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  • आईएसपी सतर्कता विभाग एवं एसजीडब्ल्यू-कुल्टी द्वारा विक्रेता-क्रेता सम्मेलन का आयोजन

    आईएसपी सतर्कता विभाग एवं एसजीडब्ल्यू-कुल्टी द्वारा विक्रेता-क्रेता सम्मेलन का आयोजन

    बर्नपुर। सतर्कता जागरूकता अभियान के अंतर्गत इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) के सतर्कता विभाग ने एसजीडब्ल्यू-कुल्टी के सहयोग से एक विक्रेता-क्रेता सम्मेलन (Vendor-Vendee Meet) का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देना तथा डिजिटल माध्यमों के उपयोग को प्रोत्साहित करना था।

    कार्यक्रम की शुरुआत एसजीडब्ल्यू-कुल्टी के भविष्य के व्यवसायिक योजनाओं पर एक प्रस्तुति से हुई। इसके बाद आईएसपी-एमएम विभाग द्वारा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर एक जागरूकता प्रस्तुति दी गई, जिसमें प्रतिभागियों को GeM पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

    मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (जीडी) ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस अवसर पर जितेन्द्र यादव सापकले, मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ, ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने हेतु डिजिटल पहल की महत्ता पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में कुल 34 विक्रेता एवं ठेकेदार उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त एसजीडब्ल्यू-कुल्टी, आईएसपी-एमएम तथा आईएसपी-सतर्कता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।

    इस आयोजन ने विक्रेताओं और क्रेताओं के बीच संवाद को और मजबूत किया तथा सतर्कता जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हुआ।

  • सेल-आईएसपी ने रचा नया कीर्तिमान

    सेल-आईएसपी ने रचा नया कीर्तिमान

    बर्नपुर, :।सेल-इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी), बर्नपुर के स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) ने भारतीय इस्पात उद्योग में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। एसएमएस के बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ) नंबर 3 ने एक ही लाइनिंग से 14,000 हीट्स पूरी कर देश में अब तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड बनाया है।

    इस अवसर पर निदेशक-प्रभारी सुरजीत मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 4 अक्टूबर को एसएमएस का दौरा कर टीम एसएमएस को इस असाधारण उपलब्धि पर बधाई दी। यह उपलब्धि संयंत्र की संचालन दक्षता, तकनीकी क्षमता और निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    ईडी (वर्क्स) दिप्तेंदु घोष ने कहा, “जहाँ बीओएफ #1 और #2 ने भी 10,000 से अधिक हीट्स पूरी की हैं, वहीं बीओएफ #3 ने अब 14,000 हीट्स का ऐतिहासिक आँकड़ा पार कर लिया है। यह मौजूदा अभियान 20 अप्रैल 2023 से प्रारंभ हुआ था और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।”

    सीजीएम (एसएमएस एवं एलडीसीपी)जितेन्द्र कुमार ने बताया कि “यह उपलब्धि अनुकूलित प्रक्रिया नियंत्रण, स्लैग में FeO की नियंत्रित मात्रा और मजबूत स्लैग स्प्लैशिंग तकनीकों के कारण संभव हुई है।”

    सेल-आईएसपी का स्टील मेल्टिंग शॉप अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें तीन 150 टन कन्वर्टर्स बॉटम स्टिरिंग, कॉम्बाइंड ब्लोइंग, स्लैग रिटेंशन और स्लैग स्प्लैशिंग प्रणालियों के साथ लगे हुए हैं। इसमें सेकेंडरी डी-डस्टिंग सिस्टम भी है जो पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखता है। औसतन 50 मिनट का टैप-टू-टैप समय और 3.3–4 Nm³/T मिनिट की ऑक्सीजन ब्लोइंग दर इसके उच्च उत्पादकता का परिचायक है।

    यह एसएमएस अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है और इसकी तरल इस्पात उत्पादन क्षमता 2.56 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है। बीओएफ #3 ने 20 नवम्बर 2014 को उत्पादन प्रारंभ किया था और इससे पहले 10 जुलाई 2025 को 12,718 हीट्स का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।

