गतिविधियों की प्रगति एवं संचालन प्रणाली की समीक्षा की।

    सीएमडी ने इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि कोलियरी संचालन में सुरक्षा, गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कोयले की गुणवत्ता को बनाए रखने और उत्पादन लक्ष्यों की पूर्ति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी ध्यान में रखने की बात कही।

    श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर परियोजना प्रभावित परिवारों (PAPs) से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधन को निर्देश दिया कि परियोजना प्रभावित परिवारों को सभी वैधानिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि विकास कार्यों का लाभ उन्हें सीधे प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और श्रमिक कल्याण के क्षेत्रों में निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहें। निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने खदान के विभिन्न विभागों के कार्यों की सराहना की और टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अपने सभी परिचालन क्षेत्रों में ‘सुरक्षित, स्वच्छ एवं सतत खनन’ की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • झरिया पुनर्वास योजना का लक्ष्य केवल विस्थापन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन स्तर और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है – जी.किशन रेड्डी

    झरिया पुनर्वास योजना का लक्ष्य केवल विस्थापन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन स्तर और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है – जी.किशन रेड्डी

    कोयला भवन मुख्यालय में  केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.किशन रेड्डी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन

    आईआईटी (आईएसएम), धनबाद परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स और वर्चुअल माइन सिम्युलेटर का उद्घाटन

    धनबाद । केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी आज अपने दो दिवसीय दौरे के तहत धनबाद पहुंचे। उन्होंने विभिन्न आयोजनों में भाग लिया एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

    अवसर पर कोल इंडिया चेयरमैन बी साईराम, सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, उपायुक्त  धनबाद  आदित्य रंजन, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल निदेशकगण, सीवीओ,  अमन राज, सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बीसीसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, जेएमपी-जेआरडीए के पदाधिकारी तथा अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने झरिया मास्टर प्लान (जेएमपी) के अंतर्गत बीसीसीएल और जेआरडीए द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों गहन समीक्षा की। उन्होंनें बीसीसीएल की परिचालन उपलब्धियों, सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ विभिन्न सुरक्षा उपायों एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निदेशक (तकनीकी-संचालन) संजय कुमार सिंह ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बीसीसीएल की परिचालन उपलब्धियों, कोयले की गुणवत्ता सुधार पहलों, पुनर्वास कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल द्वारा अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों के अंतर्गत कौशल विकास, रोजगार सृजन, पुनर्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय स्थिरता से संबंधित ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। परिचालन के क्षेत्र में भी बीसीसीएल द्वारा इस वर्ष हुई अत्यधिक वर्षा के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

    जेआरडीए की ओर से उपायुक्त  आदित्य रंजन ने बेलगढ़िया टाउनशिप में चल रहे पुनर्वास एवं विकासात्मक कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, सड़क, विद्युत, स्व-रोजगार और कौशल विकास जैसी मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास जारी हैं। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु बेलगढ़िया एवं करमाटांड में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि सभी पात्र परिवारों को शीघ्र पुनर्वासित किया जा सके।

    डीआईजी सीआईएसएफ,  जितेन्द्र तिवारी ने सीआईएसएफ की ओर से पॉवरपॉइंट प्रस्तुति देते हुए कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, अवैध खनन की रोकथाम, कोयला परिवहन व्यवस्था के संरक्षण तथा परिचालन गतिविधियों की निर्बाधता सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। इसके उपरांत कंपनी के विभिन्न हितधारकों एवं एमडीओ ऑपरेटर्स ने भी अपनी प्रस्तुति दी और संचालन इत्यादि अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

    बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से 20 मेगावाट क्षमता वाले दुग्दा सोलर पावर प्लांट (बोकारो) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बीसीसीएल मुख्यालय का उद्घाटन किया। ₹138 करोड़ की लागत से निर्मित दुग्दा सोलर पावर प्लांट बीसीसीएल का एक महत्त्वपूर्ण हरित ऊर्जा प्रकल्प है, जिसकी वार्षिक विद्युत उत्पादन क्षमता 37.43 मिलियन यूनिट (MU) है। यह संयंत्र प्रतिवर्ष लगभग 33,000 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाएगा, जिससे बीसीसीएल की नवीकरणीय ऊर्जा पहल को सशक्त बल मिलेगा। ₹166 करोड़ की लागत से स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बीसीसीएल की परिचालन प्रणाली को डिजिटली एकीकृत करने वाला अत्याधुनिक प्लेटफ़ॉर्म है, जो CCTV निगरानी, RFID आधारित वाहन ट्रैकिंग, स्वचालित वज़न प्रणाली और एआई विश्लेषण के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार लाएगा।

    अपने संबोधन में  केंद्रीय मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधार स्तंभ है। केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन वृद्धि नहीं, बल्कि पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और श्रमिक कल्याण जैसे मानवीय पहलुओं को भी समान प्राथमिकता देना है। झरिया पुनर्वास योजना का लक्ष्य केवल विस्थापन नहीं, बल्कि बेहतर जीवन स्तर और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को समन्वित, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू किया जाए, ताकि झरिया क्षेत्र में पुनर्वास और विकास कार्यों की गति और अधिक तेज़ हो सके। उन्होंने बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को इस दिशा में अत्यंत आवश्यक बताया।

    परिचालन के क्षेत्र में उन्होंने सुरक्षा के साथ सभी महत्वपूर्ण सूचकाकों पर सतत प्रगति का निर्देश दिया और कहा कि कोकिंग कोल की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में बीसीसीएल पर ढ़ेरों जिम्मेदारियां है, जिस पर सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।     

    कार्यक्रम की शुरुआत  कोयला मंत्री के स्वागत एवं अभिनन्दन के साथ की गयी। सीआईएल चेयरमैन,  बी.साईंराम और सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने  केंद्रीय मंत्री का शॉल, पुष्पगुच्छ और श्रीफल देकर स्वागत अभिनन्दन किया। कोल इंडिया गीत के पश्चात सीएमडी, मनोज अग्रवाल ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया, जिसके उपरांत  मंत्री  ने वर्चुअल माध्यम से दुग्दा सोलर प्लांट तथा कोयला भवन तृतीय स्थल पर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया।  

    कोयला भवन में समीक्षा बैठक के पूर्व  केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी (आईएसएम), धनबाद परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स और वर्चुअल माइन सिम्युलेटर का उद्घाटन किया। माननीय मंत्री ने शिक्षकों और छात्रों से संवाद किया तथा खनन सुरक्षा, खनिज संसाधन प्रबंधन, सतत विकास और तकनीकी नवाचार पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि खनिज क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान का अभिन्न अंग हैं। आधुनिक प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से भारत को वैश्विक खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से खनन क्षेत्र को और अधिक सुरक्षित, कुशल और सतत बनाएं। उन्होंने आर.डी टी-स्टॉल पर छात्रों से अनौपचारिक बातचीत और सौहार्दपूर्ण चर्चा में छात्रों से उनकी अभिरुचि, भविष्य के योजनाएं  इत्यादि पर बातचीत की। इस दौरान सीआईएल चेयरमैन,  बी.साईंराम, सीएमडी,  मनोज अग्रवाल, निदेशक (आईआईटी-आईएसएम) प्रो. सुकुमार मिश्रा, उप-निदेशक,  धीरज कुमार, रजिस्ट्रार,  प्रमोद पांडे, सहित विभिन्न संकायध्यक्ष, फैकल्टी मेम्बर और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।  विदित हो कि अपने दो-दिवसीय धनबाद प्रवास के तहत माननीय मंत्री आज सड़क मार्ग से दुर्गापुर से धनबाद पहुंचे। दुर्गापुर हवाई अड्डे पर सीआईएल चेयरमैन,  बी. साईराम और सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक  (तकनीकी-संचालन)  संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी–परियोजना एवं योजना)  निलाद्री रॉय सहित बीसीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

  • कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार वी.रेड्डी ने केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

    कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार वी.रेड्डी ने केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

    कोयला भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जेएमपी के तहत की जा रही प्रगति का लिया जायजा। सीएमडी बीसीसीएल सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित।

    धनबाद। कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार  बी.वीरा रेड्डी ने आज धनबाद के केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और राहत, पुनर्वास एवं सुरक्षा गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गैस प्रभावित क्षेत्र में चल रहे ड्रिलिंग स्थलों का निरीक्षण किया और नाइट्रोजन फ्लशिंग प्रक्रिया की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित मुख्य वैज्ञानिक, पीएमआरसी  एन. सहाय, सिम्फर के डॉ. एस.के. राय, जे. पांडेय सहित आईआईटी (आईएसएम) तथा अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ संवाद किया तथा गैस उत्सर्जन के नियंत्रण हेतु किये जा रहे निगरानी के तरीकों तथा अन्य राहत उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

    अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक, तकनीकी (संचालन)  संजय कुमार सिंह सहित क्षेत्रीय महाप्रबंधक,  जे.के. मेहता, मुख्यालय के महाप्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

    केंदुआडीह स्थलीय निरीक्षण के उपरांत  रेड्डी कोयला भवन, धनबाद में आयोजित एक समीक्षा बैठक में शामिल हुए, जिसमें संशोधित झरिया मास्टर प्लान (जेएमपी) के अंतर्गत बीसीसीएल तथा जेआरडीए द्वारा चलाए जा रहे प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बीसीसीएल के परिचालन प्रदर्शन, गुणवत्ता पहलों एवं विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान  रेड्डी ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान भारत सरकार की प्राथमिकता परियोजनाओं में से एक है, जिसकी प्रगति की नियमित समीक्षा मंत्रालय द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंदुआडीह क्षेत्र की स्थिति को सामान्य बनाने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों की निगरानी में ड्रिलिंग, फ्लशिंग एवं अन्य राहत उपाय जारी है, सरकार गैस प्रभावित परिवारों को हर-संभव सहायता तथा शीघ्र राहत पहुँचाने के लगातार प्रयास कर रही है। बीसीसीएल के परिचालन प्रदर्शन के संबंध में उन्होंने कंपनी के प्रयासों की सराहना की और कहा की देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी के रूप में बीसीसीएल को निरंतर अपने परिचालन स्तर की उत्कृष्टता को बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए।

    इस अवसर पर सीएमडी, बीसीसीएल  मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बीसीसीएल, वैज्ञानिक संस्थानों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में केंदुआडीह क्षेत्र की स्थिति को स्थिर करने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि कंपनी इस वर्ष हुई अत्यधिक वर्षा के बावजूद परिचालन क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।  अग्रवाल ने कहा कि शेष तिमाही में उत्पादन में गति लाकर निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा उत्पादन, गुणवत्ता सहित परिचालन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता हेतु लगातार प्रयासरत है।

    समीक्षा बैठक के दौरान निदेशक (तकनीकी-ऑपरेशन)  संजय कुमार सिंह ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के जरिये जेएमपी के अंतर्गत बीसीसीएल के कार्यविवरण एवं अद्यतन रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। उन्होंने बीसीसीएल द्वारा अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक स्तर पर किए जा रहे उपायों का विवरण साझा किया और कौशल विकास, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार सृजन तथा अन्य पहलों की हालिया उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।

    अवसर महाप्रबंधक (जेएमपी)  राजीव चोपड़ा, जीएम (सेफ्टी)  एस.के. सिंह सहित मुख्यालय के अन्य महाप्रबंधक, जेआरडीए और जेएमपी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बीसीसीएल एवं धनबाद जिला प्रशासन के बीच ‘600 बैरिकेड्स उपलब्ध कराने’ हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर  

