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  • छत्तीसगढ़ का अनुपम सौंदर्य सदैव आपकी स्मृतियों में रहेगा अंकित – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ का अनुपम सौंदर्य सदैव आपकी स्मृतियों में रहेगा अंकित – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री से मिले सैन्य अधिकारी, छत्तीसगढ़ यात्रा को बताया अविस्मरणीय*

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा।

    दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

  • मोर जल मोर माटी ने लाख की खेती के माध्यम से ग्रामीण आय को दिया बढ़ावा

    मोर जल मोर माटी ने लाख की खेती के माध्यम से ग्रामीण आय को दिया बढ़ावा

    बालकोनगर, कोरबा। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी सामुदायिक विकास पहल मोर जल मोर माटी के अंतर्गत लाख खेती के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। इसका उद्देश्य लाख की खेती पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर, किसानों को सशक्त बनाना है। इस प्रशिक्षण में उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जिनके पास बेर, कुसुम और पलाश जैसे पेड़ हैं जो इस के लिए आवश्यक हैं।

    अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचने के लिए अनेक सत्र आयोजित किये गए। आयोजित सत्र में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। आने वाले समय में कई प्रशिक्षण सत्र और आयोजित किये जाएंगे। आने वाले समय में अधिक किसान इस पहल से लाभान्वित होंगे। आय के द्वितीयक स्रोत के रूप में लाख की खेती की शुरुआत कर बालको ने 400 से अधिक किसानों के लिए ₹50,000 की अतिरिक्त औसत आय उत्पन्न करने में मदद की है।

    छत्तीसगढ़ एक प्रमुख लाख उत्पादक राज्य है। जलवायु परिवर्तन के कारण पैदावार में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहा कोरबा कभी एक प्रमुख उद्योग केंद्र था। 2023 में मोर जल मोर माटी पहल ने आधुनिक तरीकों के साथ झारखंड से विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करके क्षेत्र में लाख की खेती को पुनर्जीवित किया। इसने स्थानीय किसानों और कर्मचारियों को सशक्त बनाया है। किसान अब संसाधनों को साझा करते हैं और साथ मिलकर खेती करते हैं। इस पहल के साथ ब्रूड लाख की आपूर्ति होती है। इसकी खेती साल में दो बार होती है। बीज उत्पादन तथा व्यावसायिक उत्पादन, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में वृद्धि होती है।

    लकड़ी की फिनिशिंग, भोजन, सौंदर्य प्रसाधन, आभूषण इत्यादि जरूरी चीजों में इसका उपयोग होता है। इसके व्यावसायिक मूल्य के साथ लाख की खेती समुदायों के लिए स्थायी आजीविका का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही समुदाय द्वारा संचालित भूमि प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा जैव विविधता संरक्षण में सहायता प्रदान करती है। कौशल और ज्ञान की कमी ने इसके विकास को सीमित कर दिया है। वैज्ञानिक खेती के तरीकों को अपनाने से मौजूदा लाख उगाने वाले क्षेत्रों में उत्पादकता को बढ़ावा मिलै है। लाख के उप-उत्पाद में ब्र, रंग और मोम शामिल हैं। इसका उपयोग खाद्य, सौंदर्य प्रसाधन, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, चिपकने वाले पदार्थ, वार्निश और पेंट जैसे उद्योगों में किया जाता है। बेहतर खेती के तरीके लाभप्रद होने के साथ किसानों को पारंपरिक फसलों के लिए अधिक आकर्षक विकल्प भी प्रदान करता है।

    बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि मोर जल मोर माटी प्रोजेक्ट के माध्यम से हम किसानों को कृषि नवाचार एवं आधुनिक तकनीक के जोड़कर सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधन से सशक्त बनाकर हम दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। आय का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान कर हम ग्रामीण समुदाय की आजीविका का समर्थन कर रहे हैं। यह प्रतिबद्धता आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने और सभी क्षेत्रों में स्थिरता बढ़ाने के हमारे व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    कोरबा के परसाखोला गाँव के अमल ने अपनी कहानी साझा करते हुए कहते हैं कि एक किसान परिवार में पले-बढ़े होने के कारण, मैंने हमेशा लाख की खेती करने के बारे में सोचता था। हमारे गाँव का प्राकृतिक वातावरण इसके लिए एकदम सही है। हालांकि आर्थिक कारणों से मैंने अपनी आकांक्षाओं का पीछा नहीं किया। जब मुझे मोर जल मोर माटी परियोजना के बारे में पता चला तो यह बदल गया। इसके तहत बेला में वेदांता कृषि संसाधन केंद्र (वीएआरसी) में लाख के बीज और प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण से मिली जानकारी से लाख की खेती शुरू की और लगभग ₹80,000 का लाभ कमाया।