    यह नई उपलब्धि न केवल सेल-आईएसपी को इस्पात निर्माण में अग्रणी के रूप में स्थापित करती है, बल्कि टीम एसएमएस के अनुशासित प्रयासों और तकनीकी उत्कृष्टता का भी प्रमाण है।

  • सेल-आईएसपी ने जारी किया अनोखा डेस्क कैलेंडर : सीएसआर पहलों और मासिक एबीपी लक्ष्यों का अनूठा संगम

    सेल-आईएसपी ने जारी किया अनोखा डेस्क कैलेंडर : सीएसआर पहलों और मासिक एबीपी लक्ष्यों का अनूठा संगम

    बर्नपुर । सेल-इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) ने आज एक अभिनव डेस्क कैलेंडर का अनावरण किया, जो न केवल इसकी विभिन्न कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) पहलों को प्रदर्शित करता है, बल्कि प्रत्येक माह के प्रमुख शॉप्स के एबीपी (Annual Business Plan) लक्ष्यों को भी दर्शाता है। यह पहल जागरूकता और जवाबदेही को एक साथ जोड़ने का सराहनीय प्रयास है। इस डेस्क कैलेंडर का अनावरण उमेंद्र पाल सिंह, कार्यकारी निदेशक (एच आर) द्वारा किया गया। इस अवसर पर जितेन्द्र कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (एच आर), विजेंद्र वीर, मुख्य महाप्रबंधक (टी एस एवं सी एस आर), भास्कर कुमार, महाप्रबंधक (जन संपर्क व संचार प्रमुख) तथा सी एस आर  विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    प्रत्येक माह के लिए एक पृष्ठ वाले इस विशेष कैलेंडर की परिकल्पना संचार प्रमुख भास्कर कुमार ने की। टीम के साथ विचार-विमर्श के बाद प्रत्येक पृष्ठ पर मासिक एबीपी लक्ष्यों को शामिल करने का नवाचारी विचार जोड़ा गया, जिससे यह कैलेंडर और भी उपयोगी एवं प्रासंगिक बन गया। पारंपरिक कैलेंडरों से भिन्न, यह कैलेंडर 1 अप्रैल से प्रारंभ होता है, जिससे यह वित्तीय वर्ष एवं एबीपी चक्र के अनुरूप रहता है। इस प्रकार प्रत्येक पृष्ठ दोहरे उद्देश्य की पूर्ति करता है:

    सीएसआर जागरूकता: शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वच्छता एवं सामुदायिक विकास में आईएसपी की पहलों का प्रदर्शन।

    एबीपी संरेखण: कर्मचारियों एवं हितधारकों को उन मासिक लक्ष्यों की याद दिलाना, जिन्हें व्यावसायिक सफलता हेतु प्राप्त करना अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर आईएसपी की सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक होगा और साथ ही कार्यबल को व्यावसायिक उत्कृष्टता की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रेरित करेगा। यह अभिनव कैलेंडर आईएसपी की उस समग्र दृष्टि का द्योतक है, जिसमें व्यवसायिक लक्ष्य और सामाजिक उत्तरदायित्व साथ-साथ आगे बढ़ते हैं, ताकि सतत विकास और सार्थक सामुदायिक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।

  • स्वच्छता पहल हेतु सेल-आईएसपी और सुलभ इंटरनेशनल की साझेदारी

    स्वच्छता पहल हेतु सेल-आईएसपी और सुलभ इंटरनेशनल की साझेदारी

    बर्नपुर । समाज कल्याण एवं जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करते हुए, सेल–इस्को स्टील प्लांट (SAIL-ISP) ने स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी गैर-सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य आसनसोल बर्नपुर में सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं को सुदृढ़ करना और नागरिकों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। इस पहल के अंतर्गत आज स्टेशन बाज़ार तथा डेली मार्केट (मछली पट्टी) में दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया गया। यह पहल सेल–आईएसपी की कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य समुदाय के कल्याण के साथ-साथ स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

