Category: CHAMOLI

  • विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना ने मनाया टीएचडीसी का 38वां स्थापना दिवस

    विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना ने मनाया टीएचडीसी का 38वां स्थापना दिवस

    कर्मचारियों के अथक परिश्रम एवं समर्पण से ही टीएचडीसीआईएल ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है – के.पी. सिंह

    चमोली। विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) यूनिट, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ टीएचडीसीआईएल का 38वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर के.पी. सिंह (महाप्रबंधक, टीबीएम/सामाजिक एवं पर्यावरण) ने मुख्य अतिथि के रूप में परियोजना परिसर में ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारम्भ किया।

    कार्यक्रम में टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर.के. विश्नोई ने निगम मुख्यालय ऋषिकेश से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लाइव वीडियो प्रसारण के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने अपने संदेश में टीम वर्क के महत्व को रेखांकित किया और कंपनी की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि निगम नई ऊँचाइयों को छू सके।

    मुख्य अतिथि  के.पी. सिंह ने भी वीपीएचईपी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों के अथक परिश्रम एवं समर्पण से ही टीएचडीसीआईएल ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कर्मचारियों को आपसी सहयोग और समर्पित भावना से कार्य करते रहने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान सरस्वती विद्या मंदिर, पीपलकोटी एवं सरस्वती शिशु मंदिर, मायापुरी के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीएचडीसीआईएल प्रबंधन, पीपलकोटी ने विद्यार्थियों एवं उनके गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की।

  • विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | 21 जून 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की वैश्विक थीम के अंतर्गत योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना प्रमुख एवं मुख्य महा प्रबंधक अजय वर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उनके साथ के.पी. सिंह, महा प्रबंधक (टीबीएम/एस एंड ई) तथा योग प्रशिक्षक राकेश कुमार भी उपस्थित थे।

    इस अवसर पर कुल 49 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के मूल सिद्धांतों को आत्मसात किया। योग सत्र का संचालन राकेश कुमार द्वारा कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया गया, जिसमें विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों को सम्मिलित किया गया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय वर्मा ने कहा: “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का एक समग्र दृष्टिकोण है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है। योग का नियमित अभ्यास न केवल एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है, बल्कि यह तनाव प्रबंधन और कार्यस्थल एवं निजी जीवन में एकाग्रता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होता है।”

    इस अवसर पर वीपीएचईपी इकाई के निम्न वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे एवं उन्होंने सक्रिय भागीदारी की: आर.पी. मिश्रा, अपर महा प्रबंधक (प्रभारी, डैम)  संजय ममगाईं, अपर महा प्रबंधक (एचएम) ए.के. श्रीवास्तव, अपर महा प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एस.पी. डोभाल, अपर महा प्रबंधक (पावर हाउस) बी.सी. चौधरी, उप महा प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल) गृधारी लाल, उप महा प्रबंधक (डैम) ओ.पी. आर्य, उप महा प्रबंधक (सीओ/बी एंड आर) अनिल नौटियाल, उप महा प्रबंधक (एचएम)  वी.डी. भट्ट, वरिष्ठ प्रबंधक (प्रभारी, मानव संसाधन एवं प्रशासन) कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का सफल और सार्थक आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया गया।

  • स्वच्छता पखवाड़ा 2025: वीपीएचईपी, पीपलकोटी में स्वच्छता अभियान आयोजित

    स्वच्छता पखवाड़ा 2025: वीपीएचईपी, पीपलकोटी में स्वच्छता अभियान आयोजित

    पीपलकोटी, चमोली | स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा कार्यालय परिसर, पीपलकोटी में एक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और स्वच्छ कार्यस्थल की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख एवं मुख्य महाप्रबंधक  अजय वर्मा ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता न केवल एक अभियान है, बल्कि यह हमारे जीवन की आदत बननी चाहिए। कार्यस्थल की स्वच्छता एक जिम्मेदार संगठन और जागरूक कर्मचारियों का प्रतीक है।”

