Category: CHHATTISGRAH

  • खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

    खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

    *तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का हुआ समापन*

    रायपुर, /आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम गुरूवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह हुए। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में संपन्न हुआ। 10 से 12 फरवरी 2026 तक आयोजित इस तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव ने ग्रामीण और शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने अपने प्रतिभाओं प्रदर्शन किया। उन्होंने समापन समारोह के अवसर पर कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने को एक सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने चयनित सभी खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दी। सरगुजा ओलंपिक में 67,380 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

    मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर खेल मैदान में उतर कर खिलाडियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शंकरगढ़ एवं बलरामपुर के मध्य हो रहे बालिका रसाकस्सी प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही  जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को मंत्री रामविचार नेताम ने शील्ड एवं मेडल देकर सम्मानित किया।

    समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा,  पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीइओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर व बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर, संबंधित अधिकारीगण एवं खिलाड़ी तथा आमनागरिक मौजूद थे।

    जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय ओलंपिक में खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया, जिसमें व्यक्तिगत खेलों के अंतर्गत एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती एवं कराटे तथा दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल शामिल रहे। प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष, बालक/बालिका) एवं सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) में आयोजित की गई।

  • छत्तीसगढ़ की 4 सेंट्रल जेलों को मिला आईएसओ गुणवत्ता प्रमाणन

    छत्तीसगढ़ की 4 सेंट्रल जेलों को मिला आईएसओ गुणवत्ता प्रमाणन

    रायपुर, छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्थाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देशन में राज्य की जेलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इन्हीं प्रयासों का ही यह परिणाम है कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अम्बिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक आईएसओ 9001ः2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

           उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा जेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से आईएसओ सर्टिफिकेशन कराने की पहल की थी। यह प्रक्रिया पूर्ण कर राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों को प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस प्रमाणन से जेल प्रशासन में कार्य प्रक्रियाओं में एकरूपता एवं पारदर्शिता, बंदी कल्याण और मानवाधिकार संरक्षण को बढ़ावा, जोखिम प्रबंधन और जवाबदेही में सुधार, जनविश्वास एवं संस्थागत विश्वास में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य की सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य जेलों को केवल निरुद्ध स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित करना है।

  • 100 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोका गया

    100 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोका गया

    रायपुर, जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने ग्राम पंचायतों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लेटलतीफी के कारण जनपद पंचायत मैनपुर के 57 एवं जनपद पंचायत देवभोग के सभी 43 ग्राम पंचायत सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की है।

    गौरतलब है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थ पोर्टल, ग्राम संपदा, 15वां वित्त आयोग तथा अन्य विकासमूलक योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं ग्राम पंचायतों के निरीक्षण तथा जनपद पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिवों की समीक्षा बैठक आयोजित कर ग्राम पंचायतों को निर्माण एवं विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए थे।

    निर्माण एवं विकास कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की  बार-बार निर्देश एवं चेतावनी के बावजूद संबंधित ग्राम पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। फलस्वरूप सबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य उन्नत वेतन पैकेज के लिए हुआ एमओयू

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य उन्नत वेतन पैकेज के लिए हुआ एमओयू

    रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों को आकर्षक एवं व्यापक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बैंक में वेतन खाता संचालित करने वाले राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ के अंतर्गत उन्नत निःशुल्क सुविधाएं एवं बीमा कवर प्रदान किए जाएंगे।

    समझौते के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एक करोड़ 25 लाख रूपए तक, हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए  तक, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर एक करोड़ 25 लाख रूपए तक तथा टर्म इंश्योरेंस 10 लाख रूपए प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रूपए तक कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। कर्मचारियों को बालिका विवाह लाभ 10 लाख रूपए तक एवं बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु 10 लाख रूपए तक का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त खाताधारकों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे तथा स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर प्रदान की जाएंगी। यह समझौता ज्ञापन 10 फरवरी 2026 को शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव, वित्त विभाग,छत्तीसगढ़ शासन तथा वी. वेंकटेश,अंचल प्रबंधक,बैंक ऑफ महाराष्ट्र,रायपुर अंचल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पहल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं लाभप्रद बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

    रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में संपन्न हुई।

    आज की बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 06 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। 05 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर जाचं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 05 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।

    बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख, विनीत नंदंनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ),रमा उइके (सदस्य),डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के जितेन्द्र गुप्ता,अंजनी भगत,ईश्वर साहू उपस्थित थे।

         उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।    

    विदित हो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन)अधिनियम 2013 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

  • बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

    बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

    बालकोनगर, । वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड  (बालको) के सामुदायिक विकास का उद्देश्य केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ बालको सामुदायिक विकास द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से कबीरधाम जिले के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। इस पहल के अंतर्गत चयनित सभी 20 अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल है। लाभान्वित अभ्यर्थी विभिन्न गांव और साधारण परिवार से आते हैं। किसी के माता-पिता खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं, तो किसी के पास पढ़ाई के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कई विद्यार्थियों ने प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर बालको संचालित कोचिंग सेंटर में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारे जारी रखी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई दिशा दी। आर्थिक सीमाएं, दूर-दराज से रोज़ाना यात्रा और संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन आगे बढ़ने का जज़्बा सभी में समान था।