    बालको की मोर जल मोर माटी परियोजना 40 गांवों में लगभग 2200 एकड़ से अधिक भूमि के साथ 5700 किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। परियोजना का कार्यान्वयन बायफ इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल लाइवलीहुड के सहयोग किया जा रहा है। परियोजना मौजूदा संसाधनों के साथ सतही जल प्रबंधन में सुधार, सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और वर्षा पर निर्भरता को कम करने के लिए बहु-फसल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह किसानों को लाख की खेती, पशुपालन, बागवानी और गैर-लकड़ी वन उपज जैसे नए रास्ते दिखाकर साल भर आय सृजन को सुनिश्चित किया है। किसानों विभिन्न प्रशिक्षण एवं कृषि नवाचार के लिए वेदांता एग्रीकल्चर रिसोर्स सेंटर (वीएआरसी) की स्थापना की गई है।

  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निवास ग्राम बीरपुर में सरपंच एवं वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निवास ग्राम बीरपुर में सरपंच एवं वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए

    छत्तीसगढ़ / शासन की कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निवास ग्राम बीरपुर ने इतिहास रचा है।जिला सूरजपुर के विधानसभा भटगांव  में स्थित ग्राम बीरपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्विरोध सरपंच समेत सभी वार्डों में पंचों का चयन किया गया है, जो अपने आप में बहुत अनूठा है।ग्राम पंचायत बीरपुर के समस्त ग्रामीण जनों द्वारा इस प्रकार निर्विरोध सरपंच एवं पंचों के चयन से प्रतीत होता है कि मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के  निवास ग्राम में सभी ग्रामीण जन एकजुट होकर ग्राम के  सर्वांगीण विकास में सहभागी बने हैं,।

    मन्त्री लक्ष्मी राजवाड़े के गृह ग्राम वीरपुर में सरपंच एवम सभी 11वार्डो में पंच निर्विरोध चुनने की अब तक के इतिहास में पहली बार हुवा है। सभी ग्रामीण जनों के इस ऐतिहासिक निर्णय  से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की एक अलग पहचान केवल भटगांव विधानसभा में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में एक मिसाल पेश करेगी। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने सरल एवं सहज स्वभाव के कारण पूरे राज्य में सभी की लाडली बेटी बहन के रूप में कार्य कर रही हैं ।छत्तीसगढ़ कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सभी ग्रामीण जनों का निर्विरोध सरपंच एवं पंच चुने जाने पर आभार व्यक्त किया है।

  • दिल्ली और एम्स रायपुर की टीमों ने किया रायगढ़ का निरीक्षण

    दिल्ली और एम्स रायपुर की टीमों ने किया रायगढ़ का निरीक्षण

    *बर्ड फ्लू संक्रमण नियंत्रण की त्वरित कार्रवाई को सराहा*

    *पोल्ट्री फार्म सैनिटाइजेशन का कार्य जारी*

    रायपुर, /रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एम्स रायपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रायगढ़ पहुंची। टीमों ने संक्रमित पोल्ट्री फार्म और आसपास के इंफेक्टेड जोन का निरीक्षण किया और संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया की समीक्षा की। इसके बाद कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के साथ भारत सरकार के एसओपी के तहत आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

    विशेषज्ञों ने पोल्ट्री फार्म सैनिटाइजेशन कार्य का जायजा लिया और घर-घर जाकर रैंडम जांच भी की। पशुपालन विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. एच.आर. खन्ना ने रायगढ़ प्रशासन द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों की सराहना करते हुए कहा कि संक्रमित पोल्ट्री, अंडों और चूजों का तेजी से नष्ट किया जाना प्रभावी रणनीति रही। उन्होंने निर्देश दिया कि पोल्ट्री फार्म को शीघ्र सैनिटाइज करने के लिए फ्लेम गन और डिसइंफेक्टेंट का उपयोग किया जाए। इस पर कलेक्टर श्री गोयल ने उप संचालक पशुपालन विभाग को पर्याप्त मैनपावर के साथ सैनिटाइजेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

