Category: CHHATTISGRAH

  • लगभग ₹10,000 करोड़ सीधे 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में जाएंगे….

    लगभग ₹10,000 करोड़ सीधे 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में जाएंगे….

    *अन्नदाता का मान ही हमारी सरकार की पहचान: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि होली के पहले एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री श्री साय*

    रायपुर,/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के तहत लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल धान की खरीदी नहीं करती, बल्कि किसानों के परिश्रम का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना अपना दायित्व मानती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही उत्सव का उल्लास बढ़ेगा।

    उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत बीते दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व किसानों के खाते में  ₹10,000 करोड़ के भुगतान के साथ यह राशि बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और पसीने से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

  • मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े गृह ग्राम बीरपुर में नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल हुईं

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े गृह ग्राम बीरपुर में नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल हुईं

    *कलश यात्रा एवं वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ धार्मिक आयोजन*

    रायपुर, / मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने गृह ग्राम बीरपुर में नवनिर्मित शिव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत प्रातः राम मंदिर, पासंग नाला से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कलश यात्रा शिव मंदिर परिसर तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। कार्यक्रम के दौरान भंडारे का आयोजन किया गया, वहीं रात्रि में भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

    इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी सौहार्द, एकता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने ग्रामवासियों को इस सफल एवं भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि नवनिर्मित शिव मंदिर ग्राम बीरपुर में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, बाबूलाल अग्रवाल, अनिल सिंह मेजर, भीमसेन अग्रवाल, अजय गोयल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • मां से बिछड़कर खेत में पहुंचा चार माह का तेंदुए का शावक

    मां से बिछड़कर खेत में पहुंचा चार माह का तेंदुए का शावक

    *ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू*

    रायपुर,/ गौरतलब है कि श्रृंगी ऋषि पहाड़ी की तराई में स्थित खेतों में ग्रामीणों ने लगभग चार माह के तेंदुए के शावक को देखा। संभावना है कि शावक अपनी मां से बिछड़कर भटकते हुए रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गया था। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।

    राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशों में धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र अंतर्गत बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के ग्राम छिपली पारा में तेंदुए के एक शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

    रेस्क्यू के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत शावक को नगरी स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में शावक पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। रेंज अधिकारी श्री सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार शावक को आगे की देखभाल और सुरक्षित वातावरण के लिए नया रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया है। नगरी-सिहावा क्षेत्र सघन वनों और पहाड़ी भू-भाग के कारण तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास माना जाता है। वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिल रही है। गांव के ग्रामीणों की सूझबूझ और जिम्मेदारी की खुलकर सराहना की है। विभाग का कहना है कि यदि लोग इसी तरह जागरूकता और संवेदनशीलता दिखाएं, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इस घटना से यह भी साबित हुआ है कि सही समय पर सही कदम उठाने से वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है

  • दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल: उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

    दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल: उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

    रायपुर, / हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा। हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 

    यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 

    उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है। इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

  • प्रार्थना सभा में गूंजेंगी अखबार की सुर्खियां….

    प्रार्थना सभा में गूंजेंगी अखबार की सुर्खियां….

    विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन , शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहल*

    रायपुर,/ छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है।

    इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय 

    छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय 

     रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।  मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। 

    यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। 

  • केन्द्रीय सतर्कता आयोग के राष्ट्रीय कार्यशाला में SECL की ‘डिजीकोल’ पहल बनी पारदर्शी सुशासन का मॉडल

    केन्द्रीय सतर्कता आयोग के राष्ट्रीय कार्यशाला में SECL की ‘डिजीकोल’ पहल बनी पारदर्शी सुशासन का मॉडल