    बीसीसीएल एवं धनबाद जिला प्रशासन के बीच ‘600 बैरिकेड्स उपलब्ध कराने’ हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर  

    धनबाद। बीसीसीएल और धनबाद जिला प्रशासन/कार्यालय पुलिस अधीक्षक, धनबाद के बीच आज बीसीसीएल के सीएसआर कार्यक्रम (वित्त वर्ष 2025-26) के अंतर्गत ‘बेहतर सिटी पुलिसिंग हेतु 600 बैरिकेड्स उपलब्ध कराने’ संबंधी एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। परियोजना के तहत बीसीसीएल द्वारा जिला प्रशासन को ₹62 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिसका उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, जन सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

    उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष में भी बीसीसीएल ने इसी प्रकार की परियोजना के अंतर्गत धनबाद जिला प्रशासन को 400 बैरिकेड्स उपलब्ध कराए थे, जिनसे शहर की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। इस सफलता को देखते हुए परियोजना का दायरा इस वर्ष और बढ़ाया गया है। एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर  सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (सीएसआर) तथा बीसीसीएल सीएसआर टीम उपस्थित रही। धनबाद पुलिस की ओर से डीएसपी (सीसीआर) सुमित कुमार ने समारोह में सहभागिता की। बीसीसीएल अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आधारभूत संरचना के विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। यह परियोजना इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

  • बीसीसीएल एवं आईआईटी, आईएसएम धनबाद के बीच स्टेम शिक्षा को प्रोत्साहन’ हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

    बीसीसीएल एवं आईआईटी, आईएसएम धनबाद के बीच स्टेम शिक्षा को प्रोत्साहन’ हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

    धनबाद। बीसीसीएल और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। यह समझौता बीसीसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम वित्त वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ‘धनबाद जिले के 6 सरकारी विद्यालयों में आईआईटी (आईएसएम) के माध्यम से एसटीईएम शिक्षा को प्रोत्साहन’ परियोजना के लिए किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) शिक्षा के माध्यम से व्यावहारिक, नवोन्मेषी और समस्या-समाधान आधारित शिक्षण अनुभव प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक दृष्टिकोण, सृजनात्मकता और नवाचार की भावना को विकसित किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की तकनीकी मांगों के अनुरूप सक्षम बन सकें। बीसीसीएल सीएसआर योजना 2025-26 के अंतर्गत इस परियोजना की लागत 33 लाख रुपये से अधिक है। 

    उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष में भी बीसीसीएल द्वारा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सहयोग से इसी प्रकार की परियोजना क्रियान्वित की गई थी, जिसके अंतर्गत झरिया, बाघमारा आदि ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 2500 वंचित वर्ग के विद्यार्थी लाभान्वित हुए थे। इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में विज्ञान एवं तकनीकी विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें आधुनिक शिक्षा के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    एमओयू हस्ताक्षर के अवसर पर बीसीसीएल की ओर से सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (सीएसआर) एवं बीसीसीएल सीएसआर टीम उपस्थित रही तथा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से प्रोफेसर, डॉ. निलाद्री दास तथा असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. रश्मि सिन्हा ने अपनी सहभागिता की। बीसीसीएल की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सतत और परिवर्तनकारी योगदान है, जिसका उद्देश्य धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और प्रायोगिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य के तकनीकी एवं औद्योगिक भारत के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा सकें।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने ईसीएल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘उम्मीद-2025’ में की सहभागिता

    सीएमडी बीसीसीएल ने ईसीएल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘उम्मीद-2025’ में की सहभागिता

    प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश के खनन विशेषज्ञ, नियामक अधिकारी और तकनीकी संस्थान हुए सम्मिलित।  खनन में नवाचार, सुरक्षा एवं नीतिगत सहयोग पर हुआ विचार-विमर्श।