    इस स्वच्छता अभियान में कई वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए, जिनमें  पी.एस. रावत (अपर महाप्रबंधक, प्रभारी पावर हाउस),  ए.के. श्रीवास्तव (अपर महाप्रबंधक, वित्त एवं लेखा),  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा),  कमल नौटियाल (उप-महाप्रबंधक, सतर्कता),  वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक, प्रभारी मानव संसाधन एवं प्रशासन), श्री विनय शील (वरिष्ठ प्रबंधक, योजना),  अरविंद कुमार (वरिष्ठ प्रबंधक, वित्त एवं लेखा),  सुमित टम्टा (वरिष्ठ प्रबंधक, सतर्कता), तथा  वाई.एस. चौहान (प्रबंधक, जनसंपर्क) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस पहल के माध्यम से वीपीएचईपी ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दर्शाया और कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक मजबूत किया।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा सोमवार को सरकारी जूनियर हाई स्कूल, सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विद्यालय अलकनंदापुरम परिसर, वीपीएचईपी के अंतर्गत स्थित है। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना और सतत विकास में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख अजय वर्मा एवं के.पी. सिंह, महाप्रबंधक (एस एंड ई/टीबीएम) द्वारा वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। दोनों अधिकारियों ने इस प्रकार की हरित पहलों को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और टीएचडीसीआईएल की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

    इस मौके पर अजय वर्मा, परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी) ने कहा, “स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने का भी एक माध्यम है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण प्रदान करने की दिशा में योगदान दे रहे हैं। टीएचडीसीआईएल, विशेष रूप से परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में, अपने पर्यावरणीय और सामाजिक दायित्वों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

    श्री सिंह, महाप्रबंधक (सामाजिक एवं पर्यावरण/टीबीएम) ने कहा, “एक वृक्ष लगाना छोटा कदम जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव अत्यंत व्यापक होता है। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियाँ हमारे स्थायित्व प्रयासों का अभिन्न हिस्सा हैं। ये न केवल क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देती हैं, बल्कि कर्मचारियों और युवाओं के बीच पर्यावरणीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करती हैं।”इस वृक्षारोपण अभियान में परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित अधिकारियों में पी.एस. रावत (अवर महाप्रबंधक, प्रभारी पावर हाउस), बी.एस. पुंडीर (अवर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा), वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक, प्रभारी मानव संसाधन एवं प्रशासन), ओ.पी. आर्य (उप महाप्रबंधक, सीओ), बलबीर गुसाईं (वरिष्ठ प्रबंधक, डैम) एवं वाई.एस. चौहान (प्रबंधक, जनसंपर्क) भी शामिल रहे।

  • एनटीपीसी तपोवन द्वारा तीर्थ यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा हेतु 41.60 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान

    एनटीपीसी तपोवन द्वारा तीर्थ यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा हेतु 41.60 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान

    जोशीमठ, चमोली – एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना द्वारा श्री बद्रीनाथ धाम एवं श्री हेमकुंड साहिब की तीर्थ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल व्यवस्था के निर्माण के लिए 52.0 लाख रुपये के सापेक्ष 41.60 लाख रुपये की अग्रिम राशि प्रदान की गई। यह सहयोग राशि जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी की उपस्थिति में पेयजल निर्माण निगम, गोपेश्वर को चेक के माध्यम से सौंपी गई।

    इस अवसर पर एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड परियोजना के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री प्रवीण अनंतराव पांडे ने आशा व्यक्त की कि यह सहयोग राशि निश्चित रूप से तीर्थ यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी।

    कार्यक्रम में चमोली के अपर जिलाधिकारी  विवेक प्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी  नंदकिशोर जोशी, एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  राजेश बोईपाई एवं आर एंड आर विभाग के उप महाप्रबंधक  डी. एस. गरब्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    जिलाधिकारी एवं जल निगम ने एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यों की प्रशंसा करते हुए परियोजना को धन्यवाद दिया।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,पीपलकोटी द्वारा चमोली जनपद में पर्यावरण जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक अभियान प्रारंभ

