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  • मुख्यमंत्री से कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

    मुख्यमंत्री से कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

    बेंगलुरू, / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के बीच औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। FKCCI ने कर्नाटक सरकार की नई औद्योगिक नीति 2025-30 के तहत निवेश और कारोबारी सुगमता को लेकर अपने विचार साझा किए।

  • बेंगलुरु की टेक कंपनियों को भाया छत्तीसगढ़, 3700 करोड़ से अधिक के हुए करार

    बेंगलुरु की टेक कंपनियों को भाया छत्तीसगढ़, 3700 करोड़ से अधिक के हुए करार

    *छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम, आईईएसए एवं टाई बैंगलोर के साथ एमओयू पर किया साइन*

    *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद*

    बेंगलुरू, / देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं।

    इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है।

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।

    उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। 

    इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    *बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं*

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन,  आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे।

    *देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश*

    सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की।

    *छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक*

    – GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।

    – क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी।

    – ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।

    – कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा। गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां ₹200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी।

    – BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।

  • Keynes Technology का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिखी उत्सुकता

    Keynes Technology का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिखी उत्सुकता

    बेंगलुरु, / छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए Keynes Technology के प्रमुख राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश की योजना प्रस्तुत की। कंपनी उन्नत तकनीक, डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर काम करती है। राजेश शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार की नई औद्योगिक नीति और अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने यहां नवाचार (Innovation) और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने Keynes Technology के इस प्रस्ताव का स्वागत किया और राज्य में नई तकनीकी इकाइयों को स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई नौकरियों और आधुनिक तकनीक सीखने के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य तकनीकी क्षेत्र में एक नया केंद्र बन सकेगा।

  • गांव-गांव में जैविक उत्पादों का विस्तार, टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करेगा Klene Paks

    गांव-गांव में जैविक उत्पादों का विस्तार, टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करेगा Klene Paks

    बेंगलुरु, / पर्यावरण के अनुकूल (बायोडिग्रेडेबल) उत्पाद बनाने वाली कंपनी Klene Paks ने छत्तीसगढ़ में अपने उद्योगों के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी के प्रमुख विमल सिपानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।

    Klene Paks एक अग्रणी कंपनी है, जो ऐसे उत्पाद बनाती है जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्लास्टिक के बेहतर विकल्प के रूप में काम आते हैं। कंपनी के “बायोटिक” उत्पाद विशेष रूप से जैविक और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले होते हैं, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। विमल सिपानी ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के गांवों में इस उद्योग को बढ़ाकर स्थानीय लोगों, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को रोजगार देना चाहते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर्यावरण अनुकूल उद्योगों के लिए बेहद लाभदायक है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी सहायता प्रदान करेगी। इस निवेश से न केवल राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

  • पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश

    पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश

    बेंगलुरु/ छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड  के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

    कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।

  • भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री का निधन

    भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री का निधन

     वाराणसी/ भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री जी का निधन 83 वर्ष की आयु मे बेंगलूरु में हो गया। काशी में  जन्में आचार्य आनंद सुब्रमण्यम शास्त्री जी एक प्रतिष्ठित विद्वान, विचारक, चिन्तक एवं गीता मर्मज्ञ थे। पिछले सात दशकों से काशी में रहकर विभिन्न भाषाओं में श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया। विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के सामाजिक पक्ष पर चिन्तन प्रस्तुत किया है। गीत समिति, मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाले रविवासरीय गीत प्रवचन माला में आपने कई व्याख्यान दिए इसके साथ ही आपके सानिध्य में गीत समिति कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था।

    उन्होंने 1973 में “श्री व्यक्ति विकास संस्थान” और 1993 में झारखंड के चतरा जिले में “श्री कुलेश्वरी बाल विद्यापीठ” की स्थापना की, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा एवं मानवीय हित-मूल्यों के विकास आधारित था, जिससे उनकी शिक्षाएँ व्यापक रूप से लोगों तक प्रभावी हुई हैं। उन्होंने “हम हिंदू क्यों हैं” (1972), “मोह” (1980), “विवेक वाणी” (1991) और “समय की पुकार” (1991) नई दिशा  (2005) विचारों के फूल ( (1989) जैसी पुस्तकें लिखी हैं।

    उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी करपात्री पुरस्कार (2021) और टी.वी. कपाली शास्त्री पुरस्कार (2005) से सम्मानित किया गया। उनकी शिक्षाएँ समाज और युवाओं को मानवीय मूल्यों,आत्म-संयम और आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित करती रहेगी।

    अंतिम यात्रा- आज दिनांक: 30.1.2025 को मुमुक्षु भवन, वाराणसी में सुबह 9.00 बजे से 11.00 तक अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। जिनका दाह संस्कार हरिश्चन्द्र घाट पर सम्पन्न हुआ। अंतिम यात्रा में मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो० राजाराम शुक्ल एवं गीता समिति के सचिव प्रो० उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी के साथ ही अन्य विशिष्ठ गणमान्य उपस्थित हुए।