विस्थापित कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण विंध्याचल की प्राथमिकता – संजीब कुमार साहा

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ऊर्जा उत्पादन में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा एनटीपीसी विंध्याचल मीडिया प्रतिनिधियों से रुबुरु हुये विंध्याचल परियोजना प्रमुख 

सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी की विंध्याचल परियोजना एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की आठवीं सर्वाधिक विद्युत उत्पादन वाली परियोजना है जिसकी वर्तमान विद्युत उत्पादन क्षमता 4783 मेगावाट है, जो कोयला, सोलर एवं हाइड्रो से उत्पादित होती है। विंध्याचल परियोजना विस्थापित कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पित है। यह बातें विंध्याचल परियोजना प्रमुख संजीब कुमार साहा ने कहीं। परियोजना प्रमुख आज उमंग भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। श्री साहा ने कहा कि विंध्याचल परियोजना विद्युत उत्पादन के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि विंध्याचल की उपलब्धियों के वजह से ही विंध्याचल को हर क्षेत्र में पुरस्कार हासिल हुये है। श्री साहा ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और मीडिया को परियोजना के विकास को लेकर अपना सहयोग देना चाहिए। मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा वर्तमान परिदृश्य में आने वाली समस्याओं को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में परियोजना प्रमुख ने बताया कि एनसीएल परियोजनाओं से उन्हें संतोषजनक कोयला प्राप्त हो रहा है। वहीं कोयला परियोजनाओं से एमजीआर के माध्यम से कोयला आपूर्ति में डीजल की कमी के किसी प्रभाव को परियोजना प्रमुख ने नकारा वहीं सीएचपी के विद्युतीकरण किए जाने के सवाल पर परियोजना प्रमुख ने सहमति जताते हुए कहा कि इस सुझाव से वें वरिष्ठ प्रबंधन को अवगत कराएंगे।

सयंत्र से निकालने वाले राख के उपयोग एवं उसकी उपयोगिता के बारें में परियोजना प्रमुख ने बताया कि सायंत्र से निउकलने वाली फ़्लाइ ऐश की शतप्रतिशत उपयोगिता को लेकर विंध्याचल परियोजना प्रतिबद्ध है, जिसके लिए विभिन्न स्तरों मे प्रयास कर फ़्लाइ ऐश का उपयोग किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर  एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा कार्बन कैप्चर प्लांट की चर्चा करते हुये परियोजना प्रमुख ने बताया कि कार्बन फूटप्रिंट को शून्य करने की दिशा मे एनटीपीसी द्वारा विंध्याचल में कार्बन कैप्चर प्लांट की स्थापना की गई। जिसके द्वारा सयंत्र से निकलने वाली हानिकारक गैस कार्बन मोनोआक्साइड को शोषित कर उसे वायुमंडल में जाने से रोकता है और इसके बाई प्रोडक्ट एथेनाल का उपयोग परियोजना में किया जाता है। परियोजना प्रमुख ने मीडिया के सहयोग के लिए विंध्याचल की ओर से मीडियाकर्मियों का आभार ज्ञापित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का प्रारम्भ परियोजना प्रमुख एवं अन्य अतिथियों सहित मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन का किया गया। इसके पश्चात विंध्याचल मानव संसाधन प्रमुख श्रीमती रुमा दे शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन मे उपस्थित मीडियाकर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि एनटीपीसी विंध्याचल और मीडिया का संबंध बहुत मजबूत है और मीडिया द्वारा दिये गए सुझाव पर परियोजना आवश्यक विचार-विमर्श कर उसे प्रभावी बनाने का प्रयास करती है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आभार प्रदर्शन अपर महाप्रबंधक(मानव संसाधन) श्रीमती मृणालिनी ने किया। पत्रकार वार्ता का संचालन उप प्रबन्धक (नैगम संचार) शंकर सुब्रमणियम ने किया। इस अवसर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहें।

परियोजना की गतिविधियों को किया गया प्रदर्शित

पत्रकार वार्ता के दौरान पावर प्रेजेंटेशन के दौरान परियोजना की उपलब्धियों एवं नैगम सामाजिक दायित्व के तहत किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान अपर महाप्रबंधक(ईईएमजी) राजीव कुमार एवं उप महाप्रबंधक(सीएसआर एवं आरएंडआर)  माहताब आलम द्वारा क्रमश परियोजना एवं सीएसआर की विभिन्न उपलब्धियों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित किया।

माडलों की लगाई गई प्रदर्शनी-

उमंग भवन में सीआईएसएफ विंध्याचल द्वारा विभिन्न सुरक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई वहीं विंध्याचल की स्वयं सेवी संस्था सुहासिनी संघ द्वारा निर्मित विंध्या मसाले के विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के हुनर एवं उनके कार्यों को मीडिया के माध्यम से आम जनमानस तक पहुंचाना था। साथ ही विंध्याचल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर प्राप्त पुरस्कारों को भी प्रदर्शित किया गया।पत्रकार वार्ता  में परियोजना प्रमुख संजीब कुमार साहा की पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य रूप से महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं ए डी एम ) एम सुरेश, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं एफ एम)  एस के सिन्हा, महाप्रबंधक(तकनीकी सेवाएँ एवं परियोजना)  देवव्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक(चिकित्सा) डॉ. बी के भराली, मानव संसाधन प्रमुख(विंध्याचल) श्रीमती रुमा दे शर्मा सहित अपर महाप्रबंधक गण उपस्थित रहे।

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