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,पीपलकोटी द्वारा चमोली जनपद में पर्यावरण जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक अभियान प्रारंभ

    चमोली ।,: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) द्वारा संचालित विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के पर्यावरण संवर्धन के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनपद चमोली के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

    इस कार्यक्रम का शुभारंभ चमोली मुख्य बाजार में  
     के. पी. सिंह (महाप्रबंधक, सामाजिक एवं पर्यावरण/ टीबीएम), वीपीएचईपी द्वारा किया गया। नुक्कड़ नाटकों का मंचन हिमालयन कल्चर समिति, उत्तराखंड द्वारा किया जा रहा है, जो जन-जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय एक सांस्कृतिक संस्था है। इस अभियान के अंतर्गत 30 नुक्कड़ नाटकों के आयोजन की योजना बनाई गई है, जो कि बौला, बिरही, गुनियाला, बेमरु, नौरख, पल्ला-हेलंग, गुलाबकोटी, सलूड जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तथा जोशीमठ, पीपलकोटी, गोपेश्वर और चमोली जैसे शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए  के. पी. सिंह ने कहा, “नुक्कड़ नाटक समाज और पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों को आम जनमानस तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से हम विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं।”

    इस जनजागरूकता अभियान को स्थानीय नागरिकों का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में सहभागिता निभा रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों में वन संरक्षण, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास जैसे विषयों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा ने कहा, “पर्यावरणीय उत्तरदायित्व टीएचडीसीआईएल के कार्य संस्कार का अभिन्न अंग है। विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने वाला एक उदाहरण भी है। यह नुक्कड़ नाटक अभियान हमारे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके माध्यम से हम स्थानीय समुदाय को उनके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहभागी बनाना चाहते हैं।”

    हिमालयन कल्चर समिति के अध्यक्ष  कमल दानू ने इस पहल के लिए धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि यह अभियान स्थानीय लोगों में अत्यंत लोकप्रिय हो रहा है और सभी वर्गों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर स्वास्थ्य शिविर एवं श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर स्वास्थ्य शिविर एवं श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा श्रमिकों के हित में एकदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में श्रमिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

    इस अवसर पर मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग (HR&A), वीपीएचईपी द्वारा एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें परियोजना के निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. निकिता शर्मा (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी) के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम द्वारा रक्तचाप, शुगर, सामान्य रोगों की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

    स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ श्री अजय वर्मा (परियोजना प्रमुख, वीपीएचईपी) ने स्वयं रक्तचाप जांच कराकर किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी श्रमिकों को मज़दूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा:

    “मज़दूर दिवस हमें उन हाथों की अहमियत याद दिलाता है, जो परियोजना की नींव मजबूत करते हैं। वीपीएचईपी की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा हेतु टीएचडीसीआईएल सदैव प्रतिबद्ध है।”

    इसके साथ ही सतर्कता विभाग, पीपलकोटी द्वारा एक श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमिकों को भारत के श्रम कानूनों, उनके अधिकारों तथा सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यशाला को श्री कमल नौटियाल (उप महाप्रबंधक, सतर्कता) एवं श्री सुमित टम्टा (वरिष्ठ प्रबंधक, सतर्कता) ने संबोधित किया। उन्होंने प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से श्रमिकों को बताया कि किस प्रकार श्रम कानून उनके हितों की रक्षा करते हैं और उन्हें एक सुरक्षित एवं गरिमामय कार्य वातावरण प्रदान करते हैं।

    इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी  पी.एस. रावत (अपर महाप्रबंधक प्रभारी, पावर हाउस),  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा),  आर.एस. मखलोगा (उप महाप्रबंधक प्रभारी, यांत्रिक),  वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक प्रभारी, HR&A),  एस.सी. भट्ट (उप महाप्रबंधक, गुणवत्ता नियंत्रण),  बी.सी. चौधरी (उप महाप्रबंधक, गुणवत्ता नियंत्रण),  अनिल भट्ट (उप महाप्रबंधक, टीबीएम),  दिनेश ओसवाल (उप महाप्रबंधक, टीबीएम) एवं  अविनाश कुमार (सहायक प्रबंधक, जनसंपर्क/मा.सं. एवं प्रशा.) उपस्थित रहे।

    परियोजना स्तर पर इस तरह के आयोजन श्रमिकों के प्रति टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो न केवल कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ एवं जागरूक जीवन की दिशा में भी प्रेरित करता है।

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर वीपीएचईपी, पीपलकोटी इकाई द्वारा ग्रामीणों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर वीपीएचईपी, पीपलकोटी इकाई द्वारा ग्रामीणों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

    चमोली, उत्तराखंड | राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत चमोली जनपद के परियोजना प्रभावित क्षेत्र गुनियाला गांव (ब्लॉक – दशोली) में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर ग्रामीण कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।

    यह स्वास्थ्य शिविर विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) की सीएसआर पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य परियोजना क्षेत्र के आस-पास के दूरस्थ गांवों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था।

    इस शिविर का नेतृत्व वीपीएचईपी की वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डा. निकिता शर्मा ने किया। वीपीएचईपी औषधालय की टीम द्वारा 30 से अधिक ग्रामीणों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक चिकित्सकीय जांच, तथा निःशुल्क परामर्श, उपचार और दवाओं का वितरण किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो टीएचडीसीआईएल के समग्र विकास के प्रयासों में उनकी आस्था को दर्शाता है। शिविर के सफल आयोजन में श्री अभिजिता साहू, फील्ड ऑफिसर (सामाजिक विभाग), ने स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया।

    इस अवसर पर वीपीएचईपी परियोजना प्रमुख श्री अजय वर्मा ने कहा, “टीएचडीसीआईएल में हम मानते हैं कि हमारी परियोजनाओं के आसपास रहने वाले समुदायों का स्वास्थ्य और कल्याण, सतत विकास की हमारी दृष्टि का अभिन्न हिस्सा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर गुनियाला गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास है। हम भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी अभियानों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य और जीवनस्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    इस पहल की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की और टीएचडीसीआईएल द्वारा समय-समय पर की जा रही जनहितकारी गतिविधियों के लिए आभार प्रकट किया। यह स्वास्थ्य शिविर टीएचडीसीआईएल के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत कंपनी अपने कार्यक्षेत्रों में विश्वास और दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव के लिए निरंतर समुदायों के साथ सहभागिता करती है।

  • विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना द्वारा अलकनंदा नदी में स्नो ट्राउट संरक्षण हेतु रैंचिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना द्वारा अलकनंदा नदी में स्नो ट्राउट संरक्षण हेतु रैंचिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    चमोली । स्वदेशी मछली प्रजातियों के संरक्षण और विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के मत्स्य प्रबंधन योजना को लागू करने के उद्देश्य से 23-24 मार्च 2025 को दो दिवसीय रैंचिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह पहल अलकनंदा नदी की बरही सहायक नदी के समीप आयोजित की गई, जिसे वीपीएचईपी-टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ कोल्डवॉटर फिशरीज रिसर्च (आईसीएआर-सीआईसीएफआर), भीमताल, और मत्स्य विभाग, चमोली के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य नदी की पारिस्थितिकी और जैव विविधता के महत्वपूर्ण संकेतक स्नो ट्राउट (Schizothorax spp.) की आबादी को बढ़ाना था। इस दिशा में 200 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली, रोग मुक्त स्नो ट्राउट ब्रूडर मछलियां और 5,000 मछली शावकों को अलकनंदा नदी में छोड़ा गया, जिससे संरक्षण प्रयासों और पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन को बल मिला।