    एम्स रायपुर की टीम ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी और आइसोलेशन वार्डों की समीक्षा कर आवश्यक दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। एम्स के डॉ. अजॉय के. बेहरा, डॉ. संजय सिंह नेगी, डॉ. गौरी कुमारी पाढ़ी और अन्य विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य विभाग को बर्ड फ्लू से संबंधित सतर्कता उपायों को मजबूत करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से यह निर्देश दिए गए कि सर्दी-बुखार से ग्रसित मरीजों की निगरानी बढ़ाई जाए और पोल्ट्री फार्म में कार्यरत सभी व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

    एम्स रायपुर की टीम ने जिलेभर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक कर बर्ड फ्लू से बचाव और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में संक्रमण से बचाव, शुरुआती लक्षणों की पहचान और त्वरित उपचार व्यवस्था पर जोर दिया गया। निरीक्षण दल में डॉ. देवांग जरीवाला (असिस्टेंट डायरेक्टर, इंटीग्रेटेड डीसीज सर्विलांस प्रोजेक्ट, भारत सरकार), डॉ. एच.आर. खन्ना (ज्वाइंट कमिश्नर, पशुपालन एवं डेयरी विभाग), डॉ. किरण अखाड़े (असिस्टेंट डायरेक्टर, एपिडेमियोलॉजी), डॉ. चयनिका नाग (एंटोमोलॉजिस्ट, आईडीएसपी रायपुर) सहित एम्स रायपुर एवं स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

  • आबकारी सचिव सह आयुक्त सुश्री आर. संगीता ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा

    आबकारी सचिव सह आयुक्त सुश्री आर. संगीता ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा

    :*अवैध मदिरा और मादक पदार्थों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*

    रायपुर, / आबकारी विभाग की सचिव सह आयुक्त सुश्री आर. संगीता ने आज नवा रायपुर में विभागीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन, उड़नदस्ता दल, एवं विभिन्न जिलों के आबकारी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा एवं राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सुश्री संगीता ने अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    आबकारी सचिव संगीता ने  स्थानीय चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी थाना एवं जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

    *आबकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं वित्तीय अनुशासन*

    आबकारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री नहीं हो। उन्होंने ग्राहक सुविधा एवं शिकायत समाधान पर विशेष ध्यान देने के लिए “मनपसंद” मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर 14405 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के निर्देश दिए।

    आबकारी सचिव ने फील्ड में कार्यरत आबकारी आरक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो और मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, इसे कड़ाई से सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया। सचिव ने कहा कि मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान किया जाए तथा बिक्री से प्राप्त राशि को बैंक में नियमानुसार जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस कार्य में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कैश कलेक्शन / बैंक एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। बैठक में पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण हेतु भी आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक श्री श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेंद्र सिंह भारद्वाज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने किया दंतेवाड़ा के विकास कार्यों का अवलोकन

    रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने किया दंतेवाड़ा के विकास कार्यों का अवलोकन

    *महिला आत्मनिर्भरता, युवाओं के रोजगार और पीड़ित परिवारों के पुनर्वास कार्य को सराहा*

    रायपुर/ राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के अध्ययन यात्रा-2025 के अंतर्गत 18 वरिष्ठ अधिकारियों का दल दंतेवाड़ा पहुंचकर जिले में संचालित सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का अवलोकन किया और जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

    अधिकारियों ने सबसे पहले गीदम स्थित डेनेक्स फैक्ट्री का निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री की शुरुआत 31 जनवरी 2021 को की थी। इस फैक्ट्री में निर्मित कपड़ों को डेनेक्स ब्रांड के नाम से बाजार में बेचा जाता है। जिले में चार फैक्ट्रियों की स्थापना की जा चुकी है, जिनका लक्ष्य लगभग 1,200 परिवारों को रोजगार देना है। यहां अधिकारियों ने कामकाजी महिलाओं से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया।

    प्रतिनिधि मंडल ने एजुकेशन सिटी जावंगा का भी दौरा किया, जहां उन्होंने सक्षम-2 (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का आवासीय विद्यालय) में छात्रों से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। अधिकारियों को बताया गया कि दृष्टिबाधित छात्रों की पढ़ाई के लिए एनी डिवाइस नामक स्मार्ट लर्निंग टूल उपलब्ध कराया गया है, जो ब्रेल लिपि सीखने और पढ़ने में सहायक है।

    इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने कारली स्थित नक्सल पीड़ित पुनर्वास केंद्र का अवलोकन किया। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सली हिंसा से पीड़ित परिवारों को सुरक्षित आवास एवं रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से इन परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है।

    इसके अलावा, अधिकारियों ने अश्व संचालन (घुड़सवारी) प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया, जहां छात्रों को घुड़सवारी की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। इस दौरान छात्रों ने गीत-संगीत की प्रस्तुति भी दी, जिसे सभी ने सराहा।