    किसान परिवार से आने वाली अनुपा के लिए सीमित संसाधनों के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं कभी एक दूर का सपना हुआ करती थीं। यह सपना तब साकार होने लगा, जब उन्हें बालको कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा संचालित भोरमदेव विद्यापीठ कोचिंग कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला। कवर्धा जिले के छोटे से गांव मंझोली से निकलकर अनुपा ने अपने समाज की पहली बेटी बनकर सरकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने एसएससी-जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है।

    अनुपा कहती हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से सरकारी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध न हों। बालको के कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ कार्यक्रम ने मुझे एक व्यवस्थित वातावरण, निरंतर मेंटरशिप और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आत्मविश्वास दिया। मैं बालको की बेहद आभारी हूं कि उन्होंने यह केंद्र शुरू किया और मुझ जैसी छात्राओं पर भरोसा किया। इस अवसर ने मेरी ज़िंदगी बदल दी है और मुझे उम्मीद है कि मेरे जैसे गांवों की और भी बेटियां बड़े सपने देखने का साहस करेंगी।

    चयनित युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय बालको सामुदायिक विकास तथा भोरमदेव विद्यापीठ के शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने नौकरी के साथ-साथ भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने का संकल्प भी लिया है। इन सभी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब बालको की सामुदायिक विकास पहल समुदाय की वास्तविक आकांक्षाओं को समझकर काम करती हैं, तो वे केवल सफलता का रास्ता नहीं खोलतीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए नई संभावनाओं की परिभाषा ही बदल देती हैं। सही मार्गदर्शन, संसाधन और विश्वास मिल जाए, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। बालको सामुदायिक विकास भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर प्रदान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन: “डब्ल्यूटीओ@30: अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में बहुपक्षवाद की पुनर्कल्पना

    अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन: “डब्ल्यूटीओ@30: अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में बहुपक्षवाद की पुनर्कल्पना

    आयोजक: (एचएनएलयू—डब्ल्यूटीओ एवं डब्ल्यूआईपीओ अध्ययन केंद्र, विधि एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय)

    रायपुर/ हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर, अपने डब्ल्यूटीओ एवं डब्ल्यूआईपीओ अध्ययन केंद्र, विधि एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय के माध्यम से, डब्ल्यूटीओ यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम तथा सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (सीटीआईएल), आईआईएफटी के सहयोग से—भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डब्ल्यूटीओ चेयर्स प्रोग्राम के अंतर्गत—“डब्ल्यूटीओ@30: अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में बहुपक्षवाद की पुनर्कल्पना” विषय पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन का आयोजन 2–4 अक्टूबर 2026 को ऑफलाइन मोड में करने जा रहा है।

    विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की 30वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित यह शिखर सम्मेलन डब्ल्यूटीओ यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम के एक आउटरिच के रूप में परिकल्पित है, जिसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं के लिए करियर अवसरों को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में विषयगत पैनल चर्चाएँ तथा प्रत्यक्ष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चयनित शोध पत्रों और लेखों का प्रस्तुतीकरण होगा।

    इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में मॉक डब्ल्यूटीओ अभ्यास (भारत में अपनी तरह का पहला) भी शामिल है, जो व्यापार वार्ताओं के सिमुलेशन और निर्णय/समाधान के मसौदे तैयार करने के माध्यम से छात्रों को बहुपक्षीय व्यापार कूटनीति का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। यह शिखर सम्मेलन भारत एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों, प्रैक्टिशनर्स तथा विधि, व्यवसाय और अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए खुला है।

    सार प्रस्तुत करने का लिंक:
    https://forms.gle/Y3oArfsPmyx4EHCW8

    मॉक डब्ल्यूटीओ पंजीकरण लिंक:
    https://forms.gle/tZmka8SX7wYQHLhq9

    सार प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2026

    अधिक जानकारी हेतु:
    https://hnlu.ac.in/news-events/1st-international-trade-law-summit-itls-2026-october-2-4-2026/

    संपर्क सूत्र: डॉ. अंकित अवस्थी (कार्यक्रम निदेशक, आईटीएलएस 2026)
    सुश्री कृतिका सेंथिल कुमार, छात्र समन्वयक, डब्ल्यूटीओ@30 शिखर सम्मेलन, ईमेल: itls@hnlu.ac.in

  • महापरीक्षा अभियान 2025 में 91 प्रतिशत शिक्षार्थी उत्तीर्ण

    महापरीक्षा अभियान 2025 में 91 प्रतिशत शिक्षार्थी उत्तीर्ण

    *984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बंदूक छोड़ कलम के माध्यम से विकास की नई राह का दिया संदेश*

    *उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 4 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने दी परीक्षा*

