Category: BILASPUR

  • केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ की बैठक

    केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ की बैठक

    तेज गति से खनन परियोजनाओं के विस्तार और क्रिटिकल मिनरल्स के विकास पर विशेष जोर 

    विलासपुर।एसईसीएल दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य के विकास में कोयला उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। 

    बैठक में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में राज्य शासन से सहयोग, पर्यावरणीय स्वीकृति, तथा पुनर्वास और पुनर्स्थापन स्थलों के विकास से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) के विकास पर भी जोर दिया गया।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, कोयला मंत्रालय की अपर सचिव रूपिंदर बरार, संयुक्त सचिव  बी.पी. पति, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन  पी.एम. प्रसाद, एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  हरीश दुहन तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    इससे पूर्व,  रेड्डी ने एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर योजना ‘SECL के सुश्रुत’ के तहत निशुल्क नीट कोचिंग प्राप्त करने के पश्चात एमबीबीएस कोर्स में पढ़ रहे विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस योजना के अंतर्गत कोल बेल्ट क्षेत्र के मेधावी छात्रों को निशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जाती है। मंत्री महोदय ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। 

    रायपुर स्थित  सत्य साई संजीवनी अस्पताल में ‘एसईसीएल  की धड़कन’ योजना से लाभान्वित बच्चों और उनके परिवारों से भी मंत्री महोदय ने संवाद किया। इस योजना के तहत बच्चों को जन्मजात हृदय रोग (CHD) के इलाज व सर्जरी की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। 

    मंत्री ने इस जीवनरक्षक पहल की सराहना की और कहा कि कोयला कंपनियां अपने परिचालन क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए कृतसंकल्पित हैं।

  • कोयला खनिक देश का सच्चा ऊर्जा सिपाही है: केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.किशन रेड्डी

    कोयला खनिक देश का सच्चा ऊर्जा सिपाही है: केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.किशन रेड्डी

    विलासपुर। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा खदान का दौरा किया। यह खदान विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कोयला खदान है।मंत्री का स्वागत सीआईएसएफ द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया।

    गेवरा माइन व्यूपॉइंट पर एसईसीएल टीम ने मंत्री महोदय को खनन गतिविधियों की विस्तृत प्रस्तुति दी। रेड्डी ने कोयला कर्मियों एवं महिला कर्मियों सहित विभिन्न कर्मियों को सम्मानित किया और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनके 24×7 योगदान की सराहना की।

    मंत्री ने स्वयं खदान में उतरकर 42 क्यूबिक मीटर शैवेल एवं 240 टन डंपर जैसी विश्व की अत्याधुनिक खनन मशीनों का संचालन देखा। उन्होंने ब्लास्ट-फ्री सरफेस माइनर तकनीक द्वारा कोयला उत्खनन और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के लिए विकसित साइलो (फर्स्ट माईल कनेक्टिविटी) का भी निरीक्षण किया।

    मंत्री  ने खनन मशीन ऑपरेटरों से सीधे संवाद कर उन्होंने कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। अपने दौरे की एक महत्वपूर्ण कड़ी में मंत्री रेड्डी ने कोयला कर्मियों के साथ कैंटीन में बैठकर भोजन किया,एवं उनके साथ सेल्फी ली। केन्द्रीय कोयला मंत्री से मिलकर एसईसीएल कर्मियों में गज़ब का उत्साह दिखा. 

    इसके पश्चात् मंत्री महोदय ने जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का भी दौरा किया और कर्मचारियों के लिए निर्मित ‘कल्याण मंडप’ का उद्घाटन किया एवम पौधरोपण भी किया.  

    उन्होंने कहा कि भारत की 70% से अधिक बिजली कोयले से उत्पन्न होती है, और हमारा कोयला खनिक देश का सच्चा ऊर्जा प्रहरी है। उन्होंने खनन में सतत विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि खदानों के समापन (माईन क्लोज़र) की योजनाओं को तेज़ी से लागू करने पर भी बल दिया.  

    गेवरा की भूमिका को अहम बताते हुए मंत्री ने कहा, ” गेवरा एसईसीएल नहीं बल्कि पूरा देश का गौरव है. उन्होंने कहा कि हम भोजन का थोड़ा इंतज़ार कर सकते हैं, लेकिन कुछ समय के लिए बिजली चली जाए तो हम परेशान हो जाते हैं. हमारे घर कोयला खनिकों के परिश्रम से ही रोशन हो पाते हैं।”

    इस अवसर पर कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पी.एम. प्रसाद, कोयला मंत्रालय संयुक्त सचिव बीपी पति,एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. 