    इस कार्यक्रम में परियोजना कर्मियों, मत्स्य वैज्ञानिकों, सरकारी अधिकारियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर मानवीय प्रभावों और स्थायी मत्स्य पालन प्रबंधन की आवश्यकता पर चर्चा की गई। वीपीएचईपी के महाप्रबंधक (सामाजिक, पर्यावरण एवं यांत्रिक) श्री जितेंद्र सिंह बिष्ट ने स्वदेशी मछली संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में श्री के.पी. सिंह, महाप्रबंधक (टीबीएम), श्री एस.पी. डोभाल, अपर महाप्रबंधक (पावर हाउस), श्री आर.एस. मखलोगा, उप महाप्रबंधक (एचएम), और श्री अनिल भट्ट, उप महाप्रबंधक (टीबीएम) शामिल थे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।

    इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए, परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी), श्री अजय वर्मा ने कहा, “टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है और यह पहल हमारे जलीय जैव विविधता के संरक्षण की जिम्मेदारी को दर्शाती है। स्नो ट्राउट का संरक्षण न केवल अलकनंदा नदी की पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि उन स्थानीय समुदायों की आजीविका की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो मत्स्य पालन पर निर्भर हैं। वैज्ञानिक संस्थानों और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से, हम एक सतत और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। टीएचडीसी प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और जिम्मेदार पर्यावरणीय व्यवहार को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन जारी रखेगा।”

    आईसीएआर-सीआईसीएफआर, भीमताल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेश चंद्र ने हिमालयी नदी तंत्रों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, इन ‘वाटर बैंकों’ की भावी पीढ़ियों के लिए रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। मत्स्य विभाग, चमोली के सहायक निदेशक श्री रितेश चंद ने जिले में मत्स्य विकास का एक विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया और संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर बल दिया।

    वीपीएचईपी के पर्यावरण अभियंता श्री धीरज अधिकारी और श्री खाती ने कार्यक्रम के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे इसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सका। इस पहल ने स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों को सक्रिय रूप से शामिल किया, जिससे स्थायी मत्स्य पालन पद्धतियों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके।

    यह कार्यक्रम क्षेत्र में पारिस्थितिकीय चुनौतियों का समाधान करने और संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी और स्नो ट्राउट के सफल पुनःस्थापन ने टीएचडीसी की सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित किया।

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    चमोली, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगढ़-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा जनता हाई स्कूल और जूनियर हाई स्कूल, बेमरू में बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला समानता एवं अधिकारों पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीपीएचईपी के सामाजिक विभाग द्वारा किया गया ताकि बालिकाओं को इन महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षित और सशक्त किया जा सके।

    इस सत्र में कक्षा 6 से 10 तक की कुल 40 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वीपीएचईपी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. निकिता शर्मा ने बालिकाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रथाओं, स्वच्छता के महत्व और समाज में महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया और उनके सवालों के उत्तर दिए।

    इस पहल पर बोलते हुए,  अजय वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक और परियोजना प्रमुख, वीपीएचईपी ने कहा, “टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से, हम युवा बालिकाओं को ऐसे ज्ञान से सशक्त बनाना चाहते हैं जो उन्हें स्वस्थ और आत्मविश्वासी जीवन जीने में मदद करेगा। वीपीएचईपी महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन और कार्यान्वयन जारी रखेगा।”

    वीपीएचईपी परियोजना प्रभावित गांवों में विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसमें महिलाओं के लिए आजीविका और कौशल विकास कार्यक्रम, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर केंद्रित ‘सहेली’ जागरूकता कार्यक्रम, विधवा पेंशन योजना आदि शामिल हैं।

    इस कार्यक्रम को छात्रों और विद्यालय प्रशासन द्वारा अत्यधिक सराहा गया, जिन्होंने सामुदायिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में टीएचडीसीआईएल के निरंतर प्रयासों की सराहना की।