    रायपुर,/छत्तीसगढ़ राज्य में 07 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुशंसित उल्लास -नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत महापरीक्षा अभियान का सफल आयोजन किया गया। परीक्षा का परिणाम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस), नई दिल्ली द्वारा घोषित किया गया, जिसमें प्रदेश के प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इस अभियान में प्रदेश में पहली बार 984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से भाग लेकर बंदूक छोड़ कलम के माध्यम से विकास की नई राह चुनने का संदेश दिया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश भर से कुल 4 लाख 55 हजार 44 शिक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, इनमें से 4 लाख 13 हजार 403 शिक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम 90.85 प्रतिशत रहा, जो साक्षरता अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्गवार परिणाम के अनुसार एक लाख 37 हजार 350 पुरुष शिक्षार्थियों में से एक लाख 23 हजार 743 उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। 3 लाख 17 हजार 617 महिला शिक्षार्थियों में से 2 लाख 89 हजार 597 ने सफलता प्राप्त की है। वहीं 77 ट्रांसजेंडर शिक्षार्थियों में से 63 उत्तीर्ण हुए, जो समावेशी शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संकेत है।

    इस महापरीक्षा अभियान को सफल बनाने में शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही। जिला एवं जनपद स्तर पर कलेक्टर एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर अपील, बैठकों और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं, पंच-सरपंचों एवं ग्राम प्रभारियों द्वारा प्रभात फेरियों का आयोजन किया गया तथा सायंकाल जनप्रतिनिधियों द्वारा मशाल रैलियां निकालकर सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया गया। जिला एवं विकासखंड स्तर पर निरंतर वेबीनार और समीक्षा बैठकों के माध्यम से दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

    इस अभियान में प्रदेश के विभिन्न जिला जेलों के लगभग 795 बंदियों ने भी परीक्षा में सम्मिलित होकर अंधकार से उजाले की ओर बढ़ने की प्रेरणादायक पहल की। 77 ट्रांसजेंडर शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लेकर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।

    दुर्ग जिले के मोहलनाय गांव की 98 वर्षीय दुधी बाई तथा जरवई के 82 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने परीक्षा में भाग लेकर यह सिद्ध किया कि शिक्षा की कोई आयु सीमा नहीं होती। कई स्थानों पर पति-पत्नी, देवरानी-जेठानी, दादा-पोता एवं तीन पीढ़ियों ने एक साथ परीक्षा देकर पारिवारिक सहभागिता की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की। दिव्यांग शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उल्लास कार्यक्रम से जुड़े सभी शासकीय-अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने आगामी मार्च में आयोजित होने वाले परीक्षा अभियान में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि सभी राज्यवासी मिलकर छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर राज्य बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

  • राजिम कुंभ कल्प में आधुनिक खेती का संदेश : उद्यानिकी स्टॉल में पाम फल बना आकर्षण का केंद्र

    राजिम कुंभ कल्प में आधुनिक खेती का संदेश : उद्यानिकी स्टॉल में पाम फल बना आकर्षण का केंद्र

    रायपुर,/  राजिम कुंभ कल्प मेला में इस वर्ष कृषि एवं उद्यानिकी विभाग का स्टॉल किसानों एवं मेला दर्शनार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तिलहन, दलहन तथा सब्जी फसलों की प्रदर्शनी के साथ पाम (ऑयल पाम) की खेती संबंधी जानकारी लोगों में खासा उत्साह जगा रही है। पाम के फल को पहली बार नजदीक से देखकर अनेक लोग आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसके व्यावसायिक लाभ के संबंध में जानकारी लेते नजर आए।

    ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी ने बताया कि पाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर विभिन्न मदों में अनुदान प्रदान किया जा रहा है। फेंसिंग के लिए 54,485 रुपये, अंतरवर्ती फसल हेतु 10,250 रुपये, रखरखाव के लिए 6,550 रुपये तथा ड्रिप सिंचाई पर 22,765 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। वर्तमान में छुरा विकासखंड में लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में पाम की खेती की जा रही है। पाम के पौधे कंपनियों द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं तथा उत्पादित फल को कंपनी 17 रुपये प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य पर क्रय करती है। पौधरोपण के लगभग चार वर्ष बाद फल लगना प्रारंभ होता है, अतः किसान प्रारंभिक वर्षों में दलहन, तिलहन एवं सब्जियों की अंतरवर्ती खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। पाम से खाद्य तेल का उत्पादन होता है, जिससे इसकी बाजार में निरंतर मांग बनी रहती है। स्टॉल में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जैविक खेती प्रोत्साहन, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली तथा फलदार पौधों के रोपण पर उपलब्ध अनुदान के संबंध में किसानों को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। यह पहल किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

  • मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए – श्रीमती आर. शंगीता

    मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए – श्रीमती आर. शंगीता

    अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए: आबकारी आयुक्त*

    *मदिरा एवं मादक पदार्थों के अवैध संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश*

    रायपुर, / आबकारी विभाग की सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. शंगीता ने आज नवा रायपुर स्थित कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलों, उड़नदस्ता, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सचिव सह आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। 

    सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती शंगीता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

    श्रीमती शंगीता ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने जनवरी माह तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

    सचिव सह आयुक्त ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

    राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा कर्मचारियों के पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी विभाग देवेन्द्र सिंह भारद्वाज सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संभागीय व जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।