    धनबाद। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सहयोग तथा खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय (19–20 दिसम्बर) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी ‘उम्मीद–2025’ का आज शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन का विषय है ‘भूमिगत खनन में यंत्रीकरण एवं स्वचालन’।

    इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश के माइनिंग विशेषज्ञ, नियामक अधिकारी, तकनीकी संस्थानों और खनन क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल ने आज कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की और कंपनी का प्रतिनिधित्व किया। उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन के दौरान श्री अग्रवाल ने कहा कि भूमिगत खनन में सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और सतत विकास आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कोल इंडिया समूह की कंपनियाँ एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से सुरक्षित, दक्ष और तकनीक-संचालित खनन प्रणाली को निरंतर सशक्त बना रही हैं। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से उद्योग, शिक्षा और नीति-निर्माण संस्थानों के बीच ज्ञान-साझा और सहयोग का एक प्रभावी मंच तैयार होता है, जो भविष्य के सुरक्षित और उन्नत खनन तंत्र की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है।

    उम्मीद-2025 के उद्घाटन सत्र के पश्चात प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसमें अग्रणी देशी एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने उन्नत खनन प्रौद्योगिकियाँ और उपकरण प्रदर्शित किए। सम्मेलन में कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनियों के सीएमडी, निदेशकगण, क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस अवसर पर कहा कि ‘उम्मीद’ जैसे मंच न केवल भूमिगत खनन में नवाचार, सुरक्षा और सतत विकास को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उद्योग, अकादमिक जगत और नियामक संस्थाओं के बीच ज्ञान-साझा, नीति-संवाद और तकनीकी सहयोग को भी सशक्त बनाते हैं। यह सम्मेलन भारत में सुरक्षित, कुशल और तकनीकी रूप से सशक्त खनन के भविष्य की दिशा में एक सार्थक और दूरदर्शी पहल है।

  • कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईराम ने केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया

    कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईराम ने केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया

    राहत एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। सीएमडी बीसीसीएल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

    धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के नव-नियुक्त चेयरमैन,  बी. साईराम ने आज धनबाद के केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर क्षेत्र में चलाये जा रहे विभिन्न राहत, पुनर्वास एवं सुरक्षा गतिविधियों की जानकारी की। इस दौरान उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों, राहत प्रयासों की प्रगति तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा प्रभावित परिवारों, तकनीकी विशेषज्ञों से बात कर स्थिति का आकलन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया सहित बीसीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी, आईआईटी-आईएसएम, सिम्फर, डीजीएमएस एवं अन्य संस्थानों के तकनीकी विशेषज्ञ एवं सलाहकार उपस्थित रहे।

    श्री साईंराम अपने दौरे के क्रम में आज सड़क मार्ग से रांची से धनबाद पहुंचे और सर्वप्रथम केंदुआडीह गैस प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बीसीसीएल और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गैस उत्सर्जन नियंत्रण, वैज्ञानिक निगरानी, तकनीकी हस्तक्षेपों और राहत उपायों की प्रगति का अवलोकन किया और क्षेत्र में किए जा रहे बोरवेल निगरानी कार्यों, नाइट्रोजन फ्लशिंग प्रक्रिया और गैस नियंत्रण उपायों का अवलोकन किया। उन्होंने निरीक्षण स्थल पर उपस्थित सिम्फर वैज्ञानिक श्री संतोष कुमार रॉय सहित अन्य वैज्ञानिकों से भी चर्चा की।

    श्री साईराम ने इस दौरान गैस प्रभावित परिवारों के लिए हिंदी भवन के समीप बीसीसीएल द्वारा निर्मित राहत शिविर और चिकित्सा केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास इत्यादि व्यवस्थाओं की निरीक्षण किया और प्रबंधन द्वारा शिविर में चलाये जा रहे चिकित्सीय एवं मानवीय सहायता अभियानों की सराहना की। केंदुआडीह क्षेत्र के निरीक्षण के उपरांत चेयरमैन ने डीजीएमएस कार्यालय का दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा से संबंधित तैयारियों, निगरानी प्रणालियों, माइन सेफ्टी प्रोटोकॉल, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। श्री साईराम ने डीजीएमएस द्वारा बीसीसीएल और स्थानीय प्रशासन को प्रदान की जा रही तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन की सराहना की और कहा कि इससे बीसीसीएल के सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिल रही है।

