Category: CHHATTISGRAH

  • धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

    धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

    रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के वीर जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है और यह क्षति अपूरणीय है।

    मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। 

    मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

  • मैनपाट महोत्सव से सरगुजा की संस्कृति और अस्मिता को मिलेगी व्यापक पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मैनपाट महोत्सव से सरगुजा की संस्कृति और अस्मिता को मिलेगी व्यापक पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ*

    *मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा*

    *सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात*

    रायपुर,/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। 

    उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं। 

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

    पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विधायक राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। 

    *सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात-*

    मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।

  • छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक आयोजित

    छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक आयोजित

    रायपुर,/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण केदार कश्यप की अध्यक्षता में प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक का आयोजन अरण्य भवन,अटल नगर में किया गया। बैठक में मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विकासशील, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण कुमार पाण्डेय, सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग, सदस्य सचिव तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

          यह प्राधिकरण राज्य के आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण, प्रबंधन, उनके पारिस्थितिक स्वरूप को बनाए रखने और उन पर होने वाली गतिविधियों के नियमन के लिए उत्तरदायी है। यह प्राधिकरण गिधवा-परसदा और कोपरा जैसे जलाशयों के संरक्षण, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, और जिला स्तर पर बनी समितियों के माध्यम से प्रबंधन की निगरानी करता है।

            बैठक में रामसर सचिवालय से प्राप्त कोपरा जलाशय के रामसर प्रमाणपत्र का विमोचन किया गया। इसके साथ ही कोपरा जलाशय तथा गिधवा-परसदा वेटलैण्ड काम्प्लेक्स के लोगों का भी अनावरण किया गया। बैठक में राज्य के वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

  • छत्तीसगढ़ मना रहा ‘महतारी गौरव वर्ष’: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को दी जानकारी

    छत्तीसगढ़ मना रहा ‘महतारी गौरव वर्ष’: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को दी जानकारी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से सौजन्य भेंट कर प्रदेश में संचालित महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर अवगत कराया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्वावलंबन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास की धुरी मानते हुए योजनाओं को और अधिक प्रभावी स्वरूप दे रही है।

    बैठक में मातृशक्ति सशक्तिकरण, पोषण अभियान की प्रगति, बाल संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं के उन्नयन तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन जैसे विषयों पर सकारात्मक एवं परिणाममुखी विचार-विमर्श हुआ। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ में संचालित नवाचारों, जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों तथा हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।

    केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने योजनाओं के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग तंत्र को मजबूत करने तथा पात्र हितग्राहियों तक लाभ की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों को महिला एवं बाल कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग एवं मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। सुशासन सरकार मातृशक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

  • रायपुर में इंडियन पावर स्टेशंस ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

    रायपुर में इंडियन पावर स्टेशंस ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

    NTPC विंध्याचल ने NTPC स्वर्ण शक्ति पुरस्कार 2024-25 और बिजनेस एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025-26 में ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता

    रायपुर,: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादन कंपनी NTPC Limited ने आज रायपुर में अपने प्रमुख आयोजन इंडियन पावर स्टेशंस ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस (IPS 2026) का शुभारंभ किया। तीन दिवसीय यह सम्मेलन NTPC सिंगरौली की पहली इकाई के सिंक्रोनाइजेशन की स्मृति में आयोजित किया गया है, जिसमें देशभर के विद्युत क्षेत्र के पेशेवर “ऑप्टिमाइजिंग थर्मल जेनरेशन विद क्वालिटी एंड रिलायबिलिटी” (Optimising Thermal Generation with Quality & Reliability) विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर एकत्र हुए।

    इस अवसर पर बोलते हुए  पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत), भारत सरकार ने कहा कि वर्तमान समय विद्युत क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी दौर है, जहां तेज़ी से हो रहे बदलाव उद्योग को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को एक मजबूत विनिर्माण अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित होने के लिए उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तापीय ऊर्जा की प्रासंगिकता बनी रहेगी, लेकिन भविष्य की उपयोगिताओं को नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और परमाणु ऊर्जा में निवेश करना होगा।

    अपने स्वागत संबोधन में  गुरदीप सिंह, CMD, NTPC लिमिटेड ने कहा कि 13 फरवरी NTPC की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है, जब 1982 में सिंगरौली में इसकी पहली इकाई का कमीशनिंग हुआ था। उन्होंने बताया कि यह संयंत्र आज भी 100% PLF पर संचालित हो रहा है और अगले दो दशकों तक सेवा देने की क्षमता रखता है, जो NTPC की मजबूत ओ एंड एम प्रक्रियाओं को दर्शाता है।

     घनश्याम प्रसाद, अध्यक्ष, Central Electricity Authority ने भी वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया।

    इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों में  पियूष सिंह, अतिरिक्त सचिव (थर्मल), विद्युत मंत्रालय; डॉ. रोहित यादव, अध्यक्ष एवं सचिव, ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार; प्रवीण गुप्ता, सदस्य (थर्मल), CEA;  रमेश बाबू वी, सदस्य, CERC; NTPC के निदेशक मंडल के सदस्य; तथा विद्युत मंत्रालय, CEA, CERC, NTPC, GENCOs और अन्य संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस मौके पर NTPC विंध्याचल ने बिजनेस एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025-26 और NTPC स्वर्ण शक्ति पुरस्कार 2024-25 (ओवरऑल चैंपियन अवॉर्ड) अपने नाम किए। IPS 2026 का एक प्रमुख आकर्षण टेक्नो गैलेक्सी प्रदर्शनी है, जिसमें अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण और विभिन्न विक्रेताओं एवं निर्माताओं के नवोन्मेषी समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

  • नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया हुई तीव्र एवं आसान – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया हुई तीव्र एवं आसान – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    *उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सरकार की उपलब्धियों एवं आगामी रणनीतियों को लेकर पत्रकारों से हुए रूबरू*

    रायपुर,/ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।

    *8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई*

    गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

    *शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण*

    गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है। 

    *अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन* 

    गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।

    *गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम*

    गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।

    *राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई*

    श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।

    अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य 

    गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।

    *लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं*

    नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।

    *दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त किया घोषित* 

    श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।

    *बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन: गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं। इस अवसर पर एसीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, एडीजी श्री अमित कुमार, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री विवेकानंद, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, आईजी श्री ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न

    वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री श्री साय*

    रायपुर,/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।

    बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।

    बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को बनायेंगे अधिक सशक्त – मुख्यमंत्री

    रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को बनायेंगे अधिक सशक्त – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।

    कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन सुश्री हज़्ज़ाज़ मा’अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सुश्री अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सुश्री अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग करेगा राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर जन-सुनवाई

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग करेगा राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर जन-सुनवाई

    रायपुर, /  छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर जन-सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण तथा पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है तथा इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी 2026 को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई होगी। 

    जबकि 18 फरवरी 2026 को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जन-सुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

  • धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

    धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

    रायपुर,/ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद फसल है l  यह एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और आयुर्वेद में किया जाता है, जिससे इसकी बाजार में मांग बहुत है। छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड जैसे संस्थानों द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर सीधे खरीद (Buy Back) की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है l 

    छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के प्रयासों से राज्य के किसान अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से ब्राम्ही की खेती किसानों के लिए आय का नया और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है।बोर्ड द्वारा संचालित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती योजना के अंतर्गत किसानों को ब्राम्ही की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ब्राम्ही एक ऐसी औषधीय फसल है, जिसकी लागत कम और लाभ अधिक है। एक बार रोपण करने के बाद 3 से 4 वर्षों तक हर तीन माह में इसकी कटाई की जा सकती है। ब्राम्ही का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क संबंधी औषधियों तथा सौंदर्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिससे बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। जहां धान की खेती में प्रति एकड़ लागत अधिक और मुनाफा सीमित होता है, वहीं ब्राम्ही की खेती में सालाना लागत लगभग 21 हजार रुपये तक आती है और एक वर्ष में लगभग 30 क्विंटल तक उत्पादन से किसानों को करीब 1 लाख 50 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार किसानों को लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि किसान अब ब्राम्ही की खेती को लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। बोर्ड द्वारा किसानों को ब्राम्ही की रोपण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी प्रारंभिक लागत और कम हो गई है। साथ ही किसानों की उपज के विक्रय की समस्या को दूर करते हुए पहले से ही क्रय अनुबंध की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती।

    रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में ब्राम्ही की खेती*

    ब्राम्ही की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु और भूमि अत्यंत उपयुक्त है। यह नमी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उग जाती है, जहां अन्य फसलों में नुकसान की आशंका रहती है। इसी कारण अब किसान धीरे-धीरे धान के साथ वैकल्पिक खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में रायपुर एवं धमतरी जिले के लगभग 36 किसान 15 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक ब्राम्ही की खेती कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और निरंतर प्रयासों से औषधीय पौधों की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, रोपण सामग्री और विपणन सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।  राज्य में औषधीय पौधों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ साथ छत्तीसगढ़ में उत्पादित ब्राम्ही और अन्य औषधीय पौधों की मांग भविष्य में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बढ़ेगी और राज्य औषधीय खेती के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। वन विभाग और बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से आज छत्तीसगढ़ के किसान नई सोच के साथ खेती कर रहे हैं। ब्राम्ही की खेती न केवल उनकी आय बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही है।