    उद्घाटन समारोह में सेल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें विजेन्दर वीर, सीजीएम (टीएस एवं सीएसआर) विनीत रावल, सीजीएम (मैकेनिकल मेंटेनेंस) के साथ एजीएम (सीएसआर) पवन कुमार सिंह तथा वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर) अभिषेक कुमार शौर्य शामिल थे। इस अवसर पर दोनों सीजीएम अधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वास्थ्यप्रद शौचालय सुविधाओं तक जनसाधारण की पहुंच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सेल-आईएसपी इस प्रकार की सामुदायिक पहलों को लगातार समर्थन देता रहेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन नई सुविधाओं से न केवल स्थानीय विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि आसनसोल शहर के वातावरण को और स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में भी सहायता मिलेगी। सेल-आईएसपी की यह पहल प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप है और समाज में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की दिशा में एक सशक्त कदम है।

  • महिला सशक्तिकरण की दिशा में आईएसपी की पहल : आदिवासी महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में आईएसपी की पहल : आदिवासी महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण

    बर्नपुर । महिला सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए, सेल–इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) के सीएसआर विभाग द्वारा 24 सितंबर को बेगुनबाड़ी गाँव में आदिवासी महिलाओं हेतु मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

    इस कार्यक्रम के अंतर्गत बेगुनबाड़ी की 40 आदिवासी महिलाओं को मशरूम उत्पादन की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत, इन महिलाओं का एक स्व–सहायता समूह (Self Help Group – SHG) गठित किया जाएगा, जो न केवल मशरूम उत्पादन में सक्रिय भागीदारी करेगा, बल्कि विपणन की दिशा में भी स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा।

    यह पहल क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने और उनके सामाजिक–आर्थिक स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएँ न केवल आजीविका अर्जित कर सकेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन सीजीएम (टीएस एवं सीएसआर) विजेन्दर वीर द्वारा किया गया। उनके साथ एजीएम (सीएसआर) पवन कुमार सिंह एवं वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर) अभिषेक कुमार शौर्य भी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से इस पहल की सराहना की और इसे महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त प्रयास बताया। आईएसपी का यह प्रयास राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

  • सेल- इस्को स्टील प्लांट ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ किया

    सेल- इस्को स्टील प्लांट ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का आयोजन विविध कार्यक्रमों के साथ किया

    बर्नपुर । सेल-इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) “सतर्कता: हमारी साझा ज़िम्मेदारी” विषय पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का आयोजन 18 अगस्त से 17 नवम्बर 2025 तक कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सत्यनिष्ठा और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना है।

    अभियान के अंतर्गत, आईएसपी सतर्कता विभाग ने बर्नपुर बॉयज़ हाई स्कूल और बर्नपुर गर्ल्स हाई स्कूल के एथिक्स क्लब के सदस्यों के लिए एथिक्स पर एक सत्र आयोजित किया। सीजीएम (सतर्कता) एवं एसीवीओ जितेंद्र  यादव सापकले ने विद्यार्थियों को नैतिकता के महत्व पर संबोधित किया। विद्यार्थियों ने गीत एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से नैतिक मूल्यों का संदेश दिया।

    इसके अलावा, 22 सितम्बर 2025 को बर्नपुर हॉस्पिटल के अंतर्गत स्थित नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल में “भ्रष्टाचार से लड़ने में नागरिकों की भूमिका” विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई। 26 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। सुश्री पूर्णा घोष विजेता रहीं, जबकि सुश्री रिक्ता सरकार और सुश्री प्रीति कर्मकार क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उपविजेता रहीं। कार्यक्रम में सीएमओ (एमएंडएचएस) डॉ सुशांत सिन्हा तथा जितेंद्र यादव सापकले ने व्यावसायिक जीवन में नैतिकता के महत्व पर बल दिया। इसके साथ ही, 23 सितम्बर 2025 को कॉन्फ्लुएंस ऑडिटोरियम, बर्नपुर में “भ्रष्टाचार : जड़ों से उपचार” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में ईडी (वर्क्स) दिप्तेंदु घोष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर इस्कॉन के श्री प्रेमानंद चैतन्य दास ने पुराण एवं महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से भ्रष्टाचार की जड़ों पर प्रकाश डालते हुए चरित्र निर्माण को इसकी समाप्ति का आधार बताया।