  • एनटीपीसी सीपत ने परियोजना प्रभावित ग्राम में विकास कार्य के लिए किया भूमि पूजन

    एनटीपीसी सीपत ने परियोजना प्रभावित ग्राम में विकास कार्य के लिए किया भूमि पूजन

    विलासपुर ।9 अप्रैल 2025 को एनटीपीसी सीपत ने रांक ग्राम में विभिन्न कार्यों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया जिसमें मंगल भवन निर्माण, बंधुआ तालाब विकास कार्य, दर्रीपारा पेयजल सप्लाई, नैयापारा पेयजल सप्लाई के कार्य शामिल हैं जिनकी कुल लागत लगभग एक करोड़ रुपए है। 

    भूमि पूजन में  दिलीप लहरिया, विधायक मस्तूरी, सरस्वती देवी, जनपद अध्यक्ष मस्तूरी,  रेवा शंकर साहू, जनपद सदस्य रांक,  विक्रम प्रताप सिंह, सरपंच रांक एवं स्थानीय ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    इन नवीनीकरण प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और वहां रहने वाले लोगों की जीवन स्तर में सुधार आएगा। इससे सामुदायिक कल्याण और सतत विकास के लिए एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

  • एनटीपीसी सीपत ने परियोजना प्रभावित गांवों में विकास कार्य के लिए किया किया भूमि पूजन

    एनटीपीसी सीपत ने परियोजना प्रभावित गांवों में विकास कार्य के लिए किया किया भूमि पूजन

    विलासपुर । एनटीपीसी सीपत ने नैगम सामाजिक दायित्व के तहत कौड़िया गांव में मुक्ति धाम की  बाउंड्री और रलिया गांव में सीमेंट कंक्रीट सड़क के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।

    परियोजना प्रभावित गांवों में भूमि पूजन मुख्य अतिथि  विजय कृष्ण पांडे, परियोजना प्रमुख  एनटीपीसी सीपत,  जयप्रकाश सत्यकाम, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन एनटीपीसी सीपत , जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंचों और स्थानीय ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

    इन बुनियादी ढांचे के विकास से इन गांवों को बेहतर सुविधा और ग्रामीणों के जीवन शैली में गुणवत्ता सुधार होगा| इससे सामुदायिक कल्याण और सतत विकास के लिए एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

  • प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी की 800 मेगावाट क्षमता वाली सीपत-III परियोजना की आधारशिला रखी

    प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी की 800 मेगावाट क्षमता वाली सीपत-III परियोजना की आधारशिला रखी

    नई दिल्ली, बिलासपुर : प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1×800 मेगावाट) की आधारशिला रखी।

    इस परियोजना का निर्माण 9791 करोड़ रुपये के निवेश से किया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ को किफायती और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति की जा सके, क्योंकि यह परियोजना गृह राज्य है और गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा जैसे अन्य लाभार्थी राज्यों को भी सस्ती और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति की जा सके।
     प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत की बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और ग्रामीण आवास से संबंधित कई विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के  राज्यपाल  रमेन डेका,  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय,  केंद्रीय ऊर्जा और आवास और शहरी मामलों के मंत्री  मनोहर लाल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के  अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,  आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री  तोखन साहू, छत्तीसगढ़ सरकार के  मंत्री और  सांसद और विधायक उपस्थित थे। एनटीपीसी सीपत की पिट-हेड बिजली परियोजना नवीनतम अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है जिसमें उच्चतम बिजली उत्पादन दक्षता है। सीपत III – (1×800 मेगावाट) बिजली संयंत्र के चालू होने से सीपत एसटीपीएस की कुल स्थापित क्षमता 3,780 मेगावाट हो जाएगी।  यह परियोजना सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। छत्तीसगढ़ के बिजली बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाकर, यह परियोजना राज्य को भारत की विकास यात्रा में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में उभारने के लिए तैयार है, साथ ही इसकी व्यापक आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगी और इसके लोगों के लिए एक उज्जवल भविष्य को आकार देगी।

  • एसईसीएल मुख्यालय के 2 सेवानिवृत्त कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गयी

    एसईसीएल मुख्यालय के 2 सेवानिवृत्त कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गयी

     विलासपुर। 31.03.2025 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले 2 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में दिनांक 29.03.2025 को शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी। 

    मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में निदेशक तकनीकी (संचा. सह यो/परि)  एन फ्रैंकलिन जयकुमार, सीवीओ  हिमांशु जैन, विभिन्न विभागाध्यक्षगण, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में  रविन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय वरीय प्रबंधक (माइनिंग) क्यूसी विभाग,  मधुसुदन मेनन वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक (राजभाषा) ए 1  के सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी। इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी के योगदान, कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के इस मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की।  