    बिलासपुर। केन्द्रीय सतर्कता आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में “डिजिटल इनिशिएटिव्स फॉर इंक्रीजिंग ट्रांसपेरेंसी इन गवर्नेंस” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल ‘डिजीकोल (DigiCOAL)’ को सार्वजनिक उपक्रमों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने वाली एक आदर्श डिजिटल पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    कार्यशाला में SECL की ओर से मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) हिमांशु जैन ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजीकोल पहल के माध्यम से खनन कार्यों के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में डिजिटल निगरानी और डेटा आधारित प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ रूप से लागू किया गया है, जिससे संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।

    डिजिटल निगरानी से मजबूत हुआ संचालन तंत्र

    प्रस्तुति के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलों की जानकारी दी गई। HEMM फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से शॉवेल, डंपर एवं डोजर जैसे भारी खनन उपकरणों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है। सेंसर आधारित प्रणाली से उपकरणों की लोकेशन, ऑपरेटिंग ऑवर्स और ईंधन खपत की निगरानी होती है। ईंधन में असामान्य गिरावट, अनावश्यक निष्क्रिय समय (Idle Time) तथा निर्धारित मार्ग से विचलन की स्वतः पहचान संभव हो पाई है। वीडियो एनालिटिक्स एवं कनेक्टेड वर्कर सिस्टम के जरिए सुरक्षा प्रबंधन, परिचालन नियंत्रण तथा आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।ड्रोन आधारित सर्वेक्षण से अतिक्रमण की पहचान, हॉल रोड एवं ढलानों की निगरानी तथा मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था के आकलन में सटीकता आई है। डेटा-ड्रिवन माइन प्लानिंग एवं अनुकूलित ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग प्रणाली ने उत्पादन प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक बनाया है।इसके साथ ही डिजिटल भूमि अभिलेख, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म, स्पेयर प्रबंधन प्रणाली एवं डिजिटल वॉर रूम जैसी पहलों ने एक एकीकृत एवं छेड़छाड़-रोधी (टैम्पर-प्रूफ) डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया है। इस अवसर पर SECL मुख्यालय, बिलासपुर में कार्यशाला के वेबकास्ट का सामूहिक अवलोकन किया गया। CMD SECL हरीश दुहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुति में सहभागिता की। उनके साथ निदेशक (तकनीकी-संचालन)  एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरांची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी-परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र मोहापात्रा सहित मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

    राष्ट्रीय मंच पर डिजीकोल की प्रस्तुति SECL की डिजिटल परिवर्तन यात्रा को मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। यह उपलब्धि न केवल कोयला क्षेत्र में SECL की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति किस प्रकार जिम्मेदारी और दक्षता के साथ की जा सकती है।

  • एनएमएल-एनटीपीसी तलईपल्ली में ‘फन फेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन

    एनएमएल-एनटीपीसी तलईपल्ली में ‘फन फेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन

    घरघोड़ा | एनएमएल तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना की तिलोत्तमा महिला समिति द्वारा कोशल विहार टाउनशिप में ‘फन फेस्ट 2026’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘मोर छत्तीसगढ़, मोर तलईपल्ली’ रही, जिसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं सामुदायिक भावना का जीवंत प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव, वरिष्ठ सदस्य, संयुक्ता लेडीज़ क्लब, श्रीमती पूनम जैन, अध्यक्ष, स्वयंसिद्धा लेडीज़ क्लब तथा श्रीमती कविता सक्सेना, अध्यक्ष, प्रेरणा लेडीज़ क्लब द्वारा किया गया। आयोजन में  अखिलेश सिंह, परियोजना प्रमुख, एनएमएल तलईपल्ली एवं  सुभाष ठाकुर, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी लारा की उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम का नेतृत्व श्रीमती संगीता सिंह, अध्यक्ष, तिलोत्तमा महिला समिति ने किया। मेले में विभिन्न फूड स्टॉल, मनोरंजक खेल एवं स्थानीय कारीगरों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक करमा नृत्य से हुई, जिसके बाद खैरागढ़ से आए कलाकारों द्वारा संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर अतिथियों ने आयोजन की सराहना की। अखिलेश सिंह ने महिला समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे छत्तीसगढ़ की जीवंत संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन हुआ।