    इसके उपरांत श्री साईराम ने समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त धनबाद, श्री आदित्य रंजन से मुलाकात की और गैस प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत, पुनर्वास और दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त के साथ बीसीसीएल, जिला प्रशासन और विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से विभिन्न सहायता उपायों और प्रभावी रूप से लागू करने उपायों पर भी विचार-विमर्श किया, जिससे राहत कार्यों को अधिक कुशलता और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। श्री साईराम ने कहा कि केंदुआडीह की स्थिति को सामान्य करने लिए सभी स्तरों पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। वैज्ञानिक संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में बोरहोल सहित अन्य उपाय किये जा रहे हैं। बीसीसीएल और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावी रूप से जारी हैं।  आशा है, स्थिति जल्द सामान्य होगी।

    निरीक्षण कार्यक्रम में बीसीसीएल कोयला भवन मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने कुसुंडा क्षेत्र की ऐना कोलियरी का किया निरीक्षण

    सीएमडी बीसीसीएल ने कुसुंडा क्षेत्र की ऐना कोलियरी का किया निरीक्षण

    खनन गतिविधियों एवं उत्पादन तैयारियों की समीक्षा की

    धनबाद।सीएमडी बीसीसीएल,मनोज कुमार अग्रवाल ने आज कुसुंडा क्षेत्र अंतर्गत ऐना कोलियरी का दौरा कर वहां संचालित खनन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा उत्पादन से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ निदेशक (मानव संसाधन)मुरली कृष्ण रमैया,निदेशक(तकनीकी – संचालन)संजय कुमार सिंह सहित बीसीसीएल मुख्यालय, कुसुंडा क्षेत्रीय कार्यालय एवं परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    निरीक्षण क्रम में सीएमडी ने खनन कार्यों का अवलोकन करते हुए मशीनरी की समुचित तैनाती एवं उनकी क्षमता के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों तथा संबंधित ठेकेदार को दैनिक बढ़ती उत्पादन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मशीनरी क्षमता में वृद्धि करने का निर्देश दिया, ताकि निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।

    श्री अग्रवाल ने सुरक्षा एवं परिचालन दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी पम्पिंग प्रणाली, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित खदान विस्तार से संबंधित सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों एवं परमिट्स समय पर प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    सीएमडी ने कोयला डंप का भी निरीक्षण किया और कहा कि केवल गुणवत्तायुक्त कोयले का ही प्रेषण एवं स्टैकिंग सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने अग्नि जोखिम की रोकथाम के लिए उपयुक्त मोटरेबल सड़कों के विकास, पर्याप्त पाइपलाइन नेटवर्क एवं स्प्रिंकलर व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबंधित कांट्रेक्टर को स्वीकृत परिवहन क्षमता के भीतर ही वाहन संचालन हेतु निर्देश दिया, जिससे कोयले का निर्बाध निष्कासन हो और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

    निरीक्षण के समापन पर  अग्रवाल ने क्षेत्र एवं खनन प्रबंधन की टीमों से बेहतर समन्वय, आपसी सहयोग एवं टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन एवं प्रेषण को अधिकतम करना बीसीसीएल की प्राथमिकता है।

    निरीक्षण कार्यक्रम में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना)  नीरज कुमार, महाप्रबंधक (समन्वय)  धनराज आखरे, महाप्रबंधक(सीएमसी)अरविंद कुमार झा, महाप्रबंधक(विद्युत् एवं यांत्रिकी)आर.आर कर्ण, महाप्रबंधक (कुसुंडा क्षेत्र)  निखिल त्रिवेदी, महाप्रबंधक (उत्खनन)ए.के. सिंह, सहायक महाप्रबंधक (एना कोलियरी)बी. के. झा, कांट्रेक्टर  प्रतिनिधि सहित बीसीसीएल मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • बीसीसीएल और एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

