Category: CHHATTISGRAH

  • नवीन श्रम संहिताओं से श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण – योगेश दत्त मिश्रा

    नवीन श्रम संहिताओं से श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण – योगेश दत्त मिश्रा

    रायपुर । राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित छिंदनार ग्राम पंचायत में रविवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1242 हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में 31 से अधिक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक श्रमिक तक पहुँचना आवश्यक है, तभी वे इसका समुचित लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक श्रमिक भाई-बहन योजनाओं से जुड़ें और लाभान्वित हों।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हित में चार नई श्रम संहिताएँ लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जिनके विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

    उन्होंने चारों नई श्रम संहिताओं— मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (ओएसएच), 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता, 2020— के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा, जिससे कोई भी राज्य निर्धारित वेतन से कम भुगतान नहीं कर सकेगा। साथ ही मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा, उपचार, भविष्य निधि तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ और सुदृढ़ की जाएंगी। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें लाभ लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सके। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद अध्यक्ष शकुंतला भास्कर, जिला पंचायत सदस्य ममता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य तुलेश्वरी नागेश, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • इतिहास से प्रेरणा लेकर ही सशक्त भविष्य का निर्माण संभव-संस्कृति मंत्री 

    इतिहास से प्रेरणा लेकर ही सशक्त भविष्य का निर्माण संभव-संस्कृति मंत्री 

    शौर्य और पराक्रम की जीवंत गाथा ‘जाणता राजा’ के समापन समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    रायपुर, । राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज ग्राउंड में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा आयोजित विश्वविख्यात महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य समापन समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर तथा आदिम जाति विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे। 

    छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय शौर्य, रणनीति, राष्ट्रभक्ति और लोक-कल्याणकारी शासन की गाथा पर आधारित इस ऐतिहासिक महानाट्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भव्य मंच सज्जा, सजीव अभिनय, प्रभावशाली प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन तथा ऐतिहासिक दृश्यों की जीवंत प्रस्तुति ने मानो इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को साकार कर दिया। महान मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘जाणता राजा’ केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव और स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। इस विश्वप्रसिद्ध नाट्यकृति की संकल्पना और प्रस्तुति सुप्रसिद्ध रंगकर्मी बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा की गई थी, जिसने दशकों से देश-विदेश में दर्शकों को इतिहास से जोड़ा है।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जाणता राजा केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की उस अमर गाथा का सजीव दर्शन है, जिसने हमें स्वराज, स्वाभिमान और सुशासन का मार्ग दिखाया। छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श हमें साहस, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजनों का होना हमारे लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

    मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग, कलाकारों, तकनीकी टीम तथा सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी राज्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सके। ‘जाणता राजा’ जैसे भव्य ऐतिहासिक मंचन न केवल सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा देते हैं। रायपुर में इस आयोजन ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं में इतिहास के प्रति नई जिज्ञासा और गर्व की भावना उत्पन्न की। समापन अवसर पर पूरा परिसर “जय भवानी, जय शिवाजी” के उद्घोष से गूंज उठा, जिसने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया।

  • मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर पादप बोर्ड द्वारा 2100 औषधीय पौधों का वितरण

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर पादप बोर्ड द्वारा 2100 औषधीय पौधों का वितरण

    रायपुर,/छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थय परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर उनके गृह ग्राम बगिया में 2100 औषधीय पौधों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं पारंपरिक औषधीय ज्ञान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण तथा घरेलू उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक आदिवासी स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।

    उल्लेखनीय है कि वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम के मार्गदर्शन में औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे एक ओर हरित आवरण बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। साथ ही उनके नेतृत्व में प्रदेश के सतत विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास व्यक्त किया गया।

  • राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण को नई गति : विशेष शिविर में 401 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित, संवेदनशील पहल से लौटी मुस्कान

    राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण को नई गति : विशेष शिविर में 401 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित, संवेदनशील पहल से लौटी मुस्कान

    रायपुर,/ छत्तीसगढ़ सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीतियों का प्रभाव अब सुदूर वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में राज्यभर में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर में 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई गई।

    सुकमा के शबरी ऑडिटोरियम में 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस शिविर में कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक उपकरण मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। यह शिविर केवल वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और सम्मानजनक जीवन की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

    शिविर में भगवान महावीर  विकलांग सहायता समिति  जयपुर के विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक “जयपुर फुट”, कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण तैयार कर वितरित किए गए। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई हितग्राहियों को जब आधुनिक कृत्रिम अंग मिले, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई उम्मीद साफ झलक रही थी।

    ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, स्टिक और बैसाखी जैसे उपकरण शिविर स्थल पर ही प्रदान किए गए।आर्टिफिशियल कैलिपर्स के लिए माप लेकर शीघ्र वितरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने बताया कि शिविर में 213 दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन भी लिए गए, ताकि वे राज्य शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यह पहल दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि राज्य का कोई भी नागरिक अपनी शारीरिक बाधा के कारण अवसरों से वंचित न रहे। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। सुकमा का यह शिविर राज्य स्तर पर दिव्यांग सशक्तिकरण के व्यापक अभियान की कड़ी है।

  • मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    *कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा–सलका मार्ग का होगा सुदृढ़ीकरण ,40.93 करोड़ रुपए स्वीकृत, 29 किमी सड़क उन्नयन से विकास को मिलेगी नई रफ्तार*

    रायपुर/ राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी नीति के अनुरूप क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से जिला सूरजपुर अंतर्गत कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा– सलका (मुख्य जिला मार्ग) के विभिन्न खंडों में सड़क सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

    लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित इस कार्य के लिए 40.93 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के अनेक ग्रामों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके उन्नयन से आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र होगा। इससे ग्रामीण अंचलों का जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा है। सुदृढ़ सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही व्यापार, लघु उद्योग एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

  • विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा – मुख्यमंत्री

    विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा – मुख्यमंत्री

    *मुख्यमंत्री शांति सरोवर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल*

    *कैबिनेट मंत्रीगण, नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा के सदस्य भी रहे मौजूद*

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।            मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।

  • मुख्यमंत्री से राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री से राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, सुश्री लीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे।

  • राज्यपाल ने छत्तीसगढ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया

    राज्यपाल ने छत्तीसगढ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया

    रायपुर, / राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल श्री डेका का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने स्वागत किया।

  • कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

    कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

    रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

  • देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस

    देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस

    छत्तीसगढ़ का शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय अद्वितीय

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकन

    रायपुर, /सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।

    आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस कल्पथी राजेंद्रन श्रीराम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।

    प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।

    चीफ जस्टिस ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।

    चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।

    उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को  देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

    गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी श्री बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है।