  • सिक्किम से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया गेवरा खदान का भ्रमण

    सिक्किम से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया गेवरा खदान का भ्रमण

    हरित, सुरक्षित और आधुनिक कोयला खनन प्रक्रियाओं को नज़दीक से देखा

    विलासपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) सिक्किम एवं छत्तीसगढ़, के संयुक्त तत्वधान में सिक्किम से 15-सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 10 फरवरी 2026 को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा का दौरा किया। यह दौरा देश की ऊर्जा सुरक्षा में एसईसीएल भूमिका, पर्यावरणीय प्रयासों और सतत खनन पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा में अत्याधुनिक एचईएमएम संचालन का अवलोकन किया। मीडिया दल को सरफेस माइनर के माध्यम से ब्लास्ट-फ्री कोयला उत्खनन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जो पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ-साथ सुरक्षित और प्रभावी खनन का उदाहरण है। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के माध्यम से की जा रही पर्यावरण-अनुकूल कोयला डिस्पैच प्रणाली को भी देखा, जिससे धूल-उत्सर्जन में कमी, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। इसके साथ ही गेवरा में विकसित मियावाकी पद्धति से किए गए सघन पौधारोपण को भी मीडिया सदस्यों ने सराहा। 

    पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने कोयला खनन कार्यों को इतनी नज़दीक से देखा। उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के प्रति एसईसीएल के संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की। गेवरा दौरे के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में एसईसीएल प्रबंधन से  एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तक.) संचालन,  बिरंची दास, निदेशक (एचआर),  रमेश चन्द्र महापात्र, निदेशक (तक.) योजना/परियोजना- के साथ संवाद किया, जहाँ संगठन की भावी योजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों पर विस्तार से चर्चा हुई ।

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य

    *शालू को दीपक के रूप में मिला जीवनसाथी*

    रायपुर,/ जब अपनों से जीवन की राह में सहारा छूट गया, तब छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शालू के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। ओटगन निवासी शालू आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम माहुद मचांदुर निवासी दीपक कुंजाम के साथ वैवाहिक जीवन में बंध गई। यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन था, बल्कि संवेदनशील शासन और सामाजिक सहयोग की जीवंत मिसाल भी बना।

    शालू के जीवन में संघर्षों की लंबी श्रृंखला रही। पिता का कैंसर से निधन और मां का कोरोना काल में असमय चले जाना, फिर पारिवारिक परिस्थितियों के चलते भाई-बहनों से बिछड़ना—इन सभी कठिन परिस्थितियों में शालू अकेली पड़ गई। इस दौरान उनका स्वास्थ्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। ऐसे समय में ओटगन की पूर्व सरपंच श्रीमती संजीता दीवान ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उन्हें सखी सेंटर पहुंचाया, जहां से बेहतर देखभाल के लिए शालू को नारी निकेतन भेजा गया।

    नारी निकेतन की अधीक्षिका श्रीमती प्रीति मिश्रा ने बताया कि संस्थान में शालू की नियमित देखभाल, उपचार और परामर्श से उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ। शालू की सहमति से उनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु जीवन साथी की तलाश प्रारंभ की गई। इसी क्रम में खम्हारडीह क्षेत्र में पुलिस कार्य से जुड़े दीपक कुंजाम ने शालू से विवाह का प्रस्ताव रखा।

    आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आदर्श विवाह संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय आयोजन में शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस विवाह को विशेष बना दिया। श्री दीपक ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें शालू जैसी संस्कारी और सुशील जीवनसाथी मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और सभी जनप्रतिनिधियों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बारात जैसा रहा। शालू ने भी अपने नए जीवन की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और समाज के सहयोग से उन्हें एक नई पहचान, सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिला है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शालू जैसी बेटियों को न केवल वैवाहिक सहारा मिल रहा है, बल्कि यह योजना उन्हें आत्मसम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की आशा भी प्रदान कर रही है।