    बीसीसीएल और एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

    हस्तशिल्प आधारित सतत आजीविका के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाने हेतु महत्वपूर्ण पहल। बेलगड़िया पुनर्वास टाउनशिप में लागू होगी परियोजना।

    धनबाद।कोयला भवन मुख्यालय में आज बीसीसीएल और एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के बीच ‘हस्तशिल्पों को पुनर्जीवित कर सतत आजीविका हेतु स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का सशक्तिकरण: एक समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण’ शीर्षक परियोजना के कार्यान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर संपन्न हुआ। बेलगड़िया पुनर्वास टाउनशिप में लागू किये जाने वाले इस परियोजना की कुल लागत लगभग 85 लाख रुपये है।

    परियोजना का उद्देश्य स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की कम से कम 100 महिलाओं को सशक्त बनाना है, जिसके माध्यम से उन्हें बांस और जूट आधारित हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण एवं विपणन से सतत आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह परियोजना दो वर्षों की अवधि में एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसमें कौशल विकास, आय सृजन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    परियोजना के अंतर्गत एसीआईसी द्वारा तैयार उत्पादों का न्यूनतम 40 प्रतिशत क्रय (बायबैक) करने का प्रावधान भी शामिल है, जिससे महिलाओं को स्थिर बाजार एवं आय का आश्वासन प्राप्त होगा। परियोजना का संचालन झरिया पुनर्वास व विकास प्राधिकार (जेआरडीए) द्वारा बेलगड़िया में निर्मित की जा रही नई इमारत में किया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। परियोजना पूर्ण होने पर इन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (सीएसआर) के साथ बीसीसीएल सीएसआर टीम तथा एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन की ओर से डॉ. आकांक्षा तथा उनकी टीम उपस्थित रही।

    यह सहयोग बीसीसीएल की समावेशी सामुदायिक विकास और सतत आजीविका सृजन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो नवाचारपूर्ण साझेदारियों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।

  • कोयला भवन मुख्यालय  में ‘कोल वर्कशॉप 2025’ का शुभारंभ

    कोयला भवन मुख्यालय  में ‘कोल वर्कशॉप 2025’ का शुभारंभ

    सीएमडी बीसीसीएल ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन । महानिरीक्षक (सीआईएसएफ)  दीपक वर्मा सहित सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल

    धनबाद।बीसीसीएल एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) बीसीसीएल यूनिट, धनबाद के संयुक्त तत्वावधान में आज कोयला भवन मुख्यालय में दो दिवसीय ‘कोल वर्कशॉप 2025’ का शुभारंभ हुआ। 15 और 16 दिसंबर को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कोयला और खनन क्षेत्र में सतत विकास, सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, पर्यावरणीय संतुलन, भ्रष्टाचार-निवारण, आपदा प्रबंधन और निगरानी प्रणाली के आधुनिकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक विचार-विमर्श और रणनीतिक दृष्टिकोण विकसित करना है।

    इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महानिरीक्षक (पूर्वी सेक्टर), सीआईएसएफ  दीपक वर्मा, सीआईएसएफ बीसीसीएक तथा अन्य इकाईयों के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित निदेशक (मानव संसाधन) बीसीसीएल,  मुरली कृष्णा रमैया, निदेशक (तकनीकी-संचालन),  संजय कुमार सिंह, निदेशक, तकनीकी (परियोजना एवं योजना)  निलाद्री रॉय, मुख्य सतर्कता अधिकारी, अमन राज सहित मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    सीएमडी, श्री अग्रवाल ने कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन किया और ‘फ़्यूचर रोडमैप फ़ॉर बीसीसीएल: सस्टेनेबिलिटी एंड ग्रोथ’ विषय पर उद्घाटन एवं मुख्य भाषण प्रस्तुत किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग भारत की ऊर्जा सुरक्षा की आधारशिला है और बीसीसीएल सतत, सुरक्षित और जिम्मेदार खनन के माध्यम से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल का लक्ष्य प्रत्येक खदान को सुरक्षित, हरित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, जिससे उत्पादन वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण और श्रमिक कल्याण दोनों सुनिश्चित हों। अग्रवाल ने साथ ही बीसीसीएल में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे को भी रेखांकित किया और कहा कि अवैध खनन के कारण कंपनी को हर वर्ष करोड़ो का घाटा हो रहा है। सुरक्षा तंत्र को बेहतर कर इस पर नियंत्रण किया जा सकता है, जिसमें सीआईएसएफ की भूमिका निर्णायक है।

    महानिरीक्षक (पूर्वी सेक्टर), सीआईएसएफ दीपक वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सीआईएसएफ औद्योगिक सुरक्षा के साथ-साथ बीसीसीएल द्वारा निर्बाध कोयला उत्पादन एवं संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा सीआईएसएफ अपनी सुरक्षा प्रणाली को त्वरित, बेहतर और प्रभावशाली बनाने की दिशा में प्रयासरत है, जिससे ऊर्जा और खनन के क्षेत्र को और अधिक प्रभावी तथा सुरक्षित बनाया जा सकेगा। कंपनी को हर स्तर पर सुरक्षा मुहैया करना संस्था की प्राथमिकता है, और इसके सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जायेगा।

    इसके साथ ही दिनभर चले तकनीकी और विचार-विमर्श सत्रों में प्रमुख विशेषज्ञों ने कोयला उद्योग की दिशा और दशा पर अपने विचार रखे। कौशिक ग्येन (टाटा स्टील) ने ‘सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल कोल माइनिंग थ्रू एडवांस्ड माइन प्लानिंग एंड क्लोज़र’ विषय पर प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने जिम्मेदार खनन और पर्यावरणीय पुनर्स्थापना के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. आर. एम. भट्टाचार्य (आईआईटी-आईएसएम धनबाद) ने ‘एडवांसमेंट्स इन माइनिंग टेक्नोलॉजी एंड सेफ़्टी’ विषय पर समूह चर्चा का संचालन किया और खनन में तकनीकी नवाचार एवं सुरक्षा उपायों की प्रासंगिकता बताई। निलाद्री रॉय, निदेशक, तकनीकी (परियोजना एवं योजना), बीसीसीएल ने ‘प्रोजेक्ट प्लानिंग एंड एक्ज़ीक्यूशन इन कोल माइनिंग’ विषय पर अपने विचार साझा किए, जबकि संदीप कुमार, प्रबंधक (ई एंड टी), बीसीसीएल ने ‘आईसीसीसी – लेवरेजिंग टेक्नोलॉजी: विज़न अहेड’ पर तकनीकी प्रस्तुति दी।

    इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पारंपरिक स्वागत और सामूहिक दीप-प्रज्ज्वलन के साथ की गयी।  आईजी (सीआईएसएफ) दीपक वर्मा ने इस दौरान सीएमडी  मनोज अग्रवाल को को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अतिथियों एवं प्रतिभागियों के साथ समूह फोटो सत्र भी आयोजित हुए।

    कार्यक्रम में सीआईएसएफ  सुधीर कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक (उत्तर), सीआईएसएफ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस दौरान निरविकर (डीआईजी, एसईसीएल बिलासपुर),जे.के. तिवारी (डीआईजी, बीसीसीएल धनबाद), अराधना (डीआईजी, सीसीएल कारगली),एस.एस. शेखावत (एआईजी, ईएस रांची),राहुल यादव (वरिष्ठ कमांडेंट,ईसीएल सीथलपुर)और पी.के. विश्वकर्मा (कमांडेंट,बीसीसीएल धनबाद) सहित सीआईएसएफ के अन्य आधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।