    इन पहलों से आईएसपी की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है कि वह नैतिक मूल्यों के प्रसार और एक पारदर्शी व भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण हेतु सतर्कता जागरूकता को प्रोत्साहित करता रहेगा।

  • आईएसपी के क्षमता विस्तार की दिशा में बड़ा कदम: नई एलडीसीपी हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए 

    आईएसपी के क्षमता विस्तार की दिशा में बड़ा कदम: नई एलडीसीपी हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए 

    बर्नपुर / सेल-इस्‍को स्‍टील प्‍लांट (आईएसपी) ने एक महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह अनुबंध एम/एस क्वालिकल इंटरनेशनल एस.आर.एल. (इटली), एम/एस मनीश्री रिफ्रैक्ट्रीज़ एंड सिरेमिक्स प्रा. लि. (कटक) तथा एम/एस एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्रा. लि. (पुणे) के कंसोर्टियम के साथ नई चूना एवं डोलोमाइट कैल्सिनेशन प्‍लांट (एलडीसीपी) की स्थापना के लिए किया गया है।

    यह महत्त्वपूर्ण विकास बर्नपुर स्थित आईएसपी के ब्राउनफील्ड क्षमता विस्तार परियोजना का एक प्रमुख मील का पत्थर है, जिसके अंतर्गत बीएफ-बीओएफ मार्ग से 4.08 एमटीपीए कच्चे इस्पात के उत्‍पादन की क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित अनेक टर्नकी एवं आइटम रेट पैकेज शामिल हैं।

    एलडीसीपी-मुख्य पैकेज (पैकेज संख्या: LDCP-1) के अंतर्गत तीन 600 टीपीडी चूना और एक 600 टीपीडी डोलोमाइट कैल्सिनेशन किल्न स्थापित किए जाएंगे, जो आगामी स्टील मेल्टिंग शॉप और नए सिन्‍टेरिंग प्लांट की फ्लक्स आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। नया संयंत्र आधुनिक ट्विन शाफ्ट, पैरेलल फ्लो, रीजेनेरेटिव किल्न तकनीक से सुसज्जित होगा, जो ऊर्जा दक्षता और उच्च गुणवत्ता वाले चूना एवं कैल्सिन्ड डोलोमाइट उत्पादन के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    सेल के एक प्रवक्ता ने कहा – “यह अनुबंध सेल के भविष्य में एक महत्वपूर्ण निवेश है और भारत में बढ़ती इस्पात की मांग को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह विस्तार राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 के अंतर्गत वर्ष 2030-31 तक 300 एमटीपीए कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।”

  • सेल-आईएसपी और एलएंडटी के बीच वैगन टिपलर एवं स्टैकर-रिक्लेमर स्थापना हेतु अनुबंध

    सेल-आईएसपी और एलएंडटी के बीच वैगन टिपलर एवं स्टैकर-रिक्लेमर स्थापना हेतु अनुबंध

    बर्नपुर । इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने ब्राउनफील्ड क्षमता विस्तार कार्यक्रम की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस क्रम में सेल-आईएसपी ने लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, मिनरल्स एंड मेटल्स के साथ वैगन टिपलर एवं स्टैकर-रिक्लेमर (पैकेज संख्या आरएमएचएस-01) की स्थापना हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह इस्को स्टील प्लांट के महत्वाकांक्षी विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत रॉ मटेरियल हैंडलिंग प्लांट का हिस्सा होगा। यह परियोजना 36 माह में पूर्ण की जाएगी, जिसके तहत मौजूदा प्रणाली में दो हाइब्रिड ट्विन टैंडम रोटरी वैगन टिपलर जोड़े जाएंगे। इससे कच्चे माल की प्राप्ति एवं अनलोडिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    सेल-आईएसपी के महत्वाकांक्षी विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत 5650 घन मीटर ब्लास्ट फर्नेस की स्थापना की जाएगी, जिससे कच्चे स्टील के उत्पादन में 4.08 एमटीपीए की वृद्धि होगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगी, संचालन दक्षता को बढ़ाएगी और देश में बढ़ती इस्पात मांग को पूरा करने में सहायक होगी। यह अनुबंध सेल-आईएसपी की आधुनिकीकरण, क्षमता वृद्धि और सतत औद्योगिक प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • सेल-आई एस पी के सिंटर प्लांट में 3.6 किलोवाट सोलर ट्री का लोकार्पण