    दल ने नव गुरुकुल संस्था द्वारा छात्रों को दी जा रही निःशुल्क सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कक्षाओं का भी अवलोकन किया। उन्हें बताया गया कि 18 महीने के इस पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को पीईटी, पीएमटी, आईआईटी, जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। इसके अलावा, छात्रों को इंग्लिश कम्युनिकेशन और लीडरशिप से जुड़े विशेष सत्र भी कराए जा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल ने जिले में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नक्सल पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और इसे अन्य स्थानों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया। इस अवसर पर डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री स्मृतिक राजनाला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • विश्व शांति के लिए बुद्ध के संदेश प्रासंगिक- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विश्व शांति के लिए बुद्ध के संदेश प्रासंगिक- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *डोंगरगढ़ के प्रज्ञागिरी में 32वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन आयोजित*

    रायपुर,/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय आज डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।

  • अंबिकापुर जिला सहकारी बैंक में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता उजागर

    अंबिकापुर जिला सहकारी बैंक में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता उजागर

    *दो बर्खास्त, चार निलंबित, कई कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज*

    रायपुर,/ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस घोटाले में कई बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। बैंक के प्राधिकृत अधिकारी विलास भोसकर ने संलिप्त कर्मचारियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।

    नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा 09 जनवरी 2025 से 30 जनवरी 2025 तक बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। 29 जनवरी को कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी (बोर्ड) की बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। नाबार्ड अधिकारियों ने शाखा शंकरगढ़ और कुसमी में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना जताई और इनकी विस्तृत जांच का सुझाव दिया।

    बैंक के समवर्ती ऑडिटर द्वारा की गई जांच में सामने आया कि कुछ संदिग्ध खातों में 13 करोड़ रूपए से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। इसमें कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए बैंक के कुछ मौजूदा कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए।

    इस मामले में अशोक कुमार सोनी (सहायक मुख्य पर्यवेक्षक, प्रभारी शाखा प्रबंधक, शंकरगढ़), जगदीश प्रसाद (सहायक लेखापाल, प्रभारी शाखा प्रबंधक, कुसमी), समल साय (सेवानिवृत्त सहायक मुख्य पर्यवेक्षक, निवासी भगवतपुर, कुसमी), प्रकाश सिंह (कंप्यूटर ऑपरेटर, शाखा कुसमी) को निलंबित किए जाने के साथ ही इसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

    इसके अलावा, सरगुजा संभाग की छह अन्य शाखाओं में भी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए सहकारिता सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा है।

    रामानुजगंज शाखा के अंतर्गत केसीसी खातों से गबन के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक शंकर राम भगत, कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज विश्वास, संस्था प्रबंधक विजय उईके, तथा लिपिक राजेश कुमार पाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और एफआईआर दर्ज कराई गई। राजपुर शाखा के अंतर्गत फर्जी तरीके से धनराशि समायोजन का मामला सामने आया, जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक एस.एन. जोशी को निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि समिति प्रबंधक मनोज शर्मा (सेवानिवृत्त) पर भी कार्रवाई की गई। प्रेमनगर शाखा के अंतर्गत एफडी और बचत खातों की राशि में गड़बड़ी करने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजेश मिश्रा और लिपिक दीपक सोनी पर कार्रवाई की गई। भैयाथान शाखा में किसानों को गलत तरीके से ऋण प्रदान कर गबन किया गया, जिसके चलते अजीत सिंह (सहायक मुख्य पर्यवेक्षक) के विरुद्ध विभागीय जांच जारी है।

    इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राज्य स्तरीय टीम गठित कर विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है। साथ ही, आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो से भी मामले की जांच कराने के लिए सहकारिता सचिव को पत्र लिखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

  • आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया – अमित शाह

    आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया – अमित शाह

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और श्री 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए*

    *आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा*

    रायपुर / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और श्री 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। श्री शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। श्री शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। श्री शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। श्री अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा।

    उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। श्री शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। श्री अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे।

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी और आचार्य जी के बीच बहुत ही आत्मीय संवाद रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए एक अनमोल धरोहर है।

  • आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    *आचार्य जी के उपदेश प्रकाश स्तंभ की तरह: पथ को आलोकित कर देती है सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

    रायपुर/ जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की। 

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली।  उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए  सभी साधुवाद के पात्र हैं। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि  संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है। 

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।