    सेवानिवृत्त कर्मियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहां के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं । कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व उप प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे सीपत सुपर थर्मल पॉवर परियोजना के तीसरे चरण की आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे सीपत सुपर थर्मल पॉवर परियोजना के तीसरे चरण की आधारशिला

    नई दिल्ली,: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्‍पादन कंपनी एनटीपीसी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सीपत सुपर थर्मल पॉवर परियोजना के तीसरे चरण के विकास के साथ मध्य भारत में बिजली आपूर्ति को सशक्‍त बनाने की ओर अग्रसर है।

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी 30 मार्च 2025 को बिलासपुर, छत्‍तीसगढ़ में 800 मेगावाट की इस पिट-हेड विद्युत परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

    यह परियोजना 9,791 करोड़ रुपए के निवेश से मौजूदा सीपत सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन परिसर में उपलब्ध भूमि पर स्‍थापित की जाएगी। इस नवीन सीपत स्‍टेज-3 (800 मेगावाट) विद्युत संयंत्र की कमिशनिंग के साथ सीपत सुपर थर्मल पावर स्‍टेशन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,780 मेगावॉट हो जाएगी।

    इस स्टेशन द्वारा मध्‍य भारत अर्थात् गृह राज्‍य छत्तीसगढ़ तथा अन्‍य लाभार्थियों जैसे कि गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा राज्यों में बढ़ती विद्युत मांग को पूरा किया जा सकेगा।

    सीपत चरण-3 में प्रयुक्त अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी से ईंधन की दक्षता बढ़ती है और उत्सर्जन में कमी आती है। इसके साथ ही यह परियोजना विद्युत की विश्‍वसनीय आपूर्ति को बनाए रखते हुए एनटीपीसी द्वारा अपने ऊर्जा संयंत्रों को उन्नत एवं पर्यावरण अनुकूल तथा प्रभावी ऊर्जा समाधानों से युक्‍त बनाने की रणनीति के अनुक्रम में है।

    तकनीकी उत्थान के साथ-साथ एनटीपीसी सीपत-3 द्वारा सामुदायिक कल्याण, सतत विकास और पर्यावरण सुरक्षा पहलों का भी ध्‍यान रखा जाएगा। यह संयंत्र पर्यावरण संबंधी सभी मानदंडों का पालन करेगा तथा पारिस्थितिकीय पदचिन्‍हों को न्‍यूनतम रखने के लिए यहाँ पर आधुनिक प्रणालियों को अपनाया जाएगा।

    वनीकरण कार्यक्रमों, जल संरक्षण एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग जैसी पहलों के माध्‍मम से एनटीपीसी यह सुनिश्चित करेगा कि यह स्टेशन न केवल एक पावर हब के रूप में अपनी सेवाएं दे, बल्कि साथ ही आस-पास के क्षेत्रों के विकास में सकारात्मक योगदान दे।

    परिणाम देने की इस स्‍पष्‍ट दृष्टि एवं प्रतिबद्धता के साथ एनटीपीसी सीपत-3 देश के लिए अधिक मजबूत ऊर्जा धरातल तथा क्षेत्र में आर्थिक संपन्‍नता लाने की महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • कोयला मंत्री ने उत्पादन-उत्पादकता में विशेष प्रयास के लिए 2 एसईसीएल कर्मियों को किया सम्मानित

    कोयला मंत्री ने उत्पादन-उत्पादकता में विशेष प्रयास के लिए 2 एसईसीएल कर्मियों को किया सम्मानित

    भारत में कोयला उद्योग ने हासिल की है 1 बिलियन टन उत्पादन की उपलब्धि

    विलासपुर। भारत का कुल कोयला उत्पादन 1 बिलियन टन पहुंचने की उपलब्धि में विशेष योगदान के लिए के  केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी किशन रेड्डी एवं  केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री  सतीश चंद्र दुबे द्वारा 2 एसईसीएल कर्मियों को सम्मानित किया गया है।  

    दिनांक 27 मार्च 2025 को नई दिल्ली में आयोजित 12वें दौर की वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी कार्यक्रम के दौरान भारत के 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनियों के विभिन्न कर्मियों को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में अधिकारी श्रेणी में हसदेव क्षेत्र के बिजुरी उपक्षेत्र में उपक्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत श्री प्रशांत शर्मा (महाप्रबंधक, खनन) को बहेराबांध एवं बिजुरी भूमिगत खदानों के कुशल कार्यसंचालन एवं समय से पूर्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए सम्मानित किया गया।