    सेल-आई एस पी के सिंटर प्लांट में 3.6 किलोवाट सोलर ट्री का लोकार्पण

    बर्नपुर: । सिंटर प्लांट में सतत ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 3.6 किलोवाट क्षमता वाले सोलर ट्री का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर अनिल कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर) एवं  प्रदीप कुमार मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत, A&I एवं C&A) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    अपने संबोधन में  अनिल कुमार, सीजीएम (सिंटर) ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को इस हरित पहल में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रेरित किया।  प्रदीप कुमार मिश्रा, सीजीएम (विद्युत, A&I एवं C&A) ने डिजिटलीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े सभी प्रयासों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए प्लांट टीम को संगठन की दृष्टि के अनुरूप नवोन्मेषी समाधानों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस परियोजना को सफल बनाने में केंद्रीय विद्युत टीम से  संजीब कुमार भद्र (जीएम विद्युत), श्री अंकुर भदुरी (वरिष्ठ प्रबंधक) एवं सिविल विभाग का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

    इस पहल का नेतृत्व  निकुंज बिहारी सुतार, उप महाप्रबंधक (सिंटर विद्युत) ने किया। उन्होंने परियोजना को अंतिम रूप तक पहुँचाने हेतु सभी गतिविधियों का समन्वय किया। उन्होंने बताया कि सोलर ट्री न केवल सिंटर प्लांट कैंटीन की संपूर्ण विद्युत आवश्यकता पूरी करेगा, बल्कि छाया एवं आरामदायक वातावरण भी प्रदान करेगा, जिससे कर्मचारियों को व्यस्त कार्यकाल के बीच छोटी-छोटी विश्रांति मिल सकेगी। सिंटर प्लांट की सामूहिकता ने इस सोलर ट्री की सौंदर्यता बढ़ाने में अहम योगदान दिया है, जिसमें केंद्र में एक अनोखा SAIL लोगो और आकर्षक बैठने की व्यवस्था शामिल है, जो उपयोगिता और सुंदरता का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करता है। यह सफल लोकार्पण हमारे पर्यावरणीय स्थिरता, ऊर्जा दक्षता और नवोन्मेषी विकास के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। सोलर ट्री टीमवर्क, जिम्मेदार नवाचार और हरित भविष्य की दिशा में हमारी निरंतर यात्रा का प्रतीक बनकर खड़ा है।

  • राजभाषा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ,क्विज़ प्रतियोगिता में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना प्रथम

    राजभाषा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ,क्विज़ प्रतियोगिता में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना प्रथम

    वर्नपुर। 4 सितंबर को संध्या 3.30 बजे आईएसपी, बर्नपुर में राजभाषा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक (वर्क्स)  की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर निदेशक प्रभारी  को सीधे रिपोर्ट करने वाले सभी अधिकारी एवं मुख्य महाप्रबंधकगण उपस्थित थे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ सेल गीत एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन)  यू. पी. सिंह ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य अतिथि ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए। उन्होंने सभी नराकास सदस्य कार्यालयों से भी उत्साहपूर्वक राजभाषा पखवाड़ा प्रारंभ करने का आह्वान किया।

    मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद राजभाषा क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें आईएसपी के कार्मिकों और नराकास सदस्य कार्यालयों की 92 से अधिक टीमों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा से चयनित 5 टीमों के बीच 8 राउंड के क्विज़ आयोजित हुए।प्रथम स्थान – चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना, चित्तरंजन द्वितीय स्थान – मंडल रेल प्रबंधक का कार्यालय, आसनसोल तृतीय स्थान – सेल आईएसपी, बर्नपुर सराहना पुरस्कार – सेल आईएसपी, बर्नपुर एवं रेलवे आसनसोल

    अंत में  सी. एन. पाठक, राजभाषा अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।