    वहीं, कर्मचारी श्रेणी में भटगाँव क्षेत्र की जगन्नाथपुर ओपनकास्ट खदान में कार्यरत वरिष्ठ ओवरमैन श्री राजेश कुमार पाटिल को खदान के ओवरबर्डन (ओबी) लक्ष्य की प्राप्ति में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन ने दोनों कर्मियों को बधाई देते हुए उनकी लगन, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की और इसे पूरे एसईसीएल परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने सभी कर्मियों को इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

  • हरीश दुहन ने संभाला एसईसीएल सीएमडी का पदभार

    हरीश दुहन ने संभाला एसईसीएल सीएमडी का पदभार

    विलासपुर । हरीश दुहन ने एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। एसईसीएल मुख्यालय आगमन पर निदेशक मण्डल, सीवीओ, विभागाध्यक्षों अधिकारी-कर्मचारियों  द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर एसईसीएल की सुरक्षा टुकड़ी द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सम्मानित किया गया। इससे पहले  दुहन सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में निदेशक तकनीकी (संचालन) के पद पर कार्यरत थे। 

     हरीश दुहन कोयला खनन क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखते हैं। उन्होंने अपनी स्नातक उपाधि नागपुर विश्वविद्यालय से माइनिंग इंजीनियरिंग में प्राप्त की।  दुहन ने वर्ष 1989 में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से कोल इंडिया लिमिटेड में अपनी सेवाओं की शुरुआत की। उनके पास फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर सर्टिफिकेट तथा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की उपाधि भी है।

    एसईसीएल का सीएमडी बनने से पहले,  दुहन सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में निदेशक तकनीकी (संचालन) के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, उन्होंने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की निगाही परियोजना में एरिया जनरल मैनेजर तथा कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट प्लानिंग विभाग के महाप्रबंधक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। परियोजनाओं के कार्यान्वयन, डिजिटलीकरण तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में विशेष अनुभव प्राप्त है।

     हरीश दुहन के एसईसीएल के सीएमडी पदभार ग्रहण करने के अवसर पर पूरी कंपनी में हर्ष का माहौल है। एसईसीएल परिवार को विश्वास है कि उनके कुशल नेतृत्व में कंपनी नए ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी और ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

  • एसईसीएल समय पर हाई क्वालिटी कोल की आपूर्ति करने के लिए पूर्ति तरह से प्रतिबद्ध – सीएमडी जेपी द्विवेदी

    एसईसीएल समय पर हाई क्वालिटी कोल की आपूर्ति करने के लिए पूर्ति तरह से प्रतिबद्ध – सीएमडी जेपी द्विवेदी

    एसईसीएल द्वारा किया गया कंज़्यूमर मीट का आयोजन

    विलासपुर। एसईसीएल द्वारा बुधवार दिनांक 25 मार्च 2025 को मुख्यालय बिलासपुर में कोयला उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक कंज़्यूमर मीट का आयोजन किया गया। कोल इंडिया द्वारा विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में कंज़्यूमर मीट के आयोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसी क्रम में एसईसीएल द्वारा इस बैठक का आयोजन किया गया। 

    बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीएमडी जेपी द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि एसईसीएल अपने उपभोक्ताओं के हितों को सबसे ऊपर रखती है और हम आपको समय पर हाई क्वालिटी कोल की आपूर्ति करने के लिए पूर्ति तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होने इस आयोजन के लिए विक्रय एवं विपणन विभाग की टीम को बधाई दी एवं आगे भी इसी तरह के आयोजन करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।  

    एसईसीएल, निदेशक (तकनीकी संचालन)  एन फ्रैंकलिन जयकुमार ने आगंतुको को संबोधित करते हुए उपभोक्ता की समस्याओं के त्वरित निवारण की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं निदेशक (वित्त)  डी सुनील कुमार ने अश्वासन दिया कि एसईसीएल उपभोक्ताओ की वित्त सम्बन्धी समस्याओं के निवारण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.।

    बैठक आरंभ में महाप्रबंधक (विक्रय एवम विपणन)  टी एस बहेरा ने उपभोक्ता एवं एसईसीएल के सम्बन्धो को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।  कंज़्यूमर मीट में 70 से अधिक कोयला उपभोक्ता कंपनियों के लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान कोल सप्लाई एवं गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े कार्यसंचालन के विभिन्न विषयों एवं बेहतर आपसी समन्वय पर चर्चा की गई। उपभोक्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों पर फीडबैक एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए गए जिनको अमल में लाने का आश्